बहराइच जिले की कैसरगंज तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोडहिया नंबर-3 और मंझारा तैकली क्षेत्र के ग्यारह सौ रेती बॉर्डर पर लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद को सुलझाने के लिए तहसील एवं पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में पैमाइश का कार्य शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया। इस दौरान गोडहिया नंबर-3 के प्रधान प्रतिनिधि चंदन और ग्यारह सौ रेती के प्रधान भी मौके पर मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गोडहिया नंबर-3 और ग्यारह सौ रेती क्षेत्र के कुछ दबंग व्यक्ति, जिनमें रामप्रवेश यादव, मोहन यादव, भोला यादव, विनोद यादव और रामायण यादव शामिल हैं, प्रभाव के बल पर सरकारी और अन्य भूमियों पर कब्जा करके खेती करते रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, आजादी के बाद से इस इलाके में भूमि का ठीक से सर्वेक्षण नहीं हो पाया है, जिसके कारण जमीन को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं। यह क्षेत्र घाघरा नदी के बाढ़ प्रभावित इलाके में आता है, जिससे हर साल कटान के कारण भूमि का स्वरूप भी बदल जाता है और विवाद और गहरे हो जाते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले भी कई बार पैमाइश कराई गई थी, लेकिन वास्तविक कब्जा नहीं दिलवाया गया। हालांकि, इस बार दोनों ग्राम प्रधानों की मौजूदगी और प्रशासनिक निगरानी में पैमाइश की पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया है।
बहराइच जिले की कैसरगंज तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोडहिया नंबर-3 और मंझारा तैकली क्षेत्र के ग्यारह सौ रेती बॉर्डर पर लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद को सुलझाने के लिए तहसील एवं पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में पैमाइश का कार्य शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया। इस दौरान गोडहिया नंबर-3 के प्रधान प्रतिनिधि चंदन और ग्यारह सौ रेती के प्रधान भी मौके पर मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गोडहिया नंबर-3 और ग्यारह सौ रेती क्षेत्र के कुछ दबंग व्यक्ति, जिनमें रामप्रवेश यादव, मोहन यादव, भोला यादव, विनोद यादव और रामायण यादव शामिल हैं, प्रभाव के बल पर सरकारी और अन्य भूमियों पर कब्जा करके खेती करते रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, आजादी के बाद से इस इलाके में भूमि का ठीक से सर्वेक्षण नहीं हो पाया है, जिसके कारण जमीन को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं। यह क्षेत्र घाघरा नदी के बाढ़ प्रभावित इलाके में आता है, जिससे हर साल कटान के कारण भूमि का स्वरूप भी बदल जाता है और विवाद और गहरे हो जाते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले भी कई बार पैमाइश कराई गई थी, लेकिन वास्तविक कब्जा नहीं दिलवाया गया। हालांकि, इस बार दोनों ग्राम प्रधानों की मौजूदगी और प्रशासनिक निगरानी में पैमाइश की पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया है।
- बहराइच जिले की कैसरगंज तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोडहिया नंबर-3 और मंझारा तैकली क्षेत्र के ग्यारह सौ रेती बॉर्डर पर लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवाद को सुलझाने के लिए तहसील एवं पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में पैमाइश का कार्य शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया। इस दौरान गोडहिया नंबर-3 के प्रधान प्रतिनिधि चंदन और ग्यारह सौ रेती के प्रधान भी मौके पर मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गोडहिया नंबर-3 और ग्यारह सौ रेती क्षेत्र के कुछ दबंग व्यक्ति, जिनमें रामप्रवेश यादव, मोहन यादव, भोला यादव, विनोद यादव और रामायण यादव शामिल हैं, प्रभाव के बल पर सरकारी और अन्य भूमियों पर कब्जा करके खेती करते रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, आजादी के बाद से इस इलाके में भूमि का ठीक से सर्वेक्षण नहीं हो पाया है, जिसके कारण जमीन को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं। यह क्षेत्र घाघरा नदी के बाढ़ प्रभावित इलाके में आता है, जिससे हर साल कटान के कारण भूमि का स्वरूप भी बदल जाता है और विवाद और गहरे हो जाते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले भी कई बार पैमाइश कराई गई थी, लेकिन वास्तविक कब्जा नहीं दिलवाया गया। हालांकि, इस बार दोनों ग्राम प्रधानों की मौजूदगी और प्रशासनिक निगरानी में पैमाइश की पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच में एक नए प्रकार के माफिया के उभरने का गंभीर आरोप लगाया गया है, जिसे 'केमिकल्स से तैयार किया हुआ जहर मिष्ठान माफिया' बताया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी से की गई शिकायत में गणेश मिष्ठान भंडार, तिलवरिया बाजार, निकट पोखरा मंदिर के मालिक गणेश गुप्ता पर आम जनमानस को केमिकल-युक्त जहर मिठाई बेचकर उनकी जान से खिलवाड़ करने का आरोप है। दावा किया गया है कि यह माफिया सालाना ₹50 करोड़ तक की कमाई कर रहा है। आरोप है कि गणेश मिष्ठान भंडार पेड़ा, बर्फी, मिल्क केक, पनीर, दूध बर्फी और सोहन पापड़ी जैसे उत्पाद केमिकल्स से तैयार करवाकर बेचता है। दुकान के अलावा श्यामता प्रसाद इंटर कॉलेज से 100 मीटर आगे इनके कई स्टोर और गोदाम भी हैं। गणेश गुप्ता स्वयं मिठाई का निर्माण नहीं करते, बल्कि बाहर से केमिकल वाली मिठाई मंगवाते हैं। यह भी बताया गया है कि इनके पास से महीने में 20,000 कुंतल पनीर बिक जाती है। इन पर सरकार की इनकम टैक्स की चोरी करने और नाम मात्र का टैक्स अदा करने का भी आरोप है। इस पूरे गोरखधंधे में जिला फूड इंस्पेक्टर की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिन पर बड़े पैमाने पर घोटालेबाजी करके आम जनमानस की जान को खतरे में डालने का आरोप है। कहा गया है कि इंस्पेक्टर ने मिष्ठान निर्माण का लाइसेंस दिया है, जबकि वे अवैध वसूली लेकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। यह भी बताया गया है कि गणेश गुप्ता का यह धंधा केवल बहराइच तक सीमित नहीं है, बल्कि 'ऑल इंडिया' के तहत कई अन्य जनपदों में भी फैला हुआ है। माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया गया है कि एक उच्च स्तरीय टीम बनाकर इस मामले की जांच की जाए, गणेश गुप्ता का लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जाए, और उनके सभी धंधे बंद किए जाएं। इसके साथ ही, उनके जीएसटी की भी जांच कर सभी जांचों के उपरांत उन्हें जेल भेजा जाए और केमिकल-युक्त मिष्ठान बिक्री करने वाले इस माफिया और इसमें संलिप्त जिला फूड इंस्पेक्टर के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए।1
- प्रेरणा परियोजना के अंतर्गत, सहयोजक कैथोलिक डायोसिस लखनऊ और नवजीवन हॉस्पिटल नानपारा ने मिलकर बहराइच के नानपारा स्थित ग्राम ताजपुर में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया, जहाँ उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, आवश्यक जांच और निशुल्क दवाएं प्रदान की गईं। शिविर में करीब 130 से अधिक मरीजों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। नवजीवन हॉस्पिटल की ओर से डॉ. राजीत राम निषाद, डॉ. रोहित निषाद, डॉ. कुलदीप निषाद, डॉ. सर्वजीत सिंह और मनीष गुप्ता ने अपनी सेवाएं दीं। वहीं, सहयोजक कैथोलिक डायोसिस लखनऊ की टीम में कोऑर्डिनेटर सिस्टर शालिनी, अमित कुमार वर्मा, रूबीना परवीन, मुस्कान श्रीवास्तव और निराश्री देवी ने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसी क्रम में, रविवार को पचपेड़वा गांव में तथा 8 जुलाई को ककरी गांव में भी निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन आगामी शिविरों में भी ग्रामीणों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच एवं दवा वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।4
- बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में एक रोड शो किया, जिसके दौरान उन्होंने तलवार भी लहराई। यह उनका उत्तर प्रदेश का पहला दौरा था, जहाँ उनका स्वागत योगी ने किया। इस रोड शो में मुस्लिम महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई।1
- अताऊ अंसारी नाली से संबंधित क्षेत्र में पिछले पाँच वर्षों से नालियों की साफ-सफाई न होने के कारण ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध में लगभग 150 लोग शामिल थे, जहाँ एक व्यक्ति तो नाली पर ही बैठकर अपना विरोध जता रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान मोहम्मद इरशाद द्वारा सफाई न कराए जाने से उनमें भारी नाराजगी है, जिसके चलते यह धरना आयोजित किया गया।1
- एक नागरिक ने अधिकारियों से विनम्र निवेदन किया है कि उनके घर से कुछ दूरी पर स्थापित सरकारी नल खराब हो गया है। इस खराबी के चलते मोहल्ले के लोगों को 'ओ' की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नागरिक ने आग्रह किया है कि इस सरकारी नल की मरम्मत जल्द से जल्द कराई जाए, क्योंकि इस समस्या के त्वरित समाधान से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और यह एक महान दया होगी।1
- कैसरगंज तहसील अंतर्गत जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मो. खालिद ने हज-2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि की घोषणा की है, जो 20 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है। हज यात्रियों की सुविधा के उद्देश्य से जनपद के तहसील क्षेत्र के कैसरगंज और फखरपुर में हज ई-सुविधा केन्द्र/हज फैसिलीटेशन सेन्टर स्थापित किए गए हैं। श्री खालिद ने बताया कि इन स्थापित सेंटरों पर इच्छुक हज आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करने और अपने प्रपत्रों को अपलोड करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रत्येक सेंटर के लिए अनुदानित मदरसों से 02-02 कार्मिकों को नोडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फखरपुर में स्थित मदरसा अशरफिया कादरिया मोईनुल उलूम, माधौपुर के लिए जाकिर अली कादरी को नोडल बनाया गया है, जबकि कैसरगंज में मदरसा उस्मानिया इस्लामिक स्कूल के लिए सिराजुल हक और अबसार अहमद को यह जिम्मेदारी दी गई है।1
- बहराइच के मोतीपुर क्षेत्र स्थित उर्रा गांव में एक बड़ा हादसा टल गया, जहाँ भीषण गर्मी के बीच चरमराई बिजली व्यवस्था और बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आई। अचानक एक हाईटेंशन विद्युत केबल टूटकर सड़क पर गिर गई, जो सड़क पर गिरते ही तेज चिंगारियों के साथ धू-धू कर जलने लगी। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त घटनास्थल पर कोई राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आग की लपटें देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने तुरंत आवाजाही रोक दी। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग ने तुरंत विद्युत आपूर्ति बंद कर दी और क्षतिग्रस्त केबल को बदला। लगातार फाल्ट और घंटों की बिजली कटौती से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि जर्जर तारों को जल्द से जल्द बदला जाए, अन्यथा कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1