दुर्ग पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय ऑनलाइन ठगी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई व्हाट्सएप के माध्यम से APK फाइल भेजकर बैंक खाते से ₹4,02,728 की ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में की गई है। दिनांक 25.02.2026 को प्रार्थी संजय झा, निवासी सेक्टर-05, भिलाई, ने थाना भिलाई नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी गई थी। इस फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करने के बाद, उनके मोबाइल पर आने वाले ओटीपी और अन्य संदेश स्वतः ही दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड होने लगे, जिसके कारण उनके बैंक खाते से ₹4,02,728 की अनधिकृत निकासी हो गई। इस शिकायत पर थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 101/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान, साइबर सेल के तकनीकी सहयोग से बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों का लोकेशन गुजरात राज्य में मिला, जिसके बाद थाना भिलाई नगर पुलिस की एक टीम तुरंत गुजरात रवाना हुई। पुलिस टीम ने सिलवासा, दादरा एवं नगर हवेली निवासी अच्छे लाल यादव (उम्र 37 वर्ष) और जोखन प्रसाद यादव (उम्र 49 वर्ष) नामक दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया। प्रकरण में एक से अधिक आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने पर धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी कर दुर्ग लाया गया और माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर वैधानिक कार्यवाही की गई। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है। इस कार्रवाई के तहत घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य संबंधित दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है। इस पूरे ऑपरेशन में थाना भिलाई नगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन और अंतर्राज्यीय समन्वय के माध्यम से आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, लिंक या मोबाइल एप्लिकेशन को बिना सत्यापन डाउनलोड न करें। साथ ही, अपने मोबाइल, बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाना में सूचना देने का आग्रह किया गया है।
दुर्ग पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय ऑनलाइन ठगी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई व्हाट्सएप के माध्यम से APK फाइल भेजकर बैंक खाते से ₹4,02,728 की ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में की गई है। दिनांक 25.02.2026 को प्रार्थी संजय झा, निवासी सेक्टर-05, भिलाई, ने थाना भिलाई नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी गई थी। इस फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करने के बाद, उनके मोबाइल पर आने वाले ओटीपी और अन्य संदेश स्वतः ही दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड होने लगे, जिसके कारण उनके बैंक खाते से ₹4,02,728 की अनधिकृत निकासी हो गई। इस शिकायत पर थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 101/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान, साइबर सेल के तकनीकी सहयोग से बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों का लोकेशन गुजरात राज्य में मिला, जिसके बाद थाना भिलाई नगर पुलिस की एक टीम तुरंत गुजरात रवाना हुई। पुलिस टीम ने सिलवासा, दादरा एवं नगर हवेली निवासी
अच्छे लाल यादव (उम्र 37 वर्ष) और जोखन प्रसाद यादव (उम्र 49 वर्ष) नामक दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया। प्रकरण में एक से अधिक आरोपियों की संलिप्तता पाए जाने पर धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी कर दुर्ग लाया गया और माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर वैधानिक कार्यवाही की गई। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है। इस कार्रवाई के तहत घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य संबंधित दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है। इस पूरे ऑपरेशन में थाना भिलाई नगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों के संकलन और अंतर्राज्यीय समन्वय के माध्यम से आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, लिंक या मोबाइल एप्लिकेशन को बिना सत्यापन डाउनलोड न करें। साथ ही, अपने मोबाइल, बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाना में सूचना देने का आग्रह किया गया है।
- बेमेतरा जिले के खम्हरिया थाना क्षेत्र में पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोने की चेन लूटने और लूटी गई संपत्ति खरीदने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लगभग 3 तोला 20 मिलीग्राम वजनी सोने की चेन बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 3,60,000/- रुपये बताई जा रही है। यह मामला तब सामने आया जब गढ़ुवा निवासी 70 वर्षीय प्रार्थीया पार्वती लोधी ने 01.07.2026 को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 30.06.2026 को दोपहर 12 बजे जब वह अपने घर के बाड़ी में बोर चालू करके नहा रही थीं, तभी गांव का भुलउ नाउ उनके घर में घुसकर हाथ धोने के लिए पानी मांगने लगा। पानी देने के बाद उसने कोई कपड़ा उनके मुंह पर फेंका और सिर व पीठ पर मारपीट कर उन्हें गिरा दिया, जिससे वे कुछ क्षण के लिए अचेत हो गईं। इसी दौरान आरोपी ने उनके गले में पहनी तीन तोले की सोने की चेन खींचकर फरार हो गया। इस रिपोर्ट पर धारा 309(6) और 331(2) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। घटना के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसके बाद पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश यादव और एसडीओपी बेमेतरा श्री भूषण एक्का के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी खम्हरिया उप निरीक्षक ओंकार साहू को स्टाफ के साथ विवेचना में लगाया गया। विवेचना के दौरान, गढ़ुवा निवासी आरोपी भुलउ सेन (उम्र 19 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने लूटी गई सोने की चेन को देवरबीजा निवासी धर्मेन्द्र निर्मलकर को गिरवी रखकर 5,000/- रुपये लिए थे, जिसे उसने दोस्तों के साथ खाने-पीने में खर्च कर दिया। इस प्रकरण में लूटी गई संपत्ति खरीदने के आरोप में धर्मेन्द्र निर्मलकर के विरुद्ध धारा 317(2) भी जोड़ी गई। दोनों आरोपियों की संयुक्त पेशी पर लूटी गई करीब 3 तोला 20 मिलीग्राम सोने की चेन, जिसकी कीमत 3,60,000/- रुपये है, जब्त कर बरामद कर ली गई। आरोपी आनंद सेन उर्फ भुलउ (पिता छगन लाल सेन, उम्र 19 वर्ष, निवासी गढ़ुवा) और धर्मेन्द्र निर्मलकर (पिता हेमंत निर्मलकर, उम्र 18 वर्ष, निवासी देवरबीजा) को 01.07.2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी खम्हरिया उप निरीक्षक ओंकार साहू, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक सुरेश चौहान, आरक्षक अशरफी खान, बलदेव निषाद, मुकेश चंद्रवंशी सहित अन्य खम्हरिया स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- मुंगेली जिले की लोरमी पुलिस ने चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मध्यप्रदेश के अनुपपुर से एक अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला जल जीवन मिशन के तहत रखे गए लगभग 6 लाख रुपये मूल्य के डीआई पाइप की चोरी से संबंधित था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी किए गए सारे माल को बरामद कर लिया। इस मामले में एक नाबालिग को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है, जबकि चोरी की इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। लोरमी पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।1
- पलारी ब्लॉक के ग्राम सीतापार स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में बदहाल व्यवस्थाओं के बीच लगभग 60 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई हो रही है। विद्यालय का भवन जर्जर हालत में है, वहीं शिक्षण व्यवस्था भी प्रभावित है क्योंकि 5 कक्षाएं महज दो कमरों में संचालित की जा रही हैं; एक कमरे में तीन और दूसरे में दो कक्षाओं की पढ़ाई होती है। इसके अतिरिक्त, विद्यालय परिसर में लगे दोनों बोरिंग लंबे समय से खराब पड़े हैं। इस वजह से छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और मध्यान्ह भोजन के लिए प्रतिदिन करीब 50 मीटर दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे गर्मी और बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो अतिरिक्त कक्षों का निर्माण किया गया और न ही पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की गई है। जर्जर भवन में बच्चों की पढ़ाई को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता है, और उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं हुए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण और पालकों ने जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय का निरीक्षण कर अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराया जाए, खराब बोरिंग की मरम्मत की जाए और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।1
- कांकेर जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन उजियारा” के तहत परतापुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने अवैध महुआ शराब के कारोबार में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से कुल 67 लीटर अवैध देशी महुआ शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 14,070 रुपये बताई गई है। इसके अतिरिक्त, 900 रुपये की नगद बिक्री रकम भी जब्त की गई। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। यह अभियान पुलिस अधीक्षक कांकेर के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के पर्यवेक्षण में संचालित किया जा रहा है। परतापुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर परतापुर और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर छापे मारे गए। इस दौरान, मुकेश नेताम (30 वर्ष, निवासी थानापारा परतापुर), देवनाथ उसेण्डी (30 वर्ष, निवासी छिन्दटोला परतापुर), सिरेन्द्र बेसरा (40 वर्ष, निवासी भिंगीडार) और फागूराम कोर्राम (48 वर्ष, निवासी भिंगीडार) को अवैध रूप से देशी महुआ शराब का संग्रहण और बिक्री करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। जब्त किए गए विवरण के अनुसार, मुकेश नेताम से 20 लीटर महुआ शराब और 200 रुपये नगद, देवनाथ उसेण्डी से 25 लीटर महुआ शराब और 200 रुपये नगद, सिरेन्द्र बेसरा से 12 लीटर महुआ शराब और 300 रुपये नगद, तथा फागूराम कोर्राम से 10 लीटर महुआ शराब और 200 रुपये नगद जब्त किए गए। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की है। परतापुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।2
- पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने नगर पंचायत सरगाँव की नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष पूजा कमल कौशिक को उनकी जीत पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। यह जानकारी बुधवार शाम 6:46 बजे बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के निज सचिव द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति से मिली। पूजा कमल कौशिक नगर पंचायत सरगाँव में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई हैं। इस अवसर पर श्री कौशिक ने ईश्वर से पूजा कमल कौशिक के सफल, यशस्वी और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि जनता जिन उम्मीदों के साथ जनादेश देती है, उन पर पूरी निष्ठा से काम करना सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष पूजा कमल का नेतृत्व, समर्पण और जन सेवा का भाव नगर पंचायत सरगाँव में विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा। श्री कौशिक ने आगे कहा कि "ट्रिपल इंजन" सरकार बनने के साथ ही निकायों के अंतर्गत सभी पंचायतों में समुचित विकास लगातार हो रहा है। उन्होंने सभी की सहभागिता से गाँव से लेकर शहर तक विकास की गंगा बहाने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि विष्णु देव साय सरकार के नेतृत्व में नगर पंचायत सरगाँव के चहुंमुखी विकास के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने सरगाँव नगर पंचायत को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इस कार्य के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।1
- दुर्ग जिले के उमदा गांव से बैंक ऑफ बड़ौदा ग्राहक सेवा केंद्र की आड़ में संचालित एक चॉइस सेंटर पर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि इस केंद्र पर लोगों से एक ही लेनदेन के दौरान 3-4 बार फिंगरप्रिंट लगवाकर उनके पैसों में गड़बड़ी की गई। इस कथित ठगी के शिकार गरीब ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर सामने आए हैं और उन्होंने मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच व संभावित कार्रवाई पर सभी की नज़र बनी हुई है। यह घटना लोगों को ग्राहक सेवा केंद्रों पर लेनदेन करते समय सावधान रहने की चेतावनी देती है।1
- मुंगेली जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के ग्राम जरेली में पेयजल व्यवस्था के लिए लगाए गए बोर पंप से मोटर पंप, केबल वायर और प्लास्टिक पाइप चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में की गई कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने आरोपी योगेश साहू और निखिल सिगरौल से चोरी का सारा सामान बरामद कर लिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जिसे संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ मुंगेली पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।1
- गुढ़ियारी थाना पुलिस ने अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर एक व्यक्ति से ब्लैकमेल कर लगभग 2,17,000/- रुपये वसूलने के आरोप में दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रार्थी ने थाना गुढ़ियारी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी एक परिचित महिला ने उसे अपने घर बुलाया था, जहाँ उसने एक अन्य महिला के साथ मिलकर उसे शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया। इसके बाद उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना ली गईं। आरोपियों ने इन फोटो/वीडियो को सोशल मीडिया और परिवारजनों को भेजने की धमकी देकर प्रार्थी को लगातार ब्लैकमेल किया। इस दौरान उन्होंने फोन-पे/यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में लगभग 2,17,000/- रुपये की वसूली की। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ थाना गुढ़ियारी में अपराध क्रमांक 265/2026, धारा 308(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी नार्थ ज़ोन श्री मयंक गुर्जर के निर्देश पर गुढ़ियारी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने मोबाइल चैट, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, फोन-पे/यूपीआई डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का परीक्षण कर पर्याप्त सबूत जुटाए। इसके बाद दोनों महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त की गई। वैधानिक कार्यवाही के उपरांत दोनों आरोपी महिलाओं को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।1
- रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने दिनांक 01.07.2026 को डीसीपी (नॉर्थ) श्री मयंक गुर्जर के निर्देशन और समस्त राजपत्रित अधिकारियों के पर्यवेक्षण में, अपराधों एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, वारंटों की तामीली तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही के उद्देश्य से 'ऑपरेशन कालचक्र' के तहत एक विशेष कॉम्बिंग गश्त एवं सघन अभियान चलाया। यह व्यापक अभियान डीसीपी नॉर्थ जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों, जिसमें उरला, खमतराई, पंडरी एवं खम्हारडीह सहित अन्य थाना क्षेत्र शामिल हैं, में संयुक्त रूप से संचालित किया गया। अभियान के दौरान कुल 190 वारंटों की तामीली की गई, जिनमें 24 स्थायी वारंट, 68 गिरफ्तारी वारंट एवं 98 जमानती वारंट शामिल हैं। विशेष अभियान के तहत विभिन्न प्रकरणों में फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, वहीं आदतन अपराधियों, निगरानी बदमाशों, गुंडा बदमाशों एवं चाकूबाजों की सघन चेकिंग कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। असामाजिक तत्वों एवं शांति व्यवस्था भंग करने वाले कुल 29 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त, आबकारी अधिनियम के 08 और शस्त्र अधिनियम के 03 प्रकरणों में आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। अभियान में अवैध शराब बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों, उभरते बदमाशों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की जांच-पड़ताल कर उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु कड़ी चेतावनी दी गई, साथ ही रात्रि कॉम्बिंग गश्त के माध्यम से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध इस प्रकार के विशेष अभियान निरंतर जारी रहेंगे और कानून व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।1