विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश देते हुए पुलिस परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान 2.0 के तहत संपन्न हुआ, जिसमें कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े, पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल और वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) श्री मोहम्मद माज ने पौधारोपण किया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण तथा नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया। पुलिस विभाग, वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए पौधे रोपित किए। इसी अवसर पर, अधिकारियों ने भीषण गर्मी के दौरान पक्षियों के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने परिसर में रखे सकोरों में पक्षियों के लिए पानी और दाना भी डाला, और बताया कि गर्मी में जल स्रोतों के सूखने से पक्षियों को भोजन-पानी की समस्या होती है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे अपने घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था कर जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखें। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को देखते हुए वृक्षारोपण को अत्यंत आवश्यक बताया, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ पौधा लगाना ही नहीं, बल्कि उसका संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और शुद्ध वायु, छाया तथा स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वन मंडलाधिकारी श्री मोहम्मद माज ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और मातृत्व के सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है। उन्होंने नागरिकों से पौधारोपण के साथ-साथ जल संरक्षण, पक्षी संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन में भी सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया। सभी अधिकारियों ने मिलकर कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण ही भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने नागरिकों से अपने स्तर पर पौधारोपण कर पर्यावरण को संरक्षित करने, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा गर्मी में पक्षियों के लिए पानी-दाने की व्यवस्था कर जीवों के प्रति संवेदनशीलता प्रदर्शित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए जिले को हरा-भरा बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश देते हुए पुलिस परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान 2.0 के तहत संपन्न हुआ, जिसमें कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े, पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल और वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) श्री मोहम्मद माज ने पौधारोपण किया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण तथा नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया। पुलिस विभाग, वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए पौधे रोपित किए। इसी अवसर पर, अधिकारियों ने भीषण गर्मी के दौरान पक्षियों के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने परिसर में रखे सकोरों में पक्षियों के लिए पानी और दाना भी डाला, और बताया कि गर्मी में जल स्रोतों के सूखने से पक्षियों को भोजन-पानी की समस्या होती है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे अपने घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था कर जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखें। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को देखते हुए वृक्षारोपण को अत्यंत आवश्यक बताया, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ पौधा लगाना ही नहीं, बल्कि उसका संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और शुद्ध वायु, छाया तथा स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वन मंडलाधिकारी श्री मोहम्मद माज ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और मातृत्व के सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है। उन्होंने नागरिकों से पौधारोपण के साथ-साथ जल संरक्षण, पक्षी संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन में भी सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया। सभी अधिकारियों ने मिलकर कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण ही भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने नागरिकों से अपने स्तर पर पौधारोपण कर पर्यावरण को संरक्षित करने, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा गर्मी में पक्षियों के लिए पानी-दाने की व्यवस्था कर जीवों के प्रति संवेदनशीलता प्रदर्शित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए जिले को हरा-भरा बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- दतिया में, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, कलेक्टर और एसपी ने पौधारोपण किया।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश देते हुए पुलिस परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान 2.0 के तहत संपन्न हुआ, जिसमें कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े, पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल और वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) श्री मोहम्मद माज ने पौधारोपण किया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण तथा नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया। पुलिस विभाग, वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए पौधे रोपित किए। इसी अवसर पर, अधिकारियों ने भीषण गर्मी के दौरान पक्षियों के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने परिसर में रखे सकोरों में पक्षियों के लिए पानी और दाना भी डाला, और बताया कि गर्मी में जल स्रोतों के सूखने से पक्षियों को भोजन-पानी की समस्या होती है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे अपने घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था कर जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखें। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को देखते हुए वृक्षारोपण को अत्यंत आवश्यक बताया, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ पौधा लगाना ही नहीं, बल्कि उसका संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और शुद्ध वायु, छाया तथा स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वन मंडलाधिकारी श्री मोहम्मद माज ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और मातृत्व के सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है। उन्होंने नागरिकों से पौधारोपण के साथ-साथ जल संरक्षण, पक्षी संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन में भी सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया। सभी अधिकारियों ने मिलकर कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण ही भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने नागरिकों से अपने स्तर पर पौधारोपण कर पर्यावरण को संरक्षित करने, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा गर्मी में पक्षियों के लिए पानी-दाने की व्यवस्था कर जीवों के प्रति संवेदनशीलता प्रदर्शित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए जिले को हरा-भरा बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।1
- बगपुरा धाम में एक चमत्कार सामने आया है। इसका लाइव वीडियो अब लक्ष्य न्यूज़ चैनल पर उपलब्ध है, जिसे दर्शक देख सकते हैं।1
- दतिया जिले के भांडेर थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम 06 बजे से पुलिस द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। चिरगांव रोड पर चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व भांडेर थाना प्रभारी कोमल परिहार ने किया, जो दतिया एसपी मयूर खंडेलवाल के निर्देशों पर आधारित था। इस अभियान के दौरान पुलिस ने चार पहिया वाहनों और बाइक चालकों को रोककर उनकी तलाशी ली। चेकिंग के तहत पुलिस ने कारों से काली फ़िल्म, हूटर और पदनाम की प्लेटें हटवाईं, साथ ही वाहनों के दस्तावेजों की भी जांच की। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने वाहन चालकों को सीट बेल्ट और हेलमेट लगाकर वाहन चलाने की समझाइश भी दी। इस चेकिंग कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अपराधों की रोकथाम के लिए इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।1
- दतिया पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के सीधे निर्देशन में जिलेभर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, आज इंदरगढ़ पुलिस ने अवैध शराब माफियाओं के विरुद्ध एक जबरदस्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है।1
- मध्य प्रदेश में सरकार की 67 हजार करोड़ रुपये की एक बड़ी परियोजना कथित तौर पर ठप हो गई है। इस गंभीर स्थिति के चलते लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुँच पा रहा है, जिससे सार्वजनिक तौर पर रोष देखा जा रहा है। यह विफलता न केवल योजना के क्रियान्वयन में अक्षमता को दर्शाती है, बल्कि कथित भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करती है।1
- दतिया शहर में सरकारी जमीन और तालाबों पर अवैध कब्जों का मामला सामने आया है। दतिया जिले में भू-माफिया जगदीश रायकवार के हौसले काफी बुलंद हैं, और तालाबों की जमीन पर निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दतिया जिला प्रशासन इन भू-माफियाओं से सरकारी जमीन को बचा पाता है या नहीं।1
- दतिया जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 28,000 रुपये कीमत की 63 लीटर अवैध शराब जब्त की है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शिवहरे और एसडीओपी सेवढ़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में की गई। थाना प्रभारी इंदरगढ़ और उनकी टीम को 3 जून 2026 की रात करीब 9 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके आधार पर परमार की कोठी, भडौल रोड पर दबिश दी गई, जहाँ से कल्लू शिवहरे उर्फ कमल सिंह शिवहरे (40 वर्ष), निवासी ग्राम भडौल, को अवैध शराब के साथ पकड़ा गया। आरोपी के कब्जे से 7 पेटी देशी प्लेन शराब, कुल 63 लीटर, जब्त की गई। इस शराब की अनुमानित कीमत करीब 28,000 रुपये बताई गई है। आरोपी कल्लू शिवहरे के खिलाफ अपराध क्रमांक 145/26 के तहत आबकारी एक्ट की धारा 34(2) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। बाद में आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक गौरव शर्मा (थाना प्रभारी इंदरगढ़), प्रआर 187 रामनिवास गुर्जर, आर 863 मंजेश त्यागी, आर 475 राघवेंद्र चौहान और सैनिक 139 रामनिवास यादव की भूमिका सराहनीय रही।1