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अंबेडकर नगर के आलापुर में बाप और बेटे का एक नया कॉमेडी वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक बाप अपने बेटे से बेहद परेशान है। सोशल मीडिया पर बाप-बेटे का यह नया मनोरंजक कॉमेडी वीडियो दर्शकों को खूब हंसा रहा है।
Pradeep Karauni Official
अंबेडकर नगर के आलापुर में बाप और बेटे का एक नया कॉमेडी वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक बाप अपने बेटे से बेहद परेशान है। सोशल मीडिया पर बाप-बेटे का यह नया मनोरंजक कॉमेडी वीडियो दर्शकों को खूब हंसा रहा है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- अंबेडकरनगर जिले के अकबरपुर में एक घर के अंदर रखा ड्रम कोबरा सांपों का अड्डा बन गया है। इस ड्रम से एक साथ कई सांप बाहर निकले हैं, जिसके बाद से पूरे गांव में सनसनी फैल गई है।1
- अम्बेडकर नगर जिले के अकबरपुर अंतर्गत मुबारकपुर दईयाडी के वार्ड नंबर 4 में भी यही समस्या बनी हुई है।1
- संतकबीरनगर के विकासखंड बघौली के ग्राम बरईपार में 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' के तहत "एक पेड़ माँ के नाम" थीम पर एक ऐतिहासिक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान का शुभारंभ रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चारु चौधरी ने पवित्र हरिशंकरी (पीपल, पाकड़ और बरगद) का पौधा लगाकर किया। इस विशेष अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती नीतू सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, जिलाधिकारी आलोक कुमार तथा मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रीमती चारु चौधरी ने कहा कि वृक्ष लगाना सेवा है और उसकी रक्षा करना साधना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए हर नागरिक से अपनी माँ के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेशभर में एक दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने के संकल्प के तहत संतकबीरनगर जिले में विभिन्न विभागों के सहयोग से 29.78 लाख पौधों का रोपण किया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा को माँ द्वारा बच्चों की देखभाल की तरह एक आवश्यक दायित्व बताया, वहीं मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने स्वच्छ वातावरण के लिए वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने की बात कही। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने भी जनपदवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और दूसरों को इस अभियान से जोड़ने की अपील की। इस दौरान उपस्थित महिलाओं और नागरिकों को आम एवं सहजन सहित कई प्रजातियों के पौधे उपहार स्वरूप वितरित किए गए। इस महायज्ञ के अंतर्गत जिले की सभी तहसीलों, विकासखंडों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी संस्थानों में भी व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी हरिकेश यादव, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार प्रभात द्विवेदी, एसडीएम खलीलाबाद हृदय राम तिवारी, जिला पंचायत सदस्य ई. हनुमान कनौजिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र, बीडीओ बघौली अर्जित प्रकाश और सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- संत कबीर नगर जनपद के सेमरियावा ब्लॉक अंतर्गत खलीलाबाद तहसील की ग्राम पंचायत बिगरामीर में पानी निकासी का कोई जरिया न होने से गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। यहाँ स्थित गड़ाही नंबर 229 से पानी बाहर निकालने का निकास न होने के कारण पानी किसानों के खेतों में जमा हो रहा है। जल निकासी की व्यवस्था के अभाव में किसानों के खेत पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो चुके हैं।1
- उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक घर के भीतर रखी प्लास्टिक की बाल्टी से पूरे 25 कोबरा सांप निकले हैं। इस चौंकाने वाले मामले के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घर के अंदर इतनी बड़ी संख्या में जहरीले सांप मिलने की इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- संत कबीर नगर के रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह की उपस्थिति में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया गया। इस जनहितकारी अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त थाना और चौकी परिसरों में प्रभारी निरीक्षकों, थानाध्यक्षों तथा चौकी प्रभारियों द्वारा फलदार, छायादार और औषधीय पौधे रोपे गए। जनपद पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस पर्यावरण संरक्षण अभियान में उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज कराई। वृक्षारोपण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी की अमूल्य धरोहर हैं, जो पर्यावरण को संतुलित रखने के साथ-साथ शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर मानव जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाते हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपील की कि लगाए गए पौधों का संरक्षण करें ताकि भविष्य में जनपद को अधिक हरित, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सके। इस कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव और पीआरओ मनीष जायसवाल सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में गैंगस्टर के.सी. राय के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत गैंगस्टर के.सी. राय की 10 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क कर लिया गया है।1
- संत कबीर नगर के महुली थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन अभियान के अंतर्गत उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में थाना परिसर के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने अत्यंत उमंग और जनभागीदारी की भावना के साथ हिस्सा लिया और फलदार, छायादार एवं पर्यावरण के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे। सभी पुलिसकर्मियों ने इन पौधों को केवल लगाने तक ही सीमित न रखकर, उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी सामूहिक संकल्प लिया ताकि ये भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु और हरियाली प्रदान कर सकें। इस अवसर पर महुली थाना प्रभारी ने कहा कि वृक्ष केवल पौधे नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव हैं। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल को अपना नैतिक दायित्व समझने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने "एक पेड़–सौ सुखों का आधार" का संदेश दिया। महुली पुलिस ने यह बात रेखांकित की कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा करना भी सभी की साझा जिम्मेदारी है, जिससे हमारा जनपद अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध बन सके।4
- गाजियाबाद के एक स्पा सेंटर में हुई छापेमारी और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने कानून और समानता के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस स्पा सेंटर से पुलिस ने कथित तौर पर 'सेक्स रैकेट' चलाने के आरोप में 23 लड़कियों और 5 लड़कों को हिरासत में लिया था। लेकिन असली खेल थाने के भीतर देखने को मिला, जहां पुलिस ने इस मामले में बेहद ही पक्षपातपूर्ण और दोहरा रवैया अपनाया। हिरासत में लिए जाने के बाद, पुलिस ने लड़कियों को सिर्फ पूछताछ करके और चेतावनी देकर घर भेज दिया, जबकि हिरासत में लिए गए लड़कों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनका चालान काट दिया गया। इस सिलेक्टिव कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए अजीत मिश्रा (खोजी) ने पूछा है कि अगर कानून सबके लिए समान है, तो यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है? क्या अपराध की परिभाषा जेंडर यानी लिंग के आधार पर बदल जाती है? अगर यह वास्तव में एक रैकेट था, तो इसमें शामिल हर व्यक्ति—चाहे वह लड़का हो या लड़की—बराबर का गुनहगार क्यों नहीं है? पुलिस की इस कार्रवाई को 'पितृसत्तात्मक' सोच का चश्मा बताते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या लड़कियां हमेशा सिर्फ 'विक्टिम' ही होती हैं? महिलाओं के प्रति इस तरह का नरम रुख अपनाकर पुलिस असल में उन महिलाओं के साथ न्याय नहीं कर रही है जो शायद अपनी मर्जी से इस काम में थीं, बल्कि वह कानूनी प्रक्रिया का मजाक उड़ा रही है। कानून का काम निष्पक्ष होना है, न कि किसी की दया पर फैसला सुनाना। इस तरह का दोहरा रवैया न्याय व्यवस्था से भरोसा कम करता है और साबित करता है कि समानता सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। न्याय का तराजू संतुलित होना चाहिए, जो किसी के जेंडर या प्रभाव के बोझ से न झुके।1