अमृत योजना की टंकी निर्माण पर सवाल, गुणवत्ता मानकों की अनदेखी के आरोप *बाल्टी से मटेरियल ढुलाई, स्लंप लॉस व सेग्रीगेशन की आशंका—निर्माण कार्य विवादों में* *तकनीकी निगरानी के अभाव में टंकी निर्माण, संरचना की मजबूती पर उठे प्रश्न* जुन्नारदेव। नगर के वार्ड क्रमांक 10 में अमृत योजना के अंतर्गत पाटीदार कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्मित की जा रही ओवरहेड पानी की टंकी का निर्माण कार्य इन दिनों गंभीर तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी सवालों के घेरे में आ गया है। लगभग 7.5 लाख लीटर जल भंडारण क्षमता एवं निर्धारित ऊँचाई के साथ निर्मित हो रही इस संरचना में निर्माण प्रक्रिया के दौरान स्थापित मानकों के पालन को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, टंकी के कॉलम लगभग 35 फीट तक खड़े किए जा चुके हैं, किन्तु निर्माण सामग्री (कंक्रीट) को ऊँचाई तक पहुँचाने के लिए आधुनिक उपकरणों जैसे लिफ्टर या ट्रांजिट मिक्सर के स्थान पर पारंपरिक बाल्टी पद्धति का उपयोग किया जा रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की प्रक्रिया से कंक्रीट में “स्लंप लॉस” व “सेग्रीगेशन” की स्थिति उत्पन्न होने की प्रबल संभावना रहती है। स्लंप लॉस के कारण कंक्रीट की कार्यक्षमता में कमी आती है, जिससे उसे समुचित रूप से फैलाना एवं कॉम्पैक्ट करना कठिन हो जाता है। वहीं, सेग्रीगेशन के चलते कंक्रीट के अवयवों गिट्टी,बजरी, सीमेंट एवं पानी का पृथक्करण हो जाता है, जिससे संरचना की एकरूपता प्रभावित होती है और उसकी भार वहन क्षमता (Load Bearing Capacity) कमजोर पड़ सकती है। इसके परिणामस्वरूप स्थिति उत्पन्न होकर संरचना में छिद्रयुक्त एवं जालीदार दोष दिखाई दे सकते हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी अवलोकन किया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान नियमित तकनीकी निगरानी का अभाव है। कंसल्टेंसी से संबंधित इंजीनियर आकाश दुबे की मौके पर अनुपस्थिति को लेकर भी प्रश्न उठाए जा रहे हैं, विशेषकर उस समय जब ढलाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य संपादित किए जा रहे हैं। रविवार के दिन भी निर्माण कार्य जारी रहने एवं निगरानी के अभाव ने संदेह को और गहरा किया है। उल्लेखनीय है कि इसी स्थान पर कई वर्ष पूर्व में निर्मित एक ओवरहेड टंकी गुणवत्ता संबंधी कारणों से धराशायी हो चुकी है, जिससे वर्तमान निर्माण की गुणवत्ता को लेकर नागरिकों में चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है। इस संबंध में जब रेजिडेंट इंजीनियर रूपेश कुमार से दूरभाष पर चर्चा की गई, तो उन्होंने व्यक्तिगत कारणों व परिजन के विवाह समारोह का हवाला देते हुए किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह अपेक्षित है कि संबंधित विभाग द्वारा निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए तथा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की संरचनात्मक जोखिम की संभावना को रोका जा सके। इनका कहना है.. निर्माण स्थल पर सामग्री को ऊपर भेजना हेतु ढलाई के लिए लिफ्ट मशीन बुला ली गई है जिसे कुछ ही दिनों में चालू कर ली जाएगी. विपिन पाटीदार, साइट इंजीनियर
अमृत योजना की टंकी निर्माण पर सवाल, गुणवत्ता मानकों की अनदेखी के आरोप *बाल्टी से मटेरियल ढुलाई, स्लंप लॉस व सेग्रीगेशन की आशंका—निर्माण कार्य विवादों में* *तकनीकी निगरानी के अभाव में टंकी निर्माण, संरचना की मजबूती पर उठे प्रश्न* जुन्नारदेव। नगर के वार्ड क्रमांक 10 में अमृत योजना के अंतर्गत पाटीदार कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्मित की जा रही ओवरहेड पानी की टंकी का निर्माण कार्य इन दिनों गंभीर तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी सवालों के घेरे में आ गया है। लगभग 7.5 लाख लीटर जल भंडारण क्षमता एवं निर्धारित ऊँचाई के साथ निर्मित हो रही इस संरचना में निर्माण प्रक्रिया के दौरान स्थापित मानकों के पालन को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, टंकी के कॉलम लगभग 35 फीट तक खड़े किए जा चुके हैं, किन्तु निर्माण सामग्री (कंक्रीट) को ऊँचाई तक पहुँचाने के लिए आधुनिक उपकरणों जैसे लिफ्टर या ट्रांजिट मिक्सर के स्थान पर पारंपरिक बाल्टी पद्धति का उपयोग किया जा रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की प्रक्रिया से कंक्रीट में “स्लंप लॉस” व “सेग्रीगेशन” की स्थिति उत्पन्न होने की प्रबल संभावना रहती है। स्लंप लॉस के कारण कंक्रीट की कार्यक्षमता में कमी आती है, जिससे उसे समुचित रूप से फैलाना एवं कॉम्पैक्ट करना कठिन हो जाता है। वहीं, सेग्रीगेशन के चलते कंक्रीट के अवयवों गिट्टी,बजरी, सीमेंट एवं पानी का पृथक्करण हो जाता है, जिससे संरचना की एकरूपता प्रभावित होती है और उसकी भार वहन क्षमता (Load Bearing Capacity) कमजोर पड़ सकती है। इसके परिणामस्वरूप स्थिति उत्पन्न होकर संरचना में छिद्रयुक्त एवं जालीदार दोष दिखाई दे सकते हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी अवलोकन किया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान नियमित तकनीकी निगरानी का अभाव है। कंसल्टेंसी से संबंधित इंजीनियर आकाश दुबे की मौके पर अनुपस्थिति को लेकर भी प्रश्न उठाए जा रहे हैं, विशेषकर उस समय जब ढलाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य संपादित किए जा रहे हैं। रविवार के दिन भी निर्माण कार्य जारी रहने एवं निगरानी के अभाव ने संदेह को और गहरा किया है। उल्लेखनीय है कि इसी स्थान पर कई वर्ष पूर्व में निर्मित एक ओवरहेड टंकी गुणवत्ता संबंधी कारणों से धराशायी हो चुकी है, जिससे वर्तमान निर्माण की गुणवत्ता को लेकर नागरिकों में चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है। इस संबंध में जब रेजिडेंट इंजीनियर रूपेश कुमार से दूरभाष पर चर्चा की गई, तो उन्होंने व्यक्तिगत कारणों व परिजन के विवाह समारोह का हवाला देते हुए किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह अपेक्षित है कि संबंधित विभाग द्वारा निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए तथा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की संरचनात्मक जोखिम की संभावना को रोका जा सके। इनका कहना है.. निर्माण स्थल पर सामग्री को ऊपर भेजना हेतु ढलाई के लिए लिफ्ट मशीन बुला ली गई है जिसे कुछ ही दिनों में चालू कर ली जाएगी. विपिन पाटीदार, साइट इंजीनियर
- ghyuuuuuuuuuggggyuuu1
- 15 दिन से सूखा छिंदवाड़ा में मटके थामे भूखे-प्यासे लोग, मेयर-कमिश्नर का मांगा इस्तीफा! छिंदवाड़ा शहर में जलसंकट ने मचाया हाहाकार। वार्ड 29 सहित तीन वार्डों में 15 दिनों से पानी का नामोनिशान नहीं। नाराज ग्रामीणों ने रविवार सुबह खाली मटके थामे पानी की टंकी पर धरना दिया। वार्ड 29 के पार्षद राहुल मालवीय के नेतृत्व में लोगों ने मेयर और निगम कमिश्नर का इस्तीफा मांगा। निगम कर्मियों को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी सोमवार तक पानी नहीं आया तो मंगलवार को कलेक्टर के सामने 'हल्ला बोल' आंदोलन होगा!प्रदर्शन सुबह 10 से 11:30 बजे तक चला।1
- छिंदवाड़ा में बैटरी ब्लास्ट, 7वीं का छात्र गंभीर रूप से झुलसा छिंदवाड़ा जिले के मुजावर क्षेत्र से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर घरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कक्षा सातवीं में पढ़ने वाला मानव नामक मासूम टॉर्च की बैटरी से खेलते समय हुए अचानक विस्फोट का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह करीब 10 बजे बच्चा घर पर अकेला था और बैटरी के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। तभी अचानक बैटरी में तेज धमाका हुआ, जिसने पलभर में ही मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में बच्चे के हाथ और पेट बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई है।यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है खासकर इस भीषण गर्मी के दौर में, जब बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में ओवरहीटिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जरा सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।1
- छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत परमं पूज्य संत श्री आशाराम जी गोशाला खजरीं द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी छाछ सेवा अनवरत जारी है ।यह सेवा श्री योग वेदांत सेवा समिति के माध्यम से की जा रही है । प्रति रविवार बस स्टैंड पर हजारों राहगीरों द्वारा छाछ का लाभ लिया जा रहा है ।इस सेवा में खजरीं गोशाला के संचालक जय राम भाई और समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई के अलावा बहुत से साधक भाई बहन सेवाए दे रहे है ।1
- Wcl क्वार्टर आवंटन में फर्जीवाड़ा एक कामगार को चार चार क्वार्टर एलर्ट 50-50 किलोमीटर से अरे1
- नीतू सिंह परमार ने लिया तीसरी बार नपा अध्यक्ष का प्रभार नपा अध्यक्ष नीतू सिंह परमार ने कहा अब सब मिलकर करेंगे नगर का विकास मुलताई। नपा अध्यक्ष पद कों लेकर चल रहे मामले मे आज विराम लग गया,अदालत मे चली लम्बी लड़ाई के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने नीतू सिंह परमार कों अध्यक्ष बनाएं जाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद मनोनीत नपा अध्यक्ष वर्षा गढ़ेकर सुप्रीम कोर्ट चले गई जहाँ वर्षा गढ़ेकर की अपील ख़ारिज होने से नीतू सिंह परमार कों अध्यक्ष बनाएं जाने का रास्ता साफ हो गया। आज पद भार ग्रहण करते ही नीतू सिंह परमार तीसरी बार नपा अध्यक्ष बन गई,नपा सभा कक्ष मे आयोजित पद भार ग्रहण समारोह मे कांग्रेसी पार्षदों सहित बड़ी संख्या मे कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व विधायक डॉ पी आर बोडखे, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुमित शिवहरे, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष किशोर सिंह परिहार, कमल सोनी,विनोद बेले, शेख जाकिर,पूर्व पार्षदों सहित नपा cmo वीरेंद्र तिवारी एवं नपा अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे। जहां नपा अध्यक्ष नीतू सिंह परमार ने कहा कि सब मिलकर करेंगे नगर का विकास।1
- Post by AMLA NEWS1
- छिंदवाड़ा गोधूलि वृद्धाश्रम में जैन बंधुओं ने मनाया उपकार दिवस, बुजुर्गों को भोजन कराया छिंदवाड़ा। स्वर्णपुरी के संत कहान गुरुदेवश्री के 137वें उपकार दिवस और अक्षय तृतीया पर अहिंसा प्रेमी जैन बंधु ने आज रविवार दोपहर 2 बजे गोधूलि वृद्धाश्रम पहुंचे। दीपक राज जैन, ऊषा किरण जैन समेत जैन परिवार ने बुजुर्गों को स्वादिष्ट भोजन कराया, पंखे लगाए, पौधारोपण किया और पक्षियों के लिए घरौंदे व जलपात्र स्थापित किए। जिनशासन सेवक सन्मत जैन की पुण्य स्मृति में यह सेवा कार्य हुआ। दीपक राज जैन ने जीव रक्षा, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया और ग्रीष्म में पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने की अपील की। बुजुर्गों ने जैन बंधुओं को आशीर्वाद दिया।1