पूर्वी दिल्ली के शाहदरा जिला पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है दिनांक: 07.05.2026 साइबर थाना शाहदरा की बड़ी कामयाबी: अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ दिल्ली पुलिस के साइबर थाना शाहदरा ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन जॉब ऑफर और निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। जांच में अब तक ₹8 करोड़ से ज्यादा की ठगी के लिंक सामने आए हैं। 25 अप्रैल 2026 को साइबर थाना शाहदरा को गीता कॉलोनी स्थित एक होटल में साइबर ठगी से जुड़े लोगों के ठहरे होने की गुप्त सूचना मिली। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर एक विशेष टीम का गठन किया गया और होटल में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान अलग-अलग राज्यों से आए 12 संदिग्ध लोग विभिन्न कमरों में ठहरे मिले। पूछताछ और तलाशी में इनके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद हुए। जांच में सामने आया कि ये लोग एक संगठित साइबर फ्रॉड गैंग का हिस्सा हैं, जो नौकरी दिलाने और मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगते थे। पुलिस टीम इस कार्रवाई को SHO साइबर थाना विजय कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा, SI श्याम बिहारी, SI विवेक, ASI राजदीप, HC जावेद, HC दीपक, HC नरेंद्र, HC कपिल और HC सचिन की टीम ने अंजाम दिया। पूरी कार्रवाई ACP ऑप्स मोहितर सिंह की निगरानी में की गई। जांच में बड़े खुलासे जांच में पता चला कि यह गिरोह पंजाब, तेलंगाना, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में फैला हुआ था। गिरोह के मुख्य संचालक प्रदीप उर्फ अल्फा और तेजपाल सिंह उर्फ तेजी बताए गए हैं, जो Telegram ग्रुप्स के जरिए पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करते थे। गिरोह लोगों को सोशल मीडिया, जॉब पोर्टल और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संपर्क कर वर्क फ्रॉम होम, पार्ट टाइम जॉब और हाई सैलरी का झांसा देता था। इसके बाद पीड़ितों से रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, टास्क चार्ज और निवेश के नाम पर पैसे जमा कराए जाते थे। पुलिस जांच में एक बैंक अकाउंट 40 NCRP शिकायतों और करीब ₹1.5 करोड़ की ठगी से जुड़ा मिला, जबकि एक Canara Bank ATM कार्ड लगभग ₹3 करोड़ की धोखाधड़ी से लिंक पाया गया। बरामदगी आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने: 18 मोबाइल फोन 19 सिम कार्ड 1 लैपटॉप 3 ATM कार्ड 4 चेक बुक 2 स्टांप बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पंजाब, बिहार, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और मध्य प्रदेश के रहने वाले आरोपी शामिल हैं। साइबर ठगी का तरीका गिरोह Telegram और WhatsApp के जरिए लोगों को फर्जी नौकरी और निवेश योजनाओं में फंसाता था। शुरुआत में छोटे मुनाफे देकर भरोसा जीता जाता था, फिर बड़ी रकम जमा करवाकर अकाउंट ब्लॉक कर दिए जाते थे। ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर ATM, UPI और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए निकाल ली जाती थी। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि: सोशल मीडिया पर आने वाले फर्जी जॉब ऑफर से सावधान रहें। नौकरी या टास्क के नाम पर पैसे जमा न करें। Telegram और WhatsApp पर अज्ञात लोगों से सतर्क रहें। किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले पूरी जांच और सत्यापन जरूर करें। (राजेंद्र प्रसाद मीणा, IPS) उप पुलिस आयुक्त, शाहदरा जिला, दिल्ली
पूर्वी दिल्ली के शाहदरा जिला पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है दिनांक: 07.05.2026 साइबर थाना शाहदरा की बड़ी कामयाबी: अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ दिल्ली पुलिस के साइबर थाना शाहदरा ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन जॉब ऑफर और निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। जांच में अब तक ₹8 करोड़ से ज्यादा की ठगी के लिंक सामने आए हैं। 25 अप्रैल 2026 को साइबर थाना शाहदरा को गीता कॉलोनी स्थित एक होटल में साइबर ठगी से जुड़े लोगों के ठहरे होने की गुप्त सूचना मिली। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर एक विशेष टीम का गठन किया गया और होटल में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान अलग-अलग राज्यों से आए 12 संदिग्ध लोग विभिन्न कमरों में ठहरे मिले। पूछताछ और तलाशी में इनके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद हुए। जांच में सामने आया कि ये लोग एक संगठित साइबर फ्रॉड गैंग का हिस्सा हैं, जो नौकरी दिलाने और मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगते थे। पुलिस टीम इस कार्रवाई को SHO साइबर थाना विजय कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा, SI श्याम बिहारी, SI विवेक, ASI राजदीप, HC जावेद, HC दीपक, HC नरेंद्र, HC कपिल और HC सचिन की टीम ने अंजाम दिया। पूरी कार्रवाई ACP ऑप्स मोहितर सिंह की निगरानी में की गई। जांच में बड़े खुलासे जांच में पता चला कि यह गिरोह पंजाब, तेलंगाना, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में फैला हुआ था। गिरोह के मुख्य संचालक प्रदीप उर्फ अल्फा और तेजपाल सिंह उर्फ तेजी बताए गए हैं, जो Telegram ग्रुप्स के जरिए पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करते थे। गिरोह लोगों को सोशल मीडिया, जॉब पोर्टल और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संपर्क कर वर्क फ्रॉम होम, पार्ट टाइम जॉब और हाई सैलरी का झांसा देता था। इसके बाद पीड़ितों से रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, टास्क चार्ज और निवेश के नाम पर पैसे जमा कराए जाते थे। पुलिस जांच में एक बैंक अकाउंट 40 NCRP शिकायतों और करीब ₹1.5 करोड़ की ठगी से जुड़ा मिला, जबकि एक Canara Bank ATM कार्ड लगभग ₹3 करोड़ की धोखाधड़ी से लिंक पाया गया। बरामदगी आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने: 18 मोबाइल फोन 19 सिम कार्ड 1 लैपटॉप 3 ATM कार्ड 4 चेक बुक 2 स्टांप बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पंजाब, बिहार, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और मध्य प्रदेश के रहने वाले आरोपी शामिल हैं। साइबर ठगी का तरीका गिरोह Telegram और WhatsApp के जरिए लोगों को फर्जी नौकरी और निवेश योजनाओं में फंसाता था। शुरुआत में छोटे मुनाफे देकर भरोसा जीता जाता था, फिर बड़ी रकम जमा करवाकर अकाउंट ब्लॉक कर दिए जाते थे। ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर ATM, UPI और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए निकाल ली जाती थी। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि: सोशल मीडिया पर आने वाले फर्जी जॉब ऑफर से सावधान रहें। नौकरी या टास्क के नाम पर पैसे जमा न करें। Telegram और WhatsApp पर अज्ञात लोगों से सतर्क रहें। किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले पूरी जांच और सत्यापन जरूर करें। (राजेंद्र प्रसाद मीणा, IPS) उप पुलिस आयुक्त, शाहदरा जिला, दिल्ली
- y h delhi ki news dekho kitna crime h delhi m crime k khilab acha kesam utao1
- थाना मुरादनगर पुलिस टीम द्वारा पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में छिनैती की घटनायें कारित करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार तथा मौके से उसका साथी गिरफ्तार । कब्जे से 01 अवैध तमंचा, 01 खोखा कारतूस, 01 जिन्दा कारतूस, 01 अवैध चाकू, 10 चोरी/ छिनैती के मोबाइल व 01 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद ।*1
- अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर GTB अस्पताल में लगाया गया रक्तदान शिविर रक्तदान-महादान । दिलशाद गार्डन में GTB एवं UCMS स्टाफ ने किया रक्तदान।1
- सरकारी बंजर भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, सभासद पति ने समाधान दिवस में उठाया मामला।1
- पूर्वी दिल्ली के शाहदरा जिला पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है दिनांक: 07.05.2026 साइबर थाना शाहदरा की बड़ी कामयाबी: अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ दिल्ली पुलिस के साइबर थाना शाहदरा ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन जॉब ऑफर और निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। जांच में अब तक ₹8 करोड़ से ज्यादा की ठगी के लिंक सामने आए हैं। 25 अप्रैल 2026 को साइबर थाना शाहदरा को गीता कॉलोनी स्थित एक होटल में साइबर ठगी से जुड़े लोगों के ठहरे होने की गुप्त सूचना मिली। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर एक विशेष टीम का गठन किया गया और होटल में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान अलग-अलग राज्यों से आए 12 संदिग्ध लोग विभिन्न कमरों में ठहरे मिले। पूछताछ और तलाशी में इनके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद हुए। जांच में सामने आया कि ये लोग एक संगठित साइबर फ्रॉड गैंग का हिस्सा हैं, जो नौकरी दिलाने और मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगते थे। पुलिस टीम इस कार्रवाई को SHO साइबर थाना विजय कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा, SI श्याम बिहारी, SI विवेक, ASI राजदीप, HC जावेद, HC दीपक, HC नरेंद्र, HC कपिल और HC सचिन की टीम ने अंजाम दिया। पूरी कार्रवाई ACP ऑप्स मोहितर सिंह की निगरानी में की गई। जांच में बड़े खुलासे जांच में पता चला कि यह गिरोह पंजाब, तेलंगाना, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में फैला हुआ था। गिरोह के मुख्य संचालक प्रदीप उर्फ अल्फा और तेजपाल सिंह उर्फ तेजी बताए गए हैं, जो Telegram ग्रुप्स के जरिए पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करते थे। गिरोह लोगों को सोशल मीडिया, जॉब पोर्टल और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संपर्क कर वर्क फ्रॉम होम, पार्ट टाइम जॉब और हाई सैलरी का झांसा देता था। इसके बाद पीड़ितों से रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, टास्क चार्ज और निवेश के नाम पर पैसे जमा कराए जाते थे। पुलिस जांच में एक बैंक अकाउंट 40 NCRP शिकायतों और करीब ₹1.5 करोड़ की ठगी से जुड़ा मिला, जबकि एक Canara Bank ATM कार्ड लगभग ₹3 करोड़ की धोखाधड़ी से लिंक पाया गया। बरामदगी आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने: 18 मोबाइल फोन 19 सिम कार्ड 1 लैपटॉप 3 ATM कार्ड 4 चेक बुक 2 स्टांप बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पंजाब, बिहार, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और मध्य प्रदेश के रहने वाले आरोपी शामिल हैं। साइबर ठगी का तरीका गिरोह Telegram और WhatsApp के जरिए लोगों को फर्जी नौकरी और निवेश योजनाओं में फंसाता था। शुरुआत में छोटे मुनाफे देकर भरोसा जीता जाता था, फिर बड़ी रकम जमा करवाकर अकाउंट ब्लॉक कर दिए जाते थे। ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर ATM, UPI और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए निकाल ली जाती थी। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि: सोशल मीडिया पर आने वाले फर्जी जॉब ऑफर से सावधान रहें। नौकरी या टास्क के नाम पर पैसे जमा न करें। Telegram और WhatsApp पर अज्ञात लोगों से सतर्क रहें। किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले पूरी जांच और सत्यापन जरूर करें। (राजेंद्र प्रसाद मीणा, IPS) उप पुलिस आयुक्त, शाहदरा जिला, दिल्ली1
- #लखनऊ में #सिपाही ने #अधिकारियों पर लगाया #घूसखोरी का #आरोप #vidioviral पुलिस को काले अंग्रेज चला रहे हैं', लखनऊ में सिपाही ने अधिकारियों पर लगाया घूसखोरी का आरोप लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने विभाग के भीतर ड्यूटी लगवाने के नाम पर लाखों की वसूली का आरोप लगाया है. सिपाही का दूसरा वीडियो सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है, जिसमें उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं.1
- मोबाइल की बैटरी फटने से चार बच्चों की मौत रियल न्यूज़ देखो सुनो और ज्यादा से ज्यादा शेयर करो अपने बच्चों को बचा कर रखो1
- हरिद्वार के प्रसिद्ध कनखल स्थित श्री दादू बाग में श्री दादू जयंती महोत्सव का शुभारंभ।1