बाड़मेर में नर्सेज संविदा कर्मी पिछले पंद्रह दिनों से अस्पताल परिसर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। इसी क्रम में सोमवार को उन्होंने सरकार और मंत्रियों को सद्बुद्धि देने के लिए एक विशेष सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया। संविदा कर्मियों का कहना है कि यह यज्ञ अपनी लंबित मांगों को मनवाने के लिए किया गया है। धरने पर बैठे इन संविदा कर्मियों की मुख्य मांगों में उनकी सेवाओं की बहाली शामिल है, जिसे मेडिकल प्रशासन ने अचानक समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही, उन्होंने दिवंगत साथी दीपक के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। संविदा सेवा से हटाए गए अन्य नर्सिंग कर्मियों को भी दोबारा सेवा में बहाल करने की मांग की गई है। भविष्य की नियुक्तियों के संबंध में, उनकी मांग है कि नई भर्ती प्रक्रिया में मेरिट बोनस अंकों के आधार पर भर्ती की जाए और प्लेसमेंट एजेंसी आधारित भर्तियों को पूरी तरह से बंद किया जाए। संविदा कर्मी हरीश ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे लोग साल 2022 से अस्पताल में कार्यरत थे, लेकिन मेडिकल प्रशासन ने उनकी सेवाएं अचानक समाप्त कर दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा फर्क है, क्योंकि पंद्रह दिनों के धरने के बावजूद न तो सरकार और न ही प्रशासन का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने आया है। हरीश ने यह भी बताया कि जिस दिन नर्सिंग कर्मियों को सम्मानित किया गया था, उसी दिन जयपुर में उन पर लाठियां बरसाई गई थीं। संविदा कर्मी आरती ने भी इस बात पर जोर दिया कि वे सभी 2022 से काम कर रहे थे और सरकार को सद्बुद्धि मिले ताकि वह उनके बारे में सोचे। सभी संविदा कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा।
बाड़मेर में नर्सेज संविदा कर्मी पिछले पंद्रह दिनों से अस्पताल परिसर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। इसी क्रम में सोमवार को उन्होंने सरकार और मंत्रियों को सद्बुद्धि देने के लिए एक विशेष सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया। संविदा कर्मियों का कहना है कि यह यज्ञ अपनी लंबित मांगों को मनवाने के लिए किया गया है। धरने पर बैठे इन संविदा कर्मियों की मुख्य मांगों में उनकी सेवाओं की बहाली शामिल है, जिसे मेडिकल प्रशासन ने अचानक समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही, उन्होंने दिवंगत साथी दीपक के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। संविदा सेवा से हटाए गए अन्य नर्सिंग कर्मियों को भी दोबारा सेवा में बहाल करने की मांग की गई है। भविष्य की नियुक्तियों के संबंध में, उनकी मांग है कि नई भर्ती प्रक्रिया में मेरिट बोनस अंकों के आधार पर भर्ती की जाए और प्लेसमेंट एजेंसी आधारित भर्तियों को पूरी तरह से बंद किया जाए। संविदा कर्मी हरीश ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे लोग साल 2022 से अस्पताल में कार्यरत थे, लेकिन मेडिकल प्रशासन ने उनकी सेवाएं अचानक समाप्त कर दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा फर्क है, क्योंकि पंद्रह दिनों के धरने के बावजूद न तो सरकार और न ही प्रशासन का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने आया है। हरीश ने यह भी बताया कि जिस दिन नर्सिंग कर्मियों को सम्मानित किया गया था, उसी दिन जयपुर में उन पर लाठियां बरसाई गई थीं। संविदा कर्मी आरती ने भी इस बात पर जोर दिया कि वे सभी 2022 से काम कर रहे थे और सरकार को सद्बुद्धि मिले ताकि वह उनके बारे में सोचे। सभी संविदा कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा।
- बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है, जिसमें यह मामला देश के सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। इस मुठभेड़ को 'फर्जी' करार देते हुए सीबीआई जाँच की माँग की गई है, जबकि बिहार सरकार ने पहले ही इस घटना की न्यायिक जाँच के आदेश दिए हैं। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गाँव के निवासी भरत भूषण तिवारी की 17 जून को पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि भरत तिवारी पर कई मामले दर्ज थे और गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर गोली चलाई थी। इसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में उन्हें गोली लगी और बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। हालाँकि, इस घटना के बाद से ही उनके परिजन और कई राजनीतिक दल पुलिस के इन दावों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, बावजूद इसके उन्हें गोली मारी गई। इसी आधार पर इस पूरे एनकाउंटर को फर्जी बताया जा रहा है, और अब यह विवादित मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है।1
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जालौर जिले में भव्य स्वागत किया गया। राजीव गांधी भवन में केसरी कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया, जहाँ उन्हें सफा और माला पहनाई गई। इस कार्यक्रम में जिले भर से कई कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रमिला मेघवाल, सुखराम बिश्नोई और अल्पसंख्यक अध्यक्ष जाकिर खान जैसे प्रमुख लोग मौजूद रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अशोक गहलोत का यह भव्य स्वागत किया गया।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जालौर पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान, गहलोत जन अभाव निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर के निवास स्थान पर भी गए, जहां उन्होंने पुखराज पाराशर के पिता, स्वर्गीय छोगालाल सुथार को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर, पाराशर परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में सहारवासी उपस्थित रहे।3
- जोधपुर के एयर फोर्स क्षेत्र स्थित पांच पत्ती चौराहे पर अज्ञात लोगों द्वारा एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों ने एक युवक को रोककर उसके साथ मारपीट की और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घायल व्यक्ति को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने का प्रयास कर रही है।1
- जोधपुर की सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई ने 17 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद सोशल मीडिया ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। कथित तौर पर 3 जून को सोशल मीडिया पर लगातार मिल रही ट्रोलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अनीता ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। इस गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका 17 दिनों तक इलाज चला। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अनीता ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने ट्रोलर्स पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, "जो सांप बनकर डस न सके, वे कुत्ता बनकर काट लेते हैं... और कुछ लोग तो थूका हुआ भी चाट लेते हैं।" इस घटना के संबंध में अनीता के पति ने कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार ट्रोलिंग करने, बदनाम करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। यह पूरा मामला फिलहाल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और अनीता का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।1
- राजधानी लखनऊ के अलीगंज में स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 14 लोगों की दुखद मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। आग लगते ही कोचिंग सेंटर में भारी अफरा-तफरी मच गई, और छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग से नीचे कूदना पड़ा। इस घटना में कई छात्रों के घायल होने की जानकारी मिली है। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती तौर पर शार्ट सर्किट को इसकी वजह माना जा रहा है। कोचिंग सेंटर की इमारत से अचानक धुएं का गुबार निकलता देख आसपास के लोग तत्काल मौके पर जमा हो गए। देखते ही देखते आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई और धुएं के साथ लपटें निकलने लगीं, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। इस भयावह दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची हैं और आग बुझाने का प्रयास लगातार जारी है।1