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बहराइच में सड़कों पर पानी भरा रहता है। इसके साथ ही, स्थानीय लोग अपने घरों का पानी भी सीधे सड़क पर ही छोड़ रहे हैं।
Suraj chaudhari
बहराइच में सड़कों पर पानी भरा रहता है। इसके साथ ही, स्थानीय लोग अपने घरों का पानी भी सीधे सड़क पर ही छोड़ रहे हैं।
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- लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित घाघरा घाट पर संजय सेतु मंगलवार से सभी छोटे-बड़े वाहनों के संचालन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। लगभग दो माह तक मरम्मत कार्य के चलते बंद रहे इस पुल के पूर्ण रूप से खुलने से रोडवेज यात्रियों, व्यापारियों और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे उन्हें अब वैकल्पिक मार्गों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा और यात्रा पहले की तरह सुगम हो जाएगी। संजय सेतु पर तकनीकी खामियों और मरम्मत कार्य के कारण 16 अप्रैल से भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। इस अवधि में छोटे वाहनों को पीपा पुल और अन्य वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा था, जबकि बसों और भारी वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था, जिससे यात्रियों का समय और किराया दोनों बढ़ गए थे। लोक निर्माण विभाग द्वारा मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल की तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण कराया गया। जांच रिपोर्ट संतोषजनक पाए जाने पर पहले छोटे वाहनों का संचालन शुरू किया गया था। अब प्रशासन ने रोडवेज बसों, ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को भी पुल से गुजरने की अनुमति दे दी है। चौकी प्रभारी घाघरा दिनेश कुशवाहा ने पुष्टि की कि मरम्मत कार्य और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन की अनुमति दे दी गई है। मंगलवार से पुल पर यातायात पूरी तरह सामान्य रहेगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। पुल के पूर्ण रूप से खुलने का सीधा लाभ बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर और नेपाल सीमा क्षेत्र से आने-जाने वाले यात्रियों को मिलेगा।1
- असदुद्दीन ओवैसी 14 तारीख को बहराइच के मटेरा में आए थे।1
- बहराइच में सड़कों पर पानी भरा रहता है। इसके साथ ही, स्थानीय लोग अपने घरों का पानी भी सीधे सड़क पर ही छोड़ रहे हैं।1
- जनपद बाराबंकी की रामनगर तहसील क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा संजय सेतु की मरम्मत के दौरान राहगीरों की सुविधा के लिए बनाए गए पीपा पुल को अब हटाया जा रहा है। संजय सेतु के दोबारा चालू होने के बाद इस अस्थायी पुल की उपयोगिता समाप्त हो गई, जिसके चलते सोमवार शाम से कर्मचारियों ने इसे खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 6 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया यह पीपा पुल लगभग दो महीने तक हजारों छोटे-बड़े वाहनों और राहगीरों के लिए संजय सेतु का विकल्प बना रहा। नदी के बीच बने इस पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते थे, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिली और क्षेत्रवासियों को काफी राहत मिली। सोमवार शाम करीब 6 बजे से पीपा पुल को हटाने का काम शुरू हुआ, जिसमें कर्मचारियों ने इसके नट-बोल्ट खोले। पुल के दोनों ओर लगी लोहे की बाउंड्री वॉल भी हटाई गई। इसके बाद क्रेन की मदद से करीब 20 पीपे नदी से बाहर निकाले गए, जिन्हें लोधेश्वर क्रेन सर्विस के माध्यम से ट्रेलर पर लादकर प्रयागराज भेज दिया गया। पीपा पुल की निगरानी में लगे राम शंकर लोधी और तिलक राम लोधी ने बताया कि संजय सेतु के सुचारु रूप से चालू हो जाने के बाद अब पीपा पुल की आवश्यकता नहीं है। विभाग के निर्देश पर पुल की पूरी सामग्री को कर्मचारियों की मदद से सुरक्षित तरीके से हटाकर भेजा जा रहा है, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इसे दोबारा उपयोग में लाया जा सके। पीपा पुल के हटने के बाद अब क्षेत्र के लोगों की आवाजाही पूरी तरह संजय सेतु के माध्यम से ही होगी।1
- बाराबंकी जिले में सरकारी योजनाओं और आवास (कॉलोनी) आवंटन में कथित धांधली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सामने आया है। हाल ही में आयोजित एक जन-संवाद कार्यक्रम (रात्रि चौपाल) के दौरान ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री के समक्ष अपनी शिकायतें रखते हुए आरोप लगाया कि पात्र लाभार्थियों को बिना सुविधा शुल्क (घूस) दिए आवास का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर कुछ बिचौलियों और जिम्मेदार कर्मचारियों की मिलीभगत से आवास की सूची में हेरफेर की जा रही है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पात्र होने के बावजूद उनसे घर पास कराने के एवज में बड़ी रकम की मांग की जाती है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवास आवंटन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए, और यदि कोई भी कर्मचारी या बिचौलिया रिश्वत की मांग करता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मामले के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिले में हाल ही में हुई लेखपाल की गिरफ्तारी के मद्देनजर, अब ग्रामीण इलाकों में चल रही अन्य सरकारी परियोजनाओं की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत सीधे वरिष्ठ अधिकारियों या एंटी-करप्शन हेल्पलाइन पर करें।1
- भारतीय जनता पार्टी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बाराबंकी के विकास खंड फतेहपुर की ग्राम पंचायत साढ़ेमऊ में एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कारागार राज्य मंत्री और प्रभारी मंत्री, माननीय श्री सुरेश राही मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अंगद सिंह, मंडल अध्यक्ष बेलहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे। राज्य मंत्री सुरेश राही ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने पारदर्शिता के साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे लोगों के बैंक खातों तक पहुंचाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पहले सरकारी योजनाओं के लिए लोगों को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से लाभार्थियों को सीधे सहायता मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा कार्यकर्ता केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि पूरे पांच वर्षों तक जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने का प्रयास करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पार्टी के प्रति जनता का विश्वास लगातार बढ़ा है। मंत्री ने बाराबंकी के लिए सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिले में उद्योगों का विस्तार, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना मुख्य लक्ष्यों में शामिल है। उनका मानना है कि जब देश का प्रत्येक नागरिक शिक्षित और आत्मनिर्भर होगा, तभी विकसित भारत का सपना साकार हो पाएगा। उन्होंने कोरोना काल में देशवासियों की एकता, अनुशासन और सहयोग को याद करते हुए कहा कि इसी ने भारत को कठिन समय में मजबूती प्रदान की। अंत में, राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है और आज हर नागरिक के मन में "मोदी हैं तो मुमकिन है" का विश्वास दिखाई देता है।1
- बहराइच जिले के थाना हरदी क्षेत्र अंतर्गत गदामार बाजार में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ 28 वर्षीय युवक शिशुपाल की बिजली की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब युवक माल लोडिंग का काम कर रहा था। जानकारी के अनुसार, शिशुपाल एक ट्रक से दूसरे ट्रक पर सामान चढ़ा रहा था। इसी दौरान, ट्रक पर लगा एक लोहे का पाइप अचानक 11,000 वोल्ट की बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। भीषण करंट लगने के कारण युवक ट्रक से नीचे गिर गया और उसकी खोपड़ी फट गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद शिशुपाल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुट गई है।1
- एक चलती ट्रेन से कूदने की एक युवक की खतरनाक कोशिश का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बाल-बाल बचा। यह एक पल की ऐसी गलती थी जो उसकी जान ले सकती थी, लेकिन युवक ने समय रहते खुद को संभाल लिया और एक बड़े हादसे से बच गया। इस घटना के बाद रेलवे ने यात्रियों को सख्त चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि चलती ट्रेन में चढ़ना या उतरना जानलेवा हो सकता है। रेलवे ने सभी यात्रियों से ऐसी खतरनाक लापरवाही से बचने और अपनी सुरक्षा के लिए अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है।1