*साहित्य अकादमी ने यमुनानगर में श्री गुरु तेग बहादुर जी की विरासत पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया* विद्वानों ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, बलिदान, और उनकी साहित्यिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा की यमुनानगर, हरियाणा, 15 सितंबर 2026: साहित्य अकादमी, नई दिल्ली (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) ने गुरु नानक खालसा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस, हरियाणा के सहयोग से आज यमुनानगर के गुरु नानक खालसा कॉलेज के प्रांगण में "श्री गुरु तेग बहादुर जी की विरासत" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। यह संगोष्ठी श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की पवित्र स्मृति में आयोजित की गई थी। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रख्यात विद्वानों, लेखकों, शिक्षाविदों और साहित्यिक व शैक्षिक समुदाय के सदस्यों ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, दर्शन, बलिदान, साहित्यिक योगदान और उनकी स्थायी विरासत पर विचार-विमर्श किया। उद्घाटन सत्र की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अतिथियों के आगमन और स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद वंदे मातरम, राष्ट्रगान और अतिथियों का सम्मान किया गया। साहित्य अकादमी के उप-सचिव डॉ. एन. सुरेश बाबू ने उद्घाटन भाषण दिया और निरंतर साहित्यिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक चर्चाओं के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और विरासत से जुड़ने के महत्व पर जोर दिया। भारत सरकार के माननीय संस्कृति मंत्री का संदेश भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को मनाने के महत्व को रेखांकित किया गया। केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के चांसलर प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और मुख्य भाषण दिया। श्री गुरु तेग बहादुर जी के असाधारण जीवन और बलिदान पर बात करते हुए, प्रो. बेदी ने मानवीय मूल्यों के संरक्षण और आस्था व अंतरात्मा की स्वतंत्रता की रक्षा में उनके गहरे योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के सभ्यतागत इतिहास में गुरु जी का बलिदान एक असाधारण स्थान रखता है। इस अवसर पर गुरु नानक खालसा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस की प्रबंध समिति के विशिष्ट सदस्यों भी शामिल रहे, जिनमें उपाध्यक्ष सरदार मेजर आर. एस. भट्टी; महासचिव सरदार बलवंत सिंह बांगा; वित्त सचिव सरदार अमरदीप सिंह और सदस्य डॉ. कमलप्रीत कौर, जिनकी मौजूदगी ने इस यादगार मौके की शोभा बढ़ाई। साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. माधव कौशिक ने अध्यक्षीय भाषण दिया। अपने भाषण में, डॉ. कौशिक ने श्री गुरु तेग बहादुर जी की विरासत के साहित्यिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र का समापन गुरु नानक खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अरविंदर सिंह भल्ला द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, साहित्य अकादमी, विद्वानों और प्रबंध समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय संगोष्ठी के शैक्षणिक भाग में दो विद्वतापूर्ण सत्र शामिल थे। पहले सत्र की अध्यक्षता गुरु नानक खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अरविंदर सिंह भल्ला ने की, जिसमें एस. अवतार सिंह, एस. मंजिंदर सिंह और डॉ. लेज़िया लखवीर ने विद्वतापूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं। शोध-पत्रों में गुरु के जीवन, विचारों, साहित्यिक योगदान और ऐतिहासिक महत्व के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, जिससे प्रतिभागियों के बीच सार्थक शैक्षणिक आदान-प्रदान हुआ। वहीं, दूसरे सत्र की अध्यक्षता प्रसिद्ध पंजाबी लेखक श्री रविंदर सिंह ने की और इसमें डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. अनुराग सिंह और डॉ. दलविंदर सिंह ग्रेवाल के शोध-पत्र शामिल थे। वक्ताओं ने भारत की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत में श्री गुरु तेग बहादुर जी के योगदान और उनकी शिक्षाओं की निरंतर प्रासंगिकता पर विविध विद्वतापूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के चांसलर प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी की अध्यक्षता में आयोजित समापन सत्र के साथ हुआ। साहित्य अकादमी के उप सचिव डॉ. एन. सुरेश बाबू ने समापन भाषण दिया और साहित्य, शिक्षा तथा निरंतर शैक्षणिक जुड़ाव के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर जी से जुड़े मूल्यों और बौद्धिक विरासत को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। समापन भाषण प्रसिद्ध पंजाबी विद्वान और लेखक श्री बलकार सिंह ने दिया। अपने भाषण में, बलकार सिंह ने श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के गहरे महत्व और भारत के आध्यात्मिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक इतिहास में उनके स्थायी स्थान पर विचार व्यक्त किए। इसमें प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी का अध्यक्षीय भाषण भी शामिल था, जिन्होंने समकालीन दुनिया में श्री गुरु तेग बहादुर जी के संदेश की निरंतर प्रासंगिकता पर जोर दिया। गवर्निंग बॉडी और मैनेजिंग कमेटी के अध्यक्ष, सरदार रणदीप सिंह जौहर ने इस अवसर पर अपना संदेश दिया। उन्होंने राष्ट्रीय सेमिनार के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं और श्री गुरु तेग बहादुर जी की शाश्वत विरासत और शिक्षाओं को संरक्षित करने और उनका प्रसार करने के महत्व पर प्रकाश डाला। सत्र का समापन साहित्य अकादमी के उप-सचिव श्री नवीन कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट वक्ताओं, विद्वानों, प्रबंध समिति के सदस्यों, मेजबान संस्थान, भाग लेने वाले शिक्षाविदों और राष्ट्रीय संगोष्ठी के सफल आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। समापन समारोह में गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया। मंच का संचालन साहित्य अकादमी की डॉ. संदीप कौर ने गुरु नानक खालसा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के डॉ. तिलक राज और डॉ. विनय चंदेल के साथ मिलकर किया। इस कार्यक्रम में डॉ. अमित जोशी, डॉ. कुमार गौरव, श्री ओम पाहवा, सरदार गुरदयाल सिंह निमर, डॉ. एनएस विर्क, एस. अजिंदरपाल सिंह, श्री राहुल कोहली, श्री सुरेश, श्री हरभजन और अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ-साथ गुरु नानक खालसा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के शिक्षण और गैर-शिक्षण सदस्य भी शामिल हुए। यह राष्ट्रीय संगोष्ठी श्री गुरु तेग बहादुर जी की विरासत, विशेष रूप से उनकी शहादत की 350वीं वर्षगांठ के संदर्भ में, अकादमिक और साहित्यिक चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।
*साहित्य अकादमी ने यमुनानगर में श्री गुरु तेग बहादुर जी की विरासत पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया* विद्वानों ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, बलिदान, और उनकी साहित्यिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा की यमुनानगर, हरियाणा, 15 सितंबर 2026: साहित्य अकादमी, नई दिल्ली (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) ने गुरु नानक खालसा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस, हरियाणा के सहयोग से आज यमुनानगर के गुरु नानक खालसा कॉलेज के प्रांगण में "श्री गुरु तेग बहादुर जी की विरासत" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। यह संगोष्ठी श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की पवित्र स्मृति में आयोजित की गई थी। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रख्यात विद्वानों, लेखकों, शिक्षाविदों और साहित्यिक व शैक्षिक समुदाय के सदस्यों ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, दर्शन, बलिदान, साहित्यिक योगदान और उनकी स्थायी विरासत पर विचार-विमर्श किया। उद्घाटन सत्र की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अतिथियों के आगमन और स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद वंदे मातरम, राष्ट्रगान और अतिथियों का सम्मान किया गया। साहित्य अकादमी के उप-सचिव डॉ. एन. सुरेश बाबू ने उद्घाटन भाषण दिया और निरंतर साहित्यिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक चर्चाओं के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और विरासत से जुड़ने के महत्व पर जोर दिया। भारत सरकार के माननीय संस्कृति मंत्री का संदेश भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को मनाने के महत्व को रेखांकित किया गया। केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के चांसलर प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और मुख्य भाषण दिया। श्री गुरु तेग बहादुर जी के असाधारण जीवन और बलिदान पर बात करते हुए, प्रो. बेदी ने मानवीय मूल्यों के संरक्षण और आस्था व अंतरात्मा की स्वतंत्रता की रक्षा में उनके गहरे योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के सभ्यतागत इतिहास में गुरु जी का बलिदान एक असाधारण स्थान रखता है। इस अवसर पर गुरु नानक खालसा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस की प्रबंध समिति के विशिष्ट सदस्यों भी शामिल रहे, जिनमें उपाध्यक्ष सरदार मेजर आर. एस. भट्टी; महासचिव सरदार बलवंत सिंह बांगा; वित्त सचिव सरदार अमरदीप सिंह और सदस्य डॉ. कमलप्रीत कौर, जिनकी मौजूदगी ने इस यादगार मौके की शोभा बढ़ाई। साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. माधव कौशिक ने अध्यक्षीय भाषण दिया। अपने भाषण में, डॉ. कौशिक ने श्री गुरु तेग बहादुर जी की विरासत के साहित्यिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र का समापन गुरु नानक खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अरविंदर सिंह भल्ला द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, साहित्य अकादमी, विद्वानों और प्रबंध समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय संगोष्ठी के शैक्षणिक भाग में दो विद्वतापूर्ण सत्र शामिल थे। पहले सत्र की अध्यक्षता गुरु नानक खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अरविंदर सिंह भल्ला ने की, जिसमें एस. अवतार सिंह, एस. मंजिंदर सिंह और डॉ. लेज़िया लखवीर ने विद्वतापूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं। शोध-पत्रों में गुरु के जीवन, विचारों, साहित्यिक योगदान और ऐतिहासिक महत्व के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, जिससे प्रतिभागियों के बीच सार्थक शैक्षणिक आदान-प्रदान हुआ। वहीं, दूसरे सत्र की अध्यक्षता प्रसिद्ध पंजाबी लेखक श्री रविंदर सिंह ने की और इसमें डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. अनुराग सिंह और डॉ. दलविंदर सिंह ग्रेवाल के शोध-पत्र शामिल थे। वक्ताओं ने भारत की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत में श्री गुरु तेग बहादुर जी के योगदान और उनकी शिक्षाओं की निरंतर प्रासंगिकता पर विविध विद्वतापूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के चांसलर प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी की अध्यक्षता में आयोजित समापन सत्र के साथ हुआ। साहित्य अकादमी के उप सचिव डॉ. एन. सुरेश बाबू ने समापन भाषण दिया और साहित्य, शिक्षा तथा निरंतर शैक्षणिक जुड़ाव के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर जी से जुड़े मूल्यों और बौद्धिक विरासत को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। समापन भाषण प्रसिद्ध पंजाबी विद्वान और लेखक श्री बलकार सिंह ने दिया। अपने भाषण में, बलकार सिंह ने श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के गहरे महत्व और भारत के आध्यात्मिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक इतिहास में उनके स्थायी स्थान पर विचार व्यक्त किए। इसमें प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी का अध्यक्षीय भाषण भी शामिल था, जिन्होंने समकालीन दुनिया में श्री गुरु तेग बहादुर जी के संदेश की निरंतर प्रासंगिकता पर जोर दिया। गवर्निंग बॉडी और मैनेजिंग कमेटी के अध्यक्ष, सरदार रणदीप सिंह जौहर ने इस अवसर पर अपना संदेश दिया। उन्होंने राष्ट्रीय सेमिनार के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं और श्री गुरु तेग बहादुर जी की शाश्वत विरासत और शिक्षाओं को संरक्षित करने और उनका प्रसार करने के महत्व पर प्रकाश डाला। सत्र का समापन साहित्य अकादमी के उप-सचिव श्री नवीन कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट वक्ताओं, विद्वानों, प्रबंध समिति के सदस्यों, मेजबान संस्थान, भाग लेने वाले शिक्षाविदों और राष्ट्रीय संगोष्ठी के सफल आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। समापन समारोह में गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया। मंच का संचालन साहित्य अकादमी की डॉ. संदीप कौर ने गुरु नानक खालसा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के डॉ. तिलक राज और डॉ. विनय चंदेल के साथ मिलकर किया। इस कार्यक्रम में डॉ. अमित जोशी, डॉ. कुमार गौरव, श्री ओम पाहवा, सरदार गुरदयाल सिंह निमर, डॉ. एनएस विर्क, एस. अजिंदरपाल सिंह, श्री राहुल कोहली, श्री सुरेश, श्री हरभजन और अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ-साथ गुरु नानक खालसा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के शिक्षण और गैर-शिक्षण सदस्य भी शामिल हुए। यह राष्ट्रीय संगोष्ठी श्री गुरु तेग बहादुर जी की विरासत, विशेष रूप से उनकी शहादत की 350वीं वर्षगांठ के संदर्भ में, अकादमिक और साहित्यिक चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।
- प्रैस नोट - 1 दिनांक -15.09.2026 एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने एक युवक को 6 हजार अल्प्राजोलम गोलियां सहित किया गिरफ्तार। टीम ने मुख्य सप्लायर को भी किया गिरफ्तार। डीएसपी रजत गुलिया ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए जिला की एंटी नारकोटिक सेल की टीम लगातार नशा तस्करों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में टीम ने चुना भट्टी जगाधरी के नजदीक से एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अवैध 6 हजार अल्प्राजोलम गोलियां बरामद की हैं। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें रिमांड पर लिया है। वही टीम ने इस मामले मुख्य सप्लायर को भी गिरफ्तार किया है। डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि एंटी नाकोटिक्स सेल की टीम के इंचार्ज अनिल कुमार की टीम को सूचना मिली थी कि एक युवक बाइक में सवार होकर नशीले प्रतिबंधित कैप्सूल लेकर यमुनानगर आएगा। इस सूचना के आधार पर उप निरीक्षक आशीष कुमार, एएसआई राजिंदर सिंह, मुख्य सिपाही पंकज, अमित, रवि, सोनू व मंजीत की टीम का गठन किया गया। टीम ने चुना भट्टी जगाधरी नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी कुछ देर बाद छछरौली की तरफ से एक युवक बाइक पर आता दिखाई दिया जो टीम को देख भागने लगा। लेकिन टीम ने उसे पीछा कर पकड़ लिया मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ईटीओ वीरेंद्र कुमार को बुलाया गया। जिसके सामने पकड़े गए युवक की तलाशी ली तो उसके पास से प्रतिबंधित दवाइयां मिली। मौके पर ड्रग कंट्रोलर डॉक्टर बिंदु शर्मा से पकड़ी के दवाइयां की रिपोर्ट मांगी गई तो जांच में सामने आया कि आरोपी से 6 हजार अल्प्राजोलम गोलियां मिली है जिसके बाद कोई कागजात नहीं दिखा सका जिनके लाने ले जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। आरोपी की पहचान आजाद नगर निवासी आशु गुप्ता पुत्र नीरज गुप्ता के नाम से हुई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया और जब उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि यह प्रतिबंधित दवाइयां वह रामपुर खादर निवासी शैलेंद्र से लेकर आया था। इंचार्ज अनिल कुमार ने बताया कि टीम ने सिलेंदर को भी तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आएगी। आरोपी सलिंद्र का गांव नत्थनपुर बस स्टैंड पर अस्पताल खोला हुआ है जब उसकी भी जांच के लिए सामने आएगी वह भी अवैध रूप से खोला गया था। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इंचार्ज अनिल कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान खुलासा होगा कि है नशीले पदार्थ कहां से लेकर आए थे1
- अपने समाज में परिवर्तन लाएंगे अपने समाज को नंबर वन बनाएंगे यह समाज ऐतिहासिक बनाएंगे अमन सांसी युवा प्रधान जी साहसी समाज परिवर्तन लाएंगे अपने समाज को नंबर वन बनाएंगे इतिहास में हमारा नाम और हमारे समाज का नाम ऐतिहासिक बन जाएगा जो आप सब लोग संगठन करेंगे1
- एंटी नारकोटिक सेल यमुनानगर की टीम ने एक युवक को 6 हजार अल्प्राजोलम गोलियों सहित किया गिरफ्तार। टीम ने मुख्य सप्लायर को भी किया गिरफ्तार। जिनकी पहचान आजाद नगर वासी आशु गुप्ता व सप्लायर रामपुर खादर वासी शैलेंद्र के नाम से हुई।👍👍👍👍 एंटी नारकोटिक सेल यमुनानगर की टीम ने एक युवक को 6 हजार अल्प्राजोलम गोलियों सहित किया गिरफ्तार। टीम ने मुख्य सप्लायर को भी किया गिरफ्तार। जिनकी पहचान आजाद नगर वासी आशु गुप्ता व सप्लायर रामपुर खादर वासी शैलेंद्र के नाम से हुई।1
- सहारनपुर के जेवी जैन कॉलेज में गंदगी और टॉयलेट की खराब सफाई का मुद्दा उठा, आजाद समाज पार्टी ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन सहारनपुर जेवी जैन कॉलेज में कॉलेज परिसर की साफ-सफाई और विद्यार्थियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के युवा मोर्चा ने मंगलवार दोपहर एक बजे कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परिसर में फैली गंदगी, खराब सफाई व्यवस्था और टॉयलेट की साफ-सफाई समेत विद्यार्थियों की अन्य समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी के युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष सचिन देव के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से कॉलेज प्रशासन से समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि कॉलेज में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। ऐसे में परिसर में स्वच्छता और बेहतर सुविधाएं होना जरूरी है। ज्ञापन लेने के दौरान कॉलेज के प्राचार्य ने विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने सभी समस्याओं के जल्द निस्तारण को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया। सचिन देव ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर संगठन लगातार आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाने पर प्राचार्य और कॉलेज प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार होगा और विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।1
- सहारनपुर देवबंद में सरकारी कार्य में बाधा और बलवा, चार गिरफ्तार सहारनपुर के देवबंद में सरकारी कार्य में बाधा डालने और बलवा करने के मामले में पुलिस ने चार वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 14 सितंबर को विद्युत विभाग की टीम के साथ आरोपियों ने सरकारी काम में बाधा डालते हुए बलवा किया था। इस मामले में अवर अभियंता विष्णु कोठारी की तहरीर पर थाना देवबंद में चार नामजद समेत 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आज मुखबिर की सूचना पर मोहल्ला किला से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुफियान, शाहबाज, मोहम्मद खालिद अंसारी और फैजूल हसन के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।1
- हुदा जरीवाला ने UP CM योगी आदित्यनाथ को लेकर उन्ही शब्दो का चयन किया गया.जिसको लेकर हुदा जरीवाल निशाने पर रही.....1
- *पं.कृष्ण कुमार कौशिक की शोक सभा में धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक ,औद्योगिक और व्यापारिक वर्ग के गणमान्य व्यक्तियों का सैलाब* *संस्कारित जीवन से पुत्र प्रगीत कौशिक दे रहे हैं समाज को दिशा......* *जनावेश न्यूज़* सहारनपुर( राकेश ठाकुर)। क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक सामाजिक, राजनीतिक ,औद्योगिक और व्यापारिक वर्ग के गणमान्य व्यक्तियों ने आचार्य पंडित प्रदीप कौशिक के पिता स्वर्गीय पंडित कृष्ण कुमार कौशिक की शोकसभा में उन्हें भाव भीनी श्रद्धांजलि देते हुए समाज हित में किए गए उनके कार्यों को याद किया साथ ही कहा कि उनके संस्कारों को आगे बढ़ते हुए आचार्य प्रगीत कौशिक धर्म और समाज सेवा में एक मिसाल कायम किए हुए। सहारनपुर के गोल कोठी स्थित जैन बाग में आयोजित शोक सभा में मुख्य रूप से पंडित अनिल कोदंड , श्री सालासर धाम के अधिष्ठाता पंडित अभिषेक आत्रै श्री बालाजी धाम के पंडित अतुल जोशी जी महाराज, पंडित कौशलेंद्र स्वामी, पं.राघवेंद्र स्वामी व सैकड़ो धर्म अनुयायियों और नगर विधायक राजीव गुबंर, महापौर डॉक्टर अजय सिंह पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा पूर्व विधायक संजय गर्ग,वरिष्ठ कांग्रेसी व पंजाबी समाज के अध्यक्ष महेंद्र तनेजा, सहकार भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष अभय चौधरी, डिप्टी मेयर मयंक गर्ग ,सीआईएस के अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी, पार्षद टिंकू अरोड़ा समेत विभिन्न क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पंडित कृष्ण कौशिक जी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें परलोक में परम पद मिलने की कामना की, एक रिपोर्ट1
- सहारनपुर: 48 ग्राम से ज्यादा स्मैक के साथ दो नशा तस्कर गिरफ्तार सहारनपुर: 48 ग्राम से ज्यादा स्मैक के साथ दो नशा तस्कर गिरफ्तार सहारनपुर में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। नागल थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 48.49 ग्राम अवैध स्मैक और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। दोनों आरोपी रामपुर मनिहारन थाना क्षेत्र के बहलोलपुर गांव के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन सवेरा के तहत नागल पुलिस मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाईवे पर ग्राम खजूरवाला के पास अंडरपास के नीचे चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गागलहेड़ी की ओर से बाइक पर आ रहे दो युवक पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान विपुल और अभिषेक, निवासी बहलोलपुर, थाना रामपुर मनिहारन के रूप में हुई। तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से 48.49 ग्राम स्मैक और हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई। मामले में थाना नागल में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।1