सोनभद्र के कोन विकासखंड के पीपरखाड़ ग्राम पंचायत के सिद्धवादामर टोला में 45 वर्षीय आदिवासी श्याम बिहारी उरांव की संदिग्ध मौत के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल व्याप्त हो गया। परिजनों ने श्याम बिहारी उरांव की पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगाते हुए न्याय और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर लगभग 50 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। परिजनों के आरोप के अनुसार, यह घटना शुक्रवार शाम करीब 6 बजे मूंग के खेत में बकरी चले जाने को लेकर हुए विवाद के दौरान हुई थी, जिसके बाद श्याम बिहारी उरांव के साथ मारपीट की गई और उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी फूलमती देवी ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान श्याम बिहारी को बचाने का प्रयास कर रहे परिवार के लोगों को भी धमकाया गया। उन्होंने दावा किया कि घटना का एक वीडियो गांव की एक किशोरी ने मोबाइल से बनाया है, जो जांच में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। ग्रामीणों ने कुछ समाचार पोर्टलों पर प्रकाशित उन खबरों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें घटना को शराब सेवन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया था, उनका कहना था कि ऐसी खबरें बिना पूरी जांच और तथ्यों की पुष्टि किए प्रकाशित करना गलत है। ग्रामीणों ने बताया कि विवाद खेत में बकरी जाने और पुराने रास्ते के मुद्दे को लेकर हुआ था। घटना की सूचना पर कोन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया था। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा, तो परिजनों और ग्रामीणों ने शव को उसी स्थान पर रख दिया, जहां घटना हुई थी, और न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। लगभग 50 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। रविवार को कोन थाना प्रभारी तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता की तथा निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद ही रविवार शाम लगभग 5 बजे ग्रामवासियों और परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। थाना प्रभारी ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाएगी। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
सोनभद्र के कोन विकासखंड के पीपरखाड़ ग्राम पंचायत के सिद्धवादामर टोला में 45 वर्षीय आदिवासी श्याम बिहारी उरांव की संदिग्ध मौत के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल व्याप्त हो गया। परिजनों ने श्याम बिहारी उरांव की पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगाते हुए न्याय और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर लगभग 50 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। परिजनों के आरोप के अनुसार, यह घटना शुक्रवार शाम करीब 6 बजे मूंग के खेत में बकरी चले जाने को लेकर हुए विवाद के दौरान हुई थी, जिसके बाद श्याम बिहारी उरांव के साथ मारपीट की गई और उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी फूलमती देवी ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान श्याम बिहारी को बचाने का प्रयास कर रहे परिवार के लोगों को भी धमकाया गया। उन्होंने दावा किया कि घटना का एक वीडियो गांव की एक किशोरी ने मोबाइल से बनाया है, जो जांच में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। ग्रामीणों ने कुछ समाचार पोर्टलों पर प्रकाशित उन खबरों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें घटना को शराब सेवन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया था, उनका कहना था कि ऐसी खबरें बिना पूरी जांच और तथ्यों की पुष्टि किए प्रकाशित करना गलत है। ग्रामीणों ने बताया कि विवाद खेत में बकरी जाने और पुराने रास्ते के मुद्दे को लेकर हुआ था। घटना की सूचना पर कोन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया था। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा, तो परिजनों और ग्रामीणों ने शव को उसी स्थान पर रख दिया, जहां घटना हुई थी, और न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। लगभग 50 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। रविवार को कोन थाना प्रभारी तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता की तथा निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद ही रविवार शाम लगभग 5 बजे ग्रामवासियों और परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। थाना प्रभारी ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाएगी। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
- सोनभद्र के कोन विकासखंड के पीपरखाड़ ग्राम पंचायत के सिद्धवादामर टोला में 45 वर्षीय आदिवासी श्याम बिहारी उरांव की संदिग्ध मौत के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल व्याप्त हो गया। परिजनों ने श्याम बिहारी उरांव की पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगाते हुए न्याय और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर लगभग 50 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। परिजनों के आरोप के अनुसार, यह घटना शुक्रवार शाम करीब 6 बजे मूंग के खेत में बकरी चले जाने को लेकर हुए विवाद के दौरान हुई थी, जिसके बाद श्याम बिहारी उरांव के साथ मारपीट की गई और उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी फूलमती देवी ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान श्याम बिहारी को बचाने का प्रयास कर रहे परिवार के लोगों को भी धमकाया गया। उन्होंने दावा किया कि घटना का एक वीडियो गांव की एक किशोरी ने मोबाइल से बनाया है, जो जांच में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। ग्रामीणों ने कुछ समाचार पोर्टलों पर प्रकाशित उन खबरों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें घटना को शराब सेवन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया था, उनका कहना था कि ऐसी खबरें बिना पूरी जांच और तथ्यों की पुष्टि किए प्रकाशित करना गलत है। ग्रामीणों ने बताया कि विवाद खेत में बकरी जाने और पुराने रास्ते के मुद्दे को लेकर हुआ था। घटना की सूचना पर कोन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया था। शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा, तो परिजनों और ग्रामीणों ने शव को उसी स्थान पर रख दिया, जहां घटना हुई थी, और न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। लगभग 50 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। रविवार को कोन थाना प्रभारी तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता की तथा निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद ही रविवार शाम लगभग 5 बजे ग्रामवासियों और परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। थाना प्रभारी ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाएगी। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।1
- सोनभद्र जिले के पन्नूगंज थाना क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की दुखद मृत्यु हो गई है। इस घटना के संबंध में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सोनभद्र, श्री अनिल कुमार ने इस पूरे मामले को लेकर एक बाइट जारी की है, जिसमें उन्होंने दुर्घटना और पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही से जुड़ी जानकारी प्रदान की।1
- सोनभद्र जनपद में सिपाही भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई है। 2832 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ी। परीक्षार्थियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, बायोमेट्रिक और रेटिना स्कैन प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। जिले भर में कुल 6 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।1
- आज 8.6.26 को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने RTS तिराहे के पास केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी के विरोध में था। सपा कार्यकर्ताओं ने 'महंगा सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल, खाद्य पदार्थ मूल्य वृद्धि वापस लो' जैसे नारे लगाए, और भाजपा सरकार पर जनता का शोषण करने का आरोप लगाया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने जनता से अच्छे दिनों, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार खत्म करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आते ही महंगाई का हंटर जनता पर चलाया गया। प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दीमक की तरह महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और अन्य व्यवस्थाओं को महंगा करके जनता को महंगाई की ओर धकेल रही है। सपा नगर अध्यक्ष सरदार पार ब्रह्म सिंह ने भाजपा सरकार को 'महिला विरोधी' करार दिया और कहा कि किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है। सुरेश अग्रहरी और मनीष केडिया ने भी महिलाओं द्वारा झेली जा रही दिक्कतों पर बात की। अल्पसंख्यक सभा प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष जुनैद अंसारी, जिन्होंने कार्यक्रम का संचालन किया, ने कहा कि भाजपा सरकार केवल जाति और धर्म की आड़ में जनता को गुमराह कर रही है, जबकि व्यापारी, युवा और दुकानदार सभी महंगाई और बेरोजगारी से आजिज आ चुके हैं। इस मौके पर अशोक भारती, हिफाजत, श्याम सुंदर सोनकर, मनोज केवट, शौर्य त्रिपाठी, शिवा यादव, सरोज पासवान और अनिल विश्वकर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- Post by Karan kushwaha1
- सोनभद्र जिले के कोन थाना क्षेत्र की पिपरखाड़ ग्राम पंचायत के सिद्धवादामर टोला निवासी श्याम बिहारी उरांव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनके परिवार ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। मृतक के भाई लेखराज उरांव ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि श्याम बिहारी उरांव की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। लेखराज उरांव ने आरोप लगाया है कि घटना की गहन जांच करके सच्चाई सामने लानी चाहिए। उन्होंने ज़ोर दिया कि यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। लेखराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हमारा परिवार न्याय चाहता है। मेरे भाई की मौत की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी हो, उसे कानून के तहत कड़ी सजा मिले। प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।" उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की है कि वे मामले का संज्ञान लें, गरीब परिवार की आवाज सुनें और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें। उरांव परिवार को कानून पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई अवश्य सामने आएगी। इस घटना के बाद से गांव में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीणों ने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।1
- सोनभद्र जिले में एक और दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पन्नूगंज थाना क्षेत्र के सोनवट पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से 24 वर्षीय युवक सत्यम उर्फ राहुल सोनी की मौके पर ही दुखद मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि, परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें उचित सूचना दिए बिना ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। इस घटना से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने पहले थाने पर प्रदर्शन किया और फिर रामगढ़ क्षेत्र में चक्का जाम कर आरोपी चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर मालिक एवं चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार चालक की तलाश में दबिश दी जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।4