प्रयागराज के संगम क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पार्किंग व्यवस्था में बड़ी राहत मिलने वाली है, क्योंकि अब उन्हें पार्किंग के नाम पर मेला प्रवेश शुल्क नहीं देना होगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय मेला प्राधिकरण और सेना के बीच हुई एक समन्वय बैठक में लिया गया है। बैठक में तय किया गया है कि संगम क्षेत्र में तीन नई पार्किंग विकसित की जाएंगी। ये पार्किंग स्थल संगम अपर, बड़े हनुमान मंदिर के समीप और अक्षयवट मार्ग पर बनाए जाएंगे। इन नई पार्किंग सुविधाओं में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, दिशासूचक बोर्ड, नावों के निर्धारित किराए की जानकारी और खानपान जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगम तट पर पटरी दुकानदारों के लिए एक विस्तृत योजना बनाने का भी फैसला लिया गया, जिसका उद्देश्य उन्हें लंबे समय तक रोजगार के अवसर प्रदान करना है। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दो-स्तरीय पार्किंग व्यवस्था विकसित करने का भी निर्णय लिया है। सामान्य परिस्थितियों में निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग होगा, जबकि बाढ़ के दौरान वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था 17 नंबर पार्किंग क्षेत्र के पास संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को वर्षभर सुगम और निर्बाध पार्किंग सुविधा मिल सके।
प्रयागराज के संगम क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पार्किंग व्यवस्था में बड़ी राहत मिलने वाली है, क्योंकि अब उन्हें पार्किंग के नाम पर मेला प्रवेश शुल्क नहीं देना होगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय मेला प्राधिकरण और सेना के बीच हुई एक समन्वय बैठक में लिया गया है। बैठक में तय किया गया है कि संगम क्षेत्र में तीन नई पार्किंग विकसित की जाएंगी। ये पार्किंग स्थल संगम अपर, बड़े हनुमान मंदिर के समीप और अक्षयवट मार्ग पर बनाए जाएंगे। इन नई पार्किंग सुविधाओं में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, दिशासूचक बोर्ड, नावों के निर्धारित किराए की जानकारी और खानपान जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगम तट पर पटरी दुकानदारों के लिए एक विस्तृत योजना बनाने का भी फैसला लिया गया, जिसका उद्देश्य उन्हें लंबे समय तक रोजगार के अवसर प्रदान करना है। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दो-स्तरीय पार्किंग व्यवस्था विकसित करने का भी निर्णय लिया है। सामान्य परिस्थितियों में निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग होगा, जबकि बाढ़ के दौरान वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था 17 नंबर पार्किंग क्षेत्र के पास संचालित की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को वर्षभर सुगम और निर्बाध पार्किंग सुविधा मिल सके।
- प्रयागराज के करेली क्षेत्र में, पप्पू कपड़े वाले के बगल में स्थित मरहूम आगाह मोईनुद्दीन चाँद मियां नियाज़ी उर्फ चाँद चोटी के घर पर इमामे हुसैन की याद में एक महफिल-ए-मिलाद का आयोजन किया गया। इस महफिल की मेजबानी उनके पुत्र अशद नियाज़ी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। अशद नियाज़ी ने बताया कि यह आयोजन हर साल मुहर्रम की चाँद 5 तारीख को उनके वालिद चाँद मियां नियाज़ी द्वारा किया जाता था। यह परंपरा सालों साल से चली आ रही है, जिसे अब उनके इंतकाल के बाद उनके पुत्र निभा रहे हैं। चाँद मियां नियाज़ी खानकाह-ए-नियाज़िया बरेली शरीफ से मुरीद और खलीफा थे, और अब उनके पुत्र उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन को जारी रखे हुए हैं।4
- राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के आरोपों को लेकर चल रही एसआईटी (SIT) जांच पर अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस जांच के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जांच अधिकारी आखिर साधु संतों की जांच कैसे कर सकते हैं। अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि साधु संत हमारे लिए पूजनीय हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले की सिराथू तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों को भीषण गर्मी और उमस के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। समाधान दिवस में आए सैकड़ों लोग, जिनमें बुजुर्ग और महिलाएं शामिल थीं, पानी के लिए तरसते रहे। तहसील परिसर में लगे वाटर कूलर और पानी की टंकी मात्र शोपीस बनकर रह गए, क्योंकि नलों से पानी नहीं आ रहा था। दूर-दराज से अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे लोगों को प्यास बुझाने के लिए बाहर दुकानों से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ीं या फिर उन्हें प्यासे ही कतारों में खड़ा रहना पड़ा। गर्मी के कारण कई बुजुर्ग और महिलाएं बेहाल दिखाई दिए, कुछ ने पेड़ों की छांव में बैठकर राहत पाने की कोशिश की। लोगों ने प्रशासन की इस लापरवाही पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कम से कम पीने के पानी की व्यवस्था तो होनी चाहिए। इस संपूर्ण समाधान दिवस में जिला अधिकारी कौशांबी सहित कई अधिकारी मौजूद थे, फिर भी पानी जैसी बुनियादी सुविधा का इंतजाम न होने से अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। फरियादियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि शिकायतें सुनने से पहले कम से कम उन्हें पानी तो पिलाया जाए।1
- प्रयागराज से कैंट थाना प्रभारी की 'रंगबाजी' का एक और वीडियो सामने आया है। यह दूसरा वीडियो है जिसमें थाना प्रभारी एक महिला को खुलेआम धमकी देते हुए नजर आ रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले की सिराथू तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों को भीषण गर्मी और उमस के बीच पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तहसील परिसर में लगे वाटर कूलर और पानी की टंकी महज शोपीस बने रहे, क्योंकि नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं आ रही थी। अपनी शिकायतें लेकर दूर-दराज से पहुंचे सैकड़ों लोगों को प्यासा ही लाइन में खड़ा रहना पड़ा, वहीं कई लोगों को मजबूरन बाहर दुकानों से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ीं। गर्मी और उमस के कारण कई बुजुर्ग महिलाएं बेहाल दिखीं, जबकि कुछ फरियादियों ने पेड़ों की छांव में बैठकर राहत पाने की कोशिश की। लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाधान दिवस में जिलाधिकारी कौशांबी समेत तमाम बड़े अधिकारी मौजूद होने के बावजूद पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा का भी इंतजाम नहीं है। फरियादियों ने अपनी नाराजगी जताते हुए मांग की कि शिकायतें सुनने से पहले कम से कम पीने के पानी की व्यवस्था तो की जानी चाहिए।1
- आज, 21 जून 2026 को, प्रयागराज के रिजर्व पुलिस लाइन्स में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। पुलिस आयुक्त श्री जोगेन्द्र कुमार के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) थीम पर केंद्रित था। इस सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का मुख्य संदेश योग को दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना था, ताकि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करते हुए एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाई जा सके। इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, यमुनानगर और अपराध शाखा के अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में बीती रात शंकर भगवान मंदिर के 70 वर्षीय पुजारी सच्चिदानंद की सोते वक्त पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बताया गया है कि सच्चिदानंद ने यह मंदिर अपनी ही ज़मीन पर बनवाया था। हमले के दौरान उनकी एक शिष्या जाग गई थी, लेकिन अंधेरे के कारण वह हमलावरों को पहचान नहीं पाई। मामले में जांच जारी है और पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है।1
- प्रयागराज जिले के कोरॉव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा चपरो में एक शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है।1