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झारखंड में भारी बारिश की संभावना जाने कब होगा बारिश लोग रहे अलर्ट
Om Singh
झारखंड में भारी बारिश की संभावना जाने कब होगा बारिश लोग रहे अलर्ट
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- झारखंड में भारी बारिश की संभावना जाने कब होगा बारिश लोग रहे अलर्ट1
- हमें दुश्मन बनाने की जरूरत नहीं पड़ती हम जिसका भला करते हैं दुश्मन बन जाता है...! हमें दुश्मन बनाने की जरूरत नहीं पड़ती हम जिसका भला करते हैं दुश्मन बन जाता है...!1
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- हजारीबाग में कोढ़ा गैंग का बड़ा खुलासा, 8 शातिर गिरफ्तार “फर्जी नंबर प्लेट, चोरी की बाइक और रेकी… पुलिस ने तोड़ा कोढ़ा गैंग का नेटवर्क!”1
- गड्ढे और कीचड़ में तब्दील केरेडारी-टंडवा मुख्य सड़क, हाईवा के कब्जे से रोज लग रहा जाम Hazaribagh / केरेडारी। केरेडारी से टंडवा जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो गई है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को प्रतिदिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।वहीं, सड़क पर ट्रांसपोर्टरों की मनमानी और बड़ी संख्या में हाईवा वाहनों के परिचालन से लयशुकावर मोड़ से टंडवा तक जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क पर वाहनों का कब्जा रहने से छोटे वाहन चालकों और ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की समस्या और जाम की स्थिति लगातार बनी हुई है, बावजूद इसके प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौन हैं। ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने, भारी वाहनों के परिचालन को व्यवस्थित करने और जाम की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।1
- इंद्रपुरी से बानादाग तक सड़क के गड्ढे भरने का काम शुरू, सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर NHAI सक्रिय लोगों की परेशानी को देखते हुए NHAI ने ठेकेदारों को दिए निर्देश, फाइबर ब्लॉक से भरे जा रहे गड्ढे हजारीबाग | इंद्रपुरी से बानादाग तक सड़क पर बने गड्ढों के कारण लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने NHAI विभाग को इसकी जानकारी दी। सांसद की सूचना के बाद NHAI ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित ठेकेदारों को सड़क के गड्ढों को जल्द भरने का निर्देश दिया। इसके तहत इंद्रपुरी से बानादाग तक सड़क पर बने गड्ढों को फाइबर ब्लॉक से भरने का काम कराया जा रहा है। सड़क पर गड्ढों के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। NHAI की ओर से गड्ढों को भरने का काम शुरू होने के बाद लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने सड़क की स्थिति पर ध्यान देने और जल्द सुधार कार्य शुरू कराने के लिए सांसद की पहल की सराहना की है।1
- योजनाओं का वास्तविक मूल्यांकन कागजों पर नहीं, बल्कि लाभुकों के जीवन में आए बदलाव से होता है : शिल्पी नेहा तिर्की कृषि मंत्री ने मोती की खेती का किया अवलोकन === हजारीबाग। सरकार योजनाएँ बनाती है, बजट उपलब्ध कराती है और संसाधन सुनिश्चित करती है, लेकिन किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तभी मानी जा सकती है, जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे। इसी सोच के साथ कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के मत्स्य प्रभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने आज कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की हजारीबाग जिले के नगवा एवं चुरचू गाँव पहुँचीं। इस दौरान मंत्री ने योजनाओं से जुड़े लाभुकों से सीधे संवाद किया और योजनाओं से मिल रहे लाभ, उनके अनुभव, सामने आ रही चुनौतियों तथा रोजगार एवं आय बढ़ाने की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएँ शुरू करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ वास्तविक रूप से किसानों, युवाओं और ग्रामीण परिवारों तक पहुँचे। *बायोफ्लॉक योजना से युवाओं को मिल रहा रोजगार का नया अवसर* निरीक्षण के दौरान बायोफ्लॉक योजना के लाभुकों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि मत्स्य पालन आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। 25 बायोफ्लॉक टैंक की एक इकाई की लागत लगभग 25 लाख रुपये है, जिस पर सरकार द्वारा 60 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। इस योजना से जुड़कर युवा मत्स्य पालन को व्यवसाय के रूप में अपना रहे हैं और अपने गाँव में ही रोजगार एवं आय के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि युवाओं के उत्साह और मेहनत को देखकर यह विश्वास और मजबूत होता है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और तकनीकी सहयोग मिले, तो ग्रामीण क्षेत्रों में ही रोजगार की मजबूत संभावनाएँ विकसित की जा सकती हैं। “हर सीप में संभावना, हर मोती में समृद्धि” हजारीबाग में विकसित हो रहा पर्ल क्लस्टर झारखंड में मत्स्य क्षेत्र के विविधीकरण और ग्रामीण आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मोती की खेती के माध्यम से किसान पारंपरिक कृषि एवं मत्स्य गतिविधियों के साथ अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर रहे हैं। सरकार द्वारा प्रति यूनिट ₹16,000 की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे किसानों को मोती की खेती जैसे नए और संभावनाशील क्षेत्र से जुड़ने में प्रोत्साहन मिल रहा है। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि हजारीबाग में मोती की खेती की संभावनाओं को देखते हुए सरकार इसे और व्यवस्थित एवं व्यापक रूप देने की दिशा में काम करेगी। आने वाले समय में किसानों को बेहतर तकनीक, प्रशिक्षण, बाजार से जुड़ाव और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य केवल योजनाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के स्थायी अवसर तैयार करना है। हजारीबाग को मोती की खेती के क्षेत्र में झारखंड का आदर्श जिला बनाने की दिशा में हम ठोस पहल करेंगे।” मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित रूप से जमीनी समीक्षा की जाए तथा लाभुकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसान, युवा और ग्रामीण उद्यमी झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार की योजनाओं का केंद्र इन्हीं को बनाकर आगे बढ़ना है। इस मौके पर मत्स्य निदेशक, जिला कृषि पदाधिकारी मौजूद थे।1
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