चुनौतियों को मात देकर आगे बढ़ा ब्यावर, कुसुम योजना में बढ़िया प्रदर्शन बिजली पर निर्भरता खत्म, सोलर पंप से किसानों को राहत जिले की कठिन भौगोलिक बनावट और पथरीली भूमि जैसी चुनौतियों के बावजूद ब्यावर ने पीएम कुसुम सोलर पंप योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय यूप्रदर्शन किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिले ने प्रदेश स्तर पर नौवां स्थान हासिल कर अपनी मजबूत कार्यप्रणाली का परिचय दिया है। सरकार द्वारा निर्धारित 500 सोलर पंप सेट के लक्ष्य के मुकाबले उद्यान विभाग ने अब तक 315 किसानों को योजना से लाभान्वित किया है। विभागीय जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025-26 में 262 किसानों को लाभ मिला, जबकि 53 किसान ऐसे रहे जिनके कार्य पूर्व वर्ष 2024-25 से लंबित थे और उन्हें इस वर्ष पूर्ण किया गया। सोलर पंप स्थापित होने से किसानों को अब बिजली आपूर्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, क्योंकि दिन के समय सौर ऊर्जा से पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो जाती है, जिससे रात में सिंचाई की समस्या से राहत मिलती है। भौगोलिक चुनौतियों के बीच उपलब्धि ब्यावर जिले का अधिकांश क्षेत्र पहाड़ी और पथरीला होने के कारण कृषि कार्यों में कई तकनीकी बाधाएं सामने आती हैं। योजना के तहत न्यूनतम 0.4 हेक्टेयर भूमि की शर्त भी कई किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर छोटे जोत वाले किसान अधिक हैं। जवाजा, रायपुर और मसूदा क्षेत्रों में पथरीली जमीन के बावजूद 315 किसानों तक योजना पहुंचाना विभाग की बड़ी सफलता मानी जा रही है। किसानों को मिल रहा आर्थिक संबल योजना के अंतर्गत 3 एचपी, 5 एचपी, 7.5 एचपी और 10 एचपी के सोलर पंप सेट पर किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को अतिरिक्त 45 हजार रुपये की सहायता भी प्रदान की जाती है। उद्यान विभाग की उप निदेशक आरती यादव के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए किसान के नाम पर पूर्व में कृषि बिजली कनेक्शन नहीं होना चाहिए तथा कम से कम 0.4 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि होना आवश्यक है। इसके साथ ही खेत में जल भंडारण की व्यवस्था जैसे फार्म पॉन्ड या जल हौज होना अनिवार्य है। समूह में आवेदन कर भी किसान इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उप निदेशक आरती यादव ने बताया कि विभाग द्वारा अब तक 315 किसानों को योजना से जोड़ा जा चुका है। नए जिले और विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद अधिकतम किसानों तक योजना पहुंचाने के निरंतर प्रयासों के चलते ब्यावर को प्रदेश में 6 वीं रैंक प्राप्त हुई है।
चुनौतियों को मात देकर आगे बढ़ा ब्यावर, कुसुम योजना में बढ़िया प्रदर्शन बिजली पर निर्भरता खत्म, सोलर पंप से किसानों को राहत जिले की कठिन भौगोलिक बनावट और पथरीली भूमि जैसी चुनौतियों के बावजूद ब्यावर ने पीएम कुसुम सोलर पंप योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय यूप्रदर्शन किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिले ने प्रदेश स्तर पर नौवां स्थान हासिल कर अपनी मजबूत कार्यप्रणाली का परिचय दिया है। सरकार द्वारा निर्धारित 500 सोलर पंप सेट के लक्ष्य के मुकाबले उद्यान विभाग ने अब तक 315 किसानों को योजना से लाभान्वित किया है। विभागीय जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025-26 में 262 किसानों को लाभ मिला, जबकि 53 किसान ऐसे रहे जिनके कार्य पूर्व वर्ष 2024-25 से लंबित थे और उन्हें इस वर्ष पूर्ण किया गया। सोलर पंप स्थापित होने से किसानों को अब बिजली आपूर्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, क्योंकि दिन के समय सौर ऊर्जा से पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो जाती है, जिससे रात में सिंचाई की समस्या से राहत मिलती है। भौगोलिक चुनौतियों के बीच उपलब्धि ब्यावर जिले का अधिकांश क्षेत्र पहाड़ी और पथरीला होने के कारण कृषि कार्यों में कई तकनीकी बाधाएं सामने आती हैं। योजना के तहत न्यूनतम 0.4 हेक्टेयर भूमि की शर्त भी कई किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण
है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर छोटे जोत वाले किसान अधिक हैं। जवाजा, रायपुर और मसूदा क्षेत्रों में पथरीली जमीन के बावजूद 315 किसानों तक योजना पहुंचाना विभाग की बड़ी सफलता मानी जा रही है। किसानों को मिल रहा आर्थिक संबल योजना के अंतर्गत 3 एचपी, 5 एचपी, 7.5 एचपी और 10 एचपी के सोलर पंप सेट पर किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को अतिरिक्त 45 हजार रुपये की सहायता भी प्रदान की जाती है। उद्यान विभाग की उप निदेशक आरती यादव के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए किसान के नाम पर पूर्व में कृषि बिजली कनेक्शन नहीं होना चाहिए तथा कम से कम 0.4 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि होना आवश्यक है। इसके साथ ही खेत में जल भंडारण की व्यवस्था जैसे फार्म पॉन्ड या जल हौज होना अनिवार्य है। समूह में आवेदन कर भी किसान इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उप निदेशक आरती यादव ने बताया कि विभाग द्वारा अब तक 315 किसानों को योजना से जोड़ा जा चुका है। नए जिले और विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद अधिकतम किसानों तक योजना पहुंचाने के निरंतर प्रयासों के चलते ब्यावर को प्रदेश में 6 वीं रैंक प्राप्त हुई है।
- अजमेर के पीसांगन में ₹35 लाख की चोरी सुलझाने वाली पुलिस टीम का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। इस साहसिक कार्य के लिए पुलिसकर्मियों का अभिनंदन कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।1
- मदर्स डे के अवसर पर महावीर इंटरनेशनल परिवार ने रायपुर के राजकीय अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्हें पोषण आहार और बेबी किट वितरित कर मातृत्व का सम्मान किया गया, साथ ही पोषण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान पर भी चर्चा हुई और भविष्य में ऐसे जनसेवा कार्य जारी रखने का संकल्प लिया गया।1
- नीलकंठ महादेव मंदिर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का हुआ लाइव प्रसारण सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत ब्यावर जिले में विविध आयोजन संपन्न रायपुर (ब्यावर) ब्यावर, में कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग राजस्थान के निर्देशानुसार “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के अंतर्गत ब्यावर जिले में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह आयोजन सोमनाथ मंदिर पर प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष एवं मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रव्यापी स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम नीलकंठ महादेव मंदिर, ब्यावर में आयोजित हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi के सोमनाथ से संबोधन एवं मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया, जिसे बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं आमजन ने देखा। कार्यक्रम में ब्यावर विधायक Shankar Singh Rawat ने सपत्नी भगवान शिव की पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सनातन संस्कृति, आस्था और आत्मगौरव का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों के बावजूद मंदिर का पुनर्निर्माण हमारी आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक विरासत की अमर पहचान को दर्शाता है। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि जिले के विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में सोमनाथ मंदिर के इतिहास एवं गौरव पर आधारित ऐनिमेटेड फिल्म का प्रदर्शन किया गया। साथ ही विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए व्याख्यान एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, विकास अधिकारी बलराम मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।1
- बलरामपुर खंडवा चित्तौड़ भीलवाड़ा इंदौर देवास होते हुए नागपुर फोरलेन का रोड का नजारा है कोई भी भाई गाड़ी लेकर फोर व्हीलर अपना हैदराबाद का रास्ता1
- राजस्थान के पाली जिले में गैस रिसाव से लगी भीषण आग में एक मां और उसकी दो मासूम बेटियों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदय विदारक हादसा रायपुर मारवाड़ के कानाचा उड़ावता गांव में हुआ, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- पाली के रायपुर उपखंड के कानचा उड़ावता गाँव में गैस लीकेज से हुए हादसे में एक महिला और उसकी दो मासूम बेटियों की दुखद मृत्यु हो गई। चाय बनाते समय हुए इस भयावह अग्निकांड से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।1
- रियां बड़ी शहर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित होने वाली पारंपरिक ग्यारह कोसी नगर परिक्रमा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस संबंध में रविवार शाम सकल हिंदू समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक चारभुजा मंदिर परिसर में आयोजित की गई। यह परिक्रमा 31 मई से शुरू होगी। रियां बड़ी शहर में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित होने वाली पारंपरिक ग्यारह कोसी नगर परिक्रमा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस संबंध में रविवार शाम सकल हिंदू समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक चारभुजा मंदिर परिसर में आयोजित की गई। यह परिक्रमा 31 मई से शुरू होगी। बैठक में आगामी नगर परिक्रमा की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। विभिन्न व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। आयोजकों का उद्देश्य परिक्रमा को भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाना है। आयोजकों ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में निकलने वाली यह परिक्रमा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और परंपरा का एक प्रमुख आयोजन है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस वर्ष व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक के दौरान परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं जैसे छाया, शुद्ध पेयजल, भोजन, चिकित्सा सहायता और रात्रि विश्राम के पुख्ता इंतजाम करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, मार्ग की साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने का आश्वासन दिया। सकल हिंदू समाज के सदस्यों ने परिक्रमा को धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण के साथ संपन्न कराने का संकल्प लिया। बैठक में बजरंगगढ़ सेवा समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद राठी, श्याम सुंदर रुणवाल, एडवोकेट रामकिशोर तिवाड़ी, विनोद कुमार गौड़, जुगल किशोर मणिहार, देवी सिंह बडगूजर, राजेश पाराशर, मिठ्ठू लाल सोनी, कैलाश नागर और बबलू पाराशर सहित कई धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर इस नगर परिक्रमा को सफल बनाने की अपील की। आयोजन को लेकर शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।1
- राजस्थान के ब्यावर में गैस सिलेंडर लीकेज से बड़ा हादसा हुआ। इस दर्दनाक घटना में एक मां और उसकी दो मासूम बेटियों की जिंदा जलने से मौत हो गई।1