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आगरा पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि SIT केवल छोटे लोगों पर एक्शन ले रही है, जबकि बड़े लोग इस मामले में बच रहे हैं। इस पूरे विवाद को लेकर सचिन पायलट ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग उठाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए। हालांकि, सचिन पायलट के इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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आगरा पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि SIT केवल छोटे लोगों पर एक्शन ले रही है, जबकि बड़े लोग इस मामले में बच रहे हैं। इस पूरे विवाद को लेकर सचिन पायलट ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग उठाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए। हालांकि, सचिन पायलट के इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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- आगरा पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राम मंदिर चंदा और कथित जमीन घोटाले को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ धोखा हुआ है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की तुलना बार-बार होने वाले डाके से की और दावा किया कि एसआईटी के नाम पर सिर्फ बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। सचिन पायलट ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक मंदिर समिति को भंग किया जाए और जिम्मेदार लोगों से तुरंत इस्तीफा लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष के मामलों में हमेशा सक्रिय रहने वाली जांच एजेंसियां अब कहां हैं।1
- आगरा के ESI अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर द्वारा पर्ची पर लिखी गई दवाएं अस्पताल के स्टॉक में उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें काउंटर से नहीं दी जा रही हैं। अस्पताल प्रशासन की इस कार्यप्रणाली के चलते मरीज घंटों तक परेशान होने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं, मरीजों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने दवा की मांग की तो अस्पताल कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। अस्पताल में अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर भी मरीजों ने तीखी नाराजगी जताई है। उचित जवाब न मिलने और अव्यवस्था के कारण मरीजों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।1
- आगरा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए नगला घुरैला, कागारोल स्थित एक बंद गोदाम से भारी मात्रा में खेसारी दाल बरामद की है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर की गई इस छापेमारी के दौरान कुल 59 बोरियों में भरकर रखी गई 1755 किलोग्राम खेसारी दाल जब्त की गई। कार्रवाई के दौरान विभाग ने जांच के लिए दाल के दो नमूने संग्रहित किए हैं और संपूर्ण स्टॉक को विधिक प्रक्रिया के तहत सीज कर दिया गया है। प्रशासन ने इस स्टॉक के वैध दावेदारों को अपने अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का समय दिया है।4
- आगरा की सदर तहसील के ग्राम गढ़ी रोहता निवासी वृद्ध किसान झारिका प्रसाद ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर भू-माफियाओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि उनकी करोड़ों रुपये मूल्य की कृषि भूमि पर कब्जा करने के उद्देश्य से आरोपियों ने फर्जी नोटरी इकरारनामा तैयार करवाया है। झारिका प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपनी भूमि का न तो कभी कोई बैनामा किया है और न ही कोई इकरारनामा सौंपा है। आरोप है कि भू-माफिया लगातार जमीन पर जबरन कब्जा करने, बाउंड्रीवाल खड़ी करने और पीड़ित के परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। किसान ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने, भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। अब यह प्रश्न बना हुआ है कि क्या प्रशासन भू-माफियाओं पर समय रहते कार्रवाई करेगा या फिर किसी अनहोनी का इंतजार किया जाएगा।1
- आगरा पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि SIT केवल छोटे लोगों पर एक्शन ले रही है, जबकि बड़े लोग इस मामले में बच रहे हैं। इस पूरे विवाद को लेकर सचिन पायलट ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग उठाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जानी चाहिए। हालांकि, सचिन पायलट के इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में पीएनबी क्लास में काम करने वाले मनोज कुमार नामक व्यक्ति द्वारा अपनी तीसरी पत्नी को पीटने का मामला सामने आया है। तीन शादियां कर चुके मनोज कुमार ने चौथी शादी करने की फिराक में अपनी तीसरी पत्नी को भी धोखा दे दिया। जब तीसरी पत्नी ने इस संबंध में कार्रवाई करवाई, तो मनोज कुमार उसे बैंक के सामने ही पीटने लगा। यह व्यक्ति 8 साल, 4 साल और 6 साल के अंतराल पर हर महिला को धोखा देता है। समाज सेवी पत्रकार आशा चौहान की इस खास रिपोर्ट में आरोपी की इस करतूत को उजागर किया गया है।1