आज सैंथल कस्बे में मोहर्रम का त्यौहार बड़े हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों में सुबह से ही खासा उत्साह देखा गया और ताजिया का जुलूस निकाला गया। ताजिया जुलूस सैंथल की मदीना मस्जिद से शुरू होकर कस्बे के मुख्य मार्गों से होते हुए सैंथल बस स्टैंड के पास कर्बला में पहुंचा। इस जुलूस को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मुस्लिम समाज के लोगों ने एक से बढ़कर एक कलाओं की प्रस्तुतियां पेश कीं, जिनमें कई प्रकार की कलाएं और करतब सैंथल कस्बे के मुख्य बाजार चौपड़, सब्जी मंडी के पास और बस स्टैंड पर दिखाए गए। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा जुम्मे की नमाज भी अदा की गई। क्षेत्र के सभी ग्रामीणों ने ताजिया को प्रसाद चढ़ाकर कई प्रकार की मन्नतें मांगीं और पूरे क्षेत्र में अमन चैन की दुआ की। पुलिस प्रशासन ने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी।
आज सैंथल कस्बे में मोहर्रम का त्यौहार बड़े हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों में सुबह से ही खासा उत्साह देखा गया और ताजिया का जुलूस निकाला गया। ताजिया जुलूस सैंथल की मदीना मस्जिद से शुरू होकर कस्बे के मुख्य मार्गों से होते हुए सैंथल बस स्टैंड के पास कर्बला में पहुंचा। इस जुलूस को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मुस्लिम समाज के लोगों ने एक से बढ़कर एक कलाओं की प्रस्तुतियां पेश कीं, जिनमें कई प्रकार की कलाएं और करतब सैंथल कस्बे के मुख्य बाजार चौपड़, सब्जी मंडी के पास और बस स्टैंड पर दिखाए गए। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा जुम्मे की नमाज भी अदा की गई। क्षेत्र के सभी ग्रामीणों ने ताजिया को प्रसाद चढ़ाकर कई प्रकार की मन्नतें मांगीं और पूरे क्षेत्र में अमन चैन की दुआ की। पुलिस प्रशासन ने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी।
- आज सैंथल कस्बे में मोहर्रम का त्यौहार बड़े हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों में सुबह से ही खासा उत्साह देखा गया और ताजिया का जुलूस निकाला गया। ताजिया जुलूस सैंथल की मदीना मस्जिद से शुरू होकर कस्बे के मुख्य मार्गों से होते हुए सैंथल बस स्टैंड के पास कर्बला में पहुंचा। इस जुलूस को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मुस्लिम समाज के लोगों ने एक से बढ़कर एक कलाओं की प्रस्तुतियां पेश कीं, जिनमें कई प्रकार की कलाएं और करतब सैंथल कस्बे के मुख्य बाजार चौपड़, सब्जी मंडी के पास और बस स्टैंड पर दिखाए गए। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा जुम्मे की नमाज भी अदा की गई। क्षेत्र के सभी ग्रामीणों ने ताजिया को प्रसाद चढ़ाकर कई प्रकार की मन्नतें मांगीं और पूरे क्षेत्र में अमन चैन की दुआ की। पुलिस प्रशासन ने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी।3
- एक निजी कंपनी के 'मास्टरस्ट्रोक' ऐप में सेंध लगाकर ₹1,72,86,297 की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लालसोट निवासी राहुल और रिंकू सैनी नामक दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले भी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों ने कंपनी को यह बड़ा चूना लगाया है। कंपनी अपने उत्पाद खरीदने पर ग्राहकों को टोकन रिवॉर्ड देती है, लेकिन इन आरोपियों ने कोई भी उत्पाद नहीं खरीदा। उन्होंने फर्जी क्यूआर कोड जनरेट किए और उनके माध्यम से कंपनी के साथ यह बड़ी धोखाधड़ी की। पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के निर्देश पर साइबर थाने ने यह कार्रवाई की है।1
- जयपुर के कलवाड़ रोड पर स्थित मंगलम सिटी, जो इस मार्ग का पहला प्रोजेक्ट था, आज पानी और सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जूझ रही है। लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या मंगलम सिटी जयपुर का हिस्सा नहीं है, क्योंकि इसे पूरी तरह से उपेक्षित छोड़ दिया गया है। पोस्ट के अनुसार, मंगलम सिटी पानी और सड़कों से इतनी दूर क्यों है, इसका कोई जवाब नहीं मिल रहा। निवासियों का मानना है कि उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है, जिससे वे प्रशासन से यह सवाल कर रहे हैं कि आखिर मंगलम सिटी की देखभाल कौन करेगा। यह स्थिति क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी और जवाबदेही के अभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त करती है।2
- बहरोड़ में एक दूध का टैंकर पलट गया। इस घटना के बाद, टैंकर से दूध ले जाने के लिए लोगों में होड़ मच गई।1
- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के अनुसार, राहुल गांधी के राष्ट्रव्यापी अभियान “छात्रों की गूंज” के तहत कोटा में आयोजित ऐतिहासिक छात्र संवाद कार्यक्रम का दौसा जिले में स्क्रीन पर जन-प्रस्तुतीकरण किया गया। इस दौरान, दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा ने युवाओं के पक्ष में एक महत्वपूर्ण बयान भी दिया।1
- अलवर से मिली जानकारी के अनुसार, एक मासूम से दरिंदगी के आरोपी की सारी हेकड़ी और अकड़ कानून के सामने धरी रह गई। जो खुद को बड़ा समझ रहा था, आज उसके लिए पैरों पर खड़ा होना भी मुश्किल हो गया है। यह घटना दर्शाती है कि कानून भले ही देर से कार्य करे, लेकिन वह हैवानियत का जवाब पूरी सख्ती के साथ देता है।1