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सीतापुर से CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान। सीतापुर से CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान। हमें बटना नहीं है एकजुट रहना है है
NJ BHARAT NEWS
सीतापुर से CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान। सीतापुर से CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान। हमें बटना नहीं है एकजुट रहना है है
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- सवालों के घेरे में पलिया का भविष्य पलियाकलां-खीरी। पलिया नगर में रोडवेज बस अड्डे की वर्षों पुरानी मांग आज भी केवल खबरों और चर्चाओं तक सीमित रह गई है। लगातार समाचार प्रकाशित होने और जनसमस्याओं को उजागर किए जाने के बावजूद न तो जनप्रतिनिधि गंभीर नजर आ रहे हैं और न ही आमजन इस मुद्दे पर संगठित होकर आवाज उठा रहे हैं। जनता की इस चुप्पी से ऐसा प्रतीत होता है मानो पलिया को रोडवेज बस अड्डे की आवश्यकता ही नहीं है। स्थिति यह है कि नगर में रोडवेज की बसें तो संचालित हो रही हैं, लेकिन उनके ठहराव और यात्रियों की सुविधा के लिए कोई स्थायी बसड्डा नहीं है। सभी बसें पुलिस चौकी के आसपास सड़क किनारे खड़ी की जाती हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर सुबह और शाम के समय राहगीरों, स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि समय रहते जनता ने संगठित होकर रोडवेज बस अड्डे की मांग नहीं उठाई, तो भविष्य में पलिया से रोडवेज बसों का संचालन भी रेल सेवाओं की तरह ठप हो सकता है। जिस प्रकार पलिया में रेल लाइन होते हुए भी यात्री ट्रेनों का संचालन न के बराबर है, उसी तरह रोडवेज बसों का भविष्य भी खतरे में पड़ सकता है। विडंबना यह है कि जब ट्रेनों के संचालन की बात आती है, तो जनता एकजुट होकर आवाज बुलंद करती है, लेकिन रोडवेज बसड्डे जैसे बुनियादी मुद्दे पर उदासीनता साफ नजर आती है। यदि जनआंदोलन के रूप में यह मांग उठाई जाए, तो शासन-प्रशासन पर दबाव बनेगा और पलिया में रोडवेज बस अड्डे का निर्माण निश्चित रूप से संभव हो सकेगा। अब जरूरत इस बात की है कि नगरवासी राजनीति से ऊपर उठकर अपने हित में एकजुट हों और रोडवेज बस अड्डे की मांग को मजबूती से उठाएं। अन्यथा पलिया नगर रोडवेज सुविधा से वंचित होकर विकास की दौड़ में और पीछे छूट सकता है।1
- 🔴 गोला से अपडेट गोला कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत कुंधवा रेलवे क्रॉसिंग से करीब 100 मीटर दूर जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात कर्मचारी ने गोला पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस के अनुसार शव की स्थिति देखकर कई दिनों पुराना प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है। फिलहाल गोला पुलिस शव की शिनाख्त में जुटी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है।1
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- लखीमपुर खींरी ब्रेकिंग -संदिग्ध अवस्था में खून से लथपथ नहर किनारे मिला युवक का शव, ग्राम लालोहा निवासी मनीष राठौर के रूप में पहचान हुए है मृतक के हाथ, घर वालों के मुताबिक घर से मितौली बाजार गया हुआ था में अवैध तमंचा भी मिला है -मृतक के हाथ में मिला अवैध तमंचा -युवक के गले मे लगी गोली मिली। -ग्राम ललौहा निवासी मनीष राठौर के रूप में मृतक की हुई शिनाख्त -परिजनों के मुताबिक घर से मितौली बाजार सामान लेने के लिए निकला था मनीष -सीओ मितौली यदुवेंद्र यादव के मुताबिक मनीष के जबडे के निचले हिस्से से काफ़ी खून बह रहा था -परिजनों ने किसी दुश्मनी से किया इनकार -पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा -जांच में जुटी पुलिस -मितौली थाना इलाके के ललौहा गांव का मामला।1
- Post by खीरी न्यूज़ अपडेट1
- थाना बिसवा क्षेत्र में हुई घटना के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी द्वारा दी गई बाइट1
- *दबे-पिछड़ों की आवाज़ को ताक़त, मुजीबुर रहमान खान लखीमपुर सदर विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त* लखीमपुर खीरी। आज दिनांक 10 फरवरी, मंगलवार को जिला कार्यालय एआईएमआईएम, लखीमपुर खीरी में पार्टी का एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य संगठन को और अधिक मज़बूत करना तथा जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता को बढ़ाना रहा। इस अवसर पर पार्टी नेतृत्व द्वारा सदर विधानसभा लखीमपुर से मुजीबुर रहमान खान को विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वहीं विधानसभा मोहम्मदी से डॉ. सैयद सरताज हुसैन को कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही संगठन के युवा मोर्चे को सशक्त करने के लिए मेराज खान को यूथ जिला सचिव मनोनीत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेंट्रल जोन के प्रदेश उपाध्यक्ष उस्मान सिद्दीकी उपस्थित रहे। उनके साथ जिला अध्यक्ष मोहम्मद नसीम, यूथ जिला अध्यक्ष आसिफ अहमद उर्फ आशु, जिला महासचिव मोहम्मद हनीफ सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नव-नियुक्त विधानसभा अध्यक्ष मुजीबुर रहमान खान ने अपने संबोधन में कहा कि मजलिस केवल एक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि यह दबे-पिछड़े, मज़लूमों, दलितों और मुसलमानों के हक़ की लड़ाई लड़ने वाला एक मजबूत मंच है। मजलिस ने हमेशा आवास, शिक्षा, रोज़गार और सम्मान के साथ जीने के अधिकार के लिए संघर्ष किया है और आगे भी पूरी ताक़त के साथ यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को वह पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे तथा लखीमपुर सदर विधानसभा में पार्टी संगठन को मज़बूती प्रदान करेंगे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नेताओं ने नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में पार्टी जनहित और सामाजिक न्याय के मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाएगी। कार्यक्रम का समापन संगठन की एकता और मज़बूती के संकल्प के साथ किया गया।2
- पलिया में ओवरलोड बसें मौत को दे रहीं न्योता जंगल से घिरे पलिया-गौरीफंटा मार्ग पर किसी भी पल हो सकता है बड़ा हादसा पलियाकलां-खीरी। पलिया से दुधवा होते हुए गौरीफंटा नेपाल बार्डर तक जाने वाली निजी यात्री बसों में यात्रियों की सुरक्षा को खुलेआम ताक पर रखा जा रहा है। बसों की छतों पर तय मानकों से कहीं अधिक ऊंचाई तक सामान लादकर ले जाया जा रहा है, जो किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह बस की छत पर बेतरतीब ढंग से भारी सामान लादा गया है, जिससे बस की ऊंचाई खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी है। इस मार्ग पर करीब 30 किलोमीटर तक घना जंगल है। ऐसे में ओवरहाइट बस का किसी भी पेड़ की डाल या शाखा में फंस जाना बेहद आसान है, जिससे बस के अनियंत्रित होकर पलटने या गंभीर दुर्घटना होने की पूरी आशंका बनी रहती है। इसके अलावा गौरीफंटा रोड अत्यंत संकरी है, जहां दो वाहनों का आमने-सामने निकलना भी चुनौती बना रहता है। यहां साइड देने के लिए वाहनों को सड़क से नीचे उतारना पड़ता है, जहां दोनों ओर गहरे गड्ढे हैं और उनमें कीचड़ भरा रहता है। सड़क की बदहाली और बसों पर किए जा रहे खतरनाक ओवरलोडिंग के चलते हर सफर जोखिम भरा रहता है। बावजूद इसके न तो परिवहन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई हो रही है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा की चिंता है। बस संचालक मनमानी पर उतारू हैं और यात्रियों की जान को दांव पर लगाकर अधिक मुनाफा कमाने में जुटे हुए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन बसों में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी सफर करते हैं। जरा सी चूक या असंतुलन पूरे वाहन को मौत के कुएं में झोंक सकता है। इसके बाद भी इन्हें न तो बस पलटने की चिंता है और न ही उसमें सवार यात्रियों की जिंदगी की। इस मार्ग पर चलने वाली बसों की सख्त जांच कराई जाए और ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगे। साथ ही इस तरह के बस संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले ही स्थिति को संभाला जा सके।1
- कल से ही उसका पैर पेड़ में उलझी डोर में अटका था और वह वहीं तड़पता रहा। आज नगर पालिका परिषद लखीमपुर की टीम ने जब उसे सुरक्षित नीचे उतारा तो तालियों की गूंज से माहौल भावुक हो उठा। एक छोटी-सी जान को फिर उड़ता देख हर चेहरे पर राहत और मुस्कान साफ झलक रही थी।2