“JAMUI SBI RSETI के किसानों को हमारे आश्रम BRC केंद्र पर गाजर घास के पौधा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गाजर घास (Parthenium hysterophorus) एक आक्रामक खरपतवार है। इसमें कुछ औषधीय गुण पाए जाते हैं, लेकिन यह पौधा जहरीला और एलर्जी पैदा करने वाला भी है, इसलिए उपयोग बहुत सावधानी से और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए। 🌿 औषधीय गुण (Medicinal Properties) सूजन-रोधी (Anti-inflammatory) – सूजन कम करने में सहायक एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) – कुछ जीवाणुओं के खिलाफ प्रभाव एंटीफंगल (Antifungal) – फंगस से लड़ने की क्षमता एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) – शरीर को फ्री-रैडिकल से बचाने में मदद ज्वरनाशक (Antipyretic) – बुखार कम करने में पारंपरिक उपयोग ✅ संभावित फायदे (परंपरागत उपयोग) छोटे घाव और सूजन में पत्तियों का लेप त्वचा रोग (दाद-खाज) में सीमित उपयोग बुखार में घरेलू उपचार के रूप में कुछ जगहों पर कीटनाशक/जैविक घोल बनाने में उपयोग ⚗️ गाजर घास में पाए जाने वाले प्रमुख रासायनिक तत्व गाजर घास में मुख्य रूप से सेस्क्वीटर्पीन लैक्टोन (Sesquiterpene lactones) पाए जाते हैं, जो इसके प्रभाव और विषाक्तता दोनों के लिए जिम्मेदार हैं। प्रमुख तत्व: Parthenin (पार्थेनिन) – सबसे प्रमुख विषैला तत्व Hysterin Ambrosin Quercelagetin (फ्लेवोनॉयड) Phenolic compounds (फिनोलिक यौगिक) 📊 पोषक/रासायनिक संरचना (लगभग) (ध्यान दें: यह औसत वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित अनुमानित मान हैं) नमी (Moisture) – 70–80% कार्बोहाइड्रेट – 10–15% प्रोटीन – 2–5% फाइबर – 5–10% खनिज (Minerals) – 2–4% सूक्ष्म तत्व (Trace elements) नाइट्रोजन (N) – 1–2% फॉस्फोरस (P) – 0.2–0.5% पोटाश (K) – 1–1.5% कैल्शियम (Ca) – 0.5–1% आयरन (Fe) – थोड़ी मात्रा में ⚠️ महत्वपूर्ण सावधानी गाजर घास का सीधा सेवन खतरनाक हो सकता है इससे त्वचा एलर्जी, खुजली, अस्थमा हो सकता है पशुओं के लिए भी यह जहरीला है 🌱 निष्कर्ष गाजर घास में कुछ औषधीय गुण और रासायनिक तत्व जरूर हैं, लेकिन इसका विषैला प्रभाव अधिक है। इसलिए इसे दवा के रूप में उपयोग करने के बजाय जैविक खाद या कीटनाशक बनाने में उपयोग करना ज्यादा सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है। अगर आप चाहें तो मैं �गाजर घास से जैविक कीटनाशक/खाद बनाने की पूरी विधि भी आसान तरीके से बता सकता हूँ।
“JAMUI SBI RSETI के किसानों को हमारे आश्रम BRC केंद्र पर गाजर घास के पौधा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गाजर घास (Parthenium hysterophorus) एक आक्रामक खरपतवार है। इसमें कुछ औषधीय गुण पाए जाते हैं, लेकिन यह पौधा जहरीला और एलर्जी पैदा करने वाला भी है, इसलिए उपयोग बहुत सावधानी से और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए। 🌿 औषधीय गुण (Medicinal Properties) सूजन-रोधी (Anti-inflammatory) – सूजन कम करने में सहायक एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) – कुछ जीवाणुओं के खिलाफ प्रभाव एंटीफंगल (Antifungal) – फंगस से लड़ने की क्षमता एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) – शरीर को फ्री-रैडिकल से बचाने में मदद ज्वरनाशक (Antipyretic) – बुखार कम करने में पारंपरिक उपयोग ✅ संभावित फायदे (परंपरागत उपयोग) छोटे घाव और सूजन में पत्तियों का लेप त्वचा रोग (दाद-खाज) में सीमित उपयोग बुखार में घरेलू उपचार के रूप में कुछ जगहों पर कीटनाशक/जैविक घोल बनाने में उपयोग ⚗️ गाजर घास में पाए जाने वाले प्रमुख रासायनिक तत्व गाजर घास में मुख्य रूप से सेस्क्वीटर्पीन लैक्टोन (Sesquiterpene lactones) पाए जाते हैं, जो इसके प्रभाव और विषाक्तता दोनों के लिए जिम्मेदार हैं। प्रमुख तत्व: Parthenin (पार्थेनिन) – सबसे प्रमुख विषैला तत्व Hysterin Ambrosin Quercelagetin (फ्लेवोनॉयड) Phenolic compounds (फिनोलिक यौगिक) 📊 पोषक/रासायनिक संरचना (लगभग) (ध्यान दें: यह औसत वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित अनुमानित मान हैं) नमी (Moisture) – 70–80% कार्बोहाइड्रेट – 10–15% प्रोटीन – 2–5% फाइबर – 5–10% खनिज (Minerals) – 2–4% सूक्ष्म तत्व (Trace elements) नाइट्रोजन (N) – 1–2% फॉस्फोरस (P) – 0.2–0.5% पोटाश (K) – 1–1.5% कैल्शियम (Ca) – 0.5–1% आयरन (Fe) – थोड़ी मात्रा में ⚠️ महत्वपूर्ण सावधानी गाजर घास का सीधा सेवन खतरनाक हो सकता है इससे त्वचा एलर्जी, खुजली, अस्थमा हो सकता है पशुओं के लिए भी यह जहरीला है 🌱 निष्कर्ष गाजर घास में कुछ औषधीय गुण और रासायनिक तत्व जरूर हैं, लेकिन इसका विषैला प्रभाव अधिक है। इसलिए इसे दवा के रूप में उपयोग करने के बजाय जैविक खाद या कीटनाशक बनाने में उपयोग करना ज्यादा सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है। अगर आप चाहें तो मैं �गाजर घास से जैविक कीटनाशक/खाद बनाने की पूरी विधि भी आसान तरीके से बता सकता हूँ।
- गाजर घास (Parthenium hysterophorus) एक आक्रामक खरपतवार है। इसमें कुछ औषधीय गुण पाए जाते हैं, लेकिन यह पौधा जहरीला और एलर्जी पैदा करने वाला भी है, इसलिए उपयोग बहुत सावधानी से और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए। 🌿 औषधीय गुण (Medicinal Properties) सूजन-रोधी (Anti-inflammatory) – सूजन कम करने में सहायक एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) – कुछ जीवाणुओं के खिलाफ प्रभाव एंटीफंगल (Antifungal) – फंगस से लड़ने की क्षमता एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) – शरीर को फ्री-रैडिकल से बचाने में मदद ज्वरनाशक (Antipyretic) – बुखार कम करने में पारंपरिक उपयोग ✅ संभावित फायदे (परंपरागत उपयोग) छोटे घाव और सूजन में पत्तियों का लेप त्वचा रोग (दाद-खाज) में सीमित उपयोग बुखार में घरेलू उपचार के रूप में कुछ जगहों पर कीटनाशक/जैविक घोल बनाने में उपयोग ⚗️ गाजर घास में पाए जाने वाले प्रमुख रासायनिक तत्व गाजर घास में मुख्य रूप से सेस्क्वीटर्पीन लैक्टोन (Sesquiterpene lactones) पाए जाते हैं, जो इसके प्रभाव और विषाक्तता दोनों के लिए जिम्मेदार हैं। प्रमुख तत्व: Parthenin (पार्थेनिन) – सबसे प्रमुख विषैला तत्व Hysterin Ambrosin Quercelagetin (फ्लेवोनॉयड) Phenolic compounds (फिनोलिक यौगिक) 📊 पोषक/रासायनिक संरचना (लगभग) (ध्यान दें: यह औसत वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित अनुमानित मान हैं) नमी (Moisture) – 70–80% कार्बोहाइड्रेट – 10–15% प्रोटीन – 2–5% फाइबर – 5–10% खनिज (Minerals) – 2–4% सूक्ष्म तत्व (Trace elements) नाइट्रोजन (N) – 1–2% फॉस्फोरस (P) – 0.2–0.5% पोटाश (K) – 1–1.5% कैल्शियम (Ca) – 0.5–1% आयरन (Fe) – थोड़ी मात्रा में ⚠️ महत्वपूर्ण सावधानी गाजर घास का सीधा सेवन खतरनाक हो सकता है इससे त्वचा एलर्जी, खुजली, अस्थमा हो सकता है पशुओं के लिए भी यह जहरीला है 🌱 निष्कर्ष गाजर घास में कुछ औषधीय गुण और रासायनिक तत्व जरूर हैं, लेकिन इसका विषैला प्रभाव अधिक है। इसलिए इसे दवा के रूप में उपयोग करने के बजाय जैविक खाद या कीटनाशक बनाने में उपयोग करना ज्यादा सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है। अगर आप चाहें तो मैं �गाजर घास से जैविक कीटनाशक/खाद बनाने की पूरी विधि भी आसान तरीके से बता सकता हूँ।1
- Post by Jamui star news /जमुई स्टार न्यूज़1
- Post by Sushil Kumar1
- Post by Nandan Kumar Paswan1
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- धरहरा प्रखंड के हेमजापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवकुंड कुर्मी टोला में शुक्रवार शनिवार की देर रात्रि चोरों ने सुनियोजित तरीके से एक घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना शुक्रवार शनिवार रात्रि करीब 3 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार,अज्ञात चोरों ने शिवकुण्ड गांव निवासी कंतलाल राय के पुत्र राजाराम राय के घर में घुसकर सोने की चेन,कान के झुमके सहित करीब 80 हजार रुपये नगद चोरी कर ली। वारदात के समय घर के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने पूरी घटना को अंजाम दिया। चोरों ने बड़ी चालाकी दिखाते हुए रंजू देवी और उनकी बेटी सपना कुमारी के कमरे को बाहर से बंद कर दिया,ताकि कोई बाहर निकलकर शोर न मचा सके। शनिवार की सुबह करीब 5 बजे जब रंजू देवी की नींद खुली,तो उन्होंने पाया कि उनका कमरा बाहर से बंद है। शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे और दरवाजा खोला। पीड़िता ने बताया कि चोरों ने उनकी सास के कमरे को निशाना बनाया। दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर घुसे और अलमारी व बक्सों की तलाशी ली। इसके बाद सोने के जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गए। जिस कमरे में चोरी हुई, उस समय उनकी सास एक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने बाहर गई थीं, जबकि उनके पति और बेटा इलाज के लिए बेगूसराय गए हुए थे। परिजनों का कहना है कि घर के कई सदस्यों की अनुपस्थिति की जानकारी चोरों को पहले से थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि पहले रेकी कर वारदात को अंजाम दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 के जरिए हेमजापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद ली। तलाशी के दौरान एक सूटकेस शिवकुंड बांध के किनारे से बरामद किया गया। एफएसएल टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट के नमूने भी जुटाए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। पीड़ित राजाराम राय ने अज्ञात चोरों के खिलाफ थाने में लिखित आवेदन दिया है। इस संबंध में थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि मामले की गहन छानबीन की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।1
- लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत मनुचक गांव के समीप NH-80 किनारे सोमवार अहले सुबह करीब 3 बजे तेज रफ्तार का खौफनाक मंजर देखने को मिला। लखीसराय से मुंगेर की ओर जा रही एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो अचानक सड़क किनारे बनी पान की गुमटी में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं पान की गुमटी भी टक्कर से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई। गनीमत रही कि घटना के समय गुमटी बंद थी और आसपास कोई मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय यहां अक्सर लोगों की भीड़ रहती है—अगर हादसा उस वक्त होता, तो बड़ी त्रासदी से इनकार नहीं किया जा सकता था। हादसे में स्कॉर्पियो चालक को हल्की चोटें आई हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।1
- “JAMUI SBI RSETI के किसानों को हमारे आश्रम BRC केंद्र पर बेल जैव रसायन बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।1