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बेलगांव के ग्राम लोढ़ामा के ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे कलेक्टर के पास लांजी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलगांव के ग्राम लोढ़ामा के ग्रामीण शिकायत लेकर आये थे कि गांव में बिजली के तार नीचे झुकने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार शिकायत के बावजूद सहायक अभियंता लांजी द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि लाइन सुधारने के लिए पैसे जमा करने की बात कहकर उन्हें टाल दिया जाता है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल झुके तारों को ठीक कराने की मांग की है। इस प्रकरण में एमपीईबी के अधीक्षण अभियंता को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है।
Ramanuj Tidke
बेलगांव के ग्राम लोढ़ामा के ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे कलेक्टर के पास लांजी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलगांव के ग्राम लोढ़ामा के ग्रामीण शिकायत लेकर आये थे कि गांव में बिजली के तार नीचे झुकने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार शिकायत के बावजूद सहायक अभियंता लांजी द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि लाइन सुधारने के लिए पैसे जमा करने की बात कहकर उन्हें टाल दिया जाता है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल झुके तारों को ठीक कराने की मांग की है। इस प्रकरण में एमपीईबी के अधीक्षण अभियंता को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है।
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- खैरागढ़ में बी.एससी. केमिस्ट्री रिजल्ट पर बवाल, छात्रों का चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन! खैरागढ़ में बी.एससी. अंतिम वर्ष के रसायनशास्त्र (Chemistry) विषय के परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों का आक्रोश फूट पड़ा। परीक्षा परिणाम में संभावित गड़बड़ी और धांधली का आरोप लगाते हुए छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर दिया। छात्रों का कहना है कि रिजल्ट में हुई गड़बड़ी के कारण उनका शैक्षणिक भविष्य और आगे की पढ़ाई अधर में लटक गई है। विद्यार्थियों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच (Re-checking) की मांग की है। छात्रों की मुख्य मांगें: रसायनशास्त्र परीक्षा परिणाम की निष्पक्ष जांच। उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन। त्रुटि पाए जाने पर अंक सुधार। पूरक परीक्षा (Supplementary Exam) फॉर्म की तिथि बढ़ाना। देखें पूरी रिपोर्ट और जानें क्या है पूरा मामला।1
- केसीजी जिले में साइबर जागृति अभियान, 2 हजार 420 लोग हुए जागरूक, केसीजी जिले में साइबर जागृति अभियान, 2 हजार 420 लोग हुए जागरूक, 25 अगस्त मंगलवार को दोपहर दो बजे मिली जानकारी अनुसार खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में साइबर जागृति अभियान के द्वितीय सप्ताह के तहत आठ स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। बैंक, एटीएम, वित्तीय संस्थानों और स्कूलों में नागरिकों, विद्यार्थियों व शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल-मैसेज, ओटीपी, पिन, सीवीवी, क्यूआर कोड और संदिग्ध लिंक से बचाव की जानकारी दी गई। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।1
- देवलगांव में 9 शासकीय बबूल के पेड़ों की कटाई का मामला गरमाया लांजी। ग्राम पंचायत देवलगांव में कथित रूप से नियम विरुद्ध 09 शासकीय बबूल के पेड़ों की कटाई का मामला अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन क्रमांक 181 पर शिकायत करने वाले ग्राम बिसोनी निवासी पवन कश्यप ने जिला कलेक्टर बालाघाट को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने के साथ-साथ शिकायत के बाद कथित रूप से मिल रही धमकियों और दबाव की भी जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पवन कश्यप ने अपने आवेदन में बताया कि वे ग्राम पंचायत बिसोनी के उपसरपंच हैं तथा पिछले लगभग 10 वर्षों से क्षेत्र में पत्रकारिता का कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार ग्राम पंचायत देवलगांव में नियम विरुद्ध बबूल के 09 शासकीय पेड़ों की कटाई किए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने लगभग एक माह पूर्व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के संबंध में राजस्व विभाग द्वारा जांच किए जाने तथा पंचनामा तैयार किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है। शिकायत के बाद दबाव बनाने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से ग्राम पंचायत देवलगांव के सरपंच पति कमल किशोर ठाकरे द्वारा कथित तौर पर शिकायत वापस लेने अथवा शिकायत को आगे नहीं बढ़ाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है और धमकाया जा रहा है। पवन कश्यप के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में 17 अगस्त 2026 को कलेक्टर कार्यालय बालाघाट, जिला पंचायत बालाघाट, जनपद पंचायत लांजी, तहसील कार्यालय लांजी तथा एसडीएम कार्यालय लांजी में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सुरक्षा एवं उचित कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात उन्होंने कही है। 22 अगस्त को दो बार फोन आने का दावा आवेदन में पवन कश्यप ने बताया कि 22 अगस्त 2026 को कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें दो बार फोन किया गया। पूर्व में कथित रूप से मिल रही धमकियों और दबाव के कारण भयवश उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। पत्रकारिता पर सवाल उठाने से मानसिक एवं सामाजिक ठेस पवन कश्यप ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उनके संबंध में क्षेत्र में "फर्जी पत्रकारिता" करने की बातें कही जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे लगभग एक दशक से पत्रकारिता का कार्य कर रहे हैं और समय-समय पर क्षेत्र से जुड़े शासकीय एवं अशासकीय जनहित के मुद्दों को समाचारों के माध्यम से उठाते रहे हैं। ऐसे में उनकी पत्रकारिता की निष्पक्षता एवं प्रतिष्ठा पर सवाल उठाए जाने से उन्हें सामाजिक एवं मानसिक रूप से ठेस पहुंचने की बात उन्होंने कही है। 05 अगस्त की घटना का भी आवेदन में उल्लेख शिकायतकर्ता ने 05 अगस्त 2026 की कथित घटना का भी आवेदन में उल्लेख किया है। उनके अनुसार कमल किशोर ठाकरे द्वारा उन्हें ग्राम पंचायत देवलगांव बुलाया गया था, जहां ग्रामीणों के समक्ष कथित रूप से उनका अपमान किया गया तथा उनसे माफी मंगवाई गई। पवन कश्यप का आरोप है कि लगातार सार्वजनिक रूप से उन्हें अपमानित करने और दबाव में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेत के बिल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग आवेदन में पवन कश्यप ने ग्राम पंचायत भवन निर्माण के दौरान रेत उपलब्ध कराने के मामले का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि उपसरपंच एवं पत्रकारिता के कार्य के अलावा उनका पुश्तैनी व्यवसाय ईंट-भट्टे से संबंधित है और उनके पास ट्रैक्टर भी है। आवश्यकता पड़ने पर वे विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के लिए सामग्री उपलब्ध कराते हैं। उनके अनुसार ग्राम पंचायत देवलगांव के पंचायत भवन निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने दो ट्रिप रेत उपलब्ध कराई थी, जिसका भुगतान अभी लंबित है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव श्री लिल्हारे द्वारा उक्त दो ट्रिप रेत का बिल उनके घर से ले जाया गया था। इस घटना से संबंधित घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध होने तथा आवश्यकता पड़ने पर जांच के दौरान उसे प्रस्तुत किए जाने की बात भी उन्होंने कही है। पवन कश्यप ने आशंका जताई है कि उक्त रेत के बिल को लेकर भी उनके विरुद्ध गलत आरोप लगाए जा सकते हैं। इसलिए उन्होंने इस मामले की भी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। शिकायत सही होने पर दोषियों पर कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायत देवलगांव में कथित रूप से काटे गए 09 शासकीय बबूल के पेड़ों के मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानून एवं नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए। वहीं पवन कश्यप ने यह भी कहा है कि यदि उनके द्वारा की गई शिकायत जांच में असत्य पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल मामले की निष्पक्ष जांच और वास्तविक स्थिति सामने लाना है। धमकी की शिकायत की जांच और सुरक्षा की मांग आवेदन में शिकायतकर्ता ने शिकायत वापस लेने के लिए कथित रूप से बनाए जा रहे दबाव एवं धमकी की जांच करने, 05 अगस्त तथा 22 अगस्त 2026 की घटनाओं की जांच कराने और पूर्व में 17 अगस्त को दिए गए आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने स्वयं एवं अपने परिवार को किसी भी संभावित अप्रिय घटना से सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने प्रशासन से यह भी कहा है कि यदि भविष्य में उनके साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो पूर्व में उनके द्वारा दी गई शिकायतों, धमकी एवं दबाव से संबंधित घटनाओं को भी जांच के दौरान संज्ञान में लिया जाए। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद पवन कश्यप ने कलेक्टर से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन द्वारा 09 शासकीय पेड़ों की कथित कटाई, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए दबाव एवं धमकी के आरोप तथा रेत के लंबित भुगतान से जुड़े मामले में क्या कार्रवाई की जाती है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक अथवा कानूनी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।4
- एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल कार्य भार मुक्त, परसवाड़ा एसडीएम श्रीश प्यासी ने सम्हाला एसडीएम का अतिरिक्त कार्यभार वारासिवनी। मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा 21 अगस्त 2026 को वारासिवनी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्तिकेय जायसवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा 2022 का स्थानांतरण जिला पंचायत श्योपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर किया गया था। जिस पर कलेक्टर बालाघाट के आदेश पर अपर कलेक्टर जी एस धुर्वे द्वारा 24 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी कर परसवाड़ा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीश प्यासी को अपने कार्य के साथ-साथ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वारासिवनी का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेश पर्यन्त सौंपा गया है। वहीं एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल को शासन के आदेशानुसार जिला पंचायत श्योपुर के लिए पद से भारमुक्त कर दिया गया है। अपर कलेक्टर बालाघाट द्वारा आदेश जारी करते ही 24 अगस्त की दोपहर में एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने अपने पद से भारमुक्त होकर परसवाड़ा एसडीएम श्रीश प्यासी को वारासिवनी एसडीएम का अतिरिक्त प्रभार सांैप दिया है। श्रीश प्यासी ने 24 अगस्त को ही अतिरिक्त प्रभार संभाल कर कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। अब वारासिवनी की प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी श्रीश प्यासी के पास रहेगी। उनके सामने आम जनता से जुड़े मामलों और क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। देखना होगा कि नई प्रशासनिक व्यवस्था में वारासिवनी के कामकाज को लेकर क्या बदलाव देखने को मिलते हैं?1
- भाजपा ने कटंगी विधानसभा के लिए सोशल मीडिया टीम की घोषणा की, शैलेष ठाकरे बने संयोजक1
- शासकीय हाई स्कूल पेन्ड्रावन में शिक्षकों की कमी: नाराज छात्रों ने दूसरी बार किया खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग जाम, लगा लंबा जाम BREAKING NEWS / धमधा लोकेशन -धमधा रिपोर्टर -हेमंत उमरे शासकीय हाई स्कूल पेन्ड्रावन में शिक्षकों की कमी: नाराज छात्रों ने दूसरी बार किया खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग जाम, लगा लंबा जाम *धमधा, दुर्ग।* इस वक्त की बड़ी खबर दुर्ग जिले के विकासखंड धमधा से निकलकर सामने आ रही है। विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल पेन्ड्रावन के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की कमी को लेकर आज फिर खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है। बच्चों का कहना है कि यह सड़क जाम उन्होंने दूसरी बार किया है। हाई स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई के लिए मात्र 4 ही शिक्षक हैं। जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह से ठप पड़ी है। छात्रों ने बताया कि एक सप्ताह पहले भी उन्होंने इसी मांग को लेकर मुख्य मार्ग जाम किया था। उस समय शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जल्द शिक्षकों की व्यवस्था करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था। लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्कूल में एक भी नए शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई। आश्वासन पूरा न होने से नाराज होकर आज छात्रों ने फिर से सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया है। छात्रों का साफ कहना है कि जब तक स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होगी, वे सड़क से नहीं हटेंगे। सड़क जाम की सूचना पर मौके पर भारी पुलिस बल और शिक्षा विभाग के अधिकारी पहुंच गए हैं। छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। इधर मुख्य मार्ग जाम होने से दोनों तरफ भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई है और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।3
- छत्तीसगढ़ (दुर्ग-भिलाई और बलौदाबाजार) में HTC (Heavy Transport Company) के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू के ठिकानों पर स्टेट GST की रेड 24 अगस्त 2026 (सोमवार) को हुई। मुख्य डिटेल्स (अपडेटेड, 25 अगस्त 2026 तक) कब और कहाँ: सोमवार दोपहर करीब 3-4 बजे स्टेट GST (दुर्ग यूनिट) की टीम भिलाई के हथखोज स्थित HTC ऑफिस, गोदाम और इंडस्ट्रियल एरिया में पहुँची। साथ ही बलौदाबाजार स्थित कंपनी के यार्ड में भी एक साथ दबिश दी गई। टीम का आकार: लगभग 10-12 से लेकर 24-25 अधिकारी/कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर लगे। कुछ रिपोर्ट्स में 10 घंटे तक जाँच चली, कुछ में करीब 6 घंटे; टीम देर रात तक मौजूद रही। कार्रवाई मंगलवार तक जारी रहने की भी खबर थी। क्या खंगाला गया: कारोबारी दस्तावेज, GST रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री, भुगतान, लेन-देन, वाहनों से जुड़े रजिस्टर, टैक्स रसीदें, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (कंप्यूटर आदि) और डिजिटल बैकअप। बलौदाबाजार यार्ड से पुराने रिकॉर्ड और अटैच वाहनों का विवरण भी लिया गया। कंपनी और इंद्रजीत सिंह के बारे में इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू HTC के डायरेक्टर हैं। कंपनी के पास 1500 से ज्यादा ट्रक (ट्रक, डंपर, ट्रेलर) बताए जाते हैं। कारोबार BSP (भिलाई स्टील प्लांट) से जुड़ा है — करीब 60-70 गाड़ियाँ वहाँ लोडिंग/परिवहन में लगी हैं। बलौदाबाजार क्षेत्र के सीमेंट प्लांट्स की ढुलाई में भी कंपनी की बड़ी हिस्सेदारी बताई जाती है। कारोबार खदानों और देश के अन्य हिस्सों तक फैला है। वे भिलाई के प्रमुख ट्रांसपोर्टर्स में गिने जाते हैं। अन्य पद: SBS हॉस्पिटल भिलाई के डायरेक्टर, भिलाई ट्रक-ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, यूथ सिख सेवा समिति, सर्व समाज कल्याण समिति और न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष। राजनीति में आने/विधानसभा चुनाव लड़ने की भी चर्चा रही है। जाँच के संभावित कारण और शुरुआती संकेत विभाग की ओर से आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कारण (शिकायत/गड़बड़ी) अभी घोषित नहीं किया गया। जाँच रिपोर्ट का इंतजार है। Patrika जैसी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि तलाशी में कथित बोगस बिलिंग, कच्चे/कैश लेन-देन से जुड़े दस्तावेज मिले। लंबे समय से टैक्स चोरी की शिकायतें मिलने की बात भी सामने आई — कारोबार बढ़ने के बावजूद नुकसान दिखाकर कम टैक्स जमा करने का आरोप। एक अन्य शिकायत: एक ही पंजीयन नंबर से कई ट्रकों का संचालन। वाहनों की संख्या, पंजीयन और वास्तविक कारोबार के बीच तालमेल की जाँच हो रही है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों से जानकारी लेने की तैयारी है। प्राथमिक जाँच में कुछ अनियमितताएँ बताई गईं, लेकिन टैक्स चोरी की सटीक राशि और देनदारी विस्तृत जाँच के बाद ही तय होगी। कई रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। नोट: यह घटना बहुत ताज़ा है (24-25 अगस्त 2026)। आधिकारिक GST बयान या फाइनल रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई। अपडेट्स के लिए दैनिक भास्कर, Patrika, ETV Bharat जैसे स्थानीय स्रोतों पर नज़र रखें। कोई गिरफ्तारी या फाइनल टैक्स डिमांड की खबर अभी नहीं है। SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥1
- टेकाड़ी (म.) में आजीविका समूह का विवाद पहुंचा थाने पहुंचा, पूर्व पदाधिकारियों पर झूठी शिकायत और फर्जी हस्ताक्षर कर सीसीएल राशि निकालने का आरोप1