जौनपुर के मछलीशहर में अपने भविष्य और अधिकारों की अनदेखी से नाराज छात्रों और युवाओं का गुस्सा चरम पर पहुँच गया है। सड़कों पर उतरे युवाओं के भारी विरोध के आगे नेताओं का वीआईपी कल्चर पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। छात्रों ने वीआईपी गाड़ियों पर पार्टी के झंडे और स्टीकर लगाकर घूमने वाले भाजपा नेताओं को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपनी गाड़ियों से झंडे और स्टीकर निकालकर चलें। युवाओं के इस उग्र रुख ने नेताओं के पसीने छुड़ा दिए हैं और संदेश दिया है कि राजनीति सिर्फ प्रदर्शन या दिखावे के लिए नहीं, बल्कि देश सेवा के लिए होनी चाहिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान पोस्टरों के जरिए वीआईपी कल्चर पर तीखा प्रहार किया गया है। छात्रों का कहना है कि गाड़ियों पर दिखावे के शृंगार की जगह विचार लगाए जाएं और नेताओं की असली पहचान उनके काम और व्यवहार से होनी चाहिए। 'हम छात्र हैं, देश का भविष्य हैं—हमें दिखावा नहीं, बदलाव चाहिए' का नारा बुलंद करते हुए जनसेवक एवं सोशल एक्टिविस्ट रणजीत यादव ने 'टाइगर न्यूज' (Tiger News) के माध्यम से जन-आक्रोश और युवाओं की इस बुलंद आवाज को सामने रखा है।
जौनपुर के मछलीशहर में अपने भविष्य और अधिकारों की अनदेखी से नाराज छात्रों और युवाओं का गुस्सा चरम पर पहुँच गया है। सड़कों पर उतरे युवाओं के भारी विरोध के आगे नेताओं का वीआईपी कल्चर पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। छात्रों ने वीआईपी गाड़ियों पर पार्टी के झंडे और स्टीकर लगाकर घूमने वाले भाजपा नेताओं को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपनी गाड़ियों से झंडे और स्टीकर निकालकर चलें। युवाओं के इस उग्र रुख ने नेताओं के पसीने छुड़ा दिए हैं और संदेश दिया है कि राजनीति सिर्फ प्रदर्शन या दिखावे के लिए नहीं, बल्कि देश सेवा के लिए होनी चाहिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान पोस्टरों के जरिए वीआईपी कल्चर पर तीखा प्रहार किया गया है। छात्रों का कहना है कि गाड़ियों पर दिखावे के शृंगार की जगह विचार लगाए जाएं और नेताओं की असली पहचान उनके काम और व्यवहार से होनी चाहिए। 'हम छात्र हैं, देश का भविष्य हैं—हमें दिखावा नहीं, बदलाव चाहिए' का नारा बुलंद करते हुए जनसेवक एवं सोशल एक्टिविस्ट रणजीत यादव ने 'टाइगर न्यूज' (Tiger News) के माध्यम से जन-आक्रोश और युवाओं की इस बुलंद आवाज को सामने रखा है।
- जौनपुर जिले में शासन-प्रशासन सच्चाई जानते हुए भी पूरी तरह अनजान बना बैठा है, जिससे गरीब, कमजोर और पीड़ित जनता की कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। मछलीशहर का राजस्व विभाग चोरों, बेईमानों, चमचों, दबंगों और माफियाओं का गुलाम बना हुआ है। वहीं ऊपरी प्रशासन भी इन अधिकारियों की करतूतों, झूठी बातों और फर्जी आख्या का गुलाम बनकर रह गया है।1
- जौनपुर के बदलापुर में पेपर लीक मामले को लेकर जागरूक नागरिक मंच द्वारा प्रदर्शन किया गया। इस दौरान छात्रों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया।1
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बदलापुर में पेपरलीक मामले को लेकर 'जागरूक नागरिक मंच बदलापुर' ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी बदलापुर को सौंपा है। इस पूरे मामले की जानकारी नागेंद्र माली द्वारा दी गई है।1
- NEET पेपर लीक मामले में जौनपुर के बदलापुर में छात्रों और नागरिकों ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है। सौंपे गए ज्ञापन में NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की गई है। इसके अलावा, जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई गई है।2
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में जौनपुर में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला है। NEET पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुए दमन के खिलाफ भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और बड़ी संख्या में छात्रों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में छात्र और कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सरकार से छात्रों के हितों की रक्षा करने और पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है। वहीं मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।1
- जौनपुर के मछलीशहर में अपने भविष्य और अधिकारों की अनदेखी से नाराज छात्रों और युवाओं का गुस्सा चरम पर पहुँच गया है। सड़कों पर उतरे युवाओं के भारी विरोध के आगे नेताओं का वीआईपी कल्चर पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। छात्रों ने वीआईपी गाड़ियों पर पार्टी के झंडे और स्टीकर लगाकर घूमने वाले भाजपा नेताओं को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपनी गाड़ियों से झंडे और स्टीकर निकालकर चलें। युवाओं के इस उग्र रुख ने नेताओं के पसीने छुड़ा दिए हैं और संदेश दिया है कि राजनीति सिर्फ प्रदर्शन या दिखावे के लिए नहीं, बल्कि देश सेवा के लिए होनी चाहिए। विरोध प्रदर्शन के दौरान पोस्टरों के जरिए वीआईपी कल्चर पर तीखा प्रहार किया गया है। छात्रों का कहना है कि गाड़ियों पर दिखावे के शृंगार की जगह विचार लगाए जाएं और नेताओं की असली पहचान उनके काम और व्यवहार से होनी चाहिए। 'हम छात्र हैं, देश का भविष्य हैं—हमें दिखावा नहीं, बदलाव चाहिए' का नारा बुलंद करते हुए जनसेवक एवं सोशल एक्टिविस्ट रणजीत यादव ने 'टाइगर न्यूज' (Tiger News) के माध्यम से जन-आक्रोश और युवाओं की इस बुलंद आवाज को सामने रखा है।1