सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीकापुर में प्रधानमंत्री मातृत्व दिवस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन बीकापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीकापुर में सोमवार को प्रधानमंत्री मातृत्व दिवस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। अधीक्षक डॉक्टर अंशुमान यादव के निर्देशन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में कुल 65 गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया। जांच के दौरान 10 महिलाएं उच्च जोखिमपूर्ण गर्भधारण हाई रिस्क गर्भधारण श्रेणी की मिली। महिला चिकित्सक डॉक्टर स्नेहा चौधरी द्वारा गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान ऐतिहात बरतने और संतुलित खानपान अपनाने की चिकित्सकीय सलाह दी गई। महिलाओं की हीमोग्लोबिन, यूरिन एचआईवी, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य कई प्रकार की जांच कराई गई। महिलाओं को फल का वितरण भी किया गया। मौके पर अस्पताल की स्टाफ नर्स अजितेश शुक्ला, सिरातुल बानो, सुभाषिनी त्रिपाठी, सत्यभामा, सरिता सिंह, पिंकी, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रही। महिला चिकित्सक स्नेहा चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान 10 महिलाएं हाई रिस्क गर्भधारण की श्रेणी में मिली है। 22 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड के लिए एडवाइस किया गया। हीमोग्लोबिन की कमी होने के चलते 8 गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में एडमिट करके खून की मात्रा बढ़ाने के लिए आयरन सुक्रोज का ड्राफ्ट चढ़ाया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीकापुर में प्रधानमंत्री मातृत्व दिवस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन बीकापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीकापुर में सोमवार को प्रधानमंत्री मातृत्व दिवस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। अधीक्षक डॉक्टर अंशुमान यादव के निर्देशन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में कुल 65 गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया। जांच के दौरान 10 महिलाएं उच्च जोखिमपूर्ण गर्भधारण हाई रिस्क गर्भधारण श्रेणी की मिली। महिला चिकित्सक डॉक्टर स्नेहा चौधरी द्वारा गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान ऐतिहात बरतने और संतुलित खानपान अपनाने की चिकित्सकीय सलाह दी गई। महिलाओं की हीमोग्लोबिन, यूरिन एचआईवी, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य कई प्रकार की जांच कराई गई। महिलाओं को फल का वितरण भी किया गया। मौके पर अस्पताल की स्टाफ नर्स अजितेश शुक्ला, सिरातुल बानो, सुभाषिनी त्रिपाठी, सत्यभामा, सरिता सिंह, पिंकी, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रही। महिला चिकित्सक स्नेहा चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान 10 महिलाएं हाई रिस्क गर्भधारण की श्रेणी में मिली है। 22 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड के लिए एडवाइस किया गया। हीमोग्लोबिन की कमी होने के चलते 8 गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में एडमिट करके खून की मात्रा बढ़ाने के लिए आयरन सुक्रोज का ड्राफ्ट चढ़ाया गया।
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- Post by अमनपटेल A1
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- Post by A news 881
- अयोध्या जिले की रामनगरी स्थित अमावा मंदिर की रसोई गैस सिलिलेंडर संकट के चलते बंद नहीं होगी, व्यवस्थापक पंकज।सोशल मीडिया पर चली खबरों का खंडन करते हुए व्यवस्थापक पंकज द्वारा बताया गया कि गैस सिलेंडर संकट के बीच भी अमावरम मंदिर में इलेक्ट्रिक व्यवस्था व कोयले के उपकरण से चलती रहेगी अमावा मंदिर की रसोई सेवा,अमावरम मंदिर की रसोई में सिलेंडर संकट के बीच 10 से 12 हजार लोगों को मिल रहा है भोजन,यह रसोई पटना के महावीर मंदिर पटना से संचालित होती है और इसकी शुरुआत मंदिर के संस्थापक रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल के संकल्प से की गई थी मंदिर की रसोई की वर्तमान व्यवस्था देख रहे पंकज जी द्वारा बताया गया कि सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कुछ कठिनाइयाँ जरूर आई हैं। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया की परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के कारण गैस सिलेंडर की कमी का असर यहाँ भी पड़ा है पहले प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन सिलेंडर संकट के कारण फिलहाल करीब 10 से 12 हजार लोगों को ही भोजन कराया जा पा रहा है पंकज जी ने यह भी स्पष्ट किया कि अमावा मंदिर की रसोई बंद होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। रसोई पहले की तरह ही चल रही है और आगे भी चलती रहेगी उन्होंने कहा कि यदि सिलेंडर की आपूर्ति समय पर नहीं होती है तो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक उपकरणों और कोयले के माध्यम से भोजन बनाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सेवा का यह संकल्प किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो मंदिर प्रबंधन का कहना है कि जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना उनका संकल्प है और इसे हर हाल में जारी रखा जाएगा।1
- सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी श्रद्धालुओं की सेवा अयोध्या धाम सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी सेवा सिलेंडर संकट के बीच भी जारी है अमावा मंदिर की रसोई, 10–12 हजार लोगों को मिल रहा भोजन देश में गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न संकट के बीच भी अमावा मंदिर की रसोई सेवा निरंतर जारी है। यह रसोई पटना के महावीर मंदिर पटना से संचालित होती है और इसकी शुरुआत मंदिर के संस्थापक रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल के संकल्प से की गई थी मंदिर की रसोई की वर्तमान व्यवस्था देख रहे पंकज जी ने बताया कि सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कुछ कठिनाइयाँ जरूर आई हैं। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया की परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के कारण गैस सिलेंडर की कमी का असर यहाँ भी पड़ा है उन्होंने बताया कि पहले प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन सिलेंडर संकट के कारण फिलहाल करीब 10 से 12 हजार लोगों को ही भोजन कराया जा पा रहा है पंकज जी ने यह भी स्पष्ट किया कि अमावा मंदिर की रसोई बंद होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। रसोई पहले की तरह ही चल रही है और आगे भी चलती रहेगी उन्होंने कहा कि यदि सिलेंडर की आपूर्ति समय पर नहीं होती है तो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक उपकरणों और कोयले के माध्यम से भोजन बनाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सेवा का यह संकल्प किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो मंदिर प्रबंधन का कहना है कि जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना उनका संकल्प है और इसे हर हाल में जारी रखा जाएगा।1
- Post by Aaj Subah Times1
- हरियाणा लाडवा में आयोजित दिव्य गीता सत्संग में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान केवल धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन को सही ढंग से जीने की प्रेरणा भी देता है। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हिंदू हाई स्कूल परिसर में पौधा भी लगाया। लाडवा के हिंदू हाई स्कूल परिसर में स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सानिध्य में दिव्य गीता सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी विशेष रूप से पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने स्कूल परिसर में पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और स्वामी ज्ञानानंद महाराज से आशीर्वाद भी लिया। सुमन सैनी ने कहा कि जब हम गीता का ज्ञान सुनते हैं तो हमें केवल धर्म की शिक्षा ही नहीं मिलती, बल्कि जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी मिलती है। उन्होंने कहा कि गीता का सबसे बड़ा संदेश है कि मनुष्य अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी और निष्ठा के साथ करे और कर्म करते हुए फल की चिंता न करे। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कई प्रकार के तनाव और चिंताओं से घिरे रहते हैं। ऐसे समय में गीता का ज्ञान मानसिक शांति देता है और सही निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक भाग लें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें। वहीं गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता मानव जीवन को सही दिशा देने वाला पवित्र ग्रंथ है। गीता हमें यह समझने में मदद करती है कि मन अशांत क्यों होता है और उसे शांति कैसे मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यदि गीता के संदेशों को जीवन में उतार लिया जाए तो व्यक्ति का आत्मविश्वास और मनोबल दोनों बढ़ते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने उपाध्यक्षा सुमन सैनी को पवित्र ग्रंथ गीता भेंट कर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त, नपा प्रधान साक्षी खुराना, बंतो कटारिया, मंडल अध्यक्ष शिव गुप्ता, विकास शर्मा, नरेंद्र दबखेड़ा, समिति प्रधान प्रदीप सहगल, प्राचार्या योगिता सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1