*मैहर में मुआवजा के नाम पर ठगी, अल्ट्राटेक सीमेंट और भू-अर्जन अधिकारी पर किसानों के गंभीर आरोप, न्याय के लिए जायेंगे हाईकोर्ट* मैहर। जिले में औद्योगिक विकास और किसानों के अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। UltraTech Cement की मैहर इकाई के खिलाफ किसानों ने भूमि प्रतिकर (मुआवजा) भुगतान में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भोपाल मुख्यालय तक पहुंचाया गया था पर जांच के नाम पर अभी तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंपनी द्वारा दिनांक 25 अक्टूबर 2023 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मैहर के समक्ष किसानों की अधिग्रहित भूमि के प्रतिकर निर्धारण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इस पर तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) ने उप-पंजीयक मैहर से भूमि के मूल्यांकन की प्रक्रिया कराई थी, ताकि नियमानुसार मुआवजा तय किया जा सके।हालांकि, किसानों का आरोप है कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी भू-अर्जन अधिकारी द्वारा दोबारा उपपंजीयक मैहर से जमीनों का बाजार मूल्य मंगवाकर खुद प्रतिकर का निर्धारण किया गया जो पूर्व में किए गए वास्तविक और उचित प्रतिकर राशि के विपरीत किसानों के हक में डांका डालने तथा कंपनी को भारी आर्थिक लाभ पहुंचाने वाला स्पष्ट दिखाई पड़ता है। आरोप यह भी है कि सुनियोजित तरीके से कुछ समय तक स्थिति को शांत रखा गया और बाद में किसानों के हितों की अनदेखी करते हुए भुगतान में देरी या कटौती की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि एक संभावित षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है, जिसमें किसानों को उनके अधिकार से वंचित किया गया। किसानों के समर्थन में अब स्थानीय संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू के समक्ष प्रस्तुत की गई थी पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही विभाग द्वारा नहीं की गई वजह इसके पीछे की समझ से परे है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि जिला दण्डाधिकारी द्वारा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को उनका न्याय मिल सके। प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मामले के तूल पकड़ने के बाद जांच की संभावनाओं की उम्मीद की जा रही हैं। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले में क्या निष्कर्ष निकालती हैं और क्या प्रभावित किसानों को उनका हक मिल पाता है या नहीं। प्रशासनिक स्तर पर शीघ्र न्याय ना मिलने की स्थिति में न्यायपालिका की शरण में जाना अंतिम विकल्प है जिस पर भी विचार किया जा रहा है।
*मैहर में मुआवजा के नाम पर ठगी, अल्ट्राटेक सीमेंट और भू-अर्जन अधिकारी पर किसानों के गंभीर आरोप, न्याय के लिए जायेंगे हाईकोर्ट* मैहर। जिले में औद्योगिक विकास और किसानों के अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। UltraTech Cement की मैहर इकाई के खिलाफ किसानों ने भूमि प्रतिकर (मुआवजा) भुगतान में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भोपाल मुख्यालय तक पहुंचाया गया था पर जांच के नाम पर अभी तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंपनी द्वारा दिनांक 25 अक्टूबर 2023 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मैहर के समक्ष किसानों की अधिग्रहित भूमि के प्रतिकर निर्धारण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इस पर तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) ने उप-पंजीयक मैहर से भूमि के मूल्यांकन की प्रक्रिया कराई थी, ताकि नियमानुसार मुआवजा तय किया जा सके।हालांकि, किसानों का आरोप है कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी भू-अर्जन अधिकारी द्वारा दोबारा उपपंजीयक मैहर से जमीनों का बाजार मूल्य मंगवाकर खुद प्रतिकर का निर्धारण किया गया जो पूर्व में किए गए वास्तविक और उचित प्रतिकर राशि के विपरीत किसानों के हक में डांका डालने तथा कंपनी को भारी आर्थिक लाभ पहुंचाने वाला स्पष्ट दिखाई पड़ता है। आरोप यह भी है कि सुनियोजित तरीके से कुछ समय तक स्थिति को शांत रखा गया और बाद में किसानों के हितों की अनदेखी करते हुए भुगतान में देरी या कटौती की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि एक संभावित षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है, जिसमें किसानों को उनके अधिकार से वंचित किया गया। किसानों के समर्थन में अब स्थानीय संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू के समक्ष प्रस्तुत की गई थी पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही विभाग द्वारा नहीं की गई वजह इसके पीछे की समझ से परे है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि जिला दण्डाधिकारी द्वारा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को उनका न्याय मिल सके। प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मामले के तूल पकड़ने के बाद जांच की संभावनाओं की उम्मीद की जा रही हैं। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां इस मामले में क्या निष्कर्ष निकालती हैं और क्या प्रभावित किसानों को उनका हक मिल पाता है या नहीं। प्रशासनिक स्तर पर शीघ्र न्याय ना मिलने की स्थिति में न्यायपालिका की शरण में जाना अंतिम विकल्प है जिस पर भी विचार किया जा रहा है।
- दिनभर दतिया में चर्चा को विषय1
- *दतिया में भाजपा पार्षद की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी : गोलीबारी के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका* India 24 now1
- #Datia: बीजेपी पार्षद कल्लू कुशवाह हत्या काण्ड मामले में समर्थकों ने किया चक्का जाम, वही दूसरी ओर हत्या काण्ड में उमेश कुशवाह का नाम आने पर पूरा परिवार पहुंचा SP दफ्तर..... देखें पूरा वीडियो #datia #public #murder #हत्याकांड #बीजेपी #Crime1
- *कोटर* सतना जिले के कोटर तहसील में कांग्रेस के नेताओं ने तहसीलदार की मौजूदगी नहीं होने पर कुत्ते को सौंपा ज्ञापन बोले तहसीलदार भ्रष्टाचार में है लिप्त जिससे ज्ञापन लेने की वजाए तहसील कार्यालय से रहे नदारद जिससे कांग्रेस नेताओं ने कुत्ते को ज्ञापन सौप कर धरना किया समाप्त।1
- Post by Lakshya News tv1
- दतिया कल्लू कुशवाहा हत्या परिजनों व समर्थक ने लगाया जाम। अंतिम संस्कार के बाद लोटे समर्थकों ने सेवढा चुंगी पर किया चक्का जाम। परिजनों का कहना है कि सभी अपराधियों की गिरफ्तारी की जाए। और अपराधियों के घर पर बुलडोजर चलाया जाए वही पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए।1
- Post by AD SINGH DHAKAD1
- दतिया ब्रेकिंग - भाजपा पार्षद कल्लू कुशवाहा हत्या के बाद दतिया में तनाव। अंतिम संस्कार के बाद लोटे समर्थकों ने सेवढा चुंगी पर किया चक्का जाम। समर्थकों का कहना है कि संपूर्ण अपराधियों की गिरफ्तारी की जाए। और अपराधियों के घर पर बुलडोजर चलाया जाए वही पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाए।1