सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत भारौन और बांसपुर के बीच स्थित मुंडारी गांव के लोग बरसात के दिनों में सौर नदी पार करने के लिए रस्सी और कलश (मटकी) का सहारा लेने को मजबूर हैं। नदी पर पुल न होने के कारण मुंडारी, भारौन, बांसपुर, भड़यावारा, धौरा, बालाबेहट सहित आसपास के गांवों और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर सबसे अधिक परेशानी मरीजों और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2001 में सौर नदी पर बन रहा निर्माणाधीन पुल बह गया था, जिसके बाद से अब तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण की मांग जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार की जा चुकी है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। पानी के खतरे के साथ ही सौर नदी में अक्सर मगरमच्छ भी दिखाई देते हैं। पिछले वर्ष नदी पार करते समय एक किसान और एक महिला पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया था। हालांकि दोनों की जान बच गई थी, लेकिन इस हादसे के बाद से ग्रामीणों के बीच गहरा भय बना हुआ है।
सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत भारौन और बांसपुर के बीच स्थित मुंडारी गांव के लोग बरसात के दिनों में सौर नदी पार करने के लिए रस्सी और कलश (मटकी) का सहारा लेने को मजबूर हैं। नदी पर पुल न होने के कारण मुंडारी, भारौन, बांसपुर, भड़यावारा, धौरा, बालाबेहट सहित आसपास के गांवों और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर सबसे अधिक परेशानी मरीजों और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2001 में सौर नदी पर बन रहा निर्माणाधीन पुल बह
गया था, जिसके बाद से अब तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण की मांग जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार की जा चुकी है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। पानी के खतरे के साथ ही सौर नदी में अक्सर मगरमच्छ भी दिखाई देते हैं। पिछले वर्ष नदी पार करते समय एक किसान और एक महिला पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया था। हालांकि दोनों की जान बच गई थी, लेकिन इस हादसे के बाद से ग्रामीणों के बीच गहरा भय बना हुआ है।
- ललितपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम रोडा के पास नेशनल हाईवे-44 पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक अज्ञात ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार तीन चचेरे भाइयों की मौत हो गई। सड़क दुर्घटना के इस मामले में सीओ सदर अजय कुमार ने अपना बयान दिया है।1
- सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत भारौन और बांसपुर के बीच स्थित मुंडारी गांव के लोग बरसात के दिनों में सौर नदी पार करने के लिए रस्सी और कलश (मटकी) का सहारा लेने को मजबूर हैं। नदी पर पुल न होने के कारण मुंडारी, भारौन, बांसपुर, भड़यावारा, धौरा, बालाबेहट सहित आसपास के गांवों और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर सबसे अधिक परेशानी मरीजों और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2001 में सौर नदी पर बन रहा निर्माणाधीन पुल बह गया था, जिसके बाद से अब तक पुल का निर्माण नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण की मांग जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार की जा चुकी है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। पानी के खतरे के साथ ही सौर नदी में अक्सर मगरमच्छ भी दिखाई देते हैं। पिछले वर्ष नदी पार करते समय एक किसान और एक महिला पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया था। हालांकि दोनों की जान बच गई थी, लेकिन इस हादसे के बाद से ग्रामीणों के बीच गहरा भय बना हुआ है।2
- ललितपुर शहर के विभिन्न वार्डों में जगह-जगह बनाए गए स्वागत द्वार अब स्थानीय नागरिकों के लिए आफत बनते जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण इनके निर्माण में की गई घटिया गुणवत्ता है। बीते दिवस निर्माण की इसी लापरवाही की वजह से एक बालिका के सिर पर टाइल्स गिर गया, जिससे वह चोटिल हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वागत द्वार के निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी द्वारा जांच के आदेश जारी किए जाने से नगर पालिका परिषद में हड़कंप मच गया है।1
- ललितपुर में स्कूली बच्चों का भविष्य अनधिकृत और जर्जर डग्गामार टैक्सियों के भरोसे चल रहा है। हालत यह है कि स्कूल आने-जाने के दौरान इन टैक्सियों के खराब हो जाने पर मासूम बच्चों को ही गाड़ियों में धक्का लगाना पड़ रहा है।1
- ललितपुर में दूषित जलभराव की वजह से पानी में लगातार मच्छर पनप रहे हैं। क्षेत्र में गंदा पानी जमा रहने के कारण मच्छरों के पनपने की समस्या पैदा हो गई है।1
- पुलिस के रवैये और कार्रवाई को 'गुंडा राज' करार देते हुए इसे पुराने इतिहास के जलियांवाला बाग हत्याकांड जैसा खौफनाक बताया गया है। इसमें सीधा आरोप लगाया गया है कि पुलिस के भेष में दरअसल बीजेपी के गुंडे मौजूद हैं। देश को ऐसे चोरों से बचाने की जोरदार अपील करते हुए इस व्यवस्था और पुलिसिया तंत्र के खिलाफ तीखा आक्रोश जाहिर किया गया है।3
- जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह क्षेत्र में भारी बारिश के बाद सुखनाग नाले में अचानक आई बाढ़ से बड़ा नुकसान हुआ है। नाले में आए तेज उफान के कारण नगर पालिका शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की कई दुकानें बह गईं और ढह गईं। हालांकि, पुलिस की ओर से समय रहते दुकानदारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर उन्हें राहत देने और उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।1