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गोटेगांव क्षेत्र में बीते कुछ समय से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कमोद-रहली मार्ग पर स्थित नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया है। बाढ़ के तेज बहाव के कारण मार्ग पर बनी पुलिया करीब 2 फीट पानी में पूरी तरह डूब गई है, जिससे इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। गुरुवार दोपहर 12:30 बजे से मार्ग के बंद होने और प्रशासन द्वारा लगातार चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद, स्थानीय राहगीर और वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले और जलमग्न पुलिया को पार करने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों की यह लापरवाही किसी भी समय क्षेत्र में एक बड़े और दर्दनाक हादसे का कारण बन सकती है।
SATISH DUBEY
गोटेगांव क्षेत्र में बीते कुछ समय से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कमोद-रहली मार्ग पर स्थित नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया है। बाढ़ के तेज बहाव के कारण मार्ग पर बनी पुलिया करीब 2 फीट पानी में पूरी तरह डूब गई है, जिससे इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। गुरुवार दोपहर 12:30 बजे से मार्ग के बंद होने और प्रशासन द्वारा लगातार चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद, स्थानीय राहगीर और वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले और जलमग्न पुलिया को पार करने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों की यह लापरवाही किसी भी समय क्षेत्र में एक बड़े और दर्दनाक हादसे का कारण बन सकती है।
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- गोटेगांव क्षेत्र में बीते कुछ समय से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कमोद-रहली मार्ग पर स्थित नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया है। बाढ़ के तेज बहाव के कारण मार्ग पर बनी पुलिया करीब 2 फीट पानी में पूरी तरह डूब गई है, जिससे इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। गुरुवार दोपहर 12:30 बजे से मार्ग के बंद होने और प्रशासन द्वारा लगातार चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद, स्थानीय राहगीर और वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले और जलमग्न पुलिया को पार करने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों की यह लापरवाही किसी भी समय क्षेत्र में एक बड़े और दर्दनाक हादसे का कारण बन सकती है।1
- उपलब्ध मूल पाठ में केवल 'एक्सप्रेस एमपी सीजी न्यूज़' का उल्लेख है। इस संबंध में कोई अतिरिक्त जानकारी या विवरण नहीं दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की द्वारा नवजात शिशु को जन्म देने के बाद कथित दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। परिजनों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है, और पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच प्रक्रिया के हिस्से के रूप में, आरोपी और नवजात दोनों के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कानून के अनुसार, पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।1
- नरसिंहपुर जिले में एक नाबालिग लड़की द्वारा नवजात शिशु को जन्म देने का गंभीर मामला सामने आया है। तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में यह घटना तब उजागर हुई जब एक नाबालिग बच्ची गर्भवती हो गई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजनों की पूछताछ के बाद नाबालिग ने बताया कि नरसिंहपुर जिले का राजा लोधी नामक युवक उसे डरा-धमकाकर कई दिनों तक शारीरिक संबंध बनाता रहा और उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस शिकायत पर, पुलिस ने राजा लोधी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी किशोर बामनकर के अनुसार, पुलिस ने आरोपी राजा लोधी और नवजात बच्चे दोनों का डीएनए टेस्ट कराने के लिए भेजा है, जिससे इस पूरे मामले का सच सामने आ सके।3
- शाजापुर जिला इकाई (कालापीपल) द्वारा आयोजित जिला सम्मेलन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी अतिथियों और साथियों का सादर आभार व्यक्त किया गया है। इस अवसर पर 'मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ जिंदाबाद' और 'शलभ भदौरिया जिंदाबाद' के नारे भी लगाए गए।1
- सभी स्कूल संचालकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर निवेदन किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि बच्चों को घर छोड़ने की जिम्मेदारी सिर्फ बस से उतार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके आगे भी सुरक्षा की जवाबदेही स्कूलों की है। पोस्ट में बिना सही ट्रेनिंग के बस कर्मचारियों को भेजने को 'बेहद लापरवाही' बताया गया है। यह रोज देखा जा रहा है कि बच्चा बस से उतरने के बाद उसकी सुरक्षा की कोई जिम्मेदारी नहीं ली जाती, जिसे 'बिल्कुल सत्य' कहा गया है। आगे चेतावनी दी गई है कि बच्चे जल्दबाजी में होते हैं और सड़कों पर खतरा रहता है, ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी। स्कूलों से अपील की गई है कि वे अपनी व्यवस्था सुधारें और कर्मचारियों को सख्ती से प्रशिक्षित करें। साथ ही, यह भी सुझाव दिया गया है कि अगर बच्चों के परिवार के सदस्य उन्हें सड़क पर लेने आएं तो यह बच्चों की सुरक्षा के लिए और भी अच्छा रहेगा। अंत में दोहराया गया है कि बच्चों की सुरक्षा स्कूलों की 'पहली जिम्मेदारी' है।1
- नरसिंहपुर जिले के कस्बाई क्षेत्र करकबेल में सरस्वती शिशु मंदिर के नवीन भवन का भव्य शुभारंभ और नए शैक्षणिक सत्र का विधिवत आगाज धार्मिक एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। आकर्षक सजावट से सुसज्जित विद्यालय परिसर में आयोजित इस समारोह में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, समाजसेवी और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन, नरसिंहपुर के सचिव श्री सरदार सिंह पटेल थे, जबकि इसकी अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक महेंद्र नागेश ने की। विशिष्ट अतिथियों में भाजपा जिला उपाध्यक्ष कुंअर हेमेंद्र सिंह, पूर्व विधायक हाकम सिंह राजकुमार जैन और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष दुबे सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए। समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन, दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया, जिसके उपरांत विद्यालय परिवार ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अपने उद्बोधन में, अतिथियों ने सरस्वती शिशु मंदिर को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण की पाठशाला बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को अपनाकर जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया और विद्यालय परिवार को नवीन सत्र के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर विद्यालय के नवीन भवन का भी अवलोकन कराया गया, जिसकी रंग-बिरंगी सजावट सभी के आकर्षण का केंद्र रही। अंत में, विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- बुधवार दोपहर गाडरवारा स्थित जवाहर कृषि उपज मंडी में अचानक हुई मूसलाधार बारिश से हड़कंप मच गया, जिससे किसानों की हजारों क्विंटल उपज पूरी तरह से बर्बाद हो गई। मंडी परिसर में पर्याप्त शेड और भंडारण व्यवस्था न होने के कारण गेहूं, चना और तुअर सहित अन्य फसलें खुले आसमान के नीचे रखी थीं, और अचानक आई इस बारिश ने किसानों को अपनी उपज बचाने का मौका तक नहीं दिया। तेज बारिश के कारण मंडी परिसर में चारों ओर पानी भर गया और किसानों की महीनों की मेहनत पानी में बह गई। किसानों का कहना है कि उनकी उपज इतनी गीली हो गई है कि उसे खरीदना तो दूर, सुखाना भी मुश्किल होगा, जिससे उन्हें लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद किसानों में मंडी प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है, क्योंकि उनका आरोप है कि मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के बावजूद मंडी प्रबंधन ने बारिश से बचाव के कोई उचित प्रबंध नहीं किए थे। बारिश शुरू होते ही मंडी में अफरा-तफरी मच गई, जहाँ किसान अपनी उपज बचाने के लिए तिरपाल और बोरियों की तलाश में भागते दिखे, लेकिन तेज बारिश और हवा के सामने उनके प्रयास असफल रहे। कई किसान अपनी फसल को बचाने की कोशिश में पूरी तरह भीग गए। किसानों ने सरकार और मंडी प्रशासन से तत्काल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे आर्थिक तंगी से बच सकें। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मंडी में पर्याप्त शेड और भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।1