खंडवा जिले के भेसावा गांव में भीषण पेयजल संकट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है, जहां लोग सुबह से शाम तक पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाओं को घर के कामकाज छोड़कर सिर पर मटके और हाथों में बर्तन लेकर दूर-दूर तक पानी जुटाने जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गांव के हैंडपंप और अन्य जलस्रोत पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिसके कारण लोगों को एक अस्थायी जलस्रोत और मोटर पंप के सहारे पानी भरना पड़ रहा है। वीडियो में भी बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे पानी के बर्तन लेकर कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। पानी भरने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, और कई बार एक-दो बर्तन पानी के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच इस पेयजल संकट ने उनकी दैनिक दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गांव में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकट हो सकती है।
खंडवा जिले के भेसावा गांव में भीषण पेयजल संकट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है, जहां लोग सुबह से शाम तक पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाओं को घर के कामकाज छोड़कर सिर पर मटके और हाथों में बर्तन लेकर दूर-दूर तक पानी जुटाने जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गांव के हैंडपंप और अन्य जलस्रोत पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिसके कारण लोगों को एक अस्थायी जलस्रोत और मोटर पंप के सहारे पानी भरना पड़ रहा है। वीडियो में भी बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे पानी के बर्तन लेकर कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। पानी भरने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, और कई बार एक-दो बर्तन पानी के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच इस पेयजल संकट ने उनकी दैनिक दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गांव में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकट हो सकती है।
- खातेगांव कृषि उपज मंडी के उड़नदस्ते ने हरदा-इंदौर मार्ग पर टोल प्लाजा के पास चने की उपज का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रक को पकड़ा है। इस मामले में मंडी अधिनियम के तहत विधिवत कार्रवाई की जा रही है, और जांच अभी भी जारी है। पकड़े गए ट्रक में लगभग 300 क्विंटल चना भरा हुआ था। इस चने को छिंदवाड़ा से इंदौर ले जाया जाना था, लेकिन यह ट्रक खंडवा की ओर जा रहा था।1
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) इंदौर महानगर ने शासकीय कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों की समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए महाविद्यालय प्रशासन को एक 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। डीन के नाम दिए गए इस ज्ञापन में, परिषद ने वर्ष 2025-26 के RAWE कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को मिलने वाले स्टाइपेंड के पिछले पाँच महीनों से भुगतान न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस ज्ञापन में शैक्षणिक, प्रशासनिक और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई है। परिषद की अन्य प्रमुख मांगों में महाविद्यालय में प्लेसमेंट सेल की स्थापना, नियमित करियर काउंसलिंग की व्यवस्था, विभिन्न विषयों में रिक्त पदों की तत्काल पूर्ति, प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और कृषि आधारित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कक्षाएं शुरू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ABVP ने खेल मैदान, जिम, पुस्तकालय, वाई-फाई, पेयजल और कैंटीन जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया, साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए चिकित्सा सहायता तथा छात्रवृत्ति संबंधी समस्याओं के समाधान की भी मांग की। ABVP के कार्यकर्ताओं ने कृषि कॉलेज परिसर में जोरदार नारेबाजी कर अपनी आवाज बुलंद की। परिषद के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि वे मांगों के निराकरण के लिए समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं और यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए भविष्य में आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।1
- महू स्थित भेरूलाल पाटीदार शासकीय महाविद्यालय में नीट परीक्षा केंद्र से शुक्रवार शाम दो अज्ञात युवकों ने सीसीटीवी कैमरे चुरा लिए। यह घटना महाविद्यालय परिसर में पहले से ही चौकीदार और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद हुई, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले कथित पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए परीक्षा से ठीक दो दिन पहले ही अतिरिक्त कैमरे लगाए गए थे, जिनकी चोरी ने कॉलेज परिसर में हड़कंप मचा दिया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रवीण ओझा ने तत्काल दिल्ली, भोपाल और एनटीए को घटना की सूचना दी और बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर नए कैमरे लगाकर परीक्षा शांतिपूर्ण कराने के पूरे इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने चौकीदार की भूमिका की आंतरिक जांच की भी जानकारी दी। हालांकि, जिस वाणिज्य विभाग से कैमरे चोरी हुए, उसकी प्रभारी डॉ. अर्चना जैन ने जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि वे अधिकृत नहीं हैं, जिससे संशय और बढ़ गया। इस बीच, नीट परीक्षा केंद्रों की सीधी निगरानी पीएमओ कार्यालय से की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही बड़गोंदा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और महाविद्यालय परिसर के अन्य सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि चौकीदार और कैमरों की मौजूदगी के बावजूद परीक्षा से ठीक पहले ये कैमरे किस मकसद से चुराए गए। पुलिस पेपर लीक या नकल कराने की साजिश की आशंका से इनकार नहीं कर रही है, और कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही भी जांच के दायरे में है। वर्तमान में, नीट परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, केंद्र पर जैमर, मेटल डिटेक्टर और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, तथा परीक्षार्थियों को सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।1
- इंदौर, जिसे 'नवाचारों की नगरी' कहा जाता है, वहाँ की सड़कों की जानलेवा गड्ढों और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों पर नगर निगम से सवाल पूछने पर एक 'शायराना' और दार्शनिक जवाब मिलता है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि सड़कें बारिश के 'इश्क' में डूब जाती हैं, जिसके कारण उनके गड्ढे दिखना बंद हो जाते हैं। वास्तविकता यह है कि नगर निगम के पास जनता की जान की परवाह करने का समय नहीं है, क्योंकि वे पानी की किल्लत के प्रबंधन, कचरा निस्तारण की 'कलाकारी', गरीबों के ठेले-गुमटी हटाने और लोगों के आशियाने उजाड़ने जैसे कामों में व्यस्त हैं। इस मानसून में, जनता को अपनी जान की परवाह खुद करने की सलाह दी गई है, क्योंकि निगम ने उनकी जिंदगी का कोई ठेका नहीं ले रखा है।1
- यह सवाल उठाया गया है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की संपत्ति लूट रहे होते, तो क्या उनकी सगी छोटी बहन को आज ऐसी सादगी भरी परिस्थितियों में रहना पड़ता। पोस्ट में कहा गया है कि जहाँ आज किसी मंत्री का कोई भी रिश्तेदार बाहर निकलता है, तो सैकड़ों सुरक्षाकर्मी और चापलूसी करने वाले लोग उनकी आवभगत में लग जाते हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी की बहन बिना किसी तामझाम के, अत्यंत सादगी से स्नान करने आई हुई हैं। इस पर जोर देते हुए यह भी कहा गया है कि जो परिवार 60 साल तक चोरी करता रहा, दूसरों को लूटता रहा और झूठी बातें फैलाता रहा, वही आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'लुटेरा' बता रहा है और उन्हें गालियाँ दे रहा है। इन आरोपों में अडानी और अंबानी के साथ मिलकर लूटने का इल्जाम भी शामिल है, जिसे इस सादगी के उदाहरण से सिरे से खारिज किया गया है।1
- खंडवा और बुरहानपुर जिलों को इंदौर उच्च न्यायालय से जोड़ने की वर्षों पुरानी न्यायिक मांग अब तेज हो गई है। यह महत्वपूर्ण न्यायिक मांग अब राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुँच चुकी है, जहाँ निमाड़ क्षेत्र की आवाज को सफलतापूर्वक पहुंचाया गया है। इस दिशा में विधायक छाया मोरे ने राष्ट्रपति को एक मांग पत्र सौंपा है, जिससे इस लंबित मांग को नया बल मिला है।1
- कन्नौद के स्थानीय नगर पंचायत चौराहे पर आज सुबह यातायात व्यवस्था बिगड़ गई, क्योंकि ड्यूटी पर केवल एक पुलिसकर्मी मौजूद था और उसे जाम की स्थिति संभालने में परेशानी हो रही थी। इस पर, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जोरावर सिंह फौजी ने मोर्चा संभाला और परेशान पुलिसकर्मी की मदद करते हुए लगे जाम को खोलने का प्रयत्न करते हुए दिखे। इस पूरे वाकये को कैमरे में कैद कर लिया गया।1
- मोहर्रम के अवसर पर इंदौर इमामबाड़ा में सर्वधर्म संघ संस्था द्वारा सरकारी ताज़िया बनाने वाले निर्माताओं का प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सम्मान किया गया। संस्था के पदाधिकारियों और साधु-संतों की उपस्थिति में सरकारी ताज़िया के निर्माण में वर्षों से योगदान दे रहे सलमान खान, सरफराज खान और उनके परिवार का स्वागत करते हुए उन्हें सम्मान-चिन्ह भेंट किए गए। बताया गया कि होलकर वंश के समय से ही यह परिवार इंदौर में सरकारी ताज़िया बनाने की परंपरा का निर्वहन कर रहा है, और इस वर्ष भी परिवार के बच्चों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया, जिसके लिए उनका विशेष सम्मान किया गया। इस अवसर पर सर्वधर्म संघ के अध्यक्ष मंजूर बैग, एसीपी सराफा विजय तिवारी जी, राष्ट्रीय सूफी संत अरूणानंद महाराज, राजनाथ बाबा, इदरीस बाबा, माहिर शाह वारसी, और अनवर शाह वारसी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने सरकारी ताज़िए पर सेहरा पेश किया और तबर्रुक का वितरण कर आपसी प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश दिया। साथ ही, इंदौरवासियों की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए दुआ भी की गई। कार्यक्रम में सर्वधर्म संघ के उपाध्यक्ष रियाज खान, मुकेश बजाज, सोहेल पठान, इदरीस बाबा, माहिर शाह बाबा, मोहम्मद इलियास, शाहरुख बाबा जाकिर ख़ान, अमान वारसी और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।1
- मध्यप्रदेश के मुरैना स्थित एक सरकारी अस्पताल में एक नर्स ने मरीज के परिजन को थप्पड़ मार दिया। बताया गया है कि परिजन ने नर्स से ड्रिप (बोतल) बदलने की गुज़ारिश की थी, जिस पर नर्स को गुस्सा आ गया और उन्होंने परिजन को थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना को लेकर सवाल उठाया गया है कि अगर आम नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में भी ऐसी गुंडागर्दी झेलनी पड़े, तो वे आखिर कहां जाएंगे। अब यह देखना होगा कि क्या नर्स पर कोई कार्रवाई होती है या फिर सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने के आरोप में परिजन पर ही कार्रवाई की जाएगी।1