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कुशीनगर में गोंड समाज की मांग, सरकारी भर्तियों में 2% एसटी आरक्षण का हो प्रभावी पालन

10 hrs ago
user_MANOJ KUMAR YADAV
MANOJ KUMAR YADAV
Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

कुशीनगर में गोंड समाज की मांग, सरकारी भर्तियों में 2% एसटी आरक्षण का हो प्रभावी पालन

More news from Gorakhpur and nearby areas
  • भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद यह बयान दिया था। ​प्रमुख बिंदु: ​अदालत का फैसला: बृजभूषण शरण सिंह पर पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें बा-इज्जत बरी (Acquit) कर दिया। ​समय और तारीखें: उन्होंने मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान 3.5 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा और इस दौरान 127 बार कोर्ट की तारीखों पर पेशी भुगतनी पड़ी। ​बयान का मुख्य संदेश: कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने कहा कि "सच कुछ देर के लिए परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।" इसके साथ ही उन्होंने यह भी तर्क दिया कि महिला सुरक्षा के उद्देश्य से बनाए गए कड़े कानूनों का कुछ मामलों में दुरुपयोग हो रहा है, जिस पर पुनर्विचार या ध्यान देने की आवश्यकता है।
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    भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद यह बयान दिया था।
​प्रमुख बिंदु:
​अदालत का फैसला: बृजभूषण शरण सिंह पर पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें बा-इज्जत बरी (Acquit) कर दिया।
​समय और तारीखें: उन्होंने मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान 3.5 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा और इस दौरान 127 बार कोर्ट की तारीखों पर पेशी भुगतनी पड़ी। 
​बयान का मुख्य संदेश: कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने कहा कि "सच कुछ देर के लिए परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।" इसके साथ ही उन्होंने यह भी तर्क दिया कि महिला सुरक्षा के उद्देश्य से बनाए गए कड़े कानूनों का कुछ मामलों में दुरुपयोग हो रहा है, जिस पर पुनर्विचार या ध्यान देने की आवश्यकता है।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian Chauri Chaura, Gorakhpur•
    7 hrs ago
  • कुशीनगर - सावन के पहले सोमवार कुबेरनाथ शिव मंदिर पर भक्तों का उमड़ा जनसैलाब कुशीनगर - सावन के पहले सोमवार कुबेरनाथ शिव मंदिर पर भक्तों का उमड़ा जनसैलाब सावन के पहले सोमवार को कुशीनगर के प्रसिद्ध प्राचीन शिव मंदिर कुबेरनाथ पर भक्तों जन सैलाब उमड़ पड़ा,रात 2 बजे से ही भक्त भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने के लिये लाइन में लग गए थे,वही मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई थानों के पुलिस बल व सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरा भी तैनात किये गए थे,त्रेता युग से जुड़े और कर्क रेखा पे स्थित इस मंदिर के गर्भ गृह में एक साथ तीन शिवलिंग है,मान्यता है कि जो भी भक्त भगवान शिव पर जलाभिषेक करता है उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है,कुबेरनाथ में स्थित शिवलिंगों का दर्शन काशी विश्वनाथ व परशुपति नाथ मंदिर के फल दायित्व ही माना जाता है क्योंकि इस मंदिर का इतिहास इन दोनों मंदिरों से जुड़ी हुई बताई जाती हैं,सावन के महीनो में हर वर्ष यहां हजारों के संख्या में भक्त आते है और भगवान कुबेरनाथ पर जलाभिषेक करते है ।
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    कुशीनगर - सावन के पहले सोमवार कुबेरनाथ शिव मंदिर पर भक्तों का उमड़ा जनसैलाब

कुशीनगर - सावन के पहले सोमवार कुबेरनाथ शिव मंदिर पर भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
सावन के पहले सोमवार को कुशीनगर के प्रसिद्ध  प्राचीन शिव मंदिर कुबेरनाथ पर भक्तों जन सैलाब उमड़ पड़ा,रात 2 बजे से ही भक्त भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक करने के लिये लाइन में लग गए थे,वही मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई थानों के पुलिस बल व सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरा भी तैनात किये गए थे,त्रेता युग से जुड़े और कर्क रेखा पे स्थित इस मंदिर के गर्भ गृह में एक साथ तीन शिवलिंग है,मान्यता है कि जो भी भक्त भगवान शिव पर जलाभिषेक करता है उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है,कुबेरनाथ में स्थित शिवलिंगों का दर्शन काशी विश्वनाथ व परशुपति नाथ मंदिर के फल दायित्व ही माना जाता है क्योंकि इस मंदिर का इतिहास इन दोनों मंदिरों से जुड़ी हुई बताई जाती हैं,सावन के महीनो में हर वर्ष यहां हजारों के संख्या में भक्त आते है और भगवान कुबेरनाथ पर जलाभिषेक करते है ।
    user_जुगनू शर्मा
    जुगनू शर्मा
    Photographer पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • श्रावण के पहले सोमवार पर अलर्ट मोड में रही देवरिया पुलिस, मंदिरों और घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर एसपी की पैनी नजर दीर्घेश्वर नाथ, बाबा महेन्द्रनाथ मंदिर और प्रमुख नदी घाटों का किया निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देवरिया। श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर देवरिया पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। सोमवार को पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर ने जनपद के प्रमुख धार्मिक स्थलों और नदी घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्राधिकारियों, प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों ने भी मंदिर परिसरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। पुलिस अधीक्षक ने सबसे पहले सलेमपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध दीर्घेश्वर नाथ मंदिर, मझौलीराज पहुंचकर मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, पार्किंग, सीसीटीवी निगरानी, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली तथा महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। भीड़ बढ़ने पर कतारबद्ध दर्शन, अफवाहों पर तत्काल कार्रवाई और महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने बरहज क्षेत्र के प्रमुख नदी घाटों का निरीक्षण किया। यहां बैरिकेडिंग, नावों की उपलब्धता, प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती, पुलिस पिकेट, चेतावनी बोर्ड, चेंजिंग रूम और प्रकाश व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस की पहल पर नगर पालिका परिषद बरहज के सहयोग से घाटों पर चेंजिंग रूम और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई, जिससे स्नान और दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। मदनपुर क्षेत्र स्थित बाबा महेन्द्रनाथ मंदिर में भी पुलिस अधीक्षक ने भीड़ प्रबंधन, पार्किंग, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश-निकास व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन उपलब्ध कराते हुए किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने दी जाए। उधर, क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर सत्येन्द्र राय ने दुग्धेश्वर नाथ मंदिर तथा क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी ने सोमनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बैरिकेडिंग, पार्किंग, कंट्रोल प्वाइंट, सीसीटीवी निगरानी और कांवड़ियों की आवाजाही की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को संदिग्ध व्यक्तियों एवं वस्तुओं पर विशेष नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा जनपद के सभी प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहकर कानून-व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी बनाए रखें, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें।
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    श्रावण के पहले सोमवार पर अलर्ट मोड में रही देवरिया पुलिस, मंदिरों और घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर एसपी की पैनी नजर
दीर्घेश्वर नाथ, बाबा महेन्द्रनाथ मंदिर और प्रमुख नदी घाटों का किया निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
देवरिया। श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर देवरिया पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। सोमवार को पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर ने जनपद के प्रमुख धार्मिक स्थलों और नदी घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्राधिकारियों, प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों ने भी मंदिर परिसरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
पुलिस अधीक्षक ने सबसे पहले सलेमपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध दीर्घेश्वर नाथ मंदिर, मझौलीराज पहुंचकर मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, पार्किंग, सीसीटीवी निगरानी, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली तथा महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। भीड़ बढ़ने पर कतारबद्ध दर्शन, अफवाहों पर तत्काल कार्रवाई और महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने बरहज क्षेत्र के प्रमुख नदी घाटों का निरीक्षण किया। यहां बैरिकेडिंग, नावों की उपलब्धता, प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती, पुलिस पिकेट, चेतावनी बोर्ड, चेंजिंग रूम और प्रकाश व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस की पहल पर नगर पालिका परिषद बरहज के सहयोग से घाटों पर चेंजिंग रूम और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई, जिससे स्नान और दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
मदनपुर क्षेत्र स्थित बाबा महेन्द्रनाथ मंदिर में भी पुलिस अधीक्षक ने भीड़ प्रबंधन, पार्किंग, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश-निकास व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन उपलब्ध कराते हुए किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने दी जाए।
उधर, क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर सत्येन्द्र राय ने दुग्धेश्वर नाथ मंदिर तथा क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी ने सोमनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बैरिकेडिंग, पार्किंग, कंट्रोल प्वाइंट, सीसीटीवी निगरानी और कांवड़ियों की आवाजाही की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को संदिग्ध व्यक्तियों एवं वस्तुओं पर विशेष नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा जनपद के सभी प्रभारी निरीक्षकों और थानाध्यक्षों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहकर कानून-व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी बनाए रखें, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें।
    user_अवनीश शंकर राय
    अवनीश शंकर राय
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • सोहरौना में जलभराव से दुर्घटना का खतरा, ग्रामीणों ने बीडीओ को सौंपा ज्ञापन विशुनपुरा-कुशीनगर विकास खंड विशुनपुरा अंतर्गत ग्राम सभा सोहरौना में खिरकिया–बांसी मुख्य मार्ग पर जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद तारिक के नेतृत्व में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की।ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा सोहरौना से होकर गुजरने वाला लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का मार्ग पडरौना से खिरकिया, बांसी होते हुए बिहार तक जाता है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर सड़क के नीचे जल निकासी के लिए डाली गई पाइप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके कारण नालियों का पानी मुख्य सड़क पर जमा हो जाता है। इससे आए दिन सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, राहगीरों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। वहीं सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढों के कारण टेम्पो, मोटरसाइकिल एवं अन्य वाहनों के पलटने की संभावना लगातार बनी रहती है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई और इस दौरान कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद तारिक के साथ नसीब अंसारी, तौफीक, मोइन अशरफ, एहसान अली, सुल्तान अंसारी, सेराफ, रिजवान, साबिर, आदिल, तूफानी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
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    सोहरौना में जलभराव से दुर्घटना का खतरा, ग्रामीणों ने बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
विशुनपुरा-कुशीनगर
विकास खंड विशुनपुरा अंतर्गत ग्राम सभा सोहरौना में खिरकिया–बांसी मुख्य मार्ग पर जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद तारिक के नेतृत्व में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की।ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा सोहरौना से होकर गुजरने वाला लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का मार्ग पडरौना से खिरकिया, बांसी होते हुए बिहार तक जाता है। इस महत्वपूर्ण मार्ग पर सड़क के नीचे जल निकासी के लिए डाली गई पाइप पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके कारण नालियों का पानी मुख्य सड़क पर जमा हो जाता है। इससे आए दिन सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, राहगीरों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। वहीं सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढों के कारण टेम्पो, मोटरसाइकिल एवं अन्य वाहनों के पलटने की संभावना लगातार बनी रहती है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई और इस दौरान कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद तारिक के साथ नसीब अंसारी, तौफीक, मोइन अशरफ, एहसान अली, सुल्तान अंसारी, सेराफ, रिजवान, साबिर, आदिल, तूफानी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_नन्दलाल शर्मा
    नन्दलाल शर्मा
    Court reporter पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कानपुर: 'सेठ की हवेली सुरक्षित, गरीब दलित के आशियाने पर चला बुलडोजर' — दोहरा रवैया देख भड़का जनाक्रोश ​कानपुर। शहर में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय द्वारा चलाए गए हालिया अतिक्रमण विरोधी अभियान ने निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन ने 'सेठ की हवेली' जैसे रसूखदार निर्माणों को छूना तक मुनासिब नहीं समझा, जबकि पास ही बने एक गरीब दलित के झोपड़े और कच्चे मकान को मिनटों में जमींदोज कर दिया। ​क्या है पूरा मामला? ​कानपुर के ग्रामीण/शहरी सीमावर्ती इलाके में प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ अवैध कब्जे और अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत होते ही बुलडोजर सीधे क्षेत्र के एक निर्धन दलित परिवार के मकान की तरफ बढ़ा। परिवार के लोग अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते रहे, रोते-बिलखते रहे, लेकिन दस्ता नहीं रुका और पूरे घर को ध्वस्त कर दिया गया। ​वहीं, महज कुछ ही दूरी पर बने एक दबंग/रसूखदार व्यक्ति के बहुमंजिला अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई, तो अधिकारियों ने 'नाप-जोख' और 'कागजी प्रक्रिया' का हवाला देकर कोई कार्रवाई नहीं की और बुलडोजर वापस लौट गया। ​पीड़ितों और ग्रामीणों का आक्रोश ​पीड़ित परिवार का कहना है कि वे बीते कई दशकों से इस जमीन पर रह रहे हैं और उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। ​"अमीरों की हवेली के लिए प्रशासन के पास सौ कानून और नोटिस की फुर्सत है, लेकिन हम गरीबों के आशियाने पर सीधे बुलडोजर चढ़ा दिया जाता है। हमारा सब कुछ मिट्टी में मिल गया।" — पीड़ित दलित परिवार ​घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल गरीबों और कमजोरों पर अपनी ताकत दिखाता है, जबकि रसूखदारों और भू-माफियाओं की सेटिंग के आगे लाचार नजर आता है। ​विपक्ष और सामाजिक संगठनों का हमला ​घटना की खबर फैलते ही कई सामाजिक संगठन और विपक्षी नेता मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के इस दोहरे रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की: ​भेदभावपूर्ण कार्रवाई: नेताओं ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल दलितों और वंचितों को निशाना बनाया जा रहा है। ​मुआवजे की मांग: पीड़ित परिवार को तत्काल नया आवास, मुकम्मल आर्थिक सहायता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। ​आंदोलन की चेतावनी: चेतावनी दी गई है कि यदि रसूखदार के अवैध निर्माण पर बुलडोजर नहीं चला और पीड़ित परिवार का पुनर्वास नहीं हुआ, तो व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। ​प्रशासन का पक्ष ​दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि कार्रवाई नियम के अनुसार की गई है। सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए यह अभियान चलाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि अन्य निर्माणों की स्थिति की जांच की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ​फिलहाल, खुले आसमान के नीचे आए पीड़ित परिवार के सामने गुजर-बसर का संकट खड़ा हो गया है और इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। ब्यूरो रिपोर्टर
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    कानपुर: 'सेठ की हवेली सुरक्षित, गरीब दलित के आशियाने पर चला बुलडोजर' — दोहरा रवैया देख भड़का जनाक्रोश

​कानपुर। शहर में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय द्वारा चलाए गए हालिया अतिक्रमण विरोधी अभियान ने निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ितों का आरोप है कि प्रशासन ने 'सेठ की हवेली' जैसे रसूखदार निर्माणों को छूना तक मुनासिब नहीं समझा, जबकि पास ही बने एक गरीब दलित के झोपड़े और कच्चे मकान को मिनटों में जमींदोज कर दिया। 
​क्या है पूरा मामला?
​कानपुर के ग्रामीण/शहरी सीमावर्ती इलाके में प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ अवैध कब्जे और अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत होते ही बुलडोजर सीधे क्षेत्र के एक निर्धन दलित परिवार के मकान की तरफ बढ़ा। परिवार के लोग अधिकारियों के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते रहे, रोते-बिलखते रहे, लेकिन दस्ता नहीं रुका और पूरे घर को ध्वस्त कर दिया गया। 
​वहीं, महज कुछ ही दूरी पर बने एक दबंग/रसूखदार व्यक्ति के बहुमंजिला अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई, तो अधिकारियों ने 'नाप-जोख' और 'कागजी प्रक्रिया' का हवाला देकर कोई कार्रवाई नहीं की और बुलडोजर वापस लौट गया।
​पीड़ितों और ग्रामीणों का आक्रोश
​पीड़ित परिवार का कहना है कि वे बीते कई दशकों से इस जमीन पर रह रहे हैं और उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। 
​"अमीरों की हवेली के लिए प्रशासन के पास सौ कानून और नोटिस की फुर्सत है, लेकिन हम गरीबों के आशियाने पर सीधे बुलडोजर चढ़ा दिया जाता है। हमारा सब कुछ मिट्टी में मिल गया।"
— पीड़ित दलित परिवार
​घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल गरीबों और कमजोरों पर अपनी ताकत दिखाता है, जबकि रसूखदारों और भू-माफियाओं की सेटिंग के आगे लाचार नजर आता है।
​विपक्ष और सामाजिक संगठनों का हमला
​घटना की खबर फैलते ही कई सामाजिक संगठन और विपक्षी नेता मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के इस दोहरे रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की:
​भेदभावपूर्ण कार्रवाई: नेताओं ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर केवल दलितों और वंचितों को निशाना बनाया जा रहा है।
​मुआवजे की मांग: पीड़ित परिवार को तत्काल नया आवास, मुकम्मल आर्थिक सहायता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
​आंदोलन की चेतावनी: चेतावनी दी गई है कि यदि रसूखदार के अवैध निर्माण पर बुलडोजर नहीं चला और पीड़ित परिवार का पुनर्वास नहीं हुआ, तो व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।
​प्रशासन का पक्ष
​दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि कार्रवाई नियम के अनुसार की गई है। सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए यह अभियान चलाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि अन्य निर्माणों की स्थिति की जांच की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 
​फिलहाल, खुले आसमान के नीचे आए पीड़ित परिवार के सामने गुजर-बसर का संकट खड़ा हो गया है और इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
ब्यूरो रिपोर्टर
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian Chauri Chaura, Gorakhpur•
    10 hrs ago
  • गोंड आदिवासी संघ ने 2% आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर DM को सौंपा ज्ञापन न्यूज़ स्क्रिप्ट कुशीनगर रिपोर्टर,अजीत कुमार Mob-:9517108149 Slug -: गोंड आदिवासी संघ ने 2% आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर DM को सौंपा ज्ञापन एंकर /वीओ -: कुशीनगर अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ उ०प्र० जनपद शाखा कुशीनगर के पदाधिकारियों ने शनिवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर भारत सरकार द्वारा अनुमन्य 2 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों में लागू करने की मांग की। संघ के जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति के लिए 2 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है, लेकिन यूपी सरकार द्वारा वर्तमान में जो भर्तियां निकाली जा रही हैं उनमें यह आरक्षण सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है। इससे गोंड समाज के छात्र-छात्राओं का अहित हो रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि दशम, दशमोत्तर, मेडिकल व इंजीनियरिंग छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति भी समय पर नहीं मिल रही है, जिससे समाज में रोष है। संघ ने मांग की कि वर्तमान विज्ञापित भर्तियों को निरस्त कर 2 प्रतिशत आरक्षण लागू कर पुनः विज्ञापन जारी किया जाए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड, जिला महासचिव मनोज कुमार गोंड सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बाईट.. गोरख प्रशाद गोंड जिलाध्यक्ष बाईट.. बिंदेशवरी प्रशाद गोंड प्रदेश अध्यक्ष
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    गोंड आदिवासी संघ ने 2% आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर DM को सौंपा ज्ञापन
न्यूज़ स्क्रिप्ट कुशीनगर
रिपोर्टर,अजीत कुमार
Mob-:9517108149
Slug -: गोंड आदिवासी संघ ने 2% आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर DM को सौंपा ज्ञापन
एंकर /वीओ -: कुशीनगर अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ उ०प्र० जनपद शाखा कुशीनगर के पदाधिकारियों ने शनिवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर भारत सरकार द्वारा अनुमन्य 2 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों में लागू करने की मांग की।
संघ के जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति के लिए 2 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है, लेकिन यूपी सरकार द्वारा वर्तमान में जो भर्तियां निकाली जा रही हैं उनमें यह आरक्षण सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है। इससे गोंड समाज के छात्र-छात्राओं का अहित हो रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि दशम, दशमोत्तर, मेडिकल व इंजीनियरिंग छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति भी समय पर नहीं मिल रही है, जिससे समाज में रोष है। संघ ने मांग की कि वर्तमान विज्ञापित भर्तियों को निरस्त कर 2 प्रतिशत आरक्षण लागू कर पुनः विज्ञापन जारी किया जाए।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड, जिला महासचिव मनोज कुमार गोंड सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।  
बाईट.. गोरख प्रशाद गोंड जिलाध्यक्ष 
बाईट.. बिंदेशवरी प्रशाद गोंड प्रदेश अध्यक्ष
    user_Ajeet kumar
    Ajeet kumar
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • ऑपरेशन के बाद बुझ गई जिंदगी, संस्कृत्य हॉस्पिटल पर लापरवाही के गंभीर आरोप 🔴दर्द से तड़पता रहा मरीज, इलाज के नाम पर सिर्फ ड्रिप! आखिरकार चली गई जान 🔵कुशीनगर में फिर ऑपरेशन के बाद मौत, निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे बड़े सवाल 🔴पथरी का ऑपरेशन या लापरवाही का खेल? युवक की मौत के बाद अस्पताल में बवाल 🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। जनपद के रवींद्रनगर थाना क्षेत्र स्थित साँकृत्य हॉस्पिटल में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक युवक की मौत ने निजी अस्पतालों के गैर जिम्मेदार चिकित्सको की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि सफल ऑपरेशन का दावा करने वाले साँकृत्य अस्पताल ने मरीज की बिगड़ती हालत को लगातार नजरअंदाज किया। दर्द से कराहते युवक को बार-बार सिर्फ ड्रिप चढ़ाकर घर भेज दिया और जब हालत बेहद नाजुक हो गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रविवार देर रात इलाज के दौरान युवक ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर चीख-पुकार और आक्रोश से गूंज उठा। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया और हास्पिटल प्रशासन व चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मौके पर पहुची पुलिस को भीड के साथ धक्का-मुक्की करनी पडी। परिजनों के अनुसार युवक का लगभग 10 दिन पहले साँकृत्य हास्पिटल में पथरी का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने सब कुछ सामान्य बताते हुए उसे घर भेज दिया। लेकिन महज तीन दिन बाद ही युवक के पेट में असहनीय दर्द शुरू हो गया। दर्द लगातार बढ़ता गया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। 🔴हर बार युवक ने बताया दर्द, हर बार ड्रिप लगाकर घर भेज दिया मृतक के परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद कई बार अस्पताल पहुंचने पर भी डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति को नहीं समझा। न कोई ठोस जांच कराई गई और न ही किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि हर बार केवल ड्रिप और दवा देकर वापस घर भेज दिया गया, जबकि युवक दर्द से छटपटाता रहता था। 🔴... और रविवार को जिंदगी की आखिरी जंग हार गया युवक बताया जा रहा है कि रविवार रात युवक की तबीयत अचानक अत्यधिक खराब हो गई। दर्द असहनीय होने पर परिजन उसे फिर साँकृत्य अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में इलाज शुरू हुआ, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते सही उपचार मिलता तो शायद उनकी आंखों के सामने उनका बेटा दम न तोड़ता। 🔴मौत के बाद अस्पताल बना रणक्षेत्र युवक की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस को आक्रोशित भीड के साथ धक्का-मुक्की का सामना भी करना पडा। 🔴उठ रहे बड़े सवाल सवाल यह उठ रहा है कि क्या ऑपरेशन के बाद मरीज की नियमित और समुचित निगरानी की गई?लगातार दर्द की शिकायत के बावजूद हास्पिटल द्वारा गंभीर जांच क्यों नहीं कराई गई? यदि मरीज की हालत बिगड़ रही थी तो उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर क्यों नहीं किया गया? आखिर ऐसी कौन-सी चूक हुई कि ऑपरेशन के महज 10 दिन बाद युवक की मौत हो गई? इन सवालों के जवाब अब स्वास्थ्य विभाग और जांच एजेंसियों को तलाशने होंगे। फिलहाल परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर अस्पताल का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। युवक की मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। यदि जांच में लापरवाही सिद्ध होती है, तो हास्पिटल पर कार्रवाई तय है। 🔴 पुरानी यादें हुई ताजा बीते माह कसया स्थित लूना हॉस्पिटल में भी पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई थी। उस मामले में भी परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। सूत्रों का दावा है कि उक्त प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस द्वारा जांच तो शुरू की गई, लेकिन बाद में मामला किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंचा और कार्रवाई ठंडे बस्ते में है। हालाकि मीडिया लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठाती रही है आज भी यह मामला सुर्खियों में है।
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    ऑपरेशन के बाद बुझ गई जिंदगी, संस्कृत्य हॉस्पिटल पर लापरवाही के गंभीर आरोप
🔴दर्द से तड़पता रहा मरीज, इलाज के नाम पर सिर्फ ड्रिप! आखिरकार चली गई जान
🔵कुशीनगर में फिर ऑपरेशन के बाद मौत, निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे बड़े सवाल
🔴पथरी का ऑपरेशन या लापरवाही का खेल? युवक की मौत के बाद अस्पताल में बवाल
🔴 युगान्धर टाइम्स व्यूरो 
कुशीनगर। जनपद के रवींद्रनगर थाना क्षेत्र स्थित साँकृत्य हॉस्पिटल में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक युवक की मौत ने निजी अस्पतालों के गैर जिम्मेदार चिकित्सको की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि सफल ऑपरेशन का दावा करने वाले साँकृत्य अस्पताल ने मरीज की बिगड़ती हालत को लगातार नजरअंदाज किया। दर्द से कराहते युवक को बार-बार सिर्फ ड्रिप चढ़ाकर घर भेज दिया और जब हालत बेहद नाजुक हो गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रविवार देर रात इलाज के दौरान युवक ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर चीख-पुकार और आक्रोश से गूंज उठा। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया और हास्पिटल प्रशासन व चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मौके पर पहुची पुलिस को भीड के साथ धक्का-मुक्की करनी पडी। 
परिजनों के अनुसार युवक का लगभग 10 दिन पहले साँकृत्य हास्पिटल में पथरी का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने सब कुछ सामान्य बताते हुए उसे घर भेज दिया। लेकिन महज तीन दिन बाद ही युवक के पेट में असहनीय दर्द शुरू हो गया। दर्द लगातार बढ़ता गया और उसकी हालत बिगड़ने लगी।
🔴हर बार युवक ने बताया दर्द, हर बार ड्रिप लगाकर  घर भेज दिया
मृतक के परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद कई बार अस्पताल पहुंचने पर भी डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति को नहीं समझा। न कोई ठोस जांच कराई गई और न ही किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि हर बार केवल ड्रिप और दवा देकर वापस घर भेज दिया गया, जबकि युवक दर्द से छटपटाता रहता था। 
🔴... और रविवार  को जिंदगी की आखिरी जंग हार गया युवक
बताया जा रहा है कि रविवार रात युवक की तबीयत अचानक अत्यधिक खराब हो गई। दर्द असहनीय होने पर परिजन उसे फिर साँकृत्य अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में इलाज शुरू हुआ, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते सही उपचार मिलता तो शायद उनकी आंखों के सामने उनका बेटा दम न तोड़ता।
🔴मौत के बाद अस्पताल बना रणक्षेत्र
युवक की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस को आक्रोशित भीड के साथ धक्का-मुक्की का सामना भी करना पडा। 
🔴उठ रहे बड़े सवाल
सवाल यह उठ रहा है कि क्या ऑपरेशन के बाद मरीज की नियमित और समुचित निगरानी की गई?लगातार दर्द की शिकायत के बावजूद हास्पिटल द्वारा गंभीर जांच क्यों नहीं कराई गई? यदि मरीज की हालत बिगड़ रही थी तो उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर क्यों नहीं किया गया? आखिर ऐसी कौन-सी चूक हुई कि ऑपरेशन के महज 10 दिन बाद युवक की मौत हो गई? इन सवालों के जवाब अब स्वास्थ्य विभाग और जांच एजेंसियों को तलाशने होंगे। फिलहाल परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर अस्पताल का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। युवक की मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। यदि जांच में लापरवाही सिद्ध होती है, तो हास्पिटल पर कार्रवाई तय है।
🔴 पुरानी यादें हुई ताजा
बीते माह कसया स्थित लूना हॉस्पिटल में भी पथरी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई थी। उस मामले में भी परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। सूत्रों का दावा है कि उक्त प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस द्वारा जांच तो शुरू की गई, लेकिन बाद में मामला किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंचा और कार्रवाई ठंडे बस्ते में है। हालाकि मीडिया लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठाती रही है आज भी यह मामला सुर्खियों में है।
    user_संजय चाणक्य
    संजय चाणक्य
    Local News Reporter पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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