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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी सेना ने लोगों पर गोलियां चलाई हैं। यह घटना तब सामने आई जब करीब 40 हजार प्रदर्शनकारी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए थे। ये प्रदर्शनकारी गंभीर आर्थिक संकट, आटे की भारी किल्लत, और बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे थे। इसके अलावा, राहत और खाद्य आपूर्ति के संकट को लेकर भी विरोध प्रदर्शन हो रहा था। ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेताओं ने दमनकारी कार्रवाइयों और प्रमुख आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी के लिए पाकिस्तान प्रशासन की कड़ी निंदा की है। इस गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना द्वारा कई लोगों की मौत होने और सैकड़ों लोगों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई है।
आशीष कुमार मिश्रा
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी सेना ने लोगों पर गोलियां चलाई हैं। यह घटना तब सामने आई जब करीब 40 हजार प्रदर्शनकारी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए थे। ये प्रदर्शनकारी गंभीर आर्थिक संकट, आटे की भारी किल्लत, और बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे थे। इसके अलावा, राहत और खाद्य आपूर्ति के संकट को लेकर भी विरोध प्रदर्शन हो रहा था। ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेताओं ने दमनकारी कार्रवाइयों और प्रमुख आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी के लिए पाकिस्तान प्रशासन की कड़ी निंदा की है। इस गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना द्वारा कई लोगों की मौत होने और सैकड़ों लोगों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई है।
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- उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से हल्द्वानी के लिए उड़ान भर रहा एक निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण आपात स्थिति में एक मैदान में उतारना पड़ा। इस हेलीकॉप्टर में पायलट सहित दो यात्री सवार थे। बताया गया है कि हेलीकॉप्टर हल्द्वानी से मात्र 10 किलोमीटर दूर था और लैंडिंग में केवल दो मिनट बाकी थे, तभी अचानक मौसम बिगड़ गया और दृश्यता लगभग शून्य हो गई। इस गंभीर स्थिति को भांपते हुए पायलट ने समझदारी का परिचय दिया और नीचे एक सुरक्षित मैदान देखकर हेलीकॉप्टर की एहतियातन लैंडिंग कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है और सभी यात्री सुरक्षित हैं। पायलट के समय पर लिए गए इस फैसले की काफी सराहना की जा रही है। जिस मैदान में हेलीकॉप्टर उतारा गया, वहां करीब एक दर्जन बच्चे खेल रहे थे, जिन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- सोशल मीडिया पर एक वायरल बच्चे का बयान तेज़ी से साझा किया जा रहा है, जिसमें वह कह रहा है कि “चंपत ने चंपत किया!”। यह टिप्पणी वायरल पोस्ट और रील्स के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित हो रही है, जिसे अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी से जोड़ा जा रहा है।1
- संभल में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर अरिशा पर एक युवक को ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, अरिशा ने युवक को पहले झूठे अफेयर में फंसाया और फिर चुपके से उसके अश्लील वीडियो बना लिए। इसके बाद उसे आपत्तिजनक फोटो खिंचवाने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि इन अश्लील वीडियो और आपत्तिजनक तस्वीरों के दम पर युवती ने युवक को डरा-धमकाकर उससे ₹55,000 की मोटी रकम वसूली। इस ब्लैकमेलिंग के मामले में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर अरिशा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।1
- बाजारखाला पुलिस ने यातायात पुलिसकर्मी से अभद्रता और मारपीट करने वाले आरोपी वैभव मौर्या को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना थाना बाजारखाला क्षेत्र के हैदरगंज चौराहे पर हुई थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टाटा टियागो कार (UP32QS2290) को भी सीज कर दिया है। आरोपी वैभव मौर्या पर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला रॉन्ग साइड गाड़ी निकालने को लेकर होमगार्ड के साथ हुई मारपीट से जुड़ा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित और बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- लखनऊ में एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में, बाजारखाला थाना पुलिस ने आरोपी वैभव मौर्या को हिरासत में लिया है। ट्रैफिक आरक्षी हामिद अली की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोपी पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने वैभव मौर्या के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, और घटना में इस्तेमाल की गई टाटा टियागो कार को भी जब्त कर लिया गया है। आरोपी काकोरी क्षेत्र की दुर्गापुरी कॉलोनी का निवासी बताया गया है, जिसे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया।2
- लखनऊ में डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की। इस कार्यक्रम के दौरान, सभी उपस्थित नेताओं ने मलिहाबाद के विश्व प्रसिद्ध आमों का स्वाद लिया। वरिष्ठ पार्टी नेताओं की इस मौजूदगी से मलिहाबाद के आम एक बार फिर से चर्चा का केंद्र बन गए।1
- राम मंदिर आंदोलन से जुड़े एक चर्चित पूर्व कारसेवक और सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दुबे को विशेष रूप से 1992 के बाबरी विध्वंस में उनकी सक्रिय भूमिका के लिए जाना जाता है। उनका परिचय किसी का मोहताज नहीं है। संतोष दुबे मात्र 16 वर्ष की आयु से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़ गए थे। 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराने वाले कारसेवकों में वह शामिल थे, जिसमें उन्हें काफी चोटें आई थीं और रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी 17 जगहों की हड्डियां टूट गई थीं। आंदोलन के दौरान संतोष दुबे को कई बार जेल जाना पड़ा था, और उन पर 1994 तथा 2000 में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई हुई थी। उन्हें आंदोलन के दौरान कई गोलियां भी लगी थीं। उन्होंने यह संकल्प लिया था कि जब तक अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर नहीं बन जाता और रामलला वहां विराजमान नहीं हो जाते, तब तक वे अपने घर का निर्माण नहीं करवाएंगे। हाल के दिनों में, संतोष दुबे अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में हैं। वे राम मंदिर में चढ़ावे (दान) में कथित हेराफेरी और गबन के मामलों को लेकर काफी मुखर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए राम जन्मभूमि थाने में तहरीर दी है और आरोपियों के 'पॉलीग्राफ टेस्ट' की मांग की है। वर्तमान में, वे 'हिन्दू धर्म सेना' के प्रमुख के रूप में अपनी बात रखते हैं और मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों, जैसे चंपत राय, पर गंभीर आरोप लगाते रहे हैं। संक्षेप में, संतोष दुबे ने राम मंदिर आंदोलन में एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में अपनी भूमिका निभाई है और अब वे मंदिर के प्रबंधन और चंदे में पारदर्शिता को लेकर एक मुखर आवाज के रूप में देखे जा रहे हैं।1
- लखनऊ में बाजारखाला पुलिस ने ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान एक होमगार्ड के साथ कथित मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में वैभव मौर्या नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस घटना में प्रयुक्त टाटा टियागो कार को भी सीज कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह विवाद रॉन्ग साइड से वाहन निकालने को लेकर शुरू हुआ था। इस घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। आरोपी वैभव मौर्या के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया और वहाँ से जेल भेज दिया गया।1
- पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी सेना ने लोगों पर गोलियां चलाई हैं। यह घटना तब सामने आई जब करीब 40 हजार प्रदर्शनकारी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए थे। ये प्रदर्शनकारी गंभीर आर्थिक संकट, आटे की भारी किल्लत, और बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे थे। इसके अलावा, राहत और खाद्य आपूर्ति के संकट को लेकर भी विरोध प्रदर्शन हो रहा था। ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेताओं ने दमनकारी कार्रवाइयों और प्रमुख आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी के लिए पाकिस्तान प्रशासन की कड़ी निंदा की है। इस गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना द्वारा कई लोगों की मौत होने और सैकड़ों लोगों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई है।1