जोधपुर की सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई ने 17 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद सोशल मीडिया ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। कथित तौर पर 3 जून को सोशल मीडिया पर लगातार मिल रही ट्रोलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अनीता ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। इस गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका 17 दिनों तक इलाज चला। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अनीता ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने ट्रोलर्स पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, "जो सांप बनकर डस न सके, वे कुत्ता बनकर काट लेते हैं... और कुछ लोग तो थूका हुआ भी चाट लेते हैं।" इस घटना के संबंध में अनीता के पति ने कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार ट्रोलिंग करने, बदनाम करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। यह पूरा मामला फिलहाल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और अनीता का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
जोधपुर की सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई ने 17 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद सोशल मीडिया ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। कथित तौर पर 3 जून को सोशल मीडिया पर लगातार मिल रही ट्रोलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अनीता ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। इस गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका 17 दिनों तक इलाज चला। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अनीता ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने ट्रोलर्स पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, "जो सांप बनकर डस न सके, वे कुत्ता बनकर काट लेते हैं... और कुछ लोग तो थूका हुआ भी चाट लेते हैं।" इस घटना के संबंध में अनीता के पति ने कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार ट्रोलिंग करने, बदनाम करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। यह पूरा मामला फिलहाल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और अनीता का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
- जोधपुर की सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई ने 17 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद सोशल मीडिया ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। कथित तौर पर 3 जून को सोशल मीडिया पर लगातार मिल रही ट्रोलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर अनीता ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। इस गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका 17 दिनों तक इलाज चला। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अनीता ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने ट्रोलर्स पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, "जो सांप बनकर डस न सके, वे कुत्ता बनकर काट लेते हैं... और कुछ लोग तो थूका हुआ भी चाट लेते हैं।" इस घटना के संबंध में अनीता के पति ने कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार ट्रोलिंग करने, बदनाम करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। यह पूरा मामला फिलहाल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और अनीता का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।1
- ओसिया विधायक के पुत्र और अधिवक्ता आकाश दीप जी ने आज एक गौशाला का दौरा किया। गौशाला परिवार की ओर से उनका धूमधाम से स्वागत किया गया।1
- आज राजस्थान के कई इलाकों में भरपूर बारिश दर्ज की गई, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है। इस बारिश को लेकर किसान समुदाय में काफी उत्साह देखा जा रहा है।1
- जोधपुर जिले के बोरुंदा कस्बे के निकटवर्ती बीटन गांव की सरहद में रविवार दोपहर बाद हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि लगभग 10 वर्षीय एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोरुंदा की ओर से तेज गति से आ रहे एक ट्रेलर ने सामने से पुष्कर की ओर से आ रही एक कार को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेलर कार को लगभग 50 फीट तक घसीटता हुआ ले गया और सड़क किनारे बनी करीब 5 फीट ऊंची व 50 फीट लंबी दीवार को तोड़ते हुए एक मकान में जा घुसा, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही बोरुंदा थानाधिकारी सुजाना राम विश्नोई और मुख्य आरक्षी श्रीराम मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने भीड़ को हटाकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाया। पुलिस ने क्रेन की सहायता से कार की छत को तोड़कर आधे घंटे की मशक्कत के बाद फंसे चालक को बाहर निकाला। दुर्घटना में घायल बच्ची, जिसे बाद में प्राची के रूप में पहचाना गया, और उसकी मां व भाई को निजी वाहन तथा एम्बुलेंस की मदद से बोरुंदा चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सक डॉ. गजेन्द्र ने दम्पति और बालक को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल प्राची को, जिसके एक हाथ सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें थीं, प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया। यह हादसा नागौर जिले की सीमा में होने के कारण जसनगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जसनगर पुलिस के एएसआई सुगनाराम ग्वाला मौके पर पहुंचे और बोरुंदा चिकित्सालय में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पुलिस मृतकों एवं घायल बच्ची की पहचान और हादसे के कारणों की जांच में जुटी है। बोरुंदा थानाधिकारी सुजाना राम विश्नोई ने बताया कि मृतकों में रेवाड़ी हरियाणा के मूसेपुर निवासी श्रीनिवास (35), उनकी पत्नी रिनू (32) और पुत्र जयंत यादव (7) शामिल हैं, जबकि उनकी बेटी प्राची (10) घायल हुई है। पहचान के लिए कुरुक्षेत्र, पंचकूला, करनाल, नारनौल, जींद, अलवर, शाहजहांपुर, भिवाड़ी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुड़गांव में कई जगह फोन करने के बाद परिजनों का पता चला, और जिला पुलिस कंट्रोल रूम रेवाड़ी हरियाणा के मार्फत उन्हें सूचित किया गया। सूचना मिलने पर मृतक के भाई, माता-पिता नारनौल और रेवाड़ी से बोरुंदा के लिए रवाना हो गए हैं। ग्रामीणों ने राज्य मार्ग 21 पर बीटन गांव में हुए इस हादसे का कारण ट्रक के लिए बनी 'ले बाई' को बताया और इसे हटाने की मांग की, क्योंकि उनका कहना है कि इस स्थान पर पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं। थानाधिकारी विश्नोई ने यह भी बताया कि घायल लड़की प्राची, जिसका जोधपुर में प्राथमिक उपचार हुआ है, अब सुरक्षित है और उसे वापस बोरुंदा लाया जा रहा है। पुलिस उसे उसके परिजनों के आने तक अपनी सुरक्षा में रखेगी।4
- जोधपुर की राजीव गांधी कॉलोनी के निवासी वर्षों से सीवरेज के गंदे पानी, टूटी और कच्ची सड़कों के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। कॉलोनी के बसने के बाद से आज तक न तो डामरीकरण हुआ है, न ही सीसी रोड का निर्माण कराया गया है और न ही ब्लॉक लगाए गए हैं, जिससे सड़कें खस्ताहाल हैं। गंदे पानी की समस्या के कारण न केवल आवागमन बाधित होता है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे भी उत्पन्न हो रहे हैं। निवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि क्षेत्र का शीघ्र निरीक्षण कर सीवरेज निकासी, सड़क निर्माण और अन्य आवश्यक विकास कार्य करवाकर जनता को तुरंत राहत प्रदान की जाए।1
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया है। गहलोत ने चिंता व्यक्त की कि जिन सीमावर्ती इलाकों में दशकों से शांति बनी हुई थी, वहाँ अब विशेष रूप से मस्जिदों और दरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने एक ऐसी दरगाह का उदाहरण भी दिया जहाँ पूरे गाँव में कोई मुस्लिम नहीं है और केवल हिंदू समुदाय ही उसकी इबादत करता है, फिर भी उसे ढहा दिया गया। इस घटना को लेकर उन्होंने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाए। गहलोत ने कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों को नसीहत दी है कि वे संविधान के दायरे में रहकर निष्पक्ष तरीके से काम करें। उन्होंने अपने तीखे बयानों में स्पष्ट रूप से कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए देश में दंगा कराना चाहती है।1
- बाड़मेर में एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जहाँ सेल्फी लेने के दौरान एक बेटा अचानक पानी की डिग्गी में गिर गया। अपने बेटे को डूबता देख, माँ उसे बचाने के लिए बिना कुछ सोचे-समझे खुद भी डिग्गी में कूद गई। इस हृदय विदारक घटना में माँ और बेटे दोनों की डूबने से मौत हो गई।1