भारत न्यूज बुलेटीन के ओर से संग्रहे खुर्द पंचायत के चमरही गाव की शर्मा टोला का जनता की आवाज को आप सभी तक पहुचाया जा रहा है | भारत न्यूज बुलेटीन के ओर से संग्रहे खुर्द पंचायत के चमरही गाव की शर्मा टोला का जनता की आवाज को आप सभी तक पहुचाया जा रहा है | दुर-दुर तक कोई भी परेशानी को समझने वाला नही है | जनता लोग तंग है | जहा के मुखिया, संरपंच दबंग है | Panchayat ka Mukhiya Kaisa Hona chahie aur Sarpanch Jo Vikas kar sake   +4 पंचायत के मुखिया (सरपंच) को विकासोन्मुखी, ईमानदार, और जन-केंद्रित होना चाहिए, जो गाँव की समस्याओं को समझे और सरकारी योजनाओं (जैसे ईग्रामस्वराज) का लाभ हर घर तक पहुँचाए। एक आदर्श सरपंच को मिलनसार, पारदर्शी, निडर होकर विकास कार्य करने वाला, और गाँव के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला होना चाहिए। एक आदर्श मुखिया/सरपंच के गुण और कार्य: ईमानदारी और पारदर्शिता: पंचायत के फंड का सही उपयोग और कार्यों की जानकारी मेरी पंचायत ऐप के माध्यम से जनता के सामने रखना। दूरदर्शी नेतृत्व: गाँव की जरूरतों (शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी) को पहचानकर 5 साल का विकास खाका तैयार करना। जन-केंद्रित और सुलभ: ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान से सुनना और उनका त्वरित समाधान करना। पहल करने वाला: सरकारी योजनाओं (प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, शौचालय) को पूरी ईमानदारी से लागू करना। सामाजिक एकता: जात-पात से ऊपर उठकर सर्वसमाज के साथ मिलकर काम करना। तकनीकी समझ: पंचायत के कामकाज के लिए ई-ग्रामस्वराज जैसे डिजिटल साधनों का उपयोग करना।
भारत न्यूज बुलेटीन के ओर से संग्रहे खुर्द पंचायत के चमरही गाव की शर्मा टोला का जनता की आवाज को आप सभी तक पहुचाया जा रहा है | भारत न्यूज बुलेटीन के ओर से संग्रहे खुर्द पंचायत के चमरही गाव की शर्मा टोला का जनता की आवाज को आप सभी तक पहुचाया जा रहा है | दुर-दुर तक कोई भी परेशानी को समझने वाला नही है | जनता लोग तंग है | जहा के मुखिया, संरपंच दबंग है | Panchayat ka Mukhiya Kaisa Hona chahie aur Sarpanch Jo Vikas kar sake   +4 पंचायत के मुखिया (सरपंच) को विकासोन्मुखी, ईमानदार, और जन-केंद्रित होना चाहिए, जो गाँव की समस्याओं को समझे और सरकारी योजनाओं (जैसे ईग्रामस्वराज) का लाभ हर घर तक पहुँचाए। एक आदर्श सरपंच को मिलनसार, पारदर्शी, निडर होकर विकास कार्य करने वाला, और गाँव के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला होना चाहिए। एक आदर्श मुखिया/सरपंच के गुण और कार्य: ईमानदारी और पारदर्शिता: पंचायत के फंड का सही उपयोग और कार्यों की जानकारी मेरी पंचायत ऐप के माध्यम से जनता के सामने रखना। दूरदर्शी नेतृत्व: गाँव की जरूरतों (शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी) को पहचानकर 5 साल का विकास खाका तैयार करना। जन-केंद्रित और सुलभ: ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान से सुनना और उनका त्वरित समाधान करना। पहल करने वाला: सरकारी योजनाओं (प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, शौचालय) को पूरी ईमानदारी से लागू करना। सामाजिक एकता: जात-पात से ऊपर उठकर सर्वसमाज के साथ मिलकर काम करना। तकनीकी समझ: पंचायत के कामकाज के लिए ई-ग्रामस्वराज जैसे डिजिटल साधनों का उपयोग करना।
- चिनियां प्रखंड के पाल्हे गांव में गुरुवार दोपहर करीब 3:30 बजे मौसम ने अचानक कहर बरपा दिया। तेज आंधी-तूफान और जोरदार गर्जन के बीच हुए बज्रपात ने गांव निवासी दुबराज कोरवा के बैल की जान ले ली। इस घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और मायूसी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत के मुखिया रामेश्वर सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया। मौके पर सूरज कोरवा, नानहु कोरवा, बिशुन कोरवा, बलि सिंह गुरुजी, मनोज यादव, चंद्रदेव यादव, धनपतिया देवी, बरती देवी, लल्लू सिंह, बिरेंद्र सिंह, मोहन सिंह, उमाशंकर सिंह सहित गांव के कई लोग मौजूद रहे।1
- Post by Tahsin Raza1
- कांडी प्रखंड अंतर्गत ग्राम चटनियां टोला सुगवादामर में जगदीश पाल के घर में लगी आग बताया गया की आग लगाने का कारण शॉर्ट सर्किट से हुआ है, जानकारी के अनुसार बताया गया कि एक ही मिट्टी के घर था वह भी उजड़ गया रहना मुसकील हो गया है, चटनिया पंचायत मुखिया पूजा कुमारी और कांडी बीडीओ राकेश सहाय सर से निवेदन है की इश गरीब परिवार को सरकारी लाभ दिया जाए1
- धुरकी थाना प्रभारी जनार्दन राउत ने रामलीला हो रहे प्रोग्राम में सामिल हुए1
- बलरामपुर कांग्रेस में 'साजिश' का पर्दाफाश: संजीत चौबे ने इस्तीफों की खबरों को नकारा बलरामपुर: पिछले कुछ दिनों से बलरामपुर जिले में कांग्रेस पार्टी के भीतर मचे उथल-पुथल और इस्तीफों की खबरों पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। कांग्रेस नेता संजीत चौबे ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि पार्टी में कोई टूट नहीं है, बल्कि कुछ लोग निजी स्वार्थ और अपनी 'अनुशंसा' (वर्चस्व) चमकाने के लिए षड्यंत्र रच रहे हैं। "हम निष्कासित नहीं, एकजुट हैं" संजीत चौबे ने मीडिया से खास बातचीत में उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उनके और अरुण अग्रवाल के पार्टी से निष्कासन की बातें कही जा रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया: कोई निष्कासन नहीं: संजीत चौबे और अरुण अग्रवाल कभी भी पार्टी से निष्कासित नहीं हुए हैं। भ्रामक प्रचार: कुछ लोग जानबूझकर पार्टी को कमजोर करने और नेताओं को बदनाम करने के लिए इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं। षड्यंत्र का आरोप: उन्होंने कहा कि यह सारा खेल पार्टी के ही कुछ लोगों द्वारा रचा गया है ताकि वे खुद को पार्टी का हितैषी दिखा सकें। जमीनी स्तर पर करेंगे वापसी विवादों को पीछे छोड़ते हुए चौबे ने भविष्य की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सभी कांग्रेसी एकजुट होकर काम करेंगे। "हम सब एक हैं। हमारा एकमात्र लक्ष्य कांग्रेस पार्टी को मजबूत करना है। हम आने वाले समय में जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से जुड़कर पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे और विरोधियों के मंसूबों को नाकाम करेंगे।" — संजीत चौबे, कांग्रेस नेता पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश इस बयान के बाद बलरामपुर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में एक नया संदेश गया है। इस्तीफों की खबरों से जो असमंजस की स्थिति बनी थी, उसे साफ करते हुए चौबे ने एकता का संदेश दिया है। अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह शांत होती है या नहीं।1
- Post by Shamsher Alam1
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- जिला बलरामपुर रामानुजगंज लोकेशन........ बलरामपुर एंकर.....बलरामपुर कांग्रेस में 'साजिश' का पर्दाफाश: संजीत चौबे ने इस्तीफों की खबरों को नकारा बलरामपुर: पिछले कुछ दिनों से बलरामपुर जिले में कांग्रेस पार्टी के भीतर मचे उथल-पुथल और इस्तीफों की खबरों पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। कांग्रेस नेता संजीत चौबे ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि पार्टी में कोई टूट नहीं है, बल्कि कुछ लोग निजी स्वार्थ और अपनी 'अनुशंसा' (वर्चस्व) चमकाने के लिए षड्यंत्र रच रहे हैं। "हम निष्कासित नहीं, एकजुट हैं" संजीत चौबे ने मीडिया से खास बातचीत में उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उनके और अरुण अग्रवाल के पार्टी से निष्कासन की बातें कही जा रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया: कोई निष्कासन नहीं: संजीत चौबे और अरुण अग्रवाल कभी भी पार्टी से निष्कासित नहीं हुए हैं। भ्रामक प्रचार: कुछ लोग जानबूझकर पार्टी को कमजोर करने और नेताओं को बदनाम करने के लिए इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं। षड्यंत्र का आरोप: उन्होंने कहा कि यह सारा खेल पार्टी के ही कुछ लोगों द्वारा रचा गया है ताकि वे खुद को पार्टी का हितैषी दिखा सकें। जमीनी स्तर पर करेंगे वापसी विवादों को पीछे छोड़ते हुए चौबे ने भविष्य की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सभी कांग्रेसी एकजुट होकर काम करेंगे। "हम सब एक हैं। हमारा एकमात्र लक्ष्य कांग्रेस पार्टी को मजबूत करना है। हम आने वाले समय में जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से जुड़कर पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे और विरोधियों के मंसूबों को नाकाम करेंगे।" — संजीत चौबे, कांग्रेस नेता पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश इस बयान के बाद बलरामपुर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में एक नया संदेश गया है। इस्तीफों की खबरों से जो असमंजस की स्थिति बनी थी, उसे साफ करते हुए चौबे ने एकता का संदेश दिया है। अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह शांत होती है या नहीं। बाइट संजीत चौबे (उर्फ़ राजा चौबे )1
- गैस सिलेंडर छापेमारी के दौरान बढ़ा विवाद, पत्रकार से कथित अभद्रता; वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल छत्तीसगढ़ में घरेलू गैस कनेक्शन के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन और खाद्य विभाग द्वारा लगातार छापेमार कार्रवाई की जा रही है। छोटे ठेला-टपरी, चाय-नाश्ते की दुकानों और अन्य छोटे व्यवसायों में घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग को लेकर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि इसी कार्रवाई के दौरान अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। मामला बुधवार शाम करीब 6 बजे का बताया जा रहा है, जब फूड इंस्पेक्टर पुलिस कर्मचारियों के साथ 12वीं बटालियन के सामने स्थित एक छोटी चाय-नाश्ते की टपरी पर छापेमारी करने पहुंचीं। इस दौरान दुकान में घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग को लेकर कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान मौके पर मौजूद स्वतंत्र पत्रकार और पूर्व में नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुके युवा राहुल जीत सिंह ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। राहुल का कहना था कि प्रशासन छोटे दुकानदारों पर तो लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन जहां बड़े स्तर पर गैस की कालाबाजारी हो रही है, वहां छापेमारी क्यों नहीं की जाती। राहुल जीत सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने फूड इंस्पेक्टर से इस संबंध में सवाल पूछा तो उन्होंने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस बात को लेकर मौके पर माहौल गर्म हो गया और काफी देर तक बहस होती रही। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में कथित तौर पर फूड इंस्पेक्टर को कई बार यह कहते हुए सुना जा सकता है—“हाँ तुम हो, तुम हो इस लायक।” राहुल जीत सिंह का आरोप है कि यह टिप्पणी उनके प्रति अपमानजनक थी और इसी वजह से उन्होंने मौके पर ही माफी की मांग की। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद राहुल जीत सिंह और उनके साथ मौजूद लोगों ने फूड इंस्पेक्टर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही। स्थिति को संभालने के लिए बाद में थाना प्रभारी और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। हालांकि राहुल अपनी मांग पर अड़े रहे और उन्होंने कहा कि जब तक उनसे अभद्रता के लिए माफी नहीं मांगी जाएगी, तब तक वे इस मामले को उठाते रहेंगे। इस पूरे मामले के दौरान एक और मुद्दा सामने आया है। राहुल जीत सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि छापेमारी के लिए जिन गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया, उन पर बड़े अधिकारियों के नाम की नेम प्लेट लगी हुई थी। उन्होंने आपत्ति जताते हुए पूछा कि क्या किसी बड़े अधिकारी के नाम से दर्ज वाहन का संचालन कोई अन्य अधिकारी कर सकता है, या यह नियमों का उल्लंघन है। राहुल का कहना है कि यदि किसी अधिकारी के नाम की नेम प्लेट लगी गाड़ी का उपयोग नियमों के तहत सीमित है, तो फिर फूड इंस्पेक्टर द्वारा ऐसी गाड़ी का इस्तेमाल करना नियमों के साथ खिलवाड़ माना जा सकता है। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की है। अब इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगा या फिर कार्रवाई केवल सवाल उठाने वाले व्यक्ति तक ही सीमित रहेगी। कई लोगों का यह भी कहना है कि यदि प्रशासन गैस के दुरुपयोग पर कार्रवाई कर रहा है तो उसे बड़े स्तर पर होने वाली कालाबाजारी पर भी समान रूप से सख्ती दिखानी चाहिए। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि पुलिस और जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या फूड इंस्पेक्टर पर लगे आरोपों की भी जांच कर कार्रवाई की जाती है या नहीं।1