logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित छबीलापुर थाना क्षेत्र से 26 जून की रात अपहृत आठ माह के मासूम जनसुराज मांझी को पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं, जो रिश्ते में चाची-भतीजा हैं। पुलिस ने बताया कि इस अपहरण के पीछे किसी संगठित अपराधी गिरोह का नहीं, बल्कि शादी का लालच था। पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी धर्मेंद्र कुमार, जो पोलियो से दिव्यांग हैं और अपनी शादी को लेकर परेशान थे, को उनकी चाची मिंटू देवी ने शादी कराने का झांसा दिया था। मिंटू देवी ने धर्मेंद्र से कहा था कि यदि वह किसी छोटे बच्चे का इंतजाम कर देगा तो उसकी शादी करा दी जाएगी। योजना यह थी कि मिंटू देवी उस बच्चे को अपनी एक संतानहीन रिश्तेदार को सौंप देंगी। इसी योजना के तहत धर्मेंद्र कुमार ने 26 जून की रात कंचनपुर गांव निवासी महेश मांझी के आठ माह के पुत्र जनसुराज का अपहरण कर लिया। आरोपी और पीड़ित परिवार के घरों के बीच की दूरी महज करीब 200 मीटर है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजगीर के डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर लगातार जांच और छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप 72 घंटे के भीतर मासूम को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस सफल अभियान में राजगीर अंचल के इंस्पेक्टर संजय कुमार, राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार, डीआईयू इंस्पेक्टर आलोक कुमार, छबीलापुर थानाध्यक्ष अनोज कुमार पाठक, पुलिस पदाधिकारी उत्तम कुमार झा, राजेश कुमार और छबीलापुर थाना के सशस्त्र बल की अहम भूमिका रही। गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। धर्मेंद्र कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने मासूम को सुरक्षित बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली। राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सफल ऑपरेशन के लिए पुलिस टीम के सदस्यों को सम्मानित करने हेतु पुलिस अधीक्षक को अनुशंसा भेजी जाएगी। मामले में अन्य संभावित लोगों की संलिप्तता की जांच अभी जारी है।

1 hr ago
user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
1 hr ago

बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित छबीलापुर थाना क्षेत्र से 26 जून की रात अपहृत आठ माह के मासूम जनसुराज मांझी को पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं, जो रिश्ते में चाची-भतीजा हैं। पुलिस ने बताया कि इस अपहरण के पीछे किसी संगठित अपराधी गिरोह का नहीं, बल्कि शादी का लालच था। पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी धर्मेंद्र कुमार, जो पोलियो से दिव्यांग हैं और अपनी शादी को लेकर परेशान थे, को उनकी चाची मिंटू देवी ने शादी कराने का झांसा दिया था। मिंटू देवी ने धर्मेंद्र से कहा था कि यदि वह किसी छोटे बच्चे का इंतजाम कर देगा तो उसकी शादी करा दी जाएगी। योजना यह थी कि मिंटू देवी उस बच्चे को अपनी एक संतानहीन रिश्तेदार को सौंप देंगी। इसी योजना के तहत धर्मेंद्र कुमार ने 26 जून की रात कंचनपुर गांव निवासी महेश मांझी के आठ माह के पुत्र जनसुराज का अपहरण कर लिया। आरोपी और पीड़ित परिवार के घरों के बीच की दूरी महज करीब 200

5a4ac243-52a6-44d2-bff0-d3ecbce7382e

मीटर है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजगीर के डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर लगातार जांच और छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप 72 घंटे के भीतर मासूम को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस सफल अभियान में राजगीर अंचल के इंस्पेक्टर संजय कुमार, राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार, डीआईयू इंस्पेक्टर आलोक कुमार, छबीलापुर थानाध्यक्ष अनोज कुमार पाठक, पुलिस पदाधिकारी उत्तम कुमार झा, राजेश कुमार और छबीलापुर थाना के सशस्त्र बल की अहम भूमिका रही। गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। धर्मेंद्र कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने मासूम को सुरक्षित बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली। राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सफल ऑपरेशन के लिए पुलिस टीम के सदस्यों को सम्मानित करने हेतु पुलिस अधीक्षक को अनुशंसा भेजी जाएगी। मामले में अन्य संभावित लोगों की संलिप्तता की जांच अभी जारी है।

More news from बिहार and nearby areas
  • राष्ट्रीय जनता दल के बक्सर लोकसभा क्षेत्र के सांसद और राजद किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधाकर सिंह ने पटना में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिहार सरकार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार सरकार की मिलीभगत से कथित टेंडर घोटाला और 'मिस्टर X ठेकेदार' का मामला हुआ है, जिसमें सरकार बड़ी मछलियों को बचाने में संलिप्त है। सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने न सिर्फ सरकार को एक्सपोज किया है, बल्कि पूरे खेल का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। सांसद ने बिहार में IAS आनंद किशोर पर ईडी द्वारा लगाए गए आरोपों पर सरकार के बचाव के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि ईडी के प्रतिशपथ-पत्र में मुमुक्षु चौधरी के बयान के संदर्भ में आनंद किशोर का नाम सामने आया है। जांच दस्तावेजों के अनुसार, मुमुक्षु चौधरी ने कहा कि जेल में बंद 'मिस्टर X ठेकेदार' ने सीतामढ़ी नगर निगम में नगर आयुक्त का प्रभार दिलाने के लिए अपने उच्च प्रशासनिक संपर्कों का उपयोग किया और उन्हें बताया कि IAS आनंद किशोर ने अधिकारियों के समक्ष उनकी अनुशंसा की थी। ईडी का दावा है कि सहरसा नगर आयुक्त की पोस्टिंग में 'मिस्टर X' की सक्रिय भूमिका थी और ₹25 लाख उच्च अधिकारियों तक पहुँचाने की बात भी दर्ज है, साथ ही बाद की पोस्टिंग के लिए ₹40 लाख की मांग का भी उल्लेख है। सुधाकर सिंह ने सवाल उठाया कि यदि देश की सर्वोच्च आर्थिक जांच एजेंसी के प्रतिशपथ-पत्र में आनंद किशोर का नाम आता है, तो विशेष निगरानी इकाई (SVU) उनके प्रति इतनी नरमी क्यों बरत रही है, जबकि छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दर्शाता है कि कानून का पैमाना अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग है और बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है। सुधाकर सिंह ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) में वर्ष 2017 से हुए कथित घोटालों पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि IAS आनंद किशोर के अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद समिति की कार्यप्रणाली इस प्रकार बदली कि आज उसके प्रत्येक बड़े निर्णय पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर वित्तीय प्रबंधन, परीक्षा संचालन, संविदा नियुक्तियों और सैकड़ों करोड़ रुपये के ठेकों तक सब कुछ चुनिंदा लोगों और कंपनियों के इर्द-गिर्द सिमट गया। सांसद ने पूछा कि क्या ये सारे बदलाव बिहार के विद्यार्थियों के हित में थे या कुछ लोगों और निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए? उन्होंने यह भी पूछा कि 2017 से आज तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का स्वतंत्र और व्यापक ऑडिट क्यों नहीं कराया गया और यदि कराया गया तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग नौ वर्षों तक हजारों करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन उसका पूरा हिसाब कभी जनता और विधानमंडल के सामने नहीं रखा गया, जो किसी बड़े वित्तीय खेल को छिपाने की कोशिश है। सांसद ने बताया कि समिति का वार्षिक बजट पहले लगभग ₹10 करोड़ था, जो बढ़कर ₹700 करोड़ तक पहुँच गया, लेकिन इस बड़ी राशि के खर्च का कोई सत्यापन नहीं हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2017 में लगभग 187 नियमित कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया, जबकि बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों की नियुक्ति की गई और वित्त शाखा जैसे संवेदनशील विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंप दी गई, जिसकी वैधता पर सवाल हैं। परीक्षा संचालन में भी गंभीर अनियमितताओं की आशंका व्यक्त करते हुए, सुधाकर सिंह ने STET, D.El.Ed. और अन्य CBT परीक्षाओं में Innovative View, TCS iON, BELTRON जैसी एजेंसियों द्वारा प्राप्त उम्मीदवारों की संख्या और दावों के आधार पर भुगतान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र वित्तीय सत्यापन के बिना ही प्रोजेक्ट कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी किए गए और करोड़ों रुपये के बिलों का भुगतान होता रहा। सांसद ने विशेष रूप से Innovative View कंपनी का जिक्र किया, जिसे बापू परीक्षा केंद्र में बायोमेट्रिक, थम्ब इम्प्रेशन और आइरिस स्कैनिंग जैसे संवेदनशील कार्य दिए गए, जबकि यह कंपनी उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्टेड थी। उन्होंने हाल ही में NEET परीक्षा के दौरान लखीसराय से नौ लोगों की गिरफ्तारी का उल्लेख किया, जो इसी कंपनी के बायोमेट्रिक स्टाफ बनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किए थे। सांसद ने यह भी दावा किया कि इस कंपनी के मालिक आशीष मित्तल और जेल में बंद 'मिस्टर X ठेकेदार' के बीच घनिष्ठ संबंध हैं, जिससे इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच अनिवार्य हो जाती है। सुधाकर सिंह ने IAS आनंद किशोर की वित्त विभाग के सचिव के रूप में नियुक्ति को असामान्य परिस्थितियों में हुई बताया, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार के प्रभाव में अपनी बेटी ईशा वर्मा को लाभ पहुँचाने की योजना का आरोप है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आनंद किशोर के विरुद्ध ईडी द्वारा जांच की जा रही थी, तो उन्हें निजी विदेश यात्रा की अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई और क्या यह साक्ष्यों या संपत्तियों को छिपाने का अवसर देने के लिए था। उन्होंने यह भी सार्वजनिक करने की मांग की कि जांच अवधि के दौरान उन्होंने किन-किन देशों की निजी यात्राएं कीं, उनका उद्देश्य क्या था और उन्हें स्वीकृति किसके द्वारा दी गई। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार इन आरोपों को गंभीर मानती है, तो आनंद किशोर को वन एवं पर्यावरण विभाग के सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर बनाए रखने का क्या औचित्य है, क्योंकि इससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है। सांसद ने यह भी कहा कि आनंद किशोर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के साथ सरकारी कार्यक्रमों में लगातार उपस्थित दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह संदेश जाता है कि वे सरकार के करीबी अधिकारी हैं और इससे जांच एजेंसियों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ईडी और विशेष निगरानी इकाई (SVU) द्वारा उनसे विस्तृत पूछताछ क्यों नहीं की गई है। अंत में, उन्होंने तारणी दास को सेवा विस्तार दिए जाने के आदेश पर भी सवाल उठाया, जिसकी तुलना पूर्व मुख्यमंत्री श्री लालू प्रसाद यादव के चारा घोटाला मामले से की। सुधाकर सिंह ने राज्य सरकार से वर्ष 2017 से आज तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के सभी वित्तीय लेन-देन, नियुक्तियों, निविदाओं और ठेकों की समयबद्ध जांच कराने तथा सभी संबंधित ऑडिट और अभिलेखों को सार्वजनिक करने की स्पष्ट मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार छोटी मछलियों के साथ-साथ बड़ी मछलियों पर भी समान कार्रवाई नहीं करती है, तो यह मान लिया जाएगा कि बिहार में भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए शासन चलाया जा रहा है।
    2
    राष्ट्रीय जनता दल के बक्सर लोकसभा क्षेत्र के सांसद और राजद किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधाकर सिंह ने पटना में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिहार सरकार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार सरकार की मिलीभगत से कथित टेंडर घोटाला और 'मिस्टर X ठेकेदार' का मामला हुआ है, जिसमें सरकार बड़ी मछलियों को बचाने में संलिप्त है। सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने न सिर्फ सरकार को एक्सपोज किया है, बल्कि पूरे खेल का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है।

सांसद ने बिहार में IAS आनंद किशोर पर ईडी द्वारा लगाए गए आरोपों पर सरकार के बचाव के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि ईडी के प्रतिशपथ-पत्र में मुमुक्षु चौधरी के बयान के संदर्भ में आनंद किशोर का नाम सामने आया है। जांच दस्तावेजों के अनुसार, मुमुक्षु चौधरी ने कहा कि जेल में बंद 'मिस्टर X ठेकेदार' ने सीतामढ़ी नगर निगम में नगर आयुक्त का प्रभार दिलाने के लिए अपने उच्च प्रशासनिक संपर्कों का उपयोग किया और उन्हें बताया कि IAS आनंद किशोर ने अधिकारियों के समक्ष उनकी अनुशंसा की थी। ईडी का दावा है कि सहरसा नगर आयुक्त की पोस्टिंग में 'मिस्टर X' की सक्रिय भूमिका थी और ₹25 लाख उच्च अधिकारियों तक पहुँचाने की बात भी दर्ज है, साथ ही बाद की पोस्टिंग के लिए ₹40 लाख की मांग का भी उल्लेख है। सुधाकर सिंह ने सवाल उठाया कि यदि देश की सर्वोच्च आर्थिक जांच एजेंसी के प्रतिशपथ-पत्र में आनंद किशोर का नाम आता है, तो विशेष निगरानी इकाई (SVU) उनके प्रति इतनी नरमी क्यों बरत रही है, जबकि छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दर्शाता है कि कानून का पैमाना अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग है और बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है।

सुधाकर सिंह ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) में वर्ष 2017 से हुए कथित घोटालों पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि IAS आनंद किशोर के अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद समिति की कार्यप्रणाली इस प्रकार बदली कि आज उसके प्रत्येक बड़े निर्णय पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर वित्तीय प्रबंधन, परीक्षा संचालन, संविदा नियुक्तियों और सैकड़ों करोड़ रुपये के ठेकों तक सब कुछ चुनिंदा लोगों और कंपनियों के इर्द-गिर्द सिमट गया। सांसद ने पूछा कि क्या ये सारे बदलाव बिहार के विद्यार्थियों के हित में थे या कुछ लोगों और निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए? उन्होंने यह भी पूछा कि 2017 से आज तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का स्वतंत्र और व्यापक ऑडिट क्यों नहीं कराया गया और यदि कराया गया तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग नौ वर्षों तक हजारों करोड़ रुपये खर्च हुए, लेकिन उसका पूरा हिसाब कभी जनता और विधानमंडल के सामने नहीं रखा गया, जो किसी बड़े वित्तीय खेल को छिपाने की कोशिश है। सांसद ने बताया कि समिति का वार्षिक बजट पहले लगभग ₹10 करोड़ था, जो बढ़कर ₹700 करोड़ तक पहुँच गया, लेकिन इस बड़ी राशि के खर्च का कोई सत्यापन नहीं हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2017 में लगभग 187 नियमित कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया, जबकि बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों की नियुक्ति की गई और वित्त शाखा जैसे संवेदनशील विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंप दी गई, जिसकी वैधता पर सवाल हैं।

परीक्षा संचालन में भी गंभीर अनियमितताओं की आशंका व्यक्त करते हुए, सुधाकर सिंह ने STET, D.El.Ed. और अन्य CBT परीक्षाओं में Innovative View, TCS iON, BELTRON जैसी एजेंसियों द्वारा प्राप्त उम्मीदवारों की संख्या और दावों के आधार पर भुगतान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र वित्तीय सत्यापन के बिना ही प्रोजेक्ट कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी किए गए और करोड़ों रुपये के बिलों का भुगतान होता रहा। सांसद ने विशेष रूप से Innovative View कंपनी का जिक्र किया, जिसे बापू परीक्षा केंद्र में बायोमेट्रिक, थम्ब इम्प्रेशन और आइरिस स्कैनिंग जैसे संवेदनशील कार्य दिए गए, जबकि यह कंपनी उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्टेड थी। उन्होंने हाल ही में NEET परीक्षा के दौरान लखीसराय से नौ लोगों की गिरफ्तारी का उल्लेख किया, जो इसी कंपनी के बायोमेट्रिक स्टाफ बनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किए थे। सांसद ने यह भी दावा किया कि इस कंपनी के मालिक आशीष मित्तल और जेल में बंद 'मिस्टर X ठेकेदार' के बीच घनिष्ठ संबंध हैं, जिससे इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच अनिवार्य हो जाती है।

सुधाकर सिंह ने IAS आनंद किशोर की वित्त विभाग के सचिव के रूप में नियुक्ति को असामान्य परिस्थितियों में हुई बताया, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार के प्रभाव में अपनी बेटी ईशा वर्मा को लाभ पहुँचाने की योजना का आरोप है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आनंद किशोर के विरुद्ध ईडी द्वारा जांच की जा रही थी, तो उन्हें निजी विदेश यात्रा की अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई और क्या यह साक्ष्यों या संपत्तियों को छिपाने का अवसर देने के लिए था। उन्होंने यह भी सार्वजनिक करने की मांग की कि जांच अवधि के दौरान उन्होंने किन-किन देशों की निजी यात्राएं कीं, उनका उद्देश्य क्या था और उन्हें स्वीकृति किसके द्वारा दी गई। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार इन आरोपों को गंभीर मानती है, तो आनंद किशोर को वन एवं पर्यावरण विभाग के सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर बनाए रखने का क्या औचित्य है, क्योंकि इससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है। सांसद ने यह भी कहा कि आनंद किशोर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के साथ सरकारी कार्यक्रमों में लगातार उपस्थित दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह संदेश जाता है कि वे सरकार के करीबी अधिकारी हैं और इससे जांच एजेंसियों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ईडी और विशेष निगरानी इकाई (SVU) द्वारा उनसे विस्तृत पूछताछ क्यों नहीं की गई है। अंत में, उन्होंने तारणी दास को सेवा विस्तार दिए जाने के आदेश पर भी सवाल उठाया, जिसकी तुलना पूर्व मुख्यमंत्री श्री लालू प्रसाद यादव के चारा घोटाला मामले से की। सुधाकर सिंह ने राज्य सरकार से वर्ष 2017 से आज तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के सभी वित्तीय लेन-देन, नियुक्तियों, निविदाओं और ठेकों की समयबद्ध जांच कराने तथा सभी संबंधित ऑडिट और अभिलेखों को सार्वजनिक करने की स्पष्ट मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार छोटी मछलियों के साथ-साथ बड़ी मछलियों पर भी समान कार्रवाई नहीं करती है, तो यह मान लिया जाएगा कि बिहार में भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए शासन चलाया जा रहा है।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • Post by Anjan Kumar
    1
    Post by Anjan Kumar
    user_Anjan Kumar
    Anjan Kumar
    चकिया (पिपरा), पूर्वी चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • एक संदेश में 'राम राधे राधे जय श्री राम राधे राधे' का आह्वान करते हुए, 'भाजपा भगाओ देश बचाओ' का नारा लगाया गया है। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो 'यह सब डुबा देगा'।
    1
    एक संदेश में 'राम राधे राधे जय श्री राम राधे राधे' का आह्वान करते हुए, 'भाजपा भगाओ देश बचाओ' का नारा लगाया गया है। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो 'यह सब डुबा देगा'।
    user_Vishwanath Sahni
    Vishwanath Sahni
    Nurse Madhuban, Purbi Champaran•
    8 hrs ago
  • दुनिया भर में 'Made in India' हथियारों की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। भारत का रक्षा निर्यात अब 80 से अधिक देशों तक पहुंच गया है, जो वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को दर्शाता है। इस बीच, ब्रह्मोस मिसाइल पर भी पूरी दुनिया की खास नजर बनी हुई है।
    1
    दुनिया भर में 'Made in India' हथियारों की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। भारत का रक्षा निर्यात अब 80 से अधिक देशों तक पहुंच गया है, जो वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को दर्शाता है। इस बीच, ब्रह्मोस मिसाइल पर भी पूरी दुनिया की खास नजर बनी हुई है।
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    9 hrs ago
  • Post by Santosh kumar
    1
    Post by Santosh kumar
    user_Santosh kumar
    Santosh kumar
    Painter मीनापुर, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • पहाड़पुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए चोरी की तीन मोटरसाइकिलों के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन दोनों चोरों को दबोचकर बड़ी सफलता प्राप्त की है।
    1
    पहाड़पुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए चोरी की तीन मोटरसाइकिलों के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन दोनों चोरों को दबोचकर बड़ी सफलता प्राप्त की है।
    user_अम्बिका प्र कुशवाहा
    अम्बिका प्र कुशवाहा
    पत्रकारिता कोटवा, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • मोतिहारी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की 27वीं कार्यकारिणी की छठी बैठक 30 जून 2026 को स्थानीय बंजरिया पंडाल के होटल में चैंबर अध्यक्ष महेश सिन्हा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। महासचिव आलोक कुमार ने पिछली बैठक की कार्यवाही रिपोर्ट और गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया, जबकि कोषाध्यक्ष अनिल बोहरा ने आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा रखा। अपने संबोधन में अध्यक्ष महेश सिन्हा ने व्यवसायियों के हितों की रक्षा और उनके विकास के प्रति चैंबर की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में आगामी 19 जुलाई 2026 को प्रस्तावित अर्द्धवार्षिक आम सभा सह बुजुर्ग व्यवसायी सम्मान समारोह पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम संयोजक रवि कृष्ण लोहिया ने बताया कि इस अवसर पर पाँच ऐसे वरिष्ठ व्यवसायियों को सम्मानित किया जाएगा, जो 50 वर्षों से अधिक समय से व्यापार क्षेत्र में सक्रिय हैं। सत्र 2026 की सदस्यता नवीनीकरण प्रक्रिया पर भी विस्तार से बात हुई, जिसमें यह जानकारी दी गई कि कुल 48 व्यवसायियों ने अभी तक शुल्क जमा नहीं किया है। निर्णय लिया गया कि अंतिम बार संपर्क करने के बाद भी शुल्क जमा न होने पर ऐसे सदस्यों की सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। साथ ही, यह प्रस्ताव भी पारित हुआ कि जो क्षेत्र प्रभारी अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं, उनके स्थान पर नए वरिष्ठ लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी। अध्यक्ष महेश सिन्हा ने सभी विभागीय प्रभारियों से कार्य प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर संतोष व्यक्त किया। इस बैठक में संयोजक मनीष कुमार, निर्वतमान अध्यक्ष अंगद सिंह, कोषाध्यक्ष अनिल बोहरा, उपसचिव विनय देवकुलियार, पूर्व अध्यक्ष रवि कृष्ण लोहिया, संजय जायसवाल, सुधीर अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, सुरेश चंद्र, कार्यकारिणी सदस्य हेमंत कुमार, सुधांशु रंजन, अनिल अग्रवाल, चंदू मिश्रा, अरविन्द सर्राफ, सुनील कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। सभा के अंत में महासचिव आलोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया और राष्ट्रगान के साथ बैठक की समाप्ति की घोषणा की गई।
    2
    मोतिहारी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की 27वीं कार्यकारिणी की छठी बैठक 30 जून 2026 को स्थानीय बंजरिया पंडाल के होटल में चैंबर अध्यक्ष महेश सिन्हा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। महासचिव आलोक कुमार ने पिछली बैठक की कार्यवाही रिपोर्ट और गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया, जबकि कोषाध्यक्ष अनिल बोहरा ने आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा रखा। अपने संबोधन में अध्यक्ष महेश सिन्हा ने व्यवसायियों के हितों की रक्षा और उनके विकास के प्रति चैंबर की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में आगामी 19 जुलाई 2026 को प्रस्तावित अर्द्धवार्षिक आम सभा सह बुजुर्ग व्यवसायी सम्मान समारोह पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम संयोजक रवि कृष्ण लोहिया ने बताया कि इस अवसर पर पाँच ऐसे वरिष्ठ व्यवसायियों को सम्मानित किया जाएगा, जो 50 वर्षों से अधिक समय से व्यापार क्षेत्र में सक्रिय हैं। सत्र 2026 की सदस्यता नवीनीकरण प्रक्रिया पर भी विस्तार से बात हुई, जिसमें यह जानकारी दी गई कि कुल 48 व्यवसायियों ने अभी तक शुल्क जमा नहीं किया है। निर्णय लिया गया कि अंतिम बार संपर्क करने के बाद भी शुल्क जमा न होने पर ऐसे सदस्यों की सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। साथ ही, यह प्रस्ताव भी पारित हुआ कि जो क्षेत्र प्रभारी अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं, उनके स्थान पर नए वरिष्ठ लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी। अध्यक्ष महेश सिन्हा ने सभी विभागीय प्रभारियों से कार्य प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर संतोष व्यक्त किया।

इस बैठक में संयोजक मनीष कुमार, निर्वतमान अध्यक्ष अंगद सिंह, कोषाध्यक्ष अनिल बोहरा, उपसचिव विनय देवकुलियार, पूर्व अध्यक्ष रवि कृष्ण लोहिया, संजय जायसवाल, सुधीर अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, सुरेश चंद्र, कार्यकारिणी सदस्य हेमंत कुमार, सुधांशु रंजन, अनिल अग्रवाल, चंदू मिश्रा, अरविन्द सर्राफ, सुनील कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। सभा के अंत में महासचिव आलोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया और राष्ट्रगान के साथ बैठक की समाप्ति की घोषणा की गई।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.