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मूल पाठ में एक मां के प्रति हृदय से वंदन व्यक्त किया गया है। यह विशेष वंदन उस मां के लिए है, जिसकी बेटी चार बच्चों की मां है।
प्रतापhttps://www.facebook.com
मूल पाठ में एक मां के प्रति हृदय से वंदन व्यक्त किया गया है। यह विशेष वंदन उस मां के लिए है, जिसकी बेटी चार बच्चों की मां है।
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- श्री सांवलिया सेठ के दिव्य लाइव श्रृंगार दर्शन में भक्तों का एक विशाल श्रद्धा सैलाब उमड़ पड़ा। इस पवित्र अवसर पर, अपने आराध्य देव के मनमोहक स्वरूप के दर्शन पाकर भक्तगण अत्यंत आनंदित और भाव-विभोर हो गए, जिससे वे स्वयं को निहाल महसूस कर रहे थे।1
- चित्तौड़गढ़ जिले में शुक्रवार को न्यायालय के भौतिक सत्यापन और निर्णय के बाद 17 पुलिस थानों में जब्त किए गए 66 क्विंटल से अधिक अवैध डोडाचूरा, गांजा, स्मेक और एमडीएमए को नष्ट कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह की उपस्थिति में जिला औषधि व्ययन समिति द्वारा थाना शंभूपुरा के सावा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट के कीलन में इन्हें जलाकर खत्म किया गया। एनसीबी की मानक कीमत के अनुसार, नष्ट किए गए इन मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के पुलिस थानों के मालखाने एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त मादक पदार्थों और वाहनों से भरे पड़े थे, जिससे अन्य जब्तशुदा सामान रखने में समस्या आ रही थी। माल निस्तारण और थानों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय की नॉन एसआर शाखा ने संबंधित थानाधिकारियों से निस्तारण संबंधी प्रस्ताव प्राप्त कर रिकॉर्ड तैयार किया। इस पूरी कार्यवाही के दौरान पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, डीएसपी भदेसर विनोद कुमार, पुलिस निरीक्षक जोधाराम, थानाधिकारी शंभूपुरा धर्मराज सहित 17 संबंधित थानों के थानाधिकारी, मालखाना प्रभारी और नॉन एसआर शाखा प्रभारी एएसआई मनोज कुमार व कार्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे। आवश्यक रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद मादक पदार्थों का वजन किया गया। वजन और नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे, इसके लिए संपूर्ण कार्यवाही की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी भी करवाई गई। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि चित्तौड़गढ़ जिले के कुल 17 पुलिस थानों — कोतवाली चित्तौड़गढ़, सदर चित्तौड़गढ़, कोतवाली निम्बाहेड़ा, सदर निम्बाहेड़ा, बस्सी, आकोला, मंगलवाड़, रावतभाटा, बेगूं, राशमी, साडास, पारसोली, भूपालसागर, शंभूपुरा, बिजयपुर, कपासन और निकुम्भ — में दर्ज कुल 48 प्रकरणों में से 30 प्रकरणों में 65 क्विंटल 76 किग्रा 537 ग्राम डोडा चूरा, 11 प्रकरणों में 34 किग्रा 748 ग्राम गांजा, 06 प्रकरणों में 996 ग्राम एमडीएमए और 01 प्रकरण में 135 ग्राम स्मेक जब्त किया गया था। इन सभी 48 प्रकरणों में जब्त किए गए अवैध मादक पदार्थों को अल्ट्राटेक सीमेंट के अधिकारियों यूनिट हेड उत्त्तम राय, एच आर हेड नितेश राठी, मुख्य सुरक्षा अधिकारी धीरेंद्र राठौड़, जनसंपर्क प्रबंधक दीपक भट्ट और पर्यावरण विभाग के मिथिलेश बेनीवाल की उपस्थिति में शुक्रवार को शंभूपुरा थाने के सावा स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट की कीलन में जलाकर नष्ट कर दिया गया।1
- नीमच शहर के स्कीम नंबर 36-ए स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में 31 मई से लेकर 7 जून तक एक सात दिवसीय धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ होगा, जिसमें श्रीमद्भागवत कथा, श्रीराम कथा, भूमिया सरकार का दिव्य दरबार और महाप्रसादी सहित कई अन्य धार्मिक आयोजन शामिल रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कार्यक्रम स्थल पर विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।1
- ट्विशा शर्मा के साथ जो हुआ, उसे बेहद दुखद बताया गया है, जिस पर कोई दो राय नहीं है। हालाँकि, यह सवाल उठाया गया है कि जब किसी महिला और उसके प्रेमी द्वारा पति की हत्या कर दी जाती है, या जब किसी पति को मानसिक प्रताड़ना, झूठे मुकदमों और सामाजिक अपमान के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाता है, तब वैसी ही संवेदना और उतना ही आक्रोश क्यों नहीं दिखाया जाता। पोस्ट में जोर दिया गया है कि न्याय का अर्थ केवल एक पक्ष के लिए आवाज़ उठाना नहीं है, बल्कि अपराधी चाहे पुरुष हो या महिला, और पीड़ित चाहे महिला हो या पुरुष, कानून और समाज की संवेदना दोनों के लिए एक समान होनी चाहिए। यह स्पष्ट किया गया है कि किसी पीड़ित की पीड़ा को कम नहीं आँका जा रहा है, बल्कि यह माँग की जा रही है कि हर निर्दोष पीड़ित को न्याय मिले और हर अपराधी को सजा मिले। अंत में, 'एक देश, एक कानून, एक न्याय' की भावना पर बल देते हुए कहा गया है कि पीड़ित का लिंग नहीं, बल्कि उसका दर्द देखा जाना चाहिए।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में महलों के चौक स्थित राजमहल का ऐतिहासिक मुख्य द्वार कल रात आए तेज अंधड़ और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। यह दरवाजा नीचे से टूटकर सड़क पर टिका हुआ है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। यह परिसर संवेदनशील है क्योंकि इसके अंदर एक बैंक, उप जेल और नगर पालिका का पुराना कार्यालय जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं। इसके अतिरिक्त, यहां सुबह की सब्जी मंडी और दो विद्यालय भी संचालित होते हैं, जिसके चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का यहां से आना-जाना लगा रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस क्षतिग्रस्त दरवाजे की तत्काल मरम्मत कर इस धरोहर को संरक्षित करने की मांग की है।1
- मूल पाठ में एक मां के प्रति हृदय से वंदन व्यक्त किया गया है। यह विशेष वंदन उस मां के लिए है, जिसकी बेटी चार बच्चों की मां है।1