जनपद बाराबंकी की रामनगर तहसील क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा संजय सेतु की मरम्मत के दौरान राहगीरों की सुविधा के लिए बनाए गए पीपा पुल को अब हटाया जा रहा है। संजय सेतु के दोबारा चालू होने के बाद इस अस्थायी पुल की उपयोगिता समाप्त हो गई, जिसके चलते सोमवार शाम से कर्मचारियों ने इसे खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 6 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया यह पीपा पुल लगभग दो महीने तक हजारों छोटे-बड़े वाहनों और राहगीरों के लिए संजय सेतु का विकल्प बना रहा। नदी के बीच बने इस पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते थे, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिली और क्षेत्रवासियों को काफी राहत मिली। सोमवार शाम करीब 6 बजे से पीपा पुल को हटाने का काम शुरू हुआ, जिसमें कर्मचारियों ने इसके नट-बोल्ट खोले। पुल के दोनों ओर लगी लोहे की बाउंड्री वॉल भी हटाई गई। इसके बाद क्रेन की मदद से करीब 20 पीपे नदी से बाहर निकाले गए, जिन्हें लोधेश्वर क्रेन सर्विस के माध्यम से ट्रेलर पर लादकर प्रयागराज भेज दिया गया। पीपा पुल की निगरानी में लगे राम शंकर लोधी और तिलक राम लोधी ने बताया कि संजय सेतु के सुचारु रूप से चालू हो जाने के बाद अब पीपा पुल की आवश्यकता नहीं है। विभाग के निर्देश पर पुल की पूरी सामग्री को कर्मचारियों की मदद से सुरक्षित तरीके से हटाकर भेजा जा रहा है, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इसे दोबारा उपयोग में लाया जा सके। पीपा पुल के हटने के बाद अब क्षेत्र के लोगों की आवाजाही पूरी तरह संजय सेतु के माध्यम से ही होगी।
जनपद बाराबंकी की रामनगर तहसील क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा संजय सेतु की मरम्मत के दौरान राहगीरों की सुविधा के लिए बनाए गए पीपा पुल को अब हटाया जा रहा है। संजय सेतु के दोबारा चालू होने के बाद इस अस्थायी पुल की उपयोगिता समाप्त हो गई, जिसके चलते सोमवार शाम से कर्मचारियों ने इसे खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 6 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया यह पीपा पुल लगभग दो महीने तक हजारों छोटे-बड़े वाहनों और राहगीरों के लिए संजय सेतु का विकल्प बना रहा। नदी के बीच बने इस पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते थे, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिली और क्षेत्रवासियों को काफी राहत मिली। सोमवार शाम करीब 6 बजे से पीपा पुल को हटाने का काम शुरू हुआ, जिसमें कर्मचारियों ने इसके नट-बोल्ट खोले। पुल के दोनों ओर लगी लोहे की बाउंड्री वॉल भी हटाई गई। इसके बाद क्रेन की मदद से करीब 20 पीपे नदी से बाहर निकाले गए, जिन्हें लोधेश्वर क्रेन सर्विस के माध्यम से ट्रेलर पर लादकर प्रयागराज भेज दिया गया। पीपा पुल की निगरानी में लगे राम शंकर लोधी और तिलक राम लोधी ने बताया कि संजय सेतु के सुचारु रूप से चालू हो जाने के बाद अब पीपा पुल की आवश्यकता नहीं है। विभाग के निर्देश पर पुल की पूरी सामग्री को कर्मचारियों की मदद से सुरक्षित तरीके से हटाकर भेजा जा रहा है, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इसे दोबारा उपयोग में लाया जा सके। पीपा पुल के हटने के बाद अब क्षेत्र के लोगों की आवाजाही पूरी तरह संजय सेतु के माध्यम से ही होगी।
- बरेली में प्रदेश सरकार के गन्ना मंत्री संजय गंगवार के भतीजे का चाइनीज मांझे की चपेट में आने से गला कट गया। यह घटना तब हुई जब वे अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से स्टेडियम जा रहे थे और सहमतगंज पुल के पास इस मांझे में फंस गए। हादसे की जानकारी मिलते ही गन्ना मंत्री और उनके परिजन तुरंत अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार, घायल की स्थिति नियंत्रण में है और उसका इलाज लगातार जारी है।1
- बहराइच जिले के थाना हरदी क्षेत्र अंतर्गत गदामार बाजार में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ 28 वर्षीय युवक शिशुपाल की बिजली की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब युवक माल लोडिंग का काम कर रहा था। जानकारी के अनुसार, शिशुपाल एक ट्रक से दूसरे ट्रक पर सामान चढ़ा रहा था। इसी दौरान, ट्रक पर लगा एक लोहे का पाइप अचानक 11,000 वोल्ट की बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। भीषण करंट लगने के कारण युवक ट्रक से नीचे गिर गया और उसकी खोपड़ी फट गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद शिशुपाल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुट गई है।1
- प्रदेशीय नेतृत्व के आह्वान पर ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार को बाराबंकी के जिला मुख्यालय पर अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष आकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में रोजगार सेवकों ने रैली निकालकर उपायुक्त श्रम रोजगार के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले जिला प्रशासन ने उन्हें बंकी ब्लॉक पर ही ज्ञापन देने के लिए समझाने का प्रयास किया। उपजिलाधिकारी नवाबगंज ने उपायुक्त श्रम रोजगार विकास मिश्रा को बंकी ब्लॉक भेजकर वहीं ज्ञापन लेने की व्यवस्था की, लेकिन रोजगार सेवक जिला मुख्यालय स्थित डीआरडीए कार्यालय तक रैली निकालने की मांग पर अड़े रहे। बाद में नायब तहसीलदार नम्रता दुबे, उपायुक्त श्रम रोजगार और अन्य अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद उन्हें रैली निकालने की अनुमति दी गई। डीआरडीए पहुंचकर आयोजित सभा में रोजगार सेवकों ने प्रमुख रूप से राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, सम्मानजनक मानदेय में वृद्धि करने, समय से मानदेय भुगतान के लिए एक पृथक बजट व्यवस्था करने तथा मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को रोजगार सेवकों के हित में की गई घोषणाओं को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग उठाई। इसके अतिरिक्त, मनरेगा के स्थान पर लागू होने जा रही वीवीजी रामजी योजना में ग्राम रोजगार सेवकों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने की मांग भी की गई। जिलाध्यक्ष आकाश त्रिपाठी ने जोर देकर कहा कि ग्राम रोजगार सेवक ग्रामीण विकास योजनाओं और मनरेगा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, फिर भी वे आज भी सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। जिला प्रभारी जमनेश कनौजिया ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2026 को लखनऊ में वीवीजी रामजी योजना के शुभारंभ के अवसर पर एक विशाल प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अवनीश वर्मा, दिलीप यादव, रामसजीवन यादव, विनोद राव, दीपक सिंह, सचिन शंकर, अतीक, शकील सहित बड़ी संख्या में रोजगार सेवक मौजूद रहे।3
- असदुद्दीन ओवैसी 14 तारीख को बहराइच के मटेरा में आए थे।1
- एक 'मंत्रीजी' द्वारा 'अखिलेश' को एक तकनीकी दांव में फंसाए जाने के कारण 'खन्नाजी' अपनी नाम और पहचान खो बैठे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक 'खटारा गाड़ी' ने भी बहुत पसीना छुड़ाया, जिससे स्थिति और जटिल हो गई।1
- रविवार को कोठी थाना क्षेत्र के पहला गांव में जुए की सूचना मिलने पर पुलिस ने छापा मारा था। जुआरियों को पकड़ने गई कोठी थाना पुलिस की दबिश के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जब दो आरोपी पुलिस के डर से गोमती नदी में कूद गए। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद, सुबह लापता युवक घनश्याम साहू का शव बरामद कर लिया।1
- जनपद बाराबंकी के मोहनपुर स्थित डांडी तुला धाम के अमृत सरोवर में एक बार फिर एक बालक के डूबने का दर्दनाक हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बालक किसी अज्ञात कारणवश सरोवर के गहरे पानी में चला गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, और बड़ी संख्या में ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर जमा हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही, उपजिलाधिकारी (एसडीएम), क्षेत्राधिकारी (सीओ) और थाना अध्यक्ष समेत पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए बालक के शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह ध्यान देने योग्य है कि इस अमृत सरोवर में इस प्रकार की दर्दनाक घटना पहले भी हो चुकी है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कड़ी मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए तालाब के चारों ओर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और उचित निगरानी सुनिश्चित की जाए।1
- बहराइच में सड़कों पर पानी भरा रहता है। इसके साथ ही, स्थानीय लोग अपने घरों का पानी भी सीधे सड़क पर ही छोड़ रहे हैं।1
- जनपद सहारनपुर में अपराध और गौकशी पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत थाना फतेहपुर पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस और गौकशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक शातिर गौकश बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उसका एक साथी अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। यह घटना तब हुई जब पुलिस चेकिंग कर रही थी और संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान ग्राम खुजनावर निवासी ईनाम के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस, गौकशी के उपकरण और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई को फतेहपुर पुलिस की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ गौकशी सहित कई गंभीर आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं। इस प्रभावी कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अपराधियों में भय का माहौल है। पुलिस फरार हुए दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाशी अभियान चला रही है।1