नरवाई प्रबंधन की दिशा में प्रगतिशील पहल: किसान भारत सिंह बने प्रेरणा स्रोत राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के निर्देशानुसार नरवाई (फसल अवशेष) जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। पर्यावरण संरक्षण एवं भूमि की उर्वरता बनाए रखने के उद्देश्य से शासन द्वारा नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में तहसील जावर के कुंडिया धागा गांव के प्रगतिशील किसान भारत सिंह पिता पर्वत सिंह ने एक सराहनीय पहल करते हुए नरवाई प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। हल्का पटवारी श्री शिवचरण रणकौशल द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तहसीलदार जावर ओमप्रकाश चोरमा ने पटवारी के साथ स्वयं मौके पर पहुंचकर इस यंत्र की कार्यप्रणाली को देखा और समझा। किसान भारत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी एवं अपने परिवार की कुल 65 एकड़ भूमि में इस तकनीक के माध्यम से सफलतापूर्वक नरवाई प्रबंधन किया है। यह यंत्र कम लागत में अधिक क्षेत्र में प्रभावी कार्य करने में सक्षम है। तहसीलदार ओमप्रकाश चोरमा द्वारा बताया कि किसान भारत सिंह ने टिमरनी क्षेत्र से ‘पाटा’ नामक एक देशी जुगाड़ से निर्मित कृषि यंत्र खरीदा है। इस यंत्र की विशेषता यह है कि इसके निचले हिस्से में ब्लेड लगी होती है, जिससे ट्रैक्टर के माध्यम से खेत में चलाने पर नरवाई जड़ से कट जाती है। इसके पश्चात खेत में कल्टीवेटर या प्लाऊ चलाने से फसल अवशेष मिट्टी में मिल जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरता में वृद्धि होती है। किसान की इस प्रेरणादायक पहल से प्रभावित होकर तहसीलदार द्वारा उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही आशा व्यक्त की कि भारत सिंह के इस तरह के कम खर्चीले नवाचार को अपनाकर अधिक से अधिक किसान नरवाई प्रबंधन को अपनाएंगे। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा नरवाई प्रबंधन को अपनाने हेतु किसानों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा कृषि यंत्रों पर सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। वहीं, नरवाई जलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
नरवाई प्रबंधन की दिशा में प्रगतिशील पहल: किसान भारत सिंह बने प्रेरणा स्रोत राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के निर्देशानुसार नरवाई (फसल अवशेष) जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। पर्यावरण संरक्षण एवं भूमि की उर्वरता बनाए रखने के उद्देश्य से शासन द्वारा नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में तहसील जावर के कुंडिया धागा गांव के प्रगतिशील किसान भारत सिंह पिता पर्वत सिंह ने एक सराहनीय पहल करते हुए नरवाई प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। हल्का पटवारी श्री शिवचरण रणकौशल द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तहसीलदार जावर ओमप्रकाश चोरमा ने पटवारी के साथ स्वयं मौके पर पहुंचकर इस यंत्र की कार्यप्रणाली को देखा और समझा। किसान भारत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी एवं अपने परिवार की कुल 65 एकड़ भूमि में इस तकनीक के माध्यम से सफलतापूर्वक नरवाई प्रबंधन किया है। यह यंत्र कम लागत में अधिक क्षेत्र में प्रभावी कार्य करने में सक्षम है। तहसीलदार ओमप्रकाश चोरमा द्वारा बताया कि किसान भारत सिंह ने टिमरनी क्षेत्र से ‘पाटा’ नामक एक देशी जुगाड़ से निर्मित कृषि यंत्र खरीदा है। इस यंत्र की विशेषता यह है कि इसके निचले हिस्से में ब्लेड लगी होती है, जिससे ट्रैक्टर के माध्यम से खेत में चलाने पर नरवाई जड़ से कट जाती है। इसके पश्चात खेत में कल्टीवेटर या प्लाऊ चलाने से फसल अवशेष मिट्टी में मिल जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरता में वृद्धि होती है। किसान की इस प्रेरणादायक पहल से प्रभावित होकर तहसीलदार द्वारा उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही आशा व्यक्त की कि भारत सिंह के इस तरह के कम खर्चीले नवाचार को अपनाकर अधिक से अधिक किसान नरवाई प्रबंधन को अपनाएंगे। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा नरवाई प्रबंधन को अपनाने हेतु किसानों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा कृषि यंत्रों पर सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। वहीं, नरवाई जलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
- वैष्णव डिजीटल न्यूज़ आष्टा। चार बार के पार्षद रहे बाबूलाल मालवीय की तलाश में पार्वती थाना पुलिस ने शनिवार को अदालत रोड स्थित उनके निवास पर दबिश दी। थाना प्रभारी निरीक्षक हरिसिंह परमार अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और घर की तलाशी ली, लेकिन बाबूलाल मालवीय वहां नहीं मिले। पुलिस टीम ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की, हालाकि किसी ने भी उनके बारे में ठोस जानकारी नहीं दी। बताया जा रहा है कि बाबूलाल मालवीय फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी हरिसिंह परमार ने बताया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई जारी है और जल्द ही फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।1
- कोठरी नगर के गांधी चौक, बड़ा बाजार स्थित जैन मंदिर परिसर में श्री 1008 श्रीमज्जिनेन्द्र वेदी प्रतिष्ठा कलशारोहण महामहोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन सोमवार 27 से 29 अप्रैल तक श्रद्धा और भक्ति भाव से किया जाएगा। उक्त आयोजन मुनिश्री संस्कार सागरजी महाराज के परम सानिध्य मे होगा, महोत्सव में परम पूज्य मुनिश्री 108 संस्कार सागर जी महाराज के सान्निध्य में विविध धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, विधान एवं महायज्ञ संपन्न होंगे। समाज के नरेन्द्र गंगवाल ने उक्त जानकारी देते हुए बताया तीन दिनों तक प्रातः से रात्रि तक विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। तीन दिन रहेंगे विविध आयोजन महोत्सव के प्रथम दिन 27 अप्रैल को प्रातः मंगलाचरण, अभिषेक, पूजन एवं अन्य धार्मिक क्रियाएं संपन्न होंगी। इसके साथ ही शाम को भक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दूसरे दिन 28 अप्रैल को विशेष पूजन, विधान, प्रवचन एवं धार्मिक क्रियाओं के साथ रात्रि में भक्ति संध्या का आयोजन होगा। तीसरे दिन 29 अप्रैल को प्रातःकालीन अनुष्ठानों के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा वेदी प्रतिष्ठा एवं कलशारोहण का मुख्य कार्यक्रम संपन्न होगा। साथ ही विश्वशांति महायज्ञ भी आयोजित किया जाएगा। समाजजनों की सक्रिय भागीदारी आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न समाजजनों, परिवारों एवं श्रद्धालुओं की सक्रिय सहभागिता रहेगी। महोत्सव में अनेक श्रद्धालु विभिन्न पात्रों के रूप में भाग लेकर धार्मिक परंपरा का निर्वहन करेंगे। आयोजन समिति द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित की गई हैं। भक्ति और श्रद्धा का संगम बनेगा महोत्सव तीन दिवसीय इस आयोजन में पूजन-अर्चना, प्रवचन, भक्ति संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से धर्म, भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है।4
- जनगणना 2027: शाजापुर जिले में 1 मई से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक, करेंगे ये प्रमुख कार्य1
- भोपाल मध्य प्रदेश में जल संरक्षण क्षेत्र में अग्रणी मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव1
- नेमावर पुलिस की कार्यवाही के खिलाफ धनगर समाज के प्रतिनिधित्व करता ने लगाए गंभीर आरोप, कुछ लोग नेमावर की कहानी को दो समाज के बीच विवाद दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। Dewas Police Madhya Pradesh Police1
- भौंरासा टोल के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर, एक ही परिवार के 5 लोग घायल देवास जिले के भौंरासा टोल टैक्स के पास रविवार शाम तेज रफ्तार कार और बाइक की भिड़ंत में एक ही परिवार के पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देवास जिले के भौंरासा टोल टैक्स के पास रविवार शाम ते1
- *पीएम मोदी ने कोलकाता में काली माता मंदिर के बाहर फूल माला विक्रेता से 300 रुपए देकर माला खरीदी.. जब फूलमाला वाले से पूछा कि क्या करोगे इन रुपयों को तो विक्रेता बोला संभाल कर रखूंगा..*1
- आष्टा। Vaishnav digital news दीपक कुमार बैरागी हिरण मृत अवस्था में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय सामने आई जब खेतों में कार्य करने गई कुछ महिलाओं की नजर अचानक पड़े इस दुर्लभ वन्यजीव पर पड़ी। हिरण को। मृत अवस्था में देख महिलाओं में भय और आशंका का माहौल बन गया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय नागरिक घनश्याम मालवीय को दी। सूचना मिलते ही घनश्याम मालवीय। अपने साथी लखन मालवीय के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तत्काल थाना पार्वती, वन विभाग एवं स्थानीय पत्रकारों को इसकी सूचना दी, जिससे मामला प्रशासन तक पहुंच सका। कुछ ही समय बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत काले हिरण को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रारंभिक जांच के बाद हिरण के शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। वन विभाग के अनुसार, प्रथम दृष्टया हिरण की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। हालाकि विभाग हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहा है, जिसमें अवैध शिकार, जहरीले पदार्थ के सेवन या अन्य प्राकृतिक कारणों की संभावना को भी खंगाला जा रहा है। गौरतलब है कि काला हिरण एक संरक्षित वन्यजीव है और इसकी गिनती दुर्लभ प्रजातियों में होती है। ऐसे में इस प्रकार की घटना सामने आने से वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं। फिलहाल वन विभाग द्वारा मामले की गहन जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।1