अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर नागौर स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गिन्नाणी में एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य संदेश था “सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना कहें, कपड़े की थैली का उपयोग करें”। विद्यालय के प्रधानाचार्य किस्तूरचंद अंबानी ने इस रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसके बाद छात्राओं ने उत्साह और जोश के साथ विद्यालय से विभिन्न मार्गों पर रैली निकाली। रैली के दौरान छात्राओं ने हाथों में कपड़े की थैलियां और जागरूकता से संबंधित तख्तियां ले रखी थीं, साथ ही “कपड़े की थैली, पर्यावरण की सहेली”, “प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ” और “सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना कहें, कपड़े की थैली का उपयोग करें” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। इस आयोजन का उद्देश्य आमजन को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें कपड़े की थैली अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। इस कार्यक्रम में राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड, ब्लॉक नागौर की संयुक्त सचिव इंदिरा बिश्नोई ने बताया कि गिन्नाणी विद्यालय की स्काउट-गाइड छात्राएं पिछले एक वर्ष से अपने हाथों से कपड़े की थैलियां तैयार कर रही हैं। वे इन थैलियों का वितरण विभिन्न स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों में करती हैं, जिससे लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित होते हैं। कार्यक्रम में स्काउट-गाइड प्रभारी दीपिका वर्मा सहित विद्यालय के सुरेश, योगेश, रामनिवास, कृष्णा, सीता मैडम, हेमा, सरिता, महेश, देव और समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। अंत में सभी ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक कपड़े की थैली अपनाने का संकल्प लिया।
अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर नागौर स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गिन्नाणी में एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य संदेश था “सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना कहें, कपड़े की थैली का उपयोग करें”। विद्यालय के प्रधानाचार्य किस्तूरचंद अंबानी ने इस रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसके बाद छात्राओं ने उत्साह और जोश के साथ विद्यालय से विभिन्न मार्गों पर रैली निकाली। रैली के दौरान छात्राओं ने हाथों में कपड़े की थैलियां और जागरूकता से संबंधित तख्तियां ले रखी थीं, साथ ही “कपड़े की थैली, पर्यावरण की सहेली”, “प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ” और “सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना कहें, कपड़े की थैली का उपयोग करें” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। इस आयोजन का उद्देश्य आमजन को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें कपड़े की थैली अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। इस कार्यक्रम में राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड, ब्लॉक नागौर की संयुक्त सचिव इंदिरा बिश्नोई ने बताया कि गिन्नाणी विद्यालय की स्काउट-गाइड छात्राएं पिछले एक वर्ष से अपने हाथों से कपड़े की थैलियां तैयार कर रही हैं। वे इन थैलियों का वितरण विभिन्न स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों में करती हैं, जिससे लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित होते हैं। कार्यक्रम में स्काउट-गाइड प्रभारी दीपिका वर्मा सहित विद्यालय के सुरेश, योगेश, रामनिवास, कृष्णा, सीता मैडम, हेमा, सरिता, महेश, देव और समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। अंत में सभी ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक कपड़े की थैली अपनाने का संकल्प लिया।
- अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर नागौर स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, गिन्नाणी में एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य संदेश था “सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना कहें, कपड़े की थैली का उपयोग करें”। विद्यालय के प्रधानाचार्य किस्तूरचंद अंबानी ने इस रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसके बाद छात्राओं ने उत्साह और जोश के साथ विद्यालय से विभिन्न मार्गों पर रैली निकाली। रैली के दौरान छात्राओं ने हाथों में कपड़े की थैलियां और जागरूकता से संबंधित तख्तियां ले रखी थीं, साथ ही “कपड़े की थैली, पर्यावरण की सहेली”, “प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ” और “सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना कहें, कपड़े की थैली का उपयोग करें” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। इस आयोजन का उद्देश्य आमजन को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें कपड़े की थैली अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश देना था। इस कार्यक्रम में राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड, ब्लॉक नागौर की संयुक्त सचिव इंदिरा बिश्नोई ने बताया कि गिन्नाणी विद्यालय की स्काउट-गाइड छात्राएं पिछले एक वर्ष से अपने हाथों से कपड़े की थैलियां तैयार कर रही हैं। वे इन थैलियों का वितरण विभिन्न स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों में करती हैं, जिससे लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित होते हैं। कार्यक्रम में स्काउट-गाइड प्रभारी दीपिका वर्मा सहित विद्यालय के सुरेश, योगेश, रामनिवास, कृष्णा, सीता मैडम, हेमा, सरिता, महेश, देव और समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। अंत में सभी ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक कपड़े की थैली अपनाने का संकल्प लिया।1
- टाकला गांव में मानसून की पहली बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। यह पहली मानसूनी बारिश बेहद जोरदार रही।1
- नागौर जिले में मानसून सक्रिय हो गया है। आगामी दो से तीन दिनों के भीतर क्षेत्र में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।1
- बज्जू तहसील के बांगड़सर गांव, बीकानेर में 'ऑपरेशन नीलकंठ' के तहत एक विशाल और भव्य कुश्ती दंगल का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। 'नशा भगाओ – खेलों को अपनाओ' के सामाजिक संदेश के साथ आयोजित इस दंगल में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां युवाओं और बुजुर्गों दोनों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पंचायत भवन परिसर के पास आयोजित इस खेल मेले में राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कई नामी पहलवानों ने हिस्सा लिया। इनमें अर्जुनसर के मुकेश गोदारा, बाबा फरीद, रियासत अली, राजपुरिया के जेठाराम और श्रवण बिश्नोई जैसे दिग्गज पहलवानों ने अपने दमदार दांव-पेच से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अखाड़े के चारों ओर बड़ी संख्या में ग्रामीण और कुश्ती प्रेमी मौजूद रहे, जिन्होंने देशभक्ति और खेल भावना के नारों से पूरा मैदान गुंजायमान कर दिया, जिससे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन हुआ। ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित यह दंगल मात्र मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवन अपनाने की प्रेरणा भी दी। इस आयोजन ने क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक एकता और व्यापक जनजागरण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।1
- एक अत्यंत हृदय विदारक वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर गहरी पीड़ा होती है और यह उन लोगों की आँखें खोलने के लिए ज़रूरी है जो बच्चों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी के प्रति लापरवाह हैं। यह वीडियो एक मासूम बच्चे के स्कूल बस से उतरकर बिना किसी सुरक्षा के सड़क पार करने की कोशिश में दुर्घटना का शिकार होने की घटना को दर्शाता है। इस घटना को देखकर यह गंभीर सवाल उठता है कि क्या यह किसी की अपनी गलती थी, या उस व्यवस्था की कमी जिसने बच्चे को सड़क के बीचों-बीच अकेले छोड़ दिया। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि स्कूल बस केवल एक वाहन नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा की अहम ज़िम्मेदारी है। जब बच्चा बस से उतरता है, तो उसकी सुरक्षा बस ड्राइवर और कंडक्टर की निगरानी में होती है, लेकिन यहाँ बच्चे को बिना किसी सुरक्षा के सड़क पार करने की कोशिश में हादसे का शिकार होना पड़ा। पोस्ट में पूछा गया है कि क्या बस को किनारे (दीवार की तरफ) लगाकर बच्चे को सुरक्षित नहीं उतारा जा सकता था, और क्या कंडक्टर का काम सिर्फ़ बच्चों को बिठाना है या उन्हें सुरक्षित घर तक पहुँचाना भी है। अभिभावकों से भी नम्र निवेदन किया गया है कि वे अपने बच्चों को स्कूल बस में बिठाते और लेते समय खुद सतर्क रहें और बस के आने-जाने के समय पर मौजूद रहें। इसके साथ ही, स्कूल प्रशासन से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षा के अनिवार्य नियमों का पालन सुनिश्चित करें। इस मार्मिक संदेश में कहा गया है कि एक छोटी सी सावधानी किसी के घर का चिराग बुझने से बचा सकती है, और इसे ज़्यादा से ज़्यादा साझा करने का आग्रह किया गया है ताकि यह आवाज़ हर स्कूल और हर अभिभावक तक पहुँचकर लोगों को जागरूक करे।1
- रायपुर क्षेत्र के बाँसिया और पिपलिया कल्ला गाँव में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाना और आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, जहाँ चिकित्सा विभाग की टीम ने ग्रामीणों को टीबी रोग के प्रति जागरूक करते हुए जाँच, उपचार और बचाव की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत की अध्यक्षता में हुआ। डॉ. मोनिका नेहरा के निर्देशन में चिकित्सा टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें वरिष्ठ टीबी पर्यवेक्षक राम चन्द्र पटेल, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी राकेश कुमार कीर, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुमन जाट, आशा सहयोगिनी पिस्ता देवी और रेखा चौहान, रेडियोग्राफर विनोद चौधरी, रमेश, अर्जुन सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। शिविर में सीएमएचओ कार्यालय ब्यावर से लाई गई मेडिकल वेन में लगी एक्सरे मशीन से ग्रामीणों की टीबी स्क्रीनिंग हेतु एक्सरे किए गए। टीम ने लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना जैसे टीबी के लक्षणों के बारे में जानकारी दी और समय पर जाँच कराने के लिए प्रेरित किया। संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें आगे की जाँच और उपचार के लिए चिन्हित भी किया गया। चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों को निःशुल्क जाँच, दवा और पोषण सहायता (DBT) प्रदान की जा रही है, जिसके तहत मरीजों के बैंक खातों में सीधे राशि भेजी जाती है ताकि वे बेहतर पोषण प्राप्त कर सकें। इस दौरान चिकित्सा टीम ने घर-घर जाकर जागरूकता अभियान भी चलाया, जिसमें लोगों को बताया गया कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज समय पर इलाज ले और दवा का नियमित सेवन करे। शिविर में सोहन लाल, राकेश, गोविन्द, गणेश देवासी सहित कई ग्रामीण वासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।1
- सूरतगढ़ में सर्व समाज ने पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसका कारण पाकिस्तान के फर्रुखाबाद में 125 वर्ष पुराने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा को कथित रूप से ढहाया जाना बताया गया है। महाराणा प्रताप चौक पर हुए इस प्रदर्शन में पाकिस्तान का पुतला दहन किया गया और जमकर नारेबाजी हुई। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की कि वह गुरुद्वारे के पुनर्निर्माण के लिए पाकिस्तान से प्रभावी वार्ता करे और भविष्य में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित कराए।1