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Garam Hatinghore semertoli mane akhand Hari kirtan.
Bhupendra Singh
Garam Hatinghore semertoli mane akhand Hari kirtan.
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- Post by Bhupendra Singh1
- कोलेबिरा:- लचरागढ़ स्थित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर उच्च विद्यालय में अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोपाल साहू ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मुखिया जीरेन मड़की एवं विशिष्ट अतिथि विश्वनाथ बड़ाइक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू ने अपने संबोधन में शिक्षा के साथ संस्कार और स्वावलंबन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर और चरित्रवान बनाती है। इस अवसर पर शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले विद्यार्थियों—बिनोद सिंह, पूजा कुमारी, चंद्रपाल सिंह, महेंद्र सिंह एवं अनुष्का बागड़ी को सम्मानित किया गया। साथ ही उनकी माताओं को भी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया, जो कार्यक्रम का भावुक क्षण रहा। विद्यार्थियों को ट्रॉफी व ₹1100 की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।मुख्य अतिथि ने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक एवं शिक्षक उपस्थित रहे। संचालन प्रमोद पाणिग्राही ने किया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य ने दिया।1
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- घाघरा के हापामुनि गांव में आयोजित पांच दिवसीय प्रसिद्ध मंडा मेला का समापन पारंपरिक भोक्ता झूलन के साथ श्रद्धा और उत्साह के माहौल में संपन्न हुआ। इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। मेले के अंतिम दिन भोक्ताओं द्वारा विशेष अनुष्ठान किया गया, जिसमें वे बास से बने ऊंचे ठठरी (मचान) पर चढ़ते हैं और अपनी कमर में रस्सी बांधकर झूलते हैं। झूलते हुए भोक्ता श्रद्धालुओं के बीच पुष्प वर्षा करते हैं, जिसे लोग प्रसाद के रूप में श्रद्धा भाव से ग्रहण करते हैं। इस दृश्य को देखने के लिए आसपास ही नहीं बल्कि कई जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा। मेले में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिससे क्षेत्र की परंपरा और संस्कृति जीवंत हो उठी। स्थानीय लोगों का मानना है कि मंडा मेला वर्षों पुरानी आस्था और परंपरा का प्रतीक है, जो समाज में एकता और श्रद्धा को मजबूत करता है। आयोजन समिति ने मेले को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। भोक्ता झूलन के साथ ही पांच दिवसीय मंडा मेला हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ संपन्न हो गया, जो श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।मौके पर मंडा मेला के संरक्षक सह अध्यक्ष प्रोफेसर अवध मनी पाठक, कृष्ण जीवन पाठक, भारत भूषण पाठक,सुधाकर मनी पाठक, गौरव पाठक, राजेश मणि पाठक,शैलेश मनी पाठक,निलेश मनी पाठक अजीत मनी पाठक, मुकेश मनी पाठक,मिथिलेश मनी पाठक, शाश्वत पाठक,पीयूष पाठक, त्रिभुवन मनी पाठक,पुरुषोत्तम मनी पाठक,प्रदीप मनी पाठक, भूवन मनी पाठक,मिंटू पाठक, अनिरुद्ध चौबे,आदित्य भगत, मुखिया विनीता उरांव,प्रधान उरांव,कनक भगत,दिलीप महली रविंद्र महली,मनीष महली,बिंदेश्वर साहू,सुरेंद्र साहू सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।2
- सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के बरगांव दक्षिणी पंचायत अंतर्गत ग्राम बरटोली स्थित निगाह टोली के हनुमान वाटिका परिसर में ग्रामीण शिवभक्तों द्वारा "आओ चलें शिव की ओर" की चर्चा व सत्संग का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रुप से पुनिता देवी एवं उर्मिला देवी का सराहनीय योगदान रहा। योग गुरु गजराज महतो जी ने शिव जी को संसार का प्रथम गुरु बताया। वहीं उपवन रांची से पवन जी, अभिषेक जी, रमावती, रीना, महेश्वरी इन सभी गुरु भाई बहनों का आगमन हुआ। उन्होंने चर्चा के दौरान "आओ चलें शिव की ओर" के साथ साथ शिवभक्ति के तीन सूत्र की विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने आगे बताया कि भगवान शिव ही हमारे गुरु हैं आईए हम सब मिलकर शिव को अपना गुरु बनाएं। इस कार्यक्रम में पंचायत समिति सदस्य रेखा देवी, ललीता देवी, सरस्वती देवी,पूनम देवी, सुनिता देवी, सरिता देवी, पारो देवी सहित गांव के सभी माताएं बहनें शामिल हुई।4
- Post by RAMSEWAK SAHU1
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- सिमडेगा:- विद्या वनस्थली शिक्षा समिति द्वारा संचालित एवं लीड द्वारा सहयोग प्राप्त जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल, सिमडेगा में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ के अवसर पर सत्रारंभ संस्कार का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य रूप से साध्वी वसुंधरा “गुरु माँ माया अग्रवाल, रेखा रानी, विद्यालय के शिक्षकगण, अभिभावक एवं छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ द्वारा किया गया, जिसमें सभी उपस्थित जनों ने आहुति देकर नए सत्र की सफलता, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं विद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना की। इस पावन अवसर पर यजमान के रूप में लक्ष्मी पाठक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोगी के रूप में मनोरमा प्रधान, टुम्पा कंसारी, निराला देवी, मनोरमा केरकेट्टा तथा अन्य एसएमसी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।इसके पश्चात भजन एवं कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने भक्ति भाव से भाग लिया और वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक एवं आनंदमय हो उठा।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।विद्यालय प्रबंधन की ओर से कहा गया कि इस प्रकार के संस्कारात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन सभी के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना के साथ हुआ।1