पीलीभीत में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों के भुगतान में कथित अनियमितताओं और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे जिला पंचायत राज कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बीसलपुर निवासी ज्ञान प्रकाश ने मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए भुगतान प्रक्रिया में व्यापक भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है, जिसके बाद पंचायत विभाग में हलचल मच गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि ओडीएफ प्लस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में हुए कार्यों का भुगतान शासनादेश के अनुसार प्रधान और सचिव द्वारा किया जाना चाहिए, लेकिन जिले में तैनात तीन जिला कंसलटेंट (डीसी) कथित तौर पर अपने निजी कंप्यूटरों के माध्यम से पूरी भुगतान प्रक्रिया संचालित कर रहे हैं। आरोपों के अनुसार, प्रधानों और सचिवों को कार्यालय बुलाकर उनके मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी का उपयोग करके भुगतान किया जा रहा है। ज्ञान प्रकाश ने अपनी शिकायत में आगे कहा है कि भुगतान जारी करने के नाम पर प्रधानों और सचिवों से पांच प्रतिशत कमीशन की मांग की जाती है। आरोप है कि जो लोग यह कमीशन नहीं देते, उनकी फाइलें जानबूझकर विभिन्न बहानों से लंबित कर दी जाती हैं और उनके भुगतान को रोक दिया जाता है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि कई ग्राम पंचायतों के भुगतान एक वर्ष से अधिक समय से अटके हुए हैं। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कई प्रधानों और सचिवों को भुगतान प्रक्रिया, यूजर आईडी और पासवर्ड संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी तक नहीं दी जाती है, और पूरी प्रक्रिया पर कथित तौर पर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के कुछ कर्मचारियों का पूर्ण नियंत्रण है, जिससे शासन की पारदर्शी भुगतान व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। ज्ञान प्रकाश ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया, तो वे अपनी बात मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी उठाएंगे। फिलहाल, मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर यह शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच प्रक्रिया में है, और आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
पीलीभीत में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों के भुगतान में कथित अनियमितताओं और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे जिला पंचायत राज कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बीसलपुर निवासी ज्ञान प्रकाश ने मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए भुगतान प्रक्रिया में व्यापक भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है, जिसके बाद पंचायत विभाग में हलचल मच गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि ओडीएफ प्लस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में हुए कार्यों का भुगतान शासनादेश के अनुसार प्रधान और सचिव द्वारा किया जाना चाहिए, लेकिन जिले में तैनात तीन जिला कंसलटेंट (डीसी) कथित तौर पर अपने निजी कंप्यूटरों के माध्यम से पूरी भुगतान प्रक्रिया संचालित कर रहे हैं। आरोपों के अनुसार, प्रधानों और सचिवों को कार्यालय बुलाकर उनके मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी का उपयोग करके भुगतान किया जा रहा है। ज्ञान प्रकाश ने अपनी शिकायत में आगे कहा है कि भुगतान जारी करने के नाम पर प्रधानों और सचिवों से पांच प्रतिशत कमीशन की मांग की जाती है। आरोप है कि जो लोग यह कमीशन नहीं देते, उनकी फाइलें जानबूझकर विभिन्न बहानों से लंबित कर दी जाती हैं और उनके भुगतान को रोक दिया जाता है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि कई ग्राम पंचायतों के भुगतान एक वर्ष से अधिक समय से अटके हुए हैं। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कई प्रधानों और सचिवों को भुगतान प्रक्रिया, यूजर आईडी और पासवर्ड संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी तक नहीं दी जाती है, और पूरी प्रक्रिया पर कथित तौर पर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के कुछ कर्मचारियों का पूर्ण नियंत्रण है, जिससे शासन की पारदर्शी भुगतान व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। ज्ञान प्रकाश ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया, तो वे अपनी बात मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी उठाएंगे। फिलहाल, मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर यह शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच प्रक्रिया में है, और आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
- पीलीभीत के माधोटांडा में 'मां गोमती ग्रीष्मकालीन महोत्सव 2026' का शानदार आग़ाज़ हो गया है। यह महोत्सव सांस्कृतिक धरोहर का महासंगम है, जिसका विधिवत उद्घाटन जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान और भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद सहित कई वीआईपी गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।1
- पीलीभीत जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विलगवाँ में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ घर पर सो रहे पति-पत्नी पर जानलेवा हमला किया गया। हमलावर ने सो रहे दंपति को चाकू से घायल कर दिया, जिससे दोनों बुरी तरह ज़ख्मी हो गए। घटना के दौरान हुई चीख-पुकार सुनकर बच्चों की नींद खुल गई। पीड़ितों ने हमलावर पर गोली चलाने का भी गंभीर आरोप लगाया है। हमले के बाद, एंबुलेंस की मदद से घायल पति-पत्नी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के एक युवक को सोशल मीडिया पर अभद्र गाली देना भारी पड़ गया, जहाँ उत्तराखंड पुलिस ने उसे सबक सिखाया। सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की यह कार्रवाई इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- मुहर्रम के अवसर पर टांडा में अशारा-ए-हुसैन कमेटी ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। इस दौरान कमेटी द्वारा राहगीरों को शरबत और लंगर वितरित किया गया।1
- भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस डील को भारतीय किसानों, पशुपालकों, डेयरी और पोल्ट्री उद्योग के लिए एक गंभीर खतरा बताया। यह बात उन्होंने 23 जून 2026, मंगलवार को पीलीभीत के पूरनपुर स्थित प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। चढूनी ने आशंका जताई है कि इस समझौते से देश की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सार्वजनिक खरीद प्रणाली को भारी नुकसान पहुंच सकता है। इस संभावित खतरे के मद्देनजर, उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस ट्रेड डील से संबंधित सभी प्रस्तावों को तुरंत सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी है।1
- पीलीभीत के बरखेड़ा ब्लॉक सभागार में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में ग्राम प्रधान प्रशासकों, बीडीसी सदस्यों और अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्रामीण विकास, आवास, आयुष्मान कार्ड, प्राकृतिक खेती और ग्राम पंचायतों की कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी ग्राम प्रधान प्रशासकों को अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों की विकास कार्ययोजनाएं शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पंचायतों की कार्ययोजनाओं की समीक्षा ब्लॉक सभागार में अधिकारियों की उपस्थिति में एक साथ की जाएगी और फिर उन्हें स्वीकृति मिलेगी। ज्ञानेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने पर जोर देते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए विशेष अभियान चलाने और आवश्यकतानुसार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की भी जानकारी दी और किसानों को इससे जोड़ने का आह्वान किया। साथ ही, जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायतों में श्मशान भवन निर्माण और जर्जर पंचायत भवनों की मरम्मत एवं सुधार कार्य कराने के भी निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष बल दिया और बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जनपद को 1787 आवासों का लक्ष्य मिला है, जिसके मुकाबले अभी तक विकासखंडों से केवल 890 लाभार्थियों की सूची प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी सूचित किया कि पात्र परिवार योजना का लाभ लेने के लिए ग्राम पंचायत सचिव या खंड विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। बैठक में भाजपा विधायक स्वामी प्रवक्ता नन्द सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, ग्राम प्रधान प्रशासक और बीडीसी सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक उनका लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बीसलपुर पुलिस ने एक शातिर चोर सुल्तान को फिर से गिरफ्तार किया है, जो पहले पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर इस आरोपी को दबोचा। सुल्तान कई गंभीर मामलों में पहले से ही वांछित चल रहा था। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है।1
- लॉरेंस बिश्नोई का एक पुराना बयान, जो उसने पुलिस कस्टडी के दौरान दिया था, इन दिनों इंटरनेट पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बिश्नोई ने अभिनेता सलमान खान को सीधे तौर पर चेतावनी दी थी। यह विवाद काले हिरण मामले से शुरू हुआ था और सालों बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। इस पूरे मामले और मिल रही धमकियों पर लोगों से राय मांगी गई है कि क्या यह विवाद कभी समाप्त होगा।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में हुई अग्नि दुर्घटना स्थल का गहन निरीक्षण किया। इसके उपरांत, उन्होंने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंचकर इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में घायल हुए लोगों और उनके परिजनों से भेंट की, उनका कुशल-क्षेम पूछा, और चिकित्सकों से घायलों के उपचार संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सभी घायलों का समुचित उपचार कुशल चिकित्सकों के नेतृत्व में शीर्ष प्राथमिकता पर किया जा रहा है। उन्होंने इस हृदय विदारक दुर्घटना में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया, कहा कि उनका दुःख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रभु श्री राम से दिवंगत आत्माओं को सद्गति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की प्रार्थना की। साथ ही, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए हैं कि इस दुर्घटना में असमय काल-कवलित हुए लोगों के परिजनों को ₹5-5 लाख और गंभीर रूप से घायलों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।1