एटा के कस्बा सकीट में पीपल अड्डा के पास उस समय यातायात बाधित हो गया, जब सड़क किनारे खड़ी एक कार अचानक लॉक हो गई। कार के रिमोट की सेल खत्म हो जाने की वजह से वाहन अनलॉक नहीं हो सका, जिसके कारण कार वहीं खड़ी रह गई और लगभग 30 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के डैशबोर्ड पर एक दरोगा की टोपी रखी हुई थी, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मलावन टोल टैक्स बचाने के चक्कर में बड़ी संख्या में ट्रक और डंपर इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं, जिससे यहां अक्सर जाम लगता रहता है और कार लॉक होने की इस घटना से समस्या और गंभीर हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मधु दुबे पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को व्यवस्थित कराया, वाहनों को नियंत्रित किया और जाम खुलवाकर आवागमन को सामान्य बनाया। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मलावन टोल बचाने के लिए सकीट मार्ग का प्रयोग करने वाले भारी वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए, ताकि कस्बा वासियों को बार-बार लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सके।
एटा के कस्बा सकीट में पीपल अड्डा के पास उस समय यातायात बाधित हो गया, जब सड़क किनारे खड़ी एक कार अचानक लॉक हो गई। कार के रिमोट की सेल खत्म हो जाने की वजह से वाहन अनलॉक नहीं हो सका, जिसके कारण कार वहीं खड़ी रह गई और लगभग 30 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के डैशबोर्ड पर एक दरोगा की टोपी रखी हुई थी, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मलावन टोल टैक्स बचाने के चक्कर में बड़ी
संख्या में ट्रक और डंपर इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं, जिससे यहां अक्सर जाम लगता रहता है और कार लॉक होने की इस घटना से समस्या और गंभीर हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मधु दुबे पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को व्यवस्थित कराया, वाहनों को नियंत्रित किया और जाम खुलवाकर आवागमन को सामान्य बनाया। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मलावन टोल बचाने के लिए सकीट मार्ग का प्रयोग करने वाले भारी वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए, ताकि कस्बा वासियों को बार-बार लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सके।
- एटा के कस्बा सकीट में पीपल अड्डा के पास उस समय यातायात बाधित हो गया, जब सड़क किनारे खड़ी एक कार अचानक लॉक हो गई। कार के रिमोट की सेल खत्म हो जाने की वजह से वाहन अनलॉक नहीं हो सका, जिसके कारण कार वहीं खड़ी रह गई और लगभग 30 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार के डैशबोर्ड पर एक दरोगा की टोपी रखी हुई थी, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मलावन टोल टैक्स बचाने के चक्कर में बड़ी संख्या में ट्रक और डंपर इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं, जिससे यहां अक्सर जाम लगता रहता है और कार लॉक होने की इस घटना से समस्या और गंभीर हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मधु दुबे पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को व्यवस्थित कराया, वाहनों को नियंत्रित किया और जाम खुलवाकर आवागमन को सामान्य बनाया। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मलावन टोल बचाने के लिए सकीट मार्ग का प्रयोग करने वाले भारी वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए, ताकि कस्बा वासियों को बार-बार लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सके।2
- उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बड़ी हलचल सामने आई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग की इस सक्रियता के बाद पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनाव को लेकर नई आरक्षण सूची और उसके नए फॉर्मूले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस नए बदलाव से गांवों की प्रधानी सीटों का आरक्षण बदलने की संभावना बनी हुई है, जिसे लेकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों और ग्रामीणों के बीच उत्सुकता बनी हुई है।1
- मैनपुरी के थाना एलाऊ क्षेत्र अंतर्गत गाड़ीवर निवासी बिजेन्द्र सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि सिविल विवाद में न्यायालय से स्टे आदेश होने के बावजूद विपक्षी पक्ष ने उनके खेत में लगी करीब 10 बीघा धान की फसल उखाड़कर बर्बाद कर दी। यह घटना 18 जुलाई की सुबह की है, जिससे पीड़ित को लगभग 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि मामले की सूचना देने के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।1
- पेपर लीक के मुद्दे पर पीएम मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। पीएम मोदी के इस ऐलान के सामने आते ही विपक्ष की ओर से भी पलटवार तेज हो गया है।1
- मैनपुरी जनपद के थाना बिछवां क्षेत्र स्थित ग्राम सिमरई में पुरानी जमीनी रंजिश को लेकर मंगलवार को खूनी संघर्ष हो गया। आरोप है कि दबंगों ने एक घर में घुसकर लाठी-डंडों, लोहे की सरिया, पाइप और धारदार हथियारों से पूरे परिवार पर हमला बोल दिया। इस हिंसक हमले में कई लोग घायल हो गए, जिनमें गंभीर रूप से घायल विनोद कुमार को जिला अस्पताल से सैफई पीजीआई रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, 21 जुलाई 2026 की शाम करीब 3 बजे महेश चन्द्र, प्रवेश, राजवीर, दलवीर, सुरजीत, अजय सहित अन्य लोग लामबंद होकर उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए विनोद कुमार को जबरन घर से बाहर खींच लिया और जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने आए प्रमोद, सिनोद, ओमप्रकाश और संगीता को भी मारपीट कर लहूलुहान कर दिया गया। पीड़ित समोद कुमार का आरोप है कि घटना के समय आरोपियों ने मोबाइल फोन और नकदी भी छीन ली, लेकिन पुलिस ने उनकी तहरीर के मुताबिक मुकदमा दर्ज न करके अपनी ओर से हल्की धाराओं में केस दर्ज किया है। एफआईआर में गंभीर धाराओं और लूट की वारदात को शामिल न किए जाने पर पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक मैनपुरी से निष्पक्ष जांच कराने, उचित धाराएं बढ़ाने, लूट को शामिल करने और सभी नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1