शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर सासाराम में बड़ी चौकी का पारंपरिक ताजिया जुलूस पूरे धार्मिक आस्था, परंपरा और भाईचारे के माहौल में निकाला गया। इस ऐतिहासिक जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया, जिसमें शहर के विभिन्न अखाड़ों और ताजिया कमेटियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जुलूस मोहर्रम की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक प्रमुख आकर्षण रहा, जहाँ पूरे मार्ग पर 'या हुसैन-या हुसैन' की सदाएँ गूँजती रहीं और लोगों ने अत्यंत अनुशासित ढंग से इसमें हिस्सा लिया। इस दौरान युवाओं ने विभिन्न स्थानों पर लाठी और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया, वहीं जुलूस में शामिल लोगों का जगह-जगह ठंडा पेय पदार्थ पिलाकर स्वागत किया गया। इस शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन और मोहर्रम कमेटी ने व्यापक तैयारियाँ की थीं। जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यातायात नियंत्रण और निगरानी के लिए लगातार मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत चौक-चौराहों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी, साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार निगरानी रखी जा रही थी और पुलिस गश्ती भी जारी थी। दुर्घटना की आशंका को टालने के लिए जुलूस मार्ग वाले मोहल्ले की विद्युत आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद रखा गया, जिससे कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरकजी मोहर्रम कमेटी के जेनरल सेक्रेटरी अखलाक अहमद रिजवी ने बताया कि मोहर्रम पर्व इंसाफ और मानवता के संदेश को याद करने का अवसर है। उन्होंने सासाराम की बड़की चौकी के इस ऐतिहासिक जुलूस को वर्षों से आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बताया। रिजवी ने इस बात पर जोर दिया कि जुलूस को समय पर समाप्त करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को दिक्कत होती है, और सबकी जिम्मेदारी है कि कम से कम परेशानी हो। डीएसपी विप्लव कुमार ने भी बड़ी चौकी के जुलूस के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि की। आगामी कार्यक्रम के तहत, कल ताजिया पहलाम का कार्यक्रम निर्धारित है।
शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर सासाराम में बड़ी चौकी का पारंपरिक ताजिया जुलूस पूरे धार्मिक आस्था, परंपरा और भाईचारे के माहौल में निकाला गया। इस ऐतिहासिक जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया, जिसमें शहर के विभिन्न अखाड़ों और ताजिया कमेटियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जुलूस मोहर्रम की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक प्रमुख आकर्षण रहा, जहाँ पूरे मार्ग पर 'या हुसैन-या हुसैन' की सदाएँ गूँजती रहीं और लोगों ने अत्यंत अनुशासित ढंग से इसमें
हिस्सा लिया। इस दौरान युवाओं ने विभिन्न स्थानों पर लाठी और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया, वहीं जुलूस में शामिल लोगों का जगह-जगह ठंडा पेय पदार्थ पिलाकर स्वागत किया गया। इस शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन और मोहर्रम कमेटी ने व्यापक तैयारियाँ की थीं। जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यातायात नियंत्रण और निगरानी के लिए लगातार मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत चौक-चौराहों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों
की तैनाती की गई थी, साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार निगरानी रखी जा रही थी और पुलिस गश्ती भी जारी थी। दुर्घटना की आशंका को टालने के लिए जुलूस मार्ग वाले मोहल्ले की विद्युत आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद रखा गया, जिससे कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरकजी मोहर्रम कमेटी के जेनरल सेक्रेटरी अखलाक अहमद रिजवी ने बताया कि मोहर्रम पर्व इंसाफ और मानवता के संदेश को याद करने का अवसर है। उन्होंने सासाराम की बड़की
चौकी के इस ऐतिहासिक जुलूस को वर्षों से आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बताया। रिजवी ने इस बात पर जोर दिया कि जुलूस को समय पर समाप्त करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को दिक्कत होती है, और सबकी जिम्मेदारी है कि कम से कम परेशानी हो। डीएसपी विप्लव कुमार ने भी बड़ी चौकी के जुलूस के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि की। आगामी कार्यक्रम के तहत, कल ताजिया पहलाम का कार्यक्रम निर्धारित है।
- शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर सासाराम में बड़ी चौकी का पारंपरिक ताजिया जुलूस पूरे धार्मिक आस्था, परंपरा और भाईचारे के माहौल में निकाला गया। इस ऐतिहासिक जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया, जिसमें शहर के विभिन्न अखाड़ों और ताजिया कमेटियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जुलूस मोहर्रम की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक प्रमुख आकर्षण रहा, जहाँ पूरे मार्ग पर 'या हुसैन-या हुसैन' की सदाएँ गूँजती रहीं और लोगों ने अत्यंत अनुशासित ढंग से इसमें हिस्सा लिया। इस दौरान युवाओं ने विभिन्न स्थानों पर लाठी और अन्य पारंपरिक युद्धक कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया, वहीं जुलूस में शामिल लोगों का जगह-जगह ठंडा पेय पदार्थ पिलाकर स्वागत किया गया। इस शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन और मोहर्रम कमेटी ने व्यापक तैयारियाँ की थीं। जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी यातायात नियंत्रण और निगरानी के लिए लगातार मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत चौक-चौराहों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी, साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार निगरानी रखी जा रही थी और पुलिस गश्ती भी जारी थी। दुर्घटना की आशंका को टालने के लिए जुलूस मार्ग वाले मोहल्ले की विद्युत आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद रखा गया, जिससे कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरकजी मोहर्रम कमेटी के जेनरल सेक्रेटरी अखलाक अहमद रिजवी ने बताया कि मोहर्रम पर्व इंसाफ और मानवता के संदेश को याद करने का अवसर है। उन्होंने सासाराम की बड़की चौकी के इस ऐतिहासिक जुलूस को वर्षों से आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बताया। रिजवी ने इस बात पर जोर दिया कि जुलूस को समय पर समाप्त करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को दिक्कत होती है, और सबकी जिम्मेदारी है कि कम से कम परेशानी हो। डीएसपी विप्लव कुमार ने भी बड़ी चौकी के जुलूस के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि की। आगामी कार्यक्रम के तहत, कल ताजिया पहलाम का कार्यक्रम निर्धारित है।4
- बिक्रमगंज चौक के पास एक नहर पूरी तरह से कचरे से जाम हो गई है। यह नहर बिक्रमगंज क्षेत्र के सभी कचरे को अपने अंदर समेट लेती है, जिसके कारण यह जलमार्ग अवरुद्ध हो गया है। इस स्थिति के लिए सिंचाई विभाग की घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।1
- बिहार शिक्षक तबादला 2026 से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है। इस जानकारी के अनुसार, अब शिक्षकों को अपने घर के पास पोस्टिंग मिलने की संभावना है। इस विषय पर पूरी और विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए पाठकों से 'पूरा सच' जानने का आग्रह किया गया है।1
- बटियागढ़ में शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, जिससे साफ ज़ाहिर होता है कि उन्हें पुलिस का कोई भय नहीं है।1
- रोहतास जिले के अकोढ़ी गोला और डेहरी में सामने आई जानकारी के अनुसार, एक ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जिसमें हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ-साथ पुलिस बल की संलिप्तता भी है।1
- यह खबर बीएसएनएल फाइबर कनेक्शन से संबंधित है, जिसमें घर बैठे बीएसएनएल FTTH (फाइबर टू द होम) कनेक्शन लगवाने की पूरी प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि उपभोक्ता ऑनलाइन या ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से अपना कनेक्शन कैसे प्राप्त कर सकते हैं। यह विस्तृत प्रक्रिया 2026 तक के लिए प्रासंगिक है।1
- भोजपुर जिले के पीरो अनुमंडल के पसौर गांव में एक गंभीर लापरवाही से किसी भी वक्त भयावह हादसा हो सकता है, जहाँ एक बहती नहर के बीचों-बीच बिजली का खंभा गिरा हुआ है। गुरुवार की दोपहर लगभग 3:00 बजे इस स्थिति को देखा गया, जो सीधे-सीधे जानलेवा खतरा बन चुका है। गांव निवासी प्रशांत सिंह उर्फ मिंटू ने बताया कि कभी भी करंट फैल सकता है, जिससे एक बड़ी दुर्घटना घट सकती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर समस्या के बारे में नहर विभाग और बिजली विभाग—दोनों को सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस विभागीय लापरवाही के कारण गांव वालों में दहशत का माहौल है और लोग नहर के पास जाने से भी कतरा रहे हैं। इस पर गहरा सवाल उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। यदि समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, तो इसकी भारी कीमत किसी की जान गंवाकर चुकानी पड़ सकती है। यह देखना बाकी है कि जिम्मेदार विभाग इस खुले आमंत्रण को स्वीकार करते हैं या पसौर गांव में कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही उनकी नींद खुलेगी।1