हज़ूर, कैमरे पर हाथ क्यों? पहले अस्पताल की व्यवस्था तो संभालिए पुष्कर के उप जिला अस्पताल का हाल इन दिनों कुछ ऐसा है कि मरीज दरवाजे पर पड़े रहते हैं और जनाब को एतराज़ कैमरे से होता है। अस्पताल के पीएमओ डॉ. जी.आर. पुरी साहब से अदब के साथ अर्ज है कि हुजूर, अगर अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त हों तो कैमरे अपने आप खामोश हो जाया करते हैं। मामला यह रहा कि एक हादसे में घायल दो युवक अस्पताल पहुंचे, मगर करीब एक घंटे तक अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही पड़े रहे। इलाज की व्यवस्था तो दूर, उन्हें अजमेर भेजने की ठोस तैयारी भी नजर नहीं आई। आखिरकार मजबूरी में परिजनों को निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ा। मगर जनाब, असल दिलचस्पी तो तब सामने आई जब मौके पर पहुंचे मीडिया के कैमरे पर ही हाथ चलाने की कोशिश हो गई। “हुजूर, आइना तो वही दिखाएगा जो सामने होगा, आइने से लड़ने से चेहरा नहीं बदलता।” मीडिया तो बस वही दिखा रहा है जो अस्पताल के दरवाजे पर हो रहा है। मरीज बाहर तड़प रहे हों और कैमरा उस सच्चाई को दिखा दे, तो गुस्सा कैमरे पर क्यों? पुष्कर जैसा विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल और उसका उप जिला अस्पताल… यहां मरीजों को राहत मिलनी चाहिए, न कि उन्हें इंतजार और अव्यवस्था का सामना करना पड़े। इसलिए अदब के साथ यही गुजारिश है, जनाब कैमरे पर हाथ रखने से बेहतर है अस्पताल की व्यवस्था पर हाथ रखिए, ताकि मरीजों को राहत मिले और ऐसी खबरें लिखने की नौबत ही ना पड़े.
हज़ूर, कैमरे पर हाथ क्यों? पहले अस्पताल की व्यवस्था तो संभालिए पुष्कर के उप जिला अस्पताल का हाल इन दिनों कुछ ऐसा है कि मरीज दरवाजे पर पड़े रहते हैं और जनाब को एतराज़ कैमरे से होता है। अस्पताल के पीएमओ डॉ. जी.आर. पुरी साहब से अदब के साथ अर्ज है कि हुजूर, अगर अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त हों तो कैमरे अपने आप खामोश हो जाया करते हैं। मामला यह रहा कि एक हादसे में घायल दो युवक अस्पताल पहुंचे, मगर करीब एक घंटे तक अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही पड़े रहे। इलाज की व्यवस्था तो दूर, उन्हें अजमेर भेजने की ठोस तैयारी भी नजर नहीं आई। आखिरकार मजबूरी में परिजनों को निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ा। मगर जनाब, असल दिलचस्पी तो तब सामने आई जब मौके पर पहुंचे मीडिया के कैमरे पर ही हाथ चलाने की कोशिश हो गई। “हुजूर, आइना तो वही दिखाएगा जो सामने होगा, आइने से लड़ने से चेहरा नहीं बदलता।” मीडिया तो बस वही दिखा रहा है जो अस्पताल के दरवाजे पर हो रहा है। मरीज बाहर तड़प रहे हों और कैमरा उस सच्चाई को दिखा दे, तो गुस्सा कैमरे पर क्यों? पुष्कर जैसा विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल और उसका उप जिला अस्पताल… यहां मरीजों को राहत मिलनी चाहिए, न कि उन्हें इंतजार और अव्यवस्था का सामना करना पड़े। इसलिए अदब के साथ यही गुजारिश है, जनाब कैमरे पर हाथ रखने से बेहतर है अस्पताल की व्यवस्था पर हाथ रखिए, ताकि मरीजों को राहत मिले और ऐसी खबरें लिखने की नौबत ही ना पड़े.
- पुलिस की वर्दी शरीर पर हो तो आदमी कानून को अपनी जेब में समझता है, यही इस घटनाक्रम में हुआ पुलिस वाले ने सफेद टी-शर्ट वाले पर हाथ उठा दिया.. उसे क्या पता था वह भी पुलिस वाला है.. उसने वापस हाथ उठा दिया और फिर जो हुआ वह इस वीडियो में दिख रहा है, अगर सफेद टी-शर्ट वाला पुलिस नहीं होता तो बदले में हाथ नहीं उठाता.. और पुलिस किसी पर भी हाथ उठा सकती है.. चाहे जैसी गाली दे सकती है बंद करने की घोषणा कर सकती है, यही तो हथियार है जिससे आम आदमी पुलिस से डरता है, पुलिस को यह अधिकार किसने दिया..? इसीलिए तो बार-बार कहा जाता है.. पुलिस एक्ट में संशोधन होना चाहिए.., कानून व्यवस्था के नाम पर पुलिस को मिले अधिकार का दुरुपयोग होने लगा है, इसलिए पुलिस एक्ट में संशोधन की जरूरत बहुत जरूरी हो गई है..! अन्यथा सामाजिक हिंसा का सामना पुलिस को भी करना पड़ेगा, यह घटना इसका संकेत है..! क्या राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजस्थान के गृहमंत्री तक यह विषय पहुंचेगा और जांच करके किसी की जवाब देही सुनिश्चित होगी..?1
- Post by Ajeej Mohammed1
- Post by दिलखुश मोटीस1
- शाहपुरा- भैरू लाल लक्षकार आलोक सेंट्रल स्कूल में विज्ञान दिवस पर बाल वैज्ञानिकों ने मॉडल बनाए व विज्ञान के प्रयोग करके दिखाएं | कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि बालकृष्ण बीरा, विशिष्ट अतिथि कन्हैया लाल बारी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर किया | विद्यालय के निदेशक वीरेंद्र व्यास ने अतिथियों को तिलक लगाकर पगड़ी पहनाकर स्वागत किया बच्चों ने सौर ऊर्जा- आरोही दिव्यांशी, अनीशा, सौर परिवार-अयान व आयुष, सूर्य ग्रहण-अर्श जरा, चंद्र ग्रहण-प्रिंस रेगर, ज्वालामुखी-शिवानी आयुषी, पाचन तंत्र श्वसन तंत्र प्रकाश संश्लेषण-मेहरीन छीपा, प्रकाश का अपवर्तन-तनिष्क बेरवा, मिट्टी की परते-विवान धाकड़, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में 25 छात्र छात्राओं ने भाग लिया इसमें प्रथम स्थान पर संस्कार वैष्णव, द्वितीय पार्थ बैरागी व प्रत्यूष वैष्णव तृतीय कार्तिक गुर्जर रहे इस अवसर पर बालकृष्ण बीरा ने सभी से विज्ञान को दैनिक जीवन में होने वाली गतिविधियों से जोड़कर समझने की आवश्यकता पर बल दिया | इस अवसर पर सुषमा सेन, विष्णु खाती, फरजाना बानो, सुनीता खारोल, मुकेश तेली, धीरेंद्र पांचाल, सुमन यादव, गायत्री देवी, स्नेहा सेन, किरण जांगिड़, नैना पांचाल, राजेश सेन, महेश गुर्जर, आरती सनाढ्य, ललिता लोहार, देवकृष्ण कोली, गुड्डी बानो, मुस्कान गोड, माया गुर्जर, किशनलाल धाकड़, नीलम पारीक, दिव्या श्रीवास्तव, दीपक छिपा, साहिना परवीन, पायल नायक, नेहा टेलर व समस्त स्टाफ उपस्थित रहा | संचालन दीपक लोहार व माया गुर्जर ने किया कार्यक्रम के अंत में निदेशक वीरेंद्र व्यास ने सभी का आभार ज्ञापित किया |1
- इसराइल और अमेरिका के कायर ने हमले से शहीद हुए शिया समुदाय के धर्मगुरु ख़ामेनई ओर साथ शहीद होने पर पूरे देश मे गम का माहौल है आज अंजुमन सैयदज़ादगान खुद्दाम-ए-ख्वाजा साहिब की ओर से ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों काली पट्टी बांधकर के आयोजित की शोक सभा, अस्र की नमाज के बाद, ख़्वाजा साहब की दरगाह परिसर में अहाता-ए-नूर में, ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद आयतुल्लाह अली खामेनेई और उनके निर्दोष बच्चों की शहादत के अवसर पर दिवंगत आत्मा को दी श्रद्धांजलि, ईरान के सर्वोच्च नेता और उनके परिवार के निधन पर शोक व्यक्त कर मग़फ़िरत की दुआ की ओर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया,1
- Post by Ishtyaq Alam1
- राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ का होली बुलेटिन। बुरा ना मानो होली है। संदीप शर्मा मंत्रिमंडल के विस्तार होने के बाद बन सकते हैं राज्य मंत्री। मंत्री दिलावर को हटाया जाएगा मंत्रिमंडल से और संगठन में दिया जाएगा महत्वपूर्ण पद। क्योंकि उन्होंने शिक्षा विभाग की मान मर्यादा गरिमा को खंडित किया है। और ऐसा असफल शिक्षा मंत्री राजस्थान विधानसभा में अभी तक नहीं बना है। पंकज मेहता जी को प्रवक्ता और गोविंद शर्मा को सदस्य बनाकर ओम बिरला जी ने किया सम्मान बहुमान आदर भाजपा में आने उन्हें इन पदों से नवाजा गया। धारीवाल जी की पत्रकारों के प्रति नियत अच्छी रही है। लेकिन चुनाव की अंतिम बेला में उन्होंने पत्रकारों को प्लाट देने का नाटक कर कई पत्रकारों के 70,70 हजार रुपए लटकवा दिए। सबसे बड़ा बदला उन्होंने बहुददी फदी पत्रकार कयूम अली से लिया है। जिसे आलीशान कॉलोनी में प्लांट देकर 20 लख रुपए उसके यूआईटी में उलझवा दिए। अव कोटा विकास प्राधिकरण और मंत्री खररा उससे प्याट देने के लिए तैयार नहीं है। प्रहलाद गुंजल अभिषेक कांग्रेस में जड़े जमाने की कोशिश कर रहे हैं। होने वाले पंचायत नगर पालिका निगम चुनाव में उनके कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दिया तो फिर वह बन सकते हैं पलटू राम। सबसे गरीब होली राजमहल की हवेली में स्वर्गीय महाराज ब्रजराज सिंह जी के महल के आंगन में खेली गई। सांसद इजजरा सिंह और उनकी अर्धांगिनी विधायक का कल्पना देवी के बीच पानी ज्यादा रंग काम के कड़ाव से डोलचियो से पानी फेंक कर। होली की रेशमा की गई। उसके बाद फिर सबसे पहले कोड कल्पना जी ने इजराज सिंह ने मारा और उसके बाद हो गया होली का आगाज दो विदेशी बूडे पाड़े बुजुर्गों कल्पना देवी ने हरा गुलाल लगाया। सबसे बढ़िया होली कलेक्टर पीयूष सांवरिया के आवास के आंगन में रखी गई। जिसमें जिले की प्रमुख हस्ती कमिश्नर आई जी कलेक्टर पुलिस अधीक्षक प्रशासन के आला अफसर और कर्मचारी ने होली खेली कुछ जागरूक पत्रकार आधा दर्जन से अधिक होली कवरेज करने गए कलेक्टर के बंगले पर तो उनका गुलाल लगाकर होली की मुबारकबाद देकर कलेक्टर पियूष सांवरिया ने अतिथि देवो भव कर आदर सम्मान किया। स्पीकर ओम विरला ने भी अपने आवास पर होली खेली। और शुभकामनाएं प्रत्येक नागरिको कार्यकर्ता को और पत्रकारों को दी।1
- पुष्कर के उप जिला अस्पताल का हाल इन दिनों कुछ ऐसा है कि मरीज दरवाजे पर पड़े रहते हैं और जनाब को एतराज़ कैमरे से होता है। अस्पताल के पीएमओ डॉ. जी.आर. पुरी साहब से अदब के साथ अर्ज है कि हुजूर, अगर अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त हों तो कैमरे अपने आप खामोश हो जाया करते हैं। मामला यह रहा कि एक हादसे में घायल दो युवक अस्पताल पहुंचे, मगर करीब एक घंटे तक अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही पड़े रहे। इलाज की व्यवस्था तो दूर, उन्हें अजमेर भेजने की ठोस तैयारी भी नजर नहीं आई। आखिरकार मजबूरी में परिजनों को निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ा। मगर जनाब, असल दिलचस्पी तो तब सामने आई जब मौके पर पहुंचे मीडिया के कैमरे पर ही हाथ चलाने की कोशिश हो गई। “हुजूर, आइना तो वही दिखाएगा जो सामने होगा, आइने से लड़ने से चेहरा नहीं बदलता।” मीडिया तो बस वही दिखा रहा है जो अस्पताल के दरवाजे पर हो रहा है। मरीज बाहर तड़प रहे हों और कैमरा उस सच्चाई को दिखा दे, तो गुस्सा कैमरे पर क्यों? पुष्कर जैसा विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल और उसका उप जिला अस्पताल… यहां मरीजों को राहत मिलनी चाहिए, न कि उन्हें इंतजार और अव्यवस्था का सामना करना पड़े। इसलिए अदब के साथ यही गुजारिश है, जनाब कैमरे पर हाथ रखने से बेहतर है अस्पताल की व्यवस्था पर हाथ रखिए, ताकि मरीजों को राहत मिले और ऐसी खबरें लिखने की नौबत ही ना पड़े.1