छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में अकलतरा का प्रसिद्ध कर्रानाला जलाशय अचानक फूट गया है। बांध पोड़ी दल्हा मार्ग पर फूटा है और रात भर में इस बांध का मुहाना और भी ज्यादा चौड़ा हो गया है। इसके कारण जलाशय का पानी बेहद तेज रफ्तार से रिहायशी इलाकों और गांवों की तरफ बढ़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। खुद कलेक्टर जनमेजय महोबे ने कोटमी सोनार पहुंचकर फूटे हुए बांध का जायजा लिया। पानी के तेज बहाव को रोकने के लिए फिलहाल बड़े-बड़े पेड़ों को मुहाने पर डाला जा रहा है, ताकि पानी का वेग कम हो सके और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जा सके। इस तबाही की वजह से कोटमी सोनार के छोटे अमेरी और बड़े अमेरी गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पानी लोगों के घरों में घुस रहा है, जिसके बाद प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए वहां रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर पास के स्कूल में ठहराया है। इस आपदा के बीच मगरमच्छों का एक और बहुत बड़ा और खौफनाक खतरा मंडरा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि जलाशय के पानी के साथ भारी संख्या में मगरमच्छ भी बहकर गांवों और खेतों की तरफ आ गए हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक 12 साल के मासूम बच्चे को खेत में छिपे मगरमच्छ द्वारा अपना शिकार बना लिए जाने की घटना से सबक लेते हुए स्थानीय प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। एसडीएम सुमीत बघेल ने प्रभावित और आसपास के सभी गांवों के लोगों से कड़क अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, वे खेतों और अपने घरों के पीछे की बाड़ियों में बिल्कुल न जाएं। उन्होंने बच्चों पर कड़ी नजर रखने और उन्हें तालाबों, डबरियों व पानी से भरे गड्ढों से पूरी तरह दूर रखने की हिदायत दी है। साथ ही, खतरा होने या मगरमच्छ दिखने का अंदेशा होने पर तुरंत अकलतरा पुलिस या डायल 112 को सूचना देने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही अकलतरा टीआई भास्कर शर्मा ने भी मोर्चा संभालते हुए लोगों से अपील की है कि वे उफनते हुए नदी-नालों में गाड़ियां पार न करें। पोड़ी दल्हा, मधुवा, पीपरसत्ती, अकलतरी और परसाही नाला क्षेत्र के किसानों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही, इस माहौल में नदी-नालों में मछली मारने की गलती बिल्कुल न करने को कहा गया है।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में अकलतरा का प्रसिद्ध कर्रानाला जलाशय अचानक फूट गया है। बांध पोड़ी दल्हा मार्ग पर फूटा है और रात भर में इस बांध का मुहाना और भी ज्यादा चौड़ा हो गया है। इसके कारण जलाशय का पानी बेहद तेज रफ्तार से रिहायशी इलाकों और गांवों की तरफ बढ़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। खुद कलेक्टर जनमेजय महोबे ने कोटमी सोनार पहुंचकर फूटे हुए बांध का जायजा लिया। पानी के तेज बहाव को रोकने के लिए फिलहाल बड़े-बड़े पेड़ों को मुहाने पर डाला जा रहा है, ताकि पानी का वेग कम हो सके और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जा सके। इस तबाही की वजह से कोटमी सोनार के छोटे अमेरी और बड़े अमेरी गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पानी लोगों के घरों में घुस रहा है, जिसके बाद प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए वहां रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर पास के स्कूल में ठहराया है। इस आपदा के बीच मगरमच्छों का एक और बहुत बड़ा और खौफनाक खतरा मंडरा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि जलाशय के पानी के साथ भारी संख्या में मगरमच्छ भी बहकर गांवों और खेतों की तरफ आ गए हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक 12 साल के मासूम बच्चे को खेत में छिपे मगरमच्छ द्वारा अपना शिकार बना लिए जाने की घटना से सबक लेते हुए स्थानीय प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। एसडीएम सुमीत बघेल ने प्रभावित और आसपास के सभी गांवों के लोगों से कड़क अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, वे खेतों और अपने घरों के पीछे की बाड़ियों में बिल्कुल न जाएं। उन्होंने बच्चों पर कड़ी नजर रखने और उन्हें तालाबों, डबरियों व पानी से भरे गड्ढों से पूरी तरह दूर रखने की हिदायत दी है। साथ ही, खतरा होने या मगरमच्छ दिखने का अंदेशा होने पर तुरंत अकलतरा पुलिस या डायल 112 को सूचना देने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही अकलतरा टीआई भास्कर शर्मा ने भी मोर्चा संभालते हुए लोगों से अपील की है कि वे उफनते हुए नदी-नालों में गाड़ियां पार न करें। पोड़ी दल्हा, मधुवा, पीपरसत्ती, अकलतरी और परसाही नाला क्षेत्र के किसानों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही, इस माहौल में नदी-नालों में मछली मारने की गलती बिल्कुल न करने को कहा गया है।
- नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले सभी कार चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि हाईवे पर उनका एक अदृश्य मददगार भी मौजूद है। यह मददगार किसी भी परिस्थिति में मात्र पंद्रह मिनट के भीतर सहायता के लिए मौके पर पहुंच जाएगा। इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों को फॉरवर्ड करने की अपील की गई है, ताकि समय पर किसी की जान बचाई जा सके और पुण्य कमाया जा सके।1
- छत्तीसगढ़ में सांप के काटने से एक 8 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई है। इस दुखद हादसे के बाद सभी लोगों को सांप और बिच्छू से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ जंगल में पुटु तोड़ने गए एक युवक की मौत हो गई है। वह युवक जंगल के भीतर पुटु तोड़ने के लिए गया हुआ था, जहाँ उसकी मौत हो गई।1
- कोरबा के आमापाली से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां देर रात तक हुई आगजनी की घटना में कई वाहन जलकर खाक हो गए हैं। आमापाली में देर रात तक लगातार आगजनी होती रही, जिसके कारण वहां मौजूद कई वाहन पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गए।1