कोटा में विश्व सर्प संरक्षण दिवस के अवसर पर सर्प संरक्षण और रेस्क्यू के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे डॉ. विनीत महोबिया से विशेष बातचीत की गई। इस दौरान डॉ. महोबिया ने बताया कि सांप प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इनके प्रति लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करना समय की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में उनके पिता डॉ. विनोद महोबिया ने कोटा में सर्प संरक्षण और रेस्क्यू अभियान की शुरुआत की थी। वर्षों की मेहनत, जनजागरूकता और वन विभाग के सहयोग से आज कोटा में भारत का पहला स्टैंडअलोन स्नेक पार्क स्थापित हो चुका है, जो देशभर के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन गया है। डॉ. विनीत महोबिया ने आम लोगों से अपील की है कि सांपों को देखकर घबराने या उन्हें मारने के बजाय तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकांश सांप विषैले नहीं होते और वे मानव पर तभी हमला करते हैं जब उन्हें खुद पर खतरा महसूस होता है। उन्होंने सभी से वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाने और प्रकृति के इस महत्वपूर्ण जीव की रक्षा में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विश्व सर्प संरक्षण दिवस केवल जागरूकता का दिन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी संदेश देता है।
कोटा में विश्व सर्प संरक्षण दिवस के अवसर पर सर्प संरक्षण और रेस्क्यू के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे डॉ. विनीत महोबिया से विशेष बातचीत की गई। इस दौरान डॉ. महोबिया ने बताया कि सांप प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इनके प्रति लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करना समय की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में उनके पिता डॉ. विनोद महोबिया ने कोटा में सर्प संरक्षण और रेस्क्यू अभियान की शुरुआत की थी। वर्षों की मेहनत, जनजागरूकता और वन विभाग के सहयोग से आज कोटा में भारत का पहला स्टैंडअलोन स्नेक पार्क स्थापित हो चुका है, जो देशभर के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन गया है। डॉ. विनीत महोबिया ने आम लोगों से अपील की है कि सांपों को देखकर घबराने या उन्हें मारने के बजाय तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकांश सांप विषैले नहीं होते और वे मानव पर तभी हमला करते हैं जब उन्हें खुद पर खतरा महसूस होता है। उन्होंने सभी से वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाने और प्रकृति के इस महत्वपूर्ण जीव की रक्षा में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विश्व सर्प संरक्षण दिवस केवल जागरूकता का दिन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी संदेश देता है।
- कोटा के लाडपुरा में एलन परिवार के प्रत्येक सदस्य को NEET 2026 के शानदार परिणाम पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गई हैं। इस गौरवशाली सफलता को पूरी टीम की प्रतिबद्धता, कड़े समर्पण और विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के अटूट विश्वास का परिणाम बताया गया है। इस विशेष अवसर पर एलन के स्ट्रैटेजिक पार्टनर बोधि ट्री की ओर से श्री उदय शंकर जी और श्री प्रतीक गर्ग जी ने भी पूरी एलन टीम को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ भेजी हैं और सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। इसके साथ ही, एलन के सीईओ श्री नितिन कुकरेजा ने पूरे एलन मैनेजमेंट की ओर से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के नेतृत्व पर अपना पूरा विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम विद्यार्थियों की सर्वोत्तम देखभाल (Student Care) और उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ पूर्ण समर्पण से कार्य कर रही है। सीईओ ने पूरा भरोसा जताया कि इसी टीम भावना, उत्कृष्टता और लगातार नवाचार के बल पर एलन भविष्य में भी सफलता के नए कीर्तिमान लगातार स्थापित करता रहेगा। सभी से इसी उत्साह, समर्पण और टीम भावना के साथ मिलकर विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया है।2
- कोटा में विश्व सर्प संरक्षण दिवस के अवसर पर सर्प संरक्षण और रेस्क्यू के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे डॉ. विनीत महोबिया से विशेष बातचीत की गई। इस दौरान डॉ. महोबिया ने बताया कि सांप प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इनके प्रति लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करना समय की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में उनके पिता डॉ. विनोद महोबिया ने कोटा में सर्प संरक्षण और रेस्क्यू अभियान की शुरुआत की थी। वर्षों की मेहनत, जनजागरूकता और वन विभाग के सहयोग से आज कोटा में भारत का पहला स्टैंडअलोन स्नेक पार्क स्थापित हो चुका है, जो देशभर के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन गया है। डॉ. विनीत महोबिया ने आम लोगों से अपील की है कि सांपों को देखकर घबराने या उन्हें मारने के बजाय तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकांश सांप विषैले नहीं होते और वे मानव पर तभी हमला करते हैं जब उन्हें खुद पर खतरा महसूस होता है। उन्होंने सभी से वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाने और प्रकृति के इस महत्वपूर्ण जीव की रक्षा में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विश्व सर्प संरक्षण दिवस केवल जागरूकता का दिन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी संदेश देता है।1
- कोटा के डीसीएम रोड स्थित बॉम्बे योजना की लुहारों की बस्ती में एक रूई के गोदाम में अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची दमकल विभाग की तीन गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस आग हादसे में गोदाम में रखी रूई और घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। हालांकि, समय रहते आग बुझने से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।1
- सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके के भारत आने पर उन्होंने सबसे पहले सीपीआईएम नेता वृंदा करात और लेफ्ट के दूसरे नेताओं से फोन पर बात कर समर्थन मांगा था। तबसे लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनें लगातार जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रही हैं और वहां जो भी भीड़ नजर आ रही है, वो इन्हीं की वजह से है। स्थिति यह है कि अगर ये लोग आज वहां से चले जाएं तो वहां 10 लोग भी नजर नहीं आएंगे। इसके बावजूद सीजेपी इनके साथ मंच साझा नहीं कर रही है, जिससे यह समझना मुश्किल नहीं है कि इसके पीछे किसका मकसद हल हो रहा है। उधर, सरकार सोनम वांगचुक को दूसरा अन्ना बनाने की कोशिश में लगी है, लेकिन ऐसा होगा नहीं क्योंकि सोनम हर बड़े मुद्दे पर सरकार के साथ खड़े थे। इस बीच सोनम वांगचुक ने कहा है कि वह 20 जुलाई को संसद मार्च करेंगे और अगर यह मार्च सफल नहीं हुआ तो वह भूत बनकर वापस आएंगे।1
- कोटा के जेके लोन अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई है। परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद महिला के टांके बार-बार खुलते रहे, जिसके चलते डॉक्टरों को उसकी बच्चेदानी निकालनी पड़ी। इस गंभीर स्थिति के बाद अब पीड़ित महिला को यूरिन बंद होने जैसी एक और गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।1
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अनुशंसा पर राज्य बजट घोषणा के तहत कोटा-बून्दी लोकसभा क्षेत्र के ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बड़ी सौगात मिली है। क्षेत्र में 50 नवीन सड़क निर्माण कार्यों के लिए ₹70 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अंतर्गत कुल 124 किलोमीटर लंबी नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ-साथ विकास को एक नई गति मिलेगी। इस योजना के तहत स्वीकृत कार्यों में कोटा जिले की 34 सड़कों के निर्माण के लिए ₹46.85 करोड़ की राशि मंजूर की गई है, जबकि बून्दी जिले की 16 सड़कों के लिए ₹23.15 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। कोटा जिले में स्वीकृत किए गए ग्रामीण संपर्क मार्गों में चोपड़खेड़ी-मंडावरा मार्ग, गणेशखेड़ा-किशनपुरा झोपड़िया, पीपल्दा करवाड़ रोड से अशोक नगर, रजोपा-शोभागपुरा, केशोपुरा-सनमानपुरा, मोरपा केनाल रोड से नापाहेड़ा तक, झिलारा-बड़ोदिया आंतरी, हनुवतखेड़ा स्टेडियम-निमाना, सुकेत हाट चौक-एनएच 52, गोयन्दा-सनखेड़ा, निमोदा-मवासा, गुलाबपुरा-अमलावद खेड़ा-एमपी सीमा, धायपुरा-जालिमपुरा, जाखोड़ा से गंदीफली चौराहा (कैथून-सांगोद रोड), मंगलपुरा-बंजारा बस्ती, हींगी-सहीपुर, दीगोद-हरिपुरा, कोलानी-कोलाना जांगीर, खजूरना-ऊरना, हरिपुरा-जोगड़ी, टोल्या-कैशोली, लसेड़िया-डाबरीकलां, काल्याखेड़ी-कूकड़ाखेड़ी, सनखेड़ा-लबानिया, खजूरी-बृजलिया और राजगढ़-गुहावदा मार्ग शामिल हैं।1
- कोटा के लाडपुरा से यह संदेश साझा किया गया है कि जीवन का कोई भरोसा नहीं है, इसलिए मनुष्य को अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए एक बीमा अवश्य लेना चाहिए।1
- कोटा के डीसीएम रोड स्थित बॉम्बे योजना की लुहारों की बस्ती में शुक्रवार को एक रूई के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस आग की चपेट में आने से गोदाम में रखी पूरी रूई और घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया। हादसे के समय मौके पर स्थानीय लोग और प्रशासनिक टीम भी मौजूद रही। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।1