आगरा के एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने स्थित लगभग 200 वर्ष पुरानी मजार को बीच सड़क से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस कमिश्नर (आईपीएस) दीपक कुमार ने बयान जारी कर बताया कि यह कदम यातायात को सुचारु बनाने और मेट्रो निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मजार को स्थानांतरित करने का निर्णय मुस्लिम पक्ष से आपसी बातचीत और सहमति के बाद लिया गया था। मजार को पूरी गरिमा और धार्मिक मान्यता के साथ पास के एक ईदगाह परिसर में स्थानांतरित किया गया है। सड़क के बीचों-बीच होने के कारण यह मजार अक्सर जाम का कारण बनती थी और सड़क हादसों का खतरा बना रहता था। इन चिंताओं को देखते हुए, सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बुलडोजर की मदद से मजार हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई। यह जानकारी 16 जून, 26 को AIN नेटवर्क द्वारा अपडेट की गई।
आगरा के एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के सामने स्थित लगभग 200 वर्ष पुरानी मजार को बीच सड़क से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस कमिश्नर (आईपीएस) दीपक कुमार ने बयान जारी कर बताया कि यह कदम यातायात को सुचारु बनाने और मेट्रो निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मजार को स्थानांतरित करने का निर्णय मुस्लिम पक्ष से आपसी बातचीत और सहमति के बाद लिया गया था। मजार को पूरी गरिमा और धार्मिक मान्यता के साथ पास के एक ईदगाह परिसर में स्थानांतरित किया गया है। सड़क के बीचों-बीच होने के कारण यह मजार अक्सर जाम का कारण बनती थी और सड़क हादसों का खतरा बना रहता था। इन चिंताओं को देखते हुए, सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बुलडोजर की मदद से मजार हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई। यह जानकारी 16 जून, 26 को AIN नेटवर्क द्वारा अपडेट की गई।
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी स्थित उंदेरा गांव में पट्टे की जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, गांव उंदेरा निवासी लाखन सिंह पुत्र भवानी सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि खसरा संख्या-28, खाता संख्या-663 की उनकी पट्टे की भूमि को कुछ लोगों ने जोतकर अपने खेत में मिला लिया था। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। इस मारपीट में जगदीश सिंह पुत्र मावसी, सूरज पुत्र लाखन सिंह और नीरज पुत्र लाखन सिंह घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह ने बताया कि मामले में प्राप्त तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी बताया कि घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।1
- आगरा में एमजी रोड पर स्थित आगरा कॉलेज के सामने सड़क के बीच बनी एक मजार को हटा दिया गया है। पुलिस-प्रशासन की निगरानी में यह कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। लंबे समय से इस मजार को हटाने की मांग उठ रही थी, क्योंकि यह यातायात में बाधा डाल रही थी और हादसों की आशंका बनी हुई थी। मजार को सड़क से हटाकर सामने स्थित एक बड़ी मजार में स्थानांतरित किया गया है। इस स्थानांतरण में हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने भाईचारे के साथ सहयोग किया, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई सौहार्दपूर्ण माहौल में पूरी हुई। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल भी तैनात रहा।2
- आगरा के बाह क्षेत्र में 16 वर्षीय ध्रुव सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया है और हत्या तथा आपराधिक साजिश की आशंका जताई है। परिवार ने प्रशासन को एक प्रार्थना पत्र देकर मामले में निष्पक्ष जांच और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि घटनास्थल के हालात सामान्य आत्महत्या की घटना से मेल नहीं खाते और कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका दावा है कि इस मामले को जल्दबाजी में आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार ने पुलिस पर FIR दर्ज करने में देरी करने और जांच में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इसी के साथ उन्होंने मृतक और संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) व लोकेशन की जांच के साथ-साथ मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले पर पुलिस का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में लगातार चर्चाएं जारी हैं और ध्रुव सिंह के परिजन अपने लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।1
- फिरोजाबाद में इस्लामिक सेंटर सोसाइटी के तत्वावधान में 50 टीबी रोगियों को डाइट सामग्री वितरित करने का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी फिरोजाबाद के कार्यालय पर संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामबदन राम, डीटीओ डॉ. पवन कुमार वर्मा, जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर श्री मनीष कुमार और इस्लामिक सेंटर के सचिव मौलाना आलम मुस्तफा याक़ूबी उपस्थित रहे, जिन्होंने वितरण की अध्यक्षता भी की। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस्लामिक सेंटर समिति के गत वर्षों से चले आ रहे इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समिति माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान पर देश को टीबी मुक्त करने में अहम योगदान दे रही है, जिससे टीबी रोगी स्वस्थ हो रहे हैं; उन्होंने यह भी बताया कि वितरित की गई यह डाइट सामग्री विशेष रूप से प्रोटीन वाली होती है। इस्लामिक सेंटर के सचिव मौलाना आलम मुस्तफा याक़ूबी ने बताया कि उनका सेंटर गत वर्षों से टीबी रोगियों को गोद ले रहा है। उन्होंने इस पहल को इस्लामिक कैलेंडर के अंतिम दिन पर मानवता का एक बेहतरीन संदेश बताया, क्योंकि अगले दिन से नया इस्लामिक साल शुरू हो रहा है। मौलाना याक़ूबी ने ऐसी तमाम संस्थाओं से आगे आकर टीबी रोगियों को गोद लेकर देश को टीबी मुक्त करने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया, साथ ही उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उनके कार्यालय के सभी डॉक्टरों व कर्मचारियों को विशेष सहयोग प्रदान करने के लिए बधाई भी दी। कार्यक्रम में डीटीओ डॉ. पवन कुमार वर्मा, मनीष कुमार (जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर), शिव प्रभु, बलराम सिंह, राहुल कुमार, प्रमोद कुमार, डॉ. अमित गुप्ता, मौलाना अब्दुल मुईद, हाजी राशीद शाहनवाज बबलू, हाजी जावेद, मोहम्मद अरशद खान, हाजी आरिफ, अयाज अहमद खान, नसीम अख्तर और मोहम्मद हसीन सहित कई सम्मानित लोग उपस्थित रहे।4
- फिरोजाबाद में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से थाना दक्षिण परिसर में एक पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक रविशंकर प्रसाद, नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडे, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह और थाना दक्षिण प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बैठक में उपस्थित शिया-सुन्नी ताजिएदारों, अलमदारों, पार्षदों और जिम्मेदार नागरिकों से सीधा संवाद करते हुए उनसे शासन की गाइडलाइन के अनुसार परंपरागत तरीके से मोहर्रम मनाने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने सुरक्षा, साफ-सफाई और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सभी के सहयोग का आह्वान भी किया। बैठक संपन्न होने के बाद, सभी अधिकारियों ने पैदल गश्त की शुरुआत की। उन्होंने मोहल्ला कोटला स्थित शिया इमामबाड़ा का दौरा किया और फिर मुस्ताक बिल्डिंग नई बस्ती होते हुए शहर की प्राचीन शहीदाने कर्बला का निरीक्षण किया। इस गश्त और निरीक्षण के दौरान करबला कमेटी के अध्यक्ष हिकमत उल्ला खान, दक्षिणी मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष इकबाल वारसी, शिया समुदाय के अध्यक्ष मंसूर रिजवी (मंची) और शहजादुद्दीन उर्फ बबलू मियां समेत कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल का उपयोग कर चुनौती देने वाले दो चोरों को मात्र 72 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है।1
- एमजी रोड स्थित आगरा कॉलेज के सामने सड़क के बीच बनी एक विवादित मजार को मंगलवार सुबह प्रशासन की निगरानी में हटाकर पास स्थित बड़ी मजार परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया। इस दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के मद्देनजर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। एडीसीपी हिमांशु गौरव ने बताया कि मजार के स्थानांतरण को लेकर दोनों पक्षों के साथ कई दौर की वार्ताएं हुई थीं, जिसके बाद आपसी सहमति बनी और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे तथा इस दौरान किसी भी प्रकार के विरोध या तनाव की स्थिति नहीं बनी। यह मजार लंबे समय से एमजी रोड पर यातायात बाधित होने और जाम की समस्या का मुख्य कारण मानी जा रही थी। मामले को लेकर योगी यूथ बिग्रेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर द्वारा न्यायालय में वाद दायर किया गया था, जिसके बाद संबंधित विभागों और प्रशासन के बीच संवाद की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रशासन का कहना है कि मजार हटने से एमजी रोड पर यातायात अधिक सुचारु होगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। इस पूरी कार्रवाई में दोनों समुदायों के लोगों ने सहयोग किया, जिससे यह स्थानांतरण शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सका और आगरा में सौहार्द की एक मिसाल पेश हुई।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में एमजी रोड पर स्थित एक विवादित मजार को प्रशासन द्वारा हटाया जा रहा है। आगरा कॉलेज के ठीक सामने, सड़क के बीच बनी इस मजार को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस कार्रवाई के मद्देनजर एमजी रोड पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसके चलते रास्ते को यातायात के लिए अवरुद्ध कर दिया गया है। यह मजार लंबे समय से विवाद का केंद्र बनी हुई थी, जिससे यातायात में लगातार बाधा आती थी और सड़क हादसों का जोखिम बना रहता था। इस संबंध में एक हिंदूवादी नेता द्वारा न्यायालय में वाद भी दायर किया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह स्थानांतरण मुस्लिम पक्ष से बातचीत और उनकी सहमति के बाद ही किया जा रहा है। विवादित मजार को मौके पर बुलडोजर की सहायता से स्थानांतरित किया गया। यह पूरी कार्रवाई पुलिस प्रशासन की कड़ी निगरानी में हो रही है, और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मौके पर किए गए हैं। एआईएन नेटवर्क से संपादक अनुज रावत ने 16 जून, 26 को इस घटना से संबंधित अद्यतन जानकारी प्रदान की।1
- आगरा के थाना फतेहाबाद क्षेत्र में एक युवक की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद इलाके में बवाल हो गया। इस दौरान, पुलिस पर पथराव किया गया और सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ भी की गई। घटना के बाद, पुलिस ने कार्यवाही शुरू करते हुए अब तक चार उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। आगरा के सीपी दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य बवालियों की पहचान कर रही है और सभी अराजक तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।3