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कन्नौद के स्थानीय नगर पंचायत चौराहे पर आज सुबह यातायात व्यवस्था बिगड़ गई, क्योंकि ड्यूटी पर केवल एक पुलिसकर्मी मौजूद था और उसे जाम की स्थिति संभालने में परेशानी हो रही थी। इस पर, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जोरावर सिंह फौजी ने मोर्चा संभाला और परेशान पुलिसकर्मी की मदद करते हुए लगे जाम को खोलने का प्रयत्न करते हुए दिखे। इस पूरे वाकये को कैमरे में कैद कर लिया गया।
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कन्नौद के स्थानीय नगर पंचायत चौराहे पर आज सुबह यातायात व्यवस्था बिगड़ गई, क्योंकि ड्यूटी पर केवल एक पुलिसकर्मी मौजूद था और उसे जाम की स्थिति संभालने में परेशानी हो रही थी। इस पर, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जोरावर सिंह फौजी ने मोर्चा संभाला और परेशान पुलिसकर्मी की मदद करते हुए लगे जाम को खोलने का प्रयत्न करते हुए दिखे। इस पूरे वाकये को कैमरे में कैद कर लिया गया।
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- सीहोर जिले की जावर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के परिवहन और विक्रय के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुल 24.780 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा जब्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत और एसडीओपी आष्टा श्री दामोदर गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी जावर डीएसपी हेमंत पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। 20 जून 2026 को विश्वसनीय मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मेहतवाड़ा बायपास स्थित यात्री प्रतीक्षालय के सामने एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक बोरी में 12.800 किलोग्राम और एक पिट्ठू बैग में 11.980 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी बलकारन सिंह पिता महला सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।1
- देवास जिले की ग्राम पंचायत खटाम्ब में आयोजित जनकल्याण शिविर में मुख्य सचिव अनुराग जैन पहुँचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया, जिसका उद्देश्य विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत को समझना था।1
- मध्य प्रदेश के सीहोर में एक अवैध कॉलोनी के खिलाफ बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की गई है। इस दौरान मौके पर तमाम अधिकारी मौजूद रहे। अब यह देखना बाकी है कि यह कार्यवाही केवल सीहोर जिले तक सीमित रहेगी, या फिर जिले के अन्य शहरों में भी अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलेगा।1
- भोपाल क्राइम ब्रांच ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए लगभग ₹1.33 करोड़ रुपये से अधिक का मादक पदार्थ और अन्य सामान जब्त किया है। इस कार्रवाई में 170 किलो 090 ग्राम अवैध गांजा, एक आइशर ट्रक और 396 एल्यूमीनियम सिल्लियाँ बरामद की गई हैं, और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह बड़ी सफलता गृहमंत्रालय की गाइडलाइन के तहत चलाए जा रहे नशे के खिलाफ अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत क्राइम ब्रांच ने भोपाल में बड़ी मात्रा में गांजा खपाने की साजिश को समय रहते विफल कर दिया। शहर में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त भोपाल श्री संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल श्रीमती मोनिका शुक्ला के निर्देशों पर, पुलिस उपायुक्त अपराध श्री अखिल पटेल, अति पुलिस उपायुक्त अपराध श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान, सहायक पुलिस आयुक्त श्री चंद्रभान सिंह चढार और सहायक पुलिस आयुक्त श्री अनिल वर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच अशोक मरावी और उनकी टीम को अवैध मादक पदार्थ तस्करों की तलाश में लगाया गया था। दिनांक 18.06.2026 को एक विश्वसनीय मुखबिर ने थाना परिसर में सूचना दी कि कोलार, भोपाल में गोल जोड़ तिराहे के पास सड़क किनारे एक आइशर गाड़ी (मिनी ट्रक) खड़ी है, जिसमें भारी मात्रा में गांजा रखा है और ड्राइवर डिलीवरी के लिए इंतजार कर रहा है। मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के अनुसार बैंगनी टी-शर्ट और हल्के ग्रे पैंट पहने दुबले-पतले व्यक्ति को आइशर ट्रक क्रमांक CG04 PE9434 की ड्राइवर सीट पर बैठे देखा गया। क्राइम ब्रांच टीम ने हमराह स्टाफ और गवाहों के साथ गोल जोड़ तिराहा, कोलार रोड, थाना कजलीखेड़ा, भोपाल पहुंचकर घेराबंदी कर आरोपी आनंद बैरागी, पिता वंशीदास बैगारी (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम हथवास, तहसील सतवास, जिला देवास) को पकड़ा। ट्रक से नीचे उतारने के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और उसके कीपैड जियो भारत कंपनी के मोबाइल तथा रेडमी गो एंड्रॉयड मोबाइल को कब्जे में लिया गया। आइशर ट्रक क्रमांक CG04 PE9434 की तलाशी लेने पर केबिन में खाना बनाने का सामान, टूलबॉक्स, कंबल और तकिया मिला। ट्रक के पिछले हिस्से में नीले रंग की तिरपाल और एक सफेद पन्नी हटाने पर 6 प्लास्टिक की बोरियाँ मिलीं, जिनमें गांजा भरा हुआ था। आरोपी ने बोरियों में गांजा होने की बात स्वीकार की। इन बोरियों में कुल 170 किलो 90 ग्राम अवैध गांजा पाया गया। इसके अतिरिक्त ट्रक से 396 एल्यूमीनियम सिल्लियाँ भी बरामद हुईं, जिन पर हिंदी और अंग्रेजी में "NALCO" अंकित था। जब्त किए गए आइशर ट्रक की अनुमानित कीमत लगभग ₹30 लाख है। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और उससे गांजा सप्लायर, डिलीवरी नेटवर्क तथा अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ जारी है, जिससे अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। भोपाल पुलिस अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के विरुद्ध लगातार सख्त कार्यवाही कर रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इस सफल अभियान में निरीक्षक राजकुमार कुंसारिया, उनि जसवंत सिंह, प्रआर कैलाश जाट सहित पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही।1
- राजधानी भोपाल के ब्लूमन कॉलोनी निवासी हकीम पर पुरानी रंजिश के चलते एक पारिवारिक शादी समारोह के दौरान कथित रूप से हमला किया गया था। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हकीम को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद हकीम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हकीम की मौत की खबर मिलते ही परिवार और क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं, आरोप है कि घटना की जानकारी पुलिस को दिए जाने और हमलावरों की पहचान होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। परिवार में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है। परिजनों ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई की गई होती तो शायद ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। फिलहाल, पुलिस का पक्ष सामने आना अभी बाकी है और सभी की नजरें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1
- कन्नौद के स्थानीय नगर पंचायत चौराहे पर आज सुबह यातायात व्यवस्था बिगड़ गई, क्योंकि ड्यूटी पर केवल एक पुलिसकर्मी मौजूद था और उसे जाम की स्थिति संभालने में परेशानी हो रही थी। इस पर, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जोरावर सिंह फौजी ने मोर्चा संभाला और परेशान पुलिसकर्मी की मदद करते हुए लगे जाम को खोलने का प्रयत्न करते हुए दिखे। इस पूरे वाकये को कैमरे में कैद कर लिया गया।1
- सीहोर जिले के जावर स्थित सेमलीबारी जोड़ के पास शुक्रवार दोपहर इंदौर से कालापीपल जा रही एक बोलेरो कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार आईशर कंपनी के कर्मचारी सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। यह घटना दोपहर करीब 1:35 बजे की है। दुर्घटना में घायल हुए लोगों के नाम दिनेश सतनावाद, नरेन शिवहरे, अनिल जोशी और मोनू बताए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपचार के दौरान नरेन्द्र बाकिक की मृत्यु हो गई। हादसे के तुरंत बाद, स्थानीय लोगों, डायल-112 पुलिस और निजी वाहनों की सहायता से सभी घायलों को तत्काल सोनकच्छ के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल, मृतक के अलावा अन्य तीन घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के साथ-साथ विस्तृत जानकारी जुटाने में लगी है।1
- कालापीपल पुलिस ने हाल ही में एक बड़ी चुनौती को सफलतापूर्वक पार करते हुए उन चोरों को धर दबोचा है, जिन्हें शायद यह भ्रम था कि वे कानून की पकड़ से बच निकलेंगे। थाना प्रभारी रवि भंडारी के कुशल नेतृत्व में, कालापीपल पुलिस ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए इस मामले में शानदार सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अपराधी कितनी भी शातिर क्यों न हों, पुलिस की पहुँच से बाहर नहीं रह सकते। इस सफलता ने न केवल कालापीपल पुलिस की प्रतिष्ठा बढ़ाई है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। इस प्रभावी पुलिस कार्रवाई के बाद, जनता से यह राय मांगी गई है कि क्या ऐसे अपराधियों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।1
- कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने कालापीपल के सूरतीपुरा गांव में आउटसोर्स कर्मचारी मनीष मीणा की मौत पर सरकार से तीखा सवाल किया है। कुणाल चौधरी ने पूछा है कि क्या मनीष मीणा की यह मौत महज एक हादसा है, या फिर यह सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही के कारण हुई है? उन्होंने इस घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए सीधा सवाल किया है कि आखिर इसकी जवाबदेही कौन लेगा।1