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Prakash Pathak Satna
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और सोशल मीडिया पर संबंधित महिला के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग जोर पकड़ रही है। वायरल वीडियो में दिख रही महिला की पहचान दामिनी पटेल (भोली) के रूप में बताई जा रही है, जिसे अमिलकी का निवासी बताया जा रहा है। इस मामले को लेकर रीवा शहर के कुछ थाना प्रभारियों से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर कहा है कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला रीवा शहर की निवासी प्रतीत नहीं होती है। हालांकि, पुलिस द्वारा अभी तक वीडियो की सत्यता और संबंधित व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।1
- चित्रकूट जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र में एक 12 वर्षीय बालक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद सोमवार शाम परिजनों ने जमकर हंगामा किया। रामनगर निवासी अंकुर विश्वकर्मा नामक यह बालक रविवार दोपहर करीब 12 बजे घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। शाम करीब 7 बजे रामनगर के पास एक पंप कैनाल के निकट उसका शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों ने अंकुर की हत्या का आरोप लगाया है और गोलू निषाद पुत्र पप्पू निषाद नामक व्यक्ति को दोषी ठहराया है। उनका कहना है कि आरोपी कथित तौर पर नशे की हालत में था और उसने बालक के साथ मारपीट की थी। परिजनों ने घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पर दी थी। घायल अवस्था में बालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बालक की मौत की खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया और कार्रवाई की मांग की, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब आधे घंटे से अधिक समय तक आवागमन बाधित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत की और उन्हें निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। एसपी ने बताया कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौके पर रैपुरा थाना प्रभारी राम सिंह सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और क्षेत्र में व्याप्त तनाव को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।4
- प्रधानमंत्री मोदी जी के बारे में और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को लेकर एक प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। इस प्रस्तुति में विकास कार्यों को समझाने के लिए बहुत ही सटीक उदाहरणों का प्रयोग किया गया, जिससे विषय को प्रभावी ढंग से समझाया जा सका।1
- जनपद कुसमी क्षेत्र में एक घटना सामने आई है, जहाँ आमगांव के समीप स्थित तिनगी गांव में जंगली हाथियों ने हमला कर दिया। इस हमले से गांव में हड़कंप मच गया।1
- गाँव में पशुपालकों द्वारा गायों को खुला छोड़कर लगातार नुकसान पहुँचाया जा रहा है, जिस पर तत्काल ठोस कदम उठाने की माँग की गई है। शिकायत में कहा गया है कि लोग इस स्थिति को 'ऐरा' प्रथा बताते हैं, जबकि शासन या प्रशासन द्वारा ऐसी कोई प्रथा कभी भी शुरू नहीं की गई है। इस गंभीर समस्या के संबंध में तुरंत कार्यवाही करने और पशुपालकों पर लगाम लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।1
- सतना के गहरानाल नई बस्ती रोड पर नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ नाले की सफाई का काम तो किया गया, लेकिन सफाई के बाद मलबा उठाना नगर निगम भूल गया। इसका परिणाम यह हुआ कि बारिश होने पर यह सारा मलबा बहकर पूरी सड़क पर फैल गया, जिससे इलाके में भयंकर गंदगी पसरी हुई है।1
- लखनऊ पुलिस के एक दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह घटना लखनऊ में हुई, जहाँ रिश्वतखोरी के आरोप में इस दरोगा को गिरफ्तार किया गया।1
- सोशल मीडिया पर इन दिनों यह सवाल ज़ोर-शोर से उठ रहा है कि क्या ब्राह्मण होना एक अभिशाप है, और कहीं न कहीं ब्राह्मण समुदाय को नीचा दिखाने का काम किया जा रहा है। यश न्यूज़ के अनुसार, लोग यह भी जानना चाह रहे हैं कि ब्राह्मणों को नीचा दिखाने का असल उद्देश्य क्या है और इस पर अपनी राय देने का आग्रह किया जा रहा है। यह मुद्दा उस समय और अधिक गर्मा गया जब मनीष पटेल के बाद, रीवा के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र की एक महिला दामिनी पटेल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। दामिनी पटेल ने अपने वीडियो में यह कहते हुए एक बड़ी बात सामने रखी है कि 'आज तक मैं कभी जी हुजूर नहीं किया हूं'। यह पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से देखा जा रहा है और यश न्यूज़ ने इस ख़बर को विस्तार से देखने की बात कही है।1
- सतना जिले के बिरहुली में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के काम में चार साल की अत्यधिक देरी से नाराज़ क्षेत्रवासियों ने आज, 1 जून 2026 को, 'रेल रोको' आंदोलन किया। सतना को कोटर, बिरसिंहपुर और सेमरिया से जोड़ने वाले इस अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग पर पुल का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे प्रतिदिन लाखों लोगों को आवागमन में भारी परेशानी, दुर्घटनाओं और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जनता का आरोप है कि अधूरे ब्रिज और जर्जर डायवर्शन रोड के बावजूद निर्माण एजेंसियां और संबंधित विभाग वर्षों से लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। समाजसेवी राजेश दुबे जी के नेतृत्व में सुबह 11 बजे बिरहुली रेलवे फाटक पर हुए इस एक दिवसीय आंदोलन में विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित आसपास के सैकड़ों गांवों से भारी संख्या में आक्रोशित ग्रामीण और आम नागरिक शामिल हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सतना जिले के तीनों थानों की पुलिस, रेलवे पुलिस, सिटी अनुविभागीय अधिकारी सतना और सीएसपी सतना भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। आंदोलन के दौरान, रेलवे और ब्रिज निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने जनता और आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि 31 जुलाई तक ब्रिज निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा और डायवर्शन रोड को भी दुरुस्त किया जाएगा। काफी विचार-विमर्श और सकारात्मक चर्चा के बाद, प्रशासन ने आंदोलनकारियों को लिखित में आश्वासन दिया कि बिरहुली रेलवे ओवरब्रिज का शेष कार्य युद्धस्तर पर पूरा कर 31 जुलाई 2026 तक आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस लिखित सहमति के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। हालांकि, समाजसेवी राजेश दुबे ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 31 जुलाई तक पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीति के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान के लिए किया गया है। जनता ने एक स्वर में कहा कि अब क्षेत्र की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन के लिखित वादे के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और अब सभी की निगाहें 31 जुलाई की तारीख पर टिकी हैं, इस उम्मीद के साथ कि प्रशासन इस बार अपने वादे पर खरा उतरेगा और तय समय सीमा के भीतर पुल का निर्माण कार्य पूरा कर उसे जनता को सौंप देगा। रेलवे प्रशासन की ओर से कमांडेंट रेल सुरक्षा बल, एस.डी.एम. राहुल सिलडिया और नगर पुलिस अधीक्षक डी.पी. सिंह चौहान की मध्यस्थता में यह लिखित समझौता संपन्न हुआ। इस दौरान थाना प्रभारी सुदीप सोनी, सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह, आर.पी.एफ. पोस्ट सतना प्रभारी वीरेंद्र यादव, जी.आर.पी. चौकी प्रभारी राजेश राज सहित प्रशासनिक अमले और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। आंदोलन में रामबहादुर सिंह, हरिशंकर तिवारी, सगमनिया सरपंच, पवन पांडे, कुलभूषण पाण्डेय, राजकरण पाण्डेय, देवेंद्र पाण्डेय, वेद प्रकाश पाण्डेय, विनीत शुक्ला, अर्जुन सिंह, साधु पयासी, पुष्पराज मिश्रा, अनुज चतुर्वेदी, उमेश पयशी, अनुज मालवीय, किसन तिवारी, भाईयन तिवारी, मुकेश शुक्ला और सत्यनारायण त्रिपाठी भी उपस्थित थे।1