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From Kashmir to Kanyakumari... *One sky. One Tiranga. One resolve. Let’s make every home a symbol of a rising nation.* 🇮🇳 #HarGharTiranga
Riyaz Gulistan
From Kashmir to Kanyakumari... *One sky. One Tiranga. One resolve. Let’s make every home a symbol of a rising nation.* 🇮🇳 #HarGharTiranga
More news from जम्मू और कश्मीर and nearby areas
- Mega Tiranga Rally held in Ganderbal as Part of ‘Har Ghar Tiranga’ Campaign Mega Tiranga Rally held in Ganderbal as Part of ‘Har Ghar Tiranga’ Campaign1
- पंडित राम प्रसाद शर्मा जी, जाने माने ज्योतिषीऔर वास्तु विशेषज्ञ सच सुनने की हिम्मत है तो आईये हमारे पास... फ़ीस मात्र 100 रूपये1
- हिमाचल में एनएसयूआई का सदस्यता अभियान शुरू, 10 सितंबर तक जुड़ेंगे छात्र -2013 के बाद पहली बार संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया तेज हिमाचल प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया के तहत सदस्यता अभियान की शुरुआत कर दी है। प्रदेशभर में यह अभियान 10 सितंबर तक चलेगा। लंबे समय बाद प्रदेश में एनएसयूआई की सदस्यता और चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से छात्र संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। ऊना में पत्रकार वार्ता के दौरान एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव एवं हिमाचल प्रभारी अनूपा शेखर ने अभियान की विस्तृत जानकारी दी। शेखर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2013 के बाद अब संगठनात्मक चुनाव और सदस्यता प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चुनाव प्रक्रिया के तहत नामांकन की तिथि 31 जुलाई को समाप्त हो चुकी है, जबकि अब 10 सितंबर तक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान के दौरान छात्रों और कार्यकर्ताओं को किसी भी प्रकार की तकनीकी परेशानी आती है, तो एनएसयूआई की टीम मौके पर रहकर उनकी सहायता करेगी। संगठन का प्रयास है कि अधिक से अधिक छात्रों को हृस्ढ्ढ से जोड़ा जाए और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाए। प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देशराज गौतम ने एनएसयूआई को कांग्रेस की छात्र इकाई बताते हुए संगठन को पार्टी की रीढ़ की हड्डी करार दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है। एनएसयूआई परीक्षा, कॉलेजों की फीस वृद्धि तथा विद्यार्थियों की अन्य समस्याओं को लेकर भी संगठन छात्रों के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हैं, उसी तरह प्रदेश में भी हृस्ढ्ढ छात्र हितों की आवाज को बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि मजबूत छात्र संगठन के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से सरकार और प्रशासन के समक्ष उठाया जा सकता है।1
- हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मलाणा गांव की यह स्थिति वाकई चिंताजनक है। दुनिया भर में अपनी अनूठी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जाने जाने वाले गांव के लोग अगर मूलभूत सुविधाओं जैसे कि सड़क और स्कूल जाने के रास्ते के लिए परेशान हों, तो यह शासन और स्थानीय प्रशासन की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है। इस समस्या के प्रमुख बिंदु और आवश्यक कदम: * सड़क की दयनीय स्थिति: मानसून के दौरान सड़कों का नदी बन जाना न केवल आवाजाही को ठप करता है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी बेहद खतरनाक है। * प्रशासनिक उदासीनता: निवासियों द्वारा बार-बार उपायुक्त (DC) कुल्लू से गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई न होना स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। * हाइड्रो प्रोजेक्ट कंपनियों की जिम्मेदारी: मलाणा क्षेत्र में काम कर रही बिजली और विकास परियोजनाओं (Hydro Projects) की यह सामाजिक जिम्मेदारी (CSR - Corporate Social Responsibility) बनती है कि वे स्थानीय बुनियादी ढांचे और रास्तों के रखरखाव में मदद करें। स्थानीय निवासियों के लिए आगे के प्रभावी कदम: * मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन (1100): शिमला स्तर पर तुरंत मामला दर्ज कराने के लिए 1100 नंबर पर शिकायत दर्ज करें। यह शिकायत सीधे उच्च अधिकारियों की निगरानी में जाती है। * संयुक्त ज्ञापन (Memorandum) और मीडिया: गांव के लोग लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता (XEN) और स्थानीय विधायक को एक साथ ज्ञापन सौंपें। स्थानीय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सड़कों के वीडियो साझा कर दबाव बनाएं। * CSR फंड के तहत मांग: प्रोजेक्ट कंपनियों को लिखित रूप में CSR फंड से रास्ते की तुरंत मरम्मत के लिए बाध्य करने हेतु DC कार्यालय के माध्यम से पत्र भिजवाएं। प्रशासन और प्रदेश सरकार को मलाणा के निवासियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत प्रभाव से सड़कों की मरम्मत और नालियों की निकासी का कार्य शुरू करना चाहिए। हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मलाणा गांव की यह स्थिति वाकई चिंताजनक है। दुनिया भर में अपनी अनूठी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जाने जाने वाले गांव के लोग अगर मूलभूत सुविधाओं जैसे कि सड़क और स्कूल जाने के रास्ते के लिए परेशान हों, तो यह शासन और स्थानीय प्रशासन की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है। इस समस्या के प्रमुख बिंदु और आवश्यक कदम: * सड़क की दयनीय स्थिति: मानसून के दौरान सड़कों का नदी बन जाना न केवल आवाजाही को ठप करता है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी बेहद खतरनाक है। * प्रशासनिक उदासीनता: निवासियों द्वारा बार-बार उपायुक्त (DC) कुल्लू से गुहार लगाने के बावजूद कार्रवाई न होना स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। * हाइड्रो प्रोजेक्ट कंपनियों की जिम्मेदारी: मलाणा क्षेत्र में काम कर रही बिजली और विकास परियोजनाओं (Hydro Projects) की यह सामाजिक जिम्मेदारी (CSR - Corporate Social Responsibility) बनती है कि वे स्थानीय बुनियादी ढांचे और रास्तों के रखरखाव में मदद करें। स्थानीय निवासियों के लिए आगे के प्रभावी कदम: * मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन (1100): शिमला स्तर पर तुरंत मामला दर्ज कराने के लिए 1100 नंबर पर शिकायत दर्ज करें। यह शिकायत सीधे उच्च अधिकारियों की निगरानी में जाती है। * संयुक्त ज्ञापन (Memorandum) और मीडिया: गांव के लोग लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता (XEN) और स्थानीय विधायक को एक साथ ज्ञापन सौंपें। स्थानीय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सड़कों के वीडियो साझा कर दबाव बनाएं। * CSR फंड के तहत मांग: प्रोजेक्ट कंपनियों को लिखित रूप में CSR फंड से रास्ते की तुरंत मरम्मत के लिए बाध्य करने हेतु DC कार्यालय के माध्यम से पत्र भिजवाएं। प्रशासन और प्रदेश सरकार को मलाणा के निवासियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत प्रभाव से सड़कों की मरम्मत और नालियों की निकासी का कार्य शुरू करना चाहिए।1
- Health Minster Sakina itoo today inaugurated CT Scan Facility at SMGS Hospital Jammu . She said it was needed here as the Medical college caters to large section of population1
- समर्थकों के साथ सुजानपुर थाना पहुंचे प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, बोले पुलिस जब तक चाहे रख मुझे जेल में बेल भी नहीं लूंगा, प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा बोलने वालों के खिलाफ 48 घंटे बाद भी दर्ज नहीं हुई एफआईआर, एक प्रदेश में दो संविधान मंजूर नहीं, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग, रैली निकाल कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हमीरपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के धरना प्रदर्शनों के दौरान इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा और उन्हें गालियां देने के मामले में एफआईआर दर्ज न करने के मामले को लेकर बुधवार को भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक राजेंद्र राणा अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ सुजानपुर पुलिस थाना पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की । राणा ने कहा कि पुलिस ने उनके ऊपर एफआईआर दर्ज की है इसलिए वह गिरफ्तार होने को तैयार है और पुलिस का पूरा सहयोग करने के अलावा कोर्ट से बेल न लेने की बात की । इससे पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी ऑफिस से लेकर सुजानपुर पुलिस थाना तक रैली निकाली और प्रदर्शन किया भाजपा का आरोप है कि भाजपा की शिकायत में जिन तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए 48 घंटे के बावजूद उन पर अब तक मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस ने अगर एक सप्ताह के अंदर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू, प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के संयोजक नरेश ठाकुर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया तो पहले एसपी हमीरपुर के पास धरना प्रदर्शन किया जाएगा उसके बाद प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को और अगर वहां पर भी उनकी बात को नहीं सुना गया तो फिर कोर्ट के माध्यम से तीनो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा। राजेंद्र राणा ने कहा कि कांग्रेस के प्रायोजित धरना प्रदर्शन में देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश की कांग्रेस सरकार एक के बाद एक भाजपा नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने में लगी हुई है उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है । पुलिस उन्हें पकड़कर जेल में डाल दे वह बेल भी नहीं लेंगे जब तक चाहे जेल में रख सकते हैं । राणा ने कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है वह प्रदेश की जनता के लिए इस बलिदान को देने के लिए भी तैयार हैं। राणा ने कहा कि देश के संविधान ने हर व्यक्ति को फ्रीडम ऑफ स्पीच का अधिकार दिया है लेकिन कांग्रेस सरकार इस अधिकार को छीन ने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अगर अगला चुनाव जीतना है तो वह भाजपा के सभी नेताओं को जेल में डाल दे अपने आप कांग्रेस चुनाव जीत जाएगी। राणा ने कहा कि उन पर 12 घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज कर दी गई उन पर संगीन आरोप लगाए गए कि उन्होंने सरकार से जनता हित के सवाल क्यों पूछे सवालों का जवाब तो नहीं मिला उल्टा उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया2
- कावड़ियों ने 13दिन का कठिन सफर पैदल तय करके जिला ऊना के प्रसिद्ध व ऐतिहासिक सदा शिव ध्यूंसर महादेव मंदिर में गंगाजल से किया शिवलिंग का जलाभिषेक बंगाणा ऊना ---जिला ऊना के प्रसिद्ध व ऐतिहासिक सदा शिव धौमेश्वर महादेव मंदिर तलमेहड़ा बही में हर वर्ष काबडियों द्वारा गंगाजल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाता है।इस वर्ष भी हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल सदा शिव धौमेश्वर महादेव मंदिर तलमेहड़ा बही में काबडियों ने हरिद्वार से काबड यात्रा 13दिन में पुरी की।और मंगलवार शाम को गंगाजल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया।काबडियों ने बताया कि 29जुलाई को सदा शिव धौमेश्वर महादेव मंदिर तलमेहड़ा बही से आशीर्वाद लेकर यात्रा शुरू कर दी थी।और 31जुलाई को हरिद्वार हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर पैदल यात्रा शुरू कर दी थी।बहीं पर 11 अगस्त मंगलवार दोपहर बाद को सदा शिव धौमेश्वर महादेव मंदिर में विश्राम करने के उपरांत देर शाम श्नान करने के उपरांत शिव मंदिर के पुजारी पंडित राकेश शर्मा द्वारा विधिवत रूप से पूजा अर्चना करने के उपरांत शिव पिंडी पर गंगाजल से मंत्रोच्चारण करके जलाभिषेक करवाया गया। बहीं पर इस कार्यक्रम में पुरा सहयोग करने के लिए सदा शिव धौमेश्वर महादेव मंदिर कमेटी ट्रस्ट द्वारा सभी काबडयियों का सहयोग करने के लिए काबड कमेटी बंगाणा के अध्यक्ष मनोज शर्मा तथा संजीव शर्मा,सचिन शर्मा,ऊमां कांत,सुनील कुमार हंस राज,अजय कुमार,तिलक राज, राजेन्द्र सिंह,सहित अन्य सभी काबडियों ने आभार व्यक्त किया है।1
- उधमपुर के बांत ब्रिज पर छात्रों की मजबूरी! पुल नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों को नदी पार करने के लिए लोगों के कंधों का सहारा लेना पड़ रहा है। सामने आया यह दृश्य बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदार प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। रोज़ स्कूल जाने वाले इन बच्चों के लिए यह सफर कितना जोखिम भरा है, तस्वीरें खुद बयां कर रही हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि बच्चों और आम जनता की सुरक्षा को देखते हुए तुरंत सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए और लंबे समय से लंबित पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। 📍 बांत, उधमपुर | जम्मू-कश्मीर आपके अनुसार इस समस्या का जिम्मेदार कौन है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #Udhampur #BantBridge #JammuKashmir #StudentsSafety #RoadConnectivity #UdhampurNews #JammuKashmirNews #TillTheEndNews1