*35 फीट गहरे कुएं से 15 जंगली सुअरों का वन विभाग ने किया सफल रेस्क्यू* दक्षिण पन्ना वनमण्डल अंतर्गत रेंज रैपुरा के ताखोरी गांव स्थित एक खेत में बने लगभग 35 फीट गहरे कुएं में गिरे 15 जंगली सुअरों को वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह रेस्क्यू अभियान लगभग दो घंटे तक चला, जिसमें वन अमले की सतर्कता और सूझबूझ से सभी वन्य प्राणियों की जान बचाई जा सकी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खेत मालिक रतन सिंह यादव, निवासी ताखोरी (निकट बीट घुटेही) के खेत में स्थित कुएं में सुबह जंगली सुअरों का झुंड गिर गया था। सुबह खेत पर पहुंचे ग्रामीणों ने जब कुएं से आवाजें सुनीं तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक कुमार जैन के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम में परिक्षेत्र सहायक रंजना नागर, रामप्रताप गौतम, वनरक्षक प्रेम शंकर सिंह, धीरेंद्र सिंह, रजनीश चौरसिया, अरविंद सिंह एवं सतीश द्विवेदी शामिल रहे। टीम ने रस्सियों, जाल और अन्य उपकरणों की सहायता से एक-एक कर सभी 15 जंगली सुअरों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान विशेष सावधानी बरती गई ताकि किसी भी वन्य प्राणी को चोट न पहुंचे और स्टाफ भी सुरक्षित रहे। सभी सुअरों को प्राथमिक जांच के बाद नजदीकी सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि खुले कुओं और गहरे गड्ढों को ढंककर रखें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से वन्य जीवों और मवेशियों को बचाया जा सके। यह रेस्क्यू अभियान वन विभाग की तत्परता और वन्य जीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
*35 फीट गहरे कुएं से 15 जंगली सुअरों का वन विभाग ने किया सफल रेस्क्यू* दक्षिण पन्ना वनमण्डल अंतर्गत रेंज रैपुरा के ताखोरी गांव स्थित एक खेत में बने लगभग 35 फीट गहरे कुएं में गिरे 15 जंगली सुअरों को वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह रेस्क्यू अभियान लगभग दो घंटे तक चला, जिसमें वन अमले की सतर्कता और सूझबूझ
से सभी वन्य प्राणियों की जान बचाई जा सकी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खेत मालिक रतन सिंह यादव, निवासी ताखोरी (निकट बीट घुटेही) के खेत में स्थित कुएं में सुबह जंगली सुअरों का झुंड गिर गया था। सुबह खेत पर पहुंचे ग्रामीणों ने जब कुएं से आवाजें सुनीं तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक कुमार जैन के नेतृत्व में
रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम में परिक्षेत्र सहायक रंजना नागर, रामप्रताप गौतम, वनरक्षक प्रेम शंकर सिंह, धीरेंद्र सिंह, रजनीश चौरसिया, अरविंद सिंह एवं सतीश द्विवेदी शामिल रहे। टीम ने रस्सियों, जाल और अन्य उपकरणों की सहायता से एक-एक कर सभी 15 जंगली सुअरों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान विशेष सावधानी बरती गई ताकि किसी भी वन्य प्राणी को चोट न पहुंचे और स्टाफ भी सुरक्षित
रहे। सभी सुअरों को प्राथमिक जांच के बाद नजदीकी सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि खुले कुओं और गहरे गड्ढों को ढंककर रखें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से वन्य जीवों और मवेशियों को बचाया जा सके। यह रेस्क्यू अभियान वन विभाग की तत्परता और वन्य जीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
- सनसनीखेज घटना: ठाकुर बाबा मंदिर में कन्या भोज के दौरान मधुमक्खियों ने किया हमला, 8 बच्चे-2 बालिकाएं और एक महिला घायल अजयगढ़ (पन्ना), मध्य प्रदेश – ग्राम पंचायत लोलश के प्रसिद्ध ठाकुर बाबा स्थान पर आयोजित कन्या भोज कार्यक्रम के दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने भयंकर हमला बोल दिया। इस हमले में कुल 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें अधिकांश छोटे बच्चे और बालिकाएं शामिल हैं। घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना का विवरण ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश यादव ने बताया कि ठाकुर बाबा मंदिर परिसर में कन्या भोज का आयोजन चल रहा था। ग्रामीणों की बच्चियां, छोटे बच्चे और महिलाएं भोजन-प्रसाद ग्रहण करने पहुंची थीं। तभी अचानक मधुमक्खियों का बड़ा झुंड आक्रमण कर बैठा। माहौल में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने हिम्मत से बच्चों और महिलाओं को बचाया और उन्हें निकटवर्ती अजयगढ़ अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत को देखते हुए सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों की सूची (उम्र सहित): मुन्नी अहिरवार (45 वर्ष, महिला) आरुषि (5 वर्ष, पिता: राकेश) आयुष (5 वर्ष, पिता: जयकरण) आराध्या (3 वर्ष, पिता: बिमल) क्रांति (9 वर्ष, पिता: जयकरण) इशांक (7 वर्ष, पिता: जयकरण) उमा (18 वर्ष, पिता: शिवप्रसाद) रिया (5 वर्ष, पिता: राकेश) रिया (3 वर्ष, पिता: हरिशचंद्र) सुशांक (6 वर्ष, पिता: हरिशचंद्र) धर्मबति (18 वर्ष, पिता: शिवनंदन) कुल घायल: 11 (8 बच्चे, 2 बालिकाएं, 1 महिला) स्थानीय प्रतिक्रिया ग्रामीणों ने बताया कि मधुमक्खियों का झुंड अचानक पेड़ या आसपास के छत्ते से उड़कर आया। छोटे बच्चों पर हमला सबसे ज्यादा हुआ, जिससे कई बच्चे डर और दर्द से रोने लगे। ग्रामीणों की त्वरित मदद से बड़ी दुर्घटना टल गई, लेकिन कई घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सावधानी का संदेश ऐसे धार्मिक आयोजनों में जहां मधुमक्खियों के छत्ते होने की आशंका हो, वहां पहले से सतर्कता बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि मधुमक्खियों को उकसाने से बचें, धुआं या तेज आवाज से उन्हें भगाया जा सकता है।4
- पन्ना पुलिस द्वारा 20 वर्ष से फरार स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल1
- भिलसाय मंडलम में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक संपन्न ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देवेंद्र नगर के तत्वाधान में मंडलम भिलसाय के फुलदरी मैं बैठक आयोजित की गई जिसमें जिला कांग्रेस कमेटी संगठन प्रभारी राजभान सिंह जिला कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष अनीश खान सर प्रभारी अशोक कुमार पूर्व ब्लाक अध्यक्ष आनंद शुक्ला ब्लॉक अध्यक्ष मिलन कुशवाहा के मुख्य अतिथि में एवं हिम्मत बागरी के नेतृत्व में संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई जिसमें मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के संबंध में चर्चाएं की गई1
- 💥 बड़ी खबर💥 खंडवा में टला बड़ा हादसा, उड़ान भरते समय बाल-बाल बचा CM मोहन यादव का हेलीकॉप्टर1
- मध्य प्रदेश सरकार 300 की जगह 3000 कन्याओं का विवाह प्रतेक बेटी के विवाह हेतु सरकार देगी 51000 #madhyapradesh #news #cm #bageswardham #bageswardhamsarkar❣️1
- देश के फाइनेशर बैंकों ने लूट मचा रखी है ये सब हो रहा RBI कि नाक के नीचे मोदी सरकार की नाक के नीचे मोदी सरकार तो जनता को लुटवा रही नए नए टैक्स लगाकर बैंकों से कर्ज दिलाकर अमीरों को देश से भगवा रही पर लूट रहे बैंक आम जनता को कोई कुछ बोलने वाला नहीं।। RBI की कोई गाईड लाईन नहीं की बैंकों को सख्त निर्देश दिए जाए कि इतनी ब्याज दर लोगे इससे ज्यादा नहीं हर लोन की अलग ब्याज क्यों आखिर कर्ज तो कर्ज होता है।।1
- ठाकुर बाबा मंदिर में 'मधु' हमला: नईदुनिया प्रतिनिधि अजयगढ़ प्रसाद ग्रहण कर रहे बच्चों पर टूटा मधुमक्खियों का झुंड, जिला अस्पताल रेफर। पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लोलाश स्थित ठाकुर बाबा मंदिर में सोमवार 16 फरवरी को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ आयोजित कन्या भोज और भंडारा कार्यक्रम के दौरान अचानक मधुमक्खियों के एक विशाल झुंड ने हमला कर दिया, जिसमें 10 बच्चों सहित कुल 12 लोग घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, ठाकुर बाबा मंदिर परिसर में कन्या भोज का आयोजन चल रहा था। बड़ी संख्या में बच्चे, बालिकाएं और महिलाएं बैठकर प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। तभी अचानक अज्ञात कारणों से मधुमक्खियों का झुंड भड़क गया और सीधे लोगों पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से मंदिर परिसर में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। मची अफरा-तफरी के बीच स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ और हिम्मत का परिचय दिया। लोगों ने कंबल और अन्य साधनों की मदद से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को तत्काल अजयगढ़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया है। इस हमले में मुख्य रूप से मासूम बच्चे प्रभावित हुए हैं, जिनमें आयुष (5 वर्ष), आराध्या (3 वर्ष), क्रांति (9 वर्ष), इशांक (7 वर्ष) रिया (5 वर्ष), रिया (3 वर्ष), सुशांक (6 वर्ष) उमा (18 वर्ष), धरमवती (18 वर्ष) एवं अन्य शामिल है। फिलहाल सभी घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने से सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।4
- *35 फीट गहरे कुएं से 15 जंगली सुअरों का वन विभाग ने किया सफल रेस्क्यू* दक्षिण पन्ना वनमण्डल अंतर्गत रेंज रैपुरा के ताखोरी गांव स्थित एक खेत में बने लगभग 35 फीट गहरे कुएं में गिरे 15 जंगली सुअरों को वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह रेस्क्यू अभियान लगभग दो घंटे तक चला, जिसमें वन अमले की सतर्कता और सूझबूझ से सभी वन्य प्राणियों की जान बचाई जा सकी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खेत मालिक रतन सिंह यादव, निवासी ताखोरी (निकट बीट घुटेही) के खेत में स्थित कुएं में सुबह जंगली सुअरों का झुंड गिर गया था। सुबह खेत पर पहुंचे ग्रामीणों ने जब कुएं से आवाजें सुनीं तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक कुमार जैन के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम में परिक्षेत्र सहायक रंजना नागर, रामप्रताप गौतम, वनरक्षक प्रेम शंकर सिंह, धीरेंद्र सिंह, रजनीश चौरसिया, अरविंद सिंह एवं सतीश द्विवेदी शामिल रहे। टीम ने रस्सियों, जाल और अन्य उपकरणों की सहायता से एक-एक कर सभी 15 जंगली सुअरों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान विशेष सावधानी बरती गई ताकि किसी भी वन्य प्राणी को चोट न पहुंचे और स्टाफ भी सुरक्षित रहे। सभी सुअरों को प्राथमिक जांच के बाद नजदीकी सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि खुले कुओं और गहरे गड्ढों को ढंककर रखें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से वन्य जीवों और मवेशियों को बचाया जा सके। यह रेस्क्यू अभियान वन विभाग की तत्परता और वन्य जीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है।4