इंदौर के एमवाय अस्पताल के बाहर वायरल हुआ चौंकाने वाला वीडियो, भरे ट्रैफिक में दो महिलाओं ने स्ट्रेचर पर मरीज को धकेला Date: फ़रवरी 16, 2026Author: NEWS NATIONAL WORLD समाचार राष्ट्रीय दुनिया0 इंदौर ब्रेकिंग न्यूज़ इंदौर। प्रदीप चौधरी। मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड एमवाई हॉस्पिटल के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो महिलाएं (संभवतः मरीज की परिजन) भरे ट्रैफिक के बीच सड़क पर स्ट्रेचर धकेलते हुए मरीज को ले जाती दिख रही हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि अस्पताल का मुख्य गेट बंद होने या किसी अन्य कारण से परिजनों को मरीज को सड़क से होकर दूसरे गेट तक ले जाना पड़ा। महिलाएं स्ट्रेचर को हाथ से धकेल रही हैं, जबकि आसपास वाहनों की आवाजाही जारी है। यह नजारा देखकर लोगों ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर जमकर नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा- “इंदौर जो देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाता है, वहां सरकारी अस्पताल में इतनी बदहाली? वार्ड बॉय या सहायता स्टाफ नहीं है क्या?”, “मरीज की जान जोखिम में डालकर सड़क पर स्ट्रेचर? यह शर्मनाक है!”, “एमवाई हॉस्पिटल का बजट कहां जा रहा है?” जैसे कमेंट्स से प्लेटफॉर्म गर्म हैं। यह घटना आपातकालीन सेवाओं की पोल खोल रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जहां बुनियादी सुविधाएं जैसे स्ट्रेचर ले जाने के लिए स्टाफ या एंबुलेंस/व्हीलचेयर की उचित व्यवस्था नहीं दिख रही। लोगों की तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग बढ़ गई है। क्या मुख्य गेट बंद था? स्टाफ की कमी थी या कोई अन्य कारण? जांच की जरूरत है। इंदौर की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में खड़ी है। ऐसी घटनाएं न सिर्फ मरीजों के लिए जोखिम भरी हैं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल भी खड़े करती हैं।
इंदौर के एमवाय अस्पताल के बाहर वायरल हुआ चौंकाने वाला वीडियो, भरे ट्रैफिक में दो महिलाओं ने स्ट्रेचर पर मरीज को धकेला Date: फ़रवरी 16, 2026Author: NEWS NATIONAL WORLD समाचार राष्ट्रीय दुनिया0 इंदौर ब्रेकिंग न्यूज़ इंदौर। प्रदीप चौधरी। मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड एमवाई हॉस्पिटल के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो महिलाएं (संभवतः मरीज की परिजन) भरे ट्रैफिक के बीच सड़क पर स्ट्रेचर धकेलते हुए मरीज को ले जाती दिख रही हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि अस्पताल का मुख्य गेट बंद होने या किसी अन्य कारण से परिजनों को मरीज को सड़क से होकर दूसरे गेट तक ले जाना पड़ा। महिलाएं स्ट्रेचर को हाथ से धकेल रही हैं, जबकि आसपास वाहनों की आवाजाही जारी है। यह नजारा देखकर लोगों ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर जमकर नाराजगी जताई
है। सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा- “इंदौर जो देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाता है, वहां सरकारी अस्पताल में इतनी बदहाली? वार्ड बॉय या सहायता स्टाफ नहीं है क्या?”, “मरीज की जान जोखिम में डालकर सड़क पर स्ट्रेचर? यह शर्मनाक है!”, “एमवाई हॉस्पिटल का बजट कहां जा रहा है?” जैसे कमेंट्स से प्लेटफॉर्म गर्म हैं। यह घटना आपातकालीन सेवाओं की पोल खोल रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जहां बुनियादी सुविधाएं जैसे स्ट्रेचर ले जाने के लिए स्टाफ या एंबुलेंस/व्हीलचेयर की उचित व्यवस्था नहीं दिख रही। लोगों की तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग बढ़ गई है। क्या मुख्य गेट बंद था? स्टाफ की कमी थी या कोई अन्य कारण? जांच की जरूरत है। इंदौर की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में खड़ी है। ऐसी घटनाएं न सिर्फ मरीजों के लिए जोखिम भरी हैं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल भी खड़े करती हैं।
- इंदौर के एमवाय अस्पताल के बाहर वायरल हुआ चौंकाने वाला वीडियो, भरे ट्रैफिक में दो महिलाओं ने स्ट्रेचर पर मरीज को धकेला Date: फ़रवरी 16, 2026Author: NEWS NATIONAL WORLD समाचार राष्ट्रीय दुनिया0 इंदौर ब्रेकिंग न्यूज़ इंदौर। प्रदीप चौधरी। मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड एमवाई हॉस्पिटल के बाहर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो महिलाएं (संभवतः मरीज की परिजन) भरे ट्रैफिक के बीच सड़क पर स्ट्रेचर धकेलते हुए मरीज को ले जाती दिख रही हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि अस्पताल का मुख्य गेट बंद होने या किसी अन्य कारण से परिजनों को मरीज को सड़क से होकर दूसरे गेट तक ले जाना पड़ा। महिलाएं स्ट्रेचर को हाथ से धकेल रही हैं, जबकि आसपास वाहनों की आवाजाही जारी है। यह नजारा देखकर लोगों ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर जमकर नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा- “इंदौर जो देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाता है, वहां सरकारी अस्पताल में इतनी बदहाली? वार्ड बॉय या सहायता स्टाफ नहीं है क्या?”, “मरीज की जान जोखिम में डालकर सड़क पर स्ट्रेचर? यह शर्मनाक है!”, “एमवाई हॉस्पिटल का बजट कहां जा रहा है?” जैसे कमेंट्स से प्लेटफॉर्म गर्म हैं। यह घटना आपातकालीन सेवाओं की पोल खोल रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, जहां बुनियादी सुविधाएं जैसे स्ट्रेचर ले जाने के लिए स्टाफ या एंबुलेंस/व्हीलचेयर की उचित व्यवस्था नहीं दिख रही। लोगों की तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग बढ़ गई है। क्या मुख्य गेट बंद था? स्टाफ की कमी थी या कोई अन्य कारण? जांच की जरूरत है। इंदौर की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में खड़ी है। ऐसी घटनाएं न सिर्फ मरीजों के लिए जोखिम भरी हैं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल भी खड़े करती हैं।2
- ❤️💎 हीर है सदा के लिए 🌹💎 ❤️ समीरा राय साहब 🫶🌹1
- Post by Mms news241
- इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र को विकास की दिशा में बड़ी सौगात मिली है। चंदन नगर से कालानी नगर को जोड़ने वाली 18 मीटर चौड़ी बहुप्रतीक्षित सड़क को राज्य शासन से अंतिम मंजूरी मिल गई है। गजट नोटिफिकेशन जारी होते ही परियोजना की सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। यह नया कॉरिडोर एयरपोर्ट रोड स्थित कालानी नगर चौराहे से धार रोड के चंदन नगर चौराहे तक ट्रैफिक लोड को वितरित करेगा और पश्चिमी रिंग रोड का वैकल्पिक मार्ग बनेगा। साथ ही नंदन नगर और नगीन नगर क्षेत्र में करीब 800 मीटर सड़क भी मास्टर प्लान में शामिल की गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि सभी दावे-आपत्तियां निपटाकर फाइल शासन को भेजी गई थी और अब गजट नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। हालांकि निर्माण से पहले 200 से अधिक बाधक निर्माण हटाने की चुनौती सामने है, जिसकी तैयारी नगर निगम ने शुरू कर दी है।1
- आलू से भरा ट्रक पलटा1
- इंदौर के मध्य क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए व्यापारियों के साथ समीक्षा बैठक इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र और सराफा में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सराफा, सट्टा बाजार, कपड़ा मार्केट, शीतला माता बाजार, राजवाड़ा मार्केट, जवाहर मार्ग, एमजी रोड सहित आसपास के क्षेत्रों के व्यापारी उपस्थित हुए। बैठक में व्यापारियों ने ट्रैफिक सुधारने के लिए अपने सुझाव दिए और पुलिस प्रशासन और नगर निगम को सहयोग देने की बात कही। व्यापारियों ने रेहड़ी-पटरी वालों, ई-रिक्शा और ऑटो वालों द्वारा ट्रैफिक जाम करने की समस्या को उठाया और उन पर कार्रवाई की मांग की।डीसीपी राजेश त्रिपाठी आज व्यापारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की गई है। हमने ट्रैफिक सुधारने के लिए चर्चा की है और अब से एक दूसरे विभाग द्वारा एक योजना बनाई जाएगी। अगर कोई रॉन्ग साइड गाड़ी खड़ी करके जाएगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी और चालानी कार्रवाई भी तेज की जाएगी सर्राफा व्यापारी अजय लाहोटी ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि आज समस्त व्यापारी नगर निगम और पुलिस विभाग के साथ ट्रैफिक सुरक्षा को लेकर एक समीक्षा बैठक की गई है अजय लाहोटी हमने सुझाव दिया है कि ट्रैफिक को लेकर जो भी सहयोग बनेगा, व्यापारियों का हर तरीके से हम सहयोग करेंगे इस बैठक का उद्देश्य इंदौर के ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारना और व्यापारियों को इसमें शामिल करना है। अब देखना यह है कि इस बैठक के बाद ट्रैफिक व्यवस्था में क्या सुधार होता है। मुश्ताक शेख की रिपोर्ट1
- महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर द्वारका पुरी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर मैं महाशिवरात्रि का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया भगवान भोले की बारात एवं प्रभात फेरी निकाली गई लोगों ने रात भर महाशिवरात्रि का आनंद लिया महिलाओं ने भी अच्छे-अच्छे भजन गाय एवं प्रसाद वितरण किया गया माननीय श्री राम रतन चौहान विगत 35 सालों से भगवान भोले के भक्त रहे और सेवा देते रहे प्रसाद वितरण करते रहे और सामाजिक एवं धार्मिक कार्य में हमेशा ताकत पर आगे रहे उनका कहना है कि हम जीवन भर मानव सेवा और धर्म को आगे बढ़ने का कार्य करेंगे वह हमेशा होली दीपावली गणेश चतुर्थी सभी त्योहारों में तत्पर आगे रहते हैं और सेवा देते रहते हैं अग्नि आलोक न्यूज़ से डीएस मिश्रा1
- देवास मै निकली भव्य शिव बारात संस्था नमो नमो द्वारा आयोजित की गई1