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लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने होटल, कोचिंग, हॉस्टल और अस्पताल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि उनके संस्थान निर्धारित मानकों के विपरीत चल रहे हैं, तो उन्हें बिना किसी देरी के बंद कर दिया जाए। इस उच्चस्तरीय बैठक में सिविल पुलिस के अधिकारियों के साथ-साथ फायर विभाग, नगर निगम और केडीए के अधिकारी भी उपस्थित थे। कानपुर पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के तहत, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, हॉस्टलों और स्कूलों सहित 1000 से अधिक संस्थाओं का सत्यापन किया गया। इस सत्यापन प्रक्रिया के दौरान, अग्निशमन विभाग ने 40 से अधिक ऐसी संस्थाओं को नोटिस जारी किए हैं, जहाँ सुरक्षा मानकों में कमियाँ पाई गईं। बैठक के दौरान आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदमों और सावधानियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त, संस्थानों के प्रतिनिधियों से उनके प्रतिष्ठानों को और अधिक सुरक्षित बनाने के संबंध में सुझाव भी मांगे गए।

8 hrs ago
user_MAKKI TV
MAKKI TV
Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने होटल, कोचिंग, हॉस्टल और अस्पताल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि उनके संस्थान निर्धारित मानकों के विपरीत चल रहे हैं, तो उन्हें बिना किसी देरी के बंद कर दिया जाए। इस उच्चस्तरीय बैठक में सिविल पुलिस के अधिकारियों के साथ-साथ फायर विभाग, नगर निगम और केडीए के अधिकारी भी उपस्थित थे। कानपुर पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के तहत, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, हॉस्टलों और स्कूलों सहित 1000 से अधिक संस्थाओं का सत्यापन किया गया। इस सत्यापन प्रक्रिया के दौरान, अग्निशमन विभाग ने 40 से अधिक ऐसी संस्थाओं को नोटिस जारी किए हैं, जहाँ सुरक्षा मानकों में कमियाँ पाई गईं। बैठक के दौरान आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदमों और सावधानियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त, संस्थानों के प्रतिनिधियों से उनके प्रतिष्ठानों को और अधिक सुरक्षित बनाने के संबंध में सुझाव भी मांगे गए।

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  • खुर्जा में प्रशासन द्वारा एक मीट फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इस दौरान, प्रशासन ने पहले फैक्ट्री पर छापेमारी की और अब वहां सीलिंग की कार्रवाई जारी है।
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    खुर्जा में प्रशासन द्वारा एक मीट फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इस दौरान, प्रशासन ने पहले फैक्ट्री पर छापेमारी की और अब वहां सीलिंग की कार्रवाई जारी है।
    user_KPTV BHARAT NEWS
    KPTV BHARAT NEWS
    Media company कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    35 min ago
  • राजधानी लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना के संबंध में पुलिस उपायुक्त दक्षिणी, अमित कुमार आनंद, ने एक बयान दिया है।
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    राजधानी लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना के संबंध में पुलिस उपायुक्त दक्षिणी, अमित कुमार आनंद, ने एक बयान दिया है।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नर ने सुरक्षा उपायों को लेकर सक्रियता दिखाई है। उन्होंने शहर के होटल, कोचिंग, हॉस्टल और अस्पताल संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जॉइंट पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई संस्थान निर्धारित मानकों के विपरीत चल रहा है, तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। बैठक में सिविल पुलिस के अधिकारियों के साथ-साथ फायर विभाग, नगर निगम और केडीए के अधिकारी भी मौजूद रहे। इसमें आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, कोचिंग संस्थान, अस्पताल, हॉस्टल और स्कूल सहित 1000 से अधिक संस्थानों का सत्यापन कराया गया। इस प्रक्रिया के दौरान, अग्निशमन विभाग द्वारा 40 से अधिक ऐसी संस्थाओं को नोटिस जारी किए गए जहाँ कमियाँ पाई गईं। संस्थानों को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उनके प्रतिनिधियों से सुधार हेतु सुझाव भी मांगे गए हैं।
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    लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नर ने सुरक्षा उपायों को लेकर सक्रियता दिखाई है। उन्होंने शहर के होटल, कोचिंग, हॉस्टल और अस्पताल संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जॉइंट पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई संस्थान निर्धारित मानकों के विपरीत चल रहा है, तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। बैठक में सिविल पुलिस के अधिकारियों के साथ-साथ फायर विभाग, नगर निगम और केडीए के अधिकारी भी मौजूद रहे। इसमें आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।

सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, कोचिंग संस्थान, अस्पताल, हॉस्टल और स्कूल सहित 1000 से अधिक संस्थानों का सत्यापन कराया गया। इस प्रक्रिया के दौरान, अग्निशमन विभाग द्वारा 40 से अधिक ऐसी संस्थाओं को नोटिस जारी किए गए जहाँ कमियाँ पाई गईं।

संस्थानों को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उनके प्रतिनिधियों से सुधार हेतु सुझाव भी मांगे गए हैं।
    user_Rahul dwivedi
    Rahul dwivedi
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नर सक्रिय हो गए हैं, उन्होंने शहर के होटल, कोचिंग, हॉस्टल और अस्पताल संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जॉइंट पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई संस्थान निर्धारित मानकों के विपरीत काम कर रहा है, तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। बैठक में सिविल पुलिस के अलावा फायर विभाग, नगर निगम और केडीए के अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी उपस्थितों को आग लगने की स्थिति में क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि कानपुर में कोचिंग संस्थान, अस्पताल, हॉस्टल और स्कूल समेत 1000 से अधिक संस्थाओं का सत्यापन किया गया है। इन सत्यापित संस्थाओं में से 40 से अधिक को अग्निशमन विभाग द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं, जहाँ सुरक्षा मानकों में कमियाँ पाई गई थीं। संस्थान प्रतिनिधियों से सुरक्षित माहौल बनाने के लिए सुझाव भी मांगे गए हैं।
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    लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नर सक्रिय हो गए हैं, उन्होंने शहर के होटल, कोचिंग, हॉस्टल और अस्पताल संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जॉइंट पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई संस्थान निर्धारित मानकों के विपरीत काम कर रहा है, तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।

बैठक में सिविल पुलिस के अलावा फायर विभाग, नगर निगम और केडीए के अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी उपस्थितों को आग लगने की स्थिति में क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि कानपुर में कोचिंग संस्थान, अस्पताल, हॉस्टल और स्कूल समेत 1000 से अधिक संस्थाओं का सत्यापन किया गया है। इन सत्यापित संस्थाओं में से 40 से अधिक को अग्निशमन विभाग द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं, जहाँ सुरक्षा मानकों में कमियाँ पाई गई थीं। संस्थान प्रतिनिधियों से सुरक्षित माहौल बनाने के लिए सुझाव भी मांगे गए हैं।
    user_लाला यादव न्यूज़ रिपोर्टर
    लाला यादव न्यूज़ रिपोर्टर
    Court reporter कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पीड़िता रत्ना देवी ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर बच्ची होने की आशंका के चलते जबरन गर्भपात कराने और गंभीर मारपीट का आरोप लगाया है। यह मामला 23 जून को एक प्रेस वार्ता के दौरान नेशनल मीडिया प्रेस क्लब कार्यालय में सामने आया, जहाँ पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई। रत्ना देवी ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी शादी 21 फरवरी 2025 को रावतपुर गांव निवासी अजय कुरील से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि पति किसी अन्य लड़की से बातचीत करता है, जिसका विरोध करने पर अजय कुरील शराब के नशे में उनके साथ मारपीट करने लगा और जान से मारने की धमकी भी दी। जब उन्होंने ससुराल पक्ष से इस संबंध में शिकायत की, तो उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला और लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। मामला तब और गंभीर हो गया जब रत्ना देवी गर्भवती हुईं। अल्ट्रासाउंड के बाद 23 फरवरी 2026 को ससुराल पक्ष को गर्भ में पल रहे बच्चे के लड़की होने की जानकारी मिली। इसके बाद पति अजय कुरील, ससुर अशोक कुमार, सास राजकुमारी और देवर अर्जुन ने कथित तौर पर रत्ना देवी पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता के इनकार करने पर ससुराल पक्ष ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, आरोप है कि पेट पर लात-घूंसे मारे गए, जिससे गर्भ में पल रही बच्ची की मौत हो गई। मारपीट के दौरान रत्ना देवी बेहोश हो गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और होश आने पर उन्हें अपने गर्भपात होने का पता चला। पीड़िता रत्ना देवी का यह भी आरोप है कि उन्होंने “बेटी बचाओ” हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन 1090 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए न्याय की मांग की है। यह मामला न सिर्फ घरेलू हिंसा बल्कि बेटियों के प्रति समाज की विकृत मानसिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
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    कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पीड़िता रत्ना देवी ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर बच्ची होने की आशंका के चलते जबरन गर्भपात कराने और गंभीर मारपीट का आरोप लगाया है। यह मामला 23 जून को एक प्रेस वार्ता के दौरान नेशनल मीडिया प्रेस क्लब कार्यालय में सामने आया, जहाँ पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई।

रत्ना देवी ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी शादी 21 फरवरी 2025 को रावतपुर गांव निवासी अजय कुरील से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि पति किसी अन्य लड़की से बातचीत करता है, जिसका विरोध करने पर अजय कुरील शराब के नशे में उनके साथ मारपीट करने लगा और जान से मारने की धमकी भी दी। जब उन्होंने ससुराल पक्ष से इस संबंध में शिकायत की, तो उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला और लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

मामला तब और गंभीर हो गया जब रत्ना देवी गर्भवती हुईं। अल्ट्रासाउंड के बाद 23 फरवरी 2026 को ससुराल पक्ष को गर्भ में पल रहे बच्चे के लड़की होने की जानकारी मिली। इसके बाद पति अजय कुरील, ससुर अशोक कुमार, सास राजकुमारी और देवर अर्जुन ने कथित तौर पर रत्ना देवी पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता के इनकार करने पर ससुराल पक्ष ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, आरोप है कि पेट पर लात-घूंसे मारे गए, जिससे गर्भ में पल रही बच्ची की मौत हो गई। मारपीट के दौरान रत्ना देवी बेहोश हो गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और होश आने पर उन्हें अपने गर्भपात होने का पता चला।

पीड़िता रत्ना देवी का यह भी आरोप है कि उन्होंने “बेटी बचाओ” हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन 1090 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए न्याय की मांग की है। यह मामला न सिर्फ घरेलू हिंसा बल्कि बेटियों के प्रति समाज की विकृत मानसिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
    user_Omveer
    Omveer
    Media Consultant कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़िता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लालच में तथा गर्भ में पल रही बच्ची के लड़की होने की जानकारी मिलने पर बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया है, जिससे उसका गर्भपात हो गया और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। पीड़िता रत्ना देवी ने 23 जून, मंगलवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान नेशनल मीडिया प्रेस क्लब कार्यालय में अपनी यह समस्या बताई। रत्ना देवी ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी शादी 21 फरवरी 2025 को रावतपुर गाँव निवासी अजय कुरील से हुई थी। रत्ना देवी के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही उन्हें पता चला कि उनके पति किसी अन्य लड़की से बातचीत करते हैं। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पति अजय कुरील शराब के नशे में उनके साथ मारपीट करने लगे और अक्सर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी भी देते थे। पीड़िता ने जब ससुराल पक्ष से इस संबंध में शिकायत की, तब भी उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला, बल्कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब रत्ना देवी गर्भवती हुईं। आरोप है कि अल्ट्रासाउंड के बाद 23 फरवरी 2026 को ससुराल पक्ष को यह जानकारी मिली कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़की है। इसके बाद पति अजय कुरील, ससुर अशोक कुमार, सास राजकुमारी और देवर अर्जुन ने कथित तौर पर रत्ना देवी पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने गर्भपात कराने से इनकार किया, तो ससुराल पक्ष ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसमें पेट पर लात-घूंसे मारे गए, जिसके परिणामस्वरूप गर्भ में पल रही बच्ची की मौत हो गई। मारपीट के दौरान रत्ना देवी बेहोश हो गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। होश में आने पर रत्ना देवी को पता चला कि उनका गर्भपात हो चुका है। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उन्होंने 'बेटी बचाओ' हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन 1090 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए न्याय की मांग की है। यह मामला न सिर्फ घरेलू हिंसा को उजागर करता है, बल्कि बेटियों के प्रति समाज की विकृत मानसिकता और शासन-प्रशासन की कथित निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
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    कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़िता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लालच में तथा गर्भ में पल रही बच्ची के लड़की होने की जानकारी मिलने पर बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया है, जिससे उसका गर्भपात हो गया और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। पीड़िता रत्ना देवी ने 23 जून, मंगलवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान नेशनल मीडिया प्रेस क्लब कार्यालय में अपनी यह समस्या बताई।

रत्ना देवी ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी शादी 21 फरवरी 2025 को रावतपुर गाँव निवासी अजय कुरील से हुई थी। रत्ना देवी के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही उन्हें पता चला कि उनके पति किसी अन्य लड़की से बातचीत करते हैं। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पति अजय कुरील शराब के नशे में उनके साथ मारपीट करने लगे और अक्सर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी भी देते थे। पीड़िता ने जब ससुराल पक्ष से इस संबंध में शिकायत की, तब भी उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला, बल्कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब रत्ना देवी गर्भवती हुईं। आरोप है कि अल्ट्रासाउंड के बाद 23 फरवरी 2026 को ससुराल पक्ष को यह जानकारी मिली कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़की है। इसके बाद पति अजय कुरील, ससुर अशोक कुमार, सास राजकुमारी और देवर अर्जुन ने कथित तौर पर रत्ना देवी पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने गर्भपात कराने से इनकार किया, तो ससुराल पक्ष ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसमें पेट पर लात-घूंसे मारे गए, जिसके परिणामस्वरूप गर्भ में पल रही बच्ची की मौत हो गई। मारपीट के दौरान रत्ना देवी बेहोश हो गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

होश में आने पर रत्ना देवी को पता चला कि उनका गर्भपात हो चुका है। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उन्होंने 'बेटी बचाओ' हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन 1090 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए न्याय की मांग की है। यह मामला न सिर्फ घरेलू हिंसा को उजागर करता है, बल्कि बेटियों के प्रति समाज की विकृत मानसिकता और शासन-प्रशासन की कथित निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
    user_Sri Dinkar jee
    Sri Dinkar jee
    Media house कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने होटल, कोचिंग, हॉस्टल और अस्पताल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि उनके संस्थान निर्धारित मानकों के विपरीत चल रहे हैं, तो उन्हें बिना किसी देरी के बंद कर दिया जाए। इस उच्चस्तरीय बैठक में सिविल पुलिस के अधिकारियों के साथ-साथ फायर विभाग, नगर निगम और केडीए के अधिकारी भी उपस्थित थे। कानपुर पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के तहत, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, हॉस्टलों और स्कूलों सहित 1000 से अधिक संस्थाओं का सत्यापन किया गया। इस सत्यापन प्रक्रिया के दौरान, अग्निशमन विभाग ने 40 से अधिक ऐसी संस्थाओं को नोटिस जारी किए हैं, जहाँ सुरक्षा मानकों में कमियाँ पाई गईं। बैठक के दौरान आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदमों और सावधानियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त, संस्थानों के प्रतिनिधियों से उनके प्रतिष्ठानों को और अधिक सुरक्षित बनाने के संबंध में सुझाव भी मांगे गए।
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    लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने होटल, कोचिंग, हॉस्टल और अस्पताल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि उनके संस्थान निर्धारित मानकों के विपरीत चल रहे हैं, तो उन्हें बिना किसी देरी के बंद कर दिया जाए।

इस उच्चस्तरीय बैठक में सिविल पुलिस के अधिकारियों के साथ-साथ फायर विभाग, नगर निगम और केडीए के अधिकारी भी उपस्थित थे। कानपुर पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के तहत, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, हॉस्टलों और स्कूलों सहित 1000 से अधिक संस्थाओं का सत्यापन किया गया। इस सत्यापन प्रक्रिया के दौरान, अग्निशमन विभाग ने 40 से अधिक ऐसी संस्थाओं को नोटिस जारी किए हैं, जहाँ सुरक्षा मानकों में कमियाँ पाई गईं।

बैठक के दौरान आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदमों और सावधानियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त, संस्थानों के प्रतिनिधियों से उनके प्रतिष्ठानों को और अधिक सुरक्षित बनाने के संबंध में सुझाव भी मांगे गए।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कानपुर के पीपीएन मार्केट के पास सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक चलती कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन आग के गोले में तब्दील हो गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार चालक ने समय रहते वाहन रोककर बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक कार का बड़ा हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो चुका था। इस घटना के चलते सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस तथा दमकल विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।
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    कानपुर के पीपीएन मार्केट के पास सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक चलती कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन आग के गोले में तब्दील हो गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार चालक ने समय रहते वाहन रोककर बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक कार का बड़ा हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो चुका था। इस घटना के चलते सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और पुलिस तथा दमकल विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।
    user_KANPUR SAMACHAR DIGITAL NEWS
    KANPUR SAMACHAR DIGITAL NEWS
    Local News Reporter कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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