भोजपुर जिले के पीरो अनुमंडल के पसौर गांव में एक गंभीर लापरवाही से किसी भी वक्त भयावह हादसा हो सकता है, जहाँ एक बहती नहर के बीचों-बीच बिजली का खंभा गिरा हुआ है। गुरुवार की दोपहर लगभग 3:00 बजे इस स्थिति को देखा गया, जो सीधे-सीधे जानलेवा खतरा बन चुका है। गांव निवासी प्रशांत सिंह उर्फ मिंटू ने बताया कि कभी भी करंट फैल सकता है, जिससे एक बड़ी दुर्घटना घट सकती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर समस्या के बारे में नहर विभाग और बिजली विभाग—दोनों को सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस विभागीय लापरवाही के कारण गांव वालों में दहशत का माहौल है और लोग नहर के पास जाने से भी कतरा रहे हैं। इस पर गहरा सवाल उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। यदि समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, तो इसकी भारी कीमत किसी की जान गंवाकर चुकानी पड़ सकती है। यह देखना बाकी है कि जिम्मेदार विभाग इस खुले आमंत्रण को स्वीकार करते हैं या पसौर गांव में कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही उनकी नींद खुलेगी।
भोजपुर जिले के पीरो अनुमंडल के पसौर गांव में एक गंभीर लापरवाही से किसी भी वक्त भयावह हादसा हो सकता है, जहाँ एक बहती नहर के बीचों-बीच बिजली का खंभा गिरा हुआ है। गुरुवार की दोपहर लगभग 3:00 बजे इस स्थिति को देखा गया, जो सीधे-सीधे जानलेवा खतरा बन चुका है। गांव निवासी प्रशांत सिंह उर्फ मिंटू ने बताया कि कभी भी करंट फैल सकता है, जिससे एक बड़ी दुर्घटना घट सकती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर समस्या के बारे में नहर विभाग और बिजली विभाग—दोनों को सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस विभागीय लापरवाही के कारण गांव वालों में दहशत का माहौल है और लोग नहर के पास जाने से भी कतरा रहे हैं। इस पर गहरा सवाल उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। यदि समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, तो इसकी भारी कीमत किसी की जान गंवाकर चुकानी पड़ सकती है। यह देखना बाकी है कि जिम्मेदार विभाग इस खुले आमंत्रण को स्वीकार करते हैं या पसौर गांव में कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही उनकी नींद खुलेगी।
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- PK ने सम्राट चौधरी को लेकर एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी बिहार में ज्यादा दिन तक टिकने वाले नहीं हैं। इस बयान के साथ ही PK ने यह सवाल भी उठाया कि क्या नीतीश कुमार से कोई बड़ी गलती हुई है।1
- आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म 4 पर सफाई कर्मचारी को बुलाने या गंदगी की शिकायत दर्ज कराने के लिए, भारतीय रेलवे के आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके सीधे मदद मांगी जा सकती है। इस संदर्भ में सुपरवाइजर नितीश कुमार का भी उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त, आधुनिक टेक्नोलॉजी के तहत एंटरप्राइज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और विशेष मॉडल विकास में विशेषज्ञता का भी जिक्र है।1
- भारत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जाँच शुरू हो गई है। रिटायर्ड जज विनोद कुमार जाँच के लिए बिलौटी पहुँचे हैं, जहाँ उन्होंने परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान भारत तिवारी की माँ ने साफ़ तौर पर कहा कि उन्हें फाँसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।1
- आरा में 26 जून, 2026 को भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बहुजन समाज द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक एवं महापंचायत का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 5 जुलाई को प्रस्तावित महापंचायत की तैयारियों पर चर्चा करना था। इस दौरान, बहुजन समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर की जा रही अपमानजनक एवं अभद्र टिप्पणियां किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में विरोध और समर्थन अपनी जगह है, लेकिन किसी भी व्यक्ति के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना उचित नहीं है, और बहुजन समाज इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। बैठक संपन्न होने के बाद, बहुजन समाज के प्रतिनिधि मनोज कुमार ने पत्रकार झमन से खास बातचीत में कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग लगातार जारी रहेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी दोहराया कि समाज किसी भी प्रकार की अभद्र भाषा या व्यक्तिगत टिप्पणी का पुरजोर विरोध करता है।1
- छतरपुर क्षेत्र में वर्तमान में एक नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है।1
- शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर सासाराम में बड़ी चौकी का पारंपरिक ताजिया जुलूस पूरे धार्मिक आस्था, परंपरा और भाईचारे के माहौल में निकाला गया। इस ऐतिहासिक जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया, जिसमें शहर के विभिन्न अखाड़ों और ताजिया कमेटियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जुलूस मोहर्रम की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक प्रमुख आकर्षण रहा, जहाँ पूरे मार्ग पर 'या हुसैन-या हुसैन' की सदाएँ गूँजती रहीं और लोगों ने अत्यंत अनुशासित ढंग से इसमें हिस्सा लिया। इस दौरान युवाओं ने विभिन्न स्थानों पर लाठी और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया, वहीं जुलूस में शामिल लोगों का जगह-जगह ठंडा पेय पदार्थ पिलाकर स्वागत किया गया। इस शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन और मोहर्रम कमेटी ने व्यापक तैयारियाँ की थीं। जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यातायात नियंत्रण और निगरानी के लिए लगातार मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत चौक-चौराहों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी, साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार निगरानी रखी जा रही थी और पुलिस गश्ती भी जारी थी। दुर्घटना की आशंका को टालने के लिए जुलूस मार्ग वाले मोहल्ले की विद्युत आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद रखा गया, जिससे कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरकजी मोहर्रम कमेटी के जेनरल सेक्रेटरी अखलाक अहमद रिजवी ने बताया कि मोहर्रम पर्व इंसाफ और मानवता के संदेश को याद करने का अवसर है। उन्होंने सासाराम की बड़की चौकी के इस ऐतिहासिक जुलूस को वर्षों से आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बताया। रिजवी ने इस बात पर जोर दिया कि जुलूस को समय पर समाप्त करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को दिक्कत होती है, और सबकी जिम्मेदारी है कि कम से कम परेशानी हो। डीएसपी विप्लव कुमार ने भी बड़ी चौकी के जुलूस के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि की। आगामी कार्यक्रम के तहत, कल ताजिया पहलाम का कार्यक्रम निर्धारित है।4
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