सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी श्रद्धालुओं की सेवा सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी श्रद्धालुओं की सेवा अयोध्या धाम सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी सेवा सिलेंडर संकट के बीच भी जारी है अमावा मंदिर की रसोई, 10–12 हजार लोगों को मिल रहा भोजन देश में गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न संकट के बीच भी अमावा मंदिर की रसोई सेवा निरंतर जारी है। यह रसोई पटना के महावीर मंदिर पटना से संचालित होती है और इसकी शुरुआत मंदिर के संस्थापक रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल के संकल्प से की गई थी मंदिर की रसोई की वर्तमान व्यवस्था देख रहे पंकज जी ने बताया कि सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कुछ कठिनाइयाँ जरूर आई हैं। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया की परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के कारण गैस सिलेंडर की कमी का असर यहाँ भी पड़ा है उन्होंने बताया कि पहले प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन सिलेंडर संकट के कारण फिलहाल करीब 10 से 12 हजार लोगों को ही भोजन कराया जा पा रहा है पंकज जी ने यह भी स्पष्ट किया कि अमावा मंदिर की रसोई बंद होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। रसोई पहले की तरह ही चल रही है और आगे भी चलती रहेगी उन्होंने कहा कि यदि सिलेंडर की आपूर्ति समय पर नहीं होती है तो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक उपकरणों और कोयले के माध्यम से भोजन बनाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सेवा का यह संकल्प किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो मंदिर प्रबंधन का कहना है कि जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना उनका संकल्प है और इसे हर हाल में जारी रखा जाएगा।
सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी श्रद्धालुओं की सेवा सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी श्रद्धालुओं की सेवा अयोध्या धाम सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी सेवा सिलेंडर संकट के बीच भी जारी है अमावा मंदिर की रसोई, 10–12 हजार लोगों को मिल रहा भोजन देश में गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न संकट के बीच भी अमावा मंदिर की रसोई सेवा निरंतर जारी है। यह रसोई पटना के महावीर मंदिर पटना से संचालित होती है और इसकी शुरुआत मंदिर के संस्थापक रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल के संकल्प से की गई थी मंदिर की रसोई की वर्तमान व्यवस्था देख रहे पंकज जी ने बताया कि सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कुछ कठिनाइयाँ जरूर आई हैं। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया की परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के कारण गैस सिलेंडर की कमी का असर यहाँ भी पड़ा है उन्होंने बताया कि पहले प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन सिलेंडर संकट के कारण फिलहाल करीब 10 से 12 हजार लोगों को ही भोजन कराया जा पा रहा है पंकज जी ने यह भी स्पष्ट किया कि अमावा मंदिर की रसोई बंद होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। रसोई पहले की तरह ही चल रही है और आगे भी चलती रहेगी उन्होंने कहा कि यदि सिलेंडर की आपूर्ति समय पर नहीं होती है तो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक उपकरणों और कोयले के माध्यम से भोजन बनाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सेवा का यह संकल्प किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो मंदिर प्रबंधन का कहना है कि जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना उनका संकल्प है और इसे हर हाल में जारी रखा जाएगा।
- सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी श्रद्धालुओं की सेवा अयोध्या धाम सिलेंडर संकट के बीच भी अमावा मंदिर में चलती रहेगी सेवा सिलेंडर संकट के बीच भी जारी है अमावा मंदिर की रसोई, 10–12 हजार लोगों को मिल रहा भोजन देश में गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न संकट के बीच भी अमावा मंदिर की रसोई सेवा निरंतर जारी है। यह रसोई पटना के महावीर मंदिर पटना से संचालित होती है और इसकी शुरुआत मंदिर के संस्थापक रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल के संकल्प से की गई थी मंदिर की रसोई की वर्तमान व्यवस्था देख रहे पंकज जी ने बताया कि सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कुछ कठिनाइयाँ जरूर आई हैं। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया की परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के कारण गैस सिलेंडर की कमी का असर यहाँ भी पड़ा है उन्होंने बताया कि पहले प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन सिलेंडर संकट के कारण फिलहाल करीब 10 से 12 हजार लोगों को ही भोजन कराया जा पा रहा है पंकज जी ने यह भी स्पष्ट किया कि अमावा मंदिर की रसोई बंद होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। रसोई पहले की तरह ही चल रही है और आगे भी चलती रहेगी उन्होंने कहा कि यदि सिलेंडर की आपूर्ति समय पर नहीं होती है तो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक उपकरणों और कोयले के माध्यम से भोजन बनाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि सेवा का यह संकल्प किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो मंदिर प्रबंधन का कहना है कि जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराना उनका संकल्प है और इसे हर हाल में जारी रखा जाएगा।1
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- सैनिकों के परिवारों को शिक्षा में सहयोग, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज ने भारतीय सेना से किया समझौता अयोध्या ।टेस्ट प्रिपरेशन सेवाओं की अग्रणी संस्था आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने भारतीय सेना के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य सेना के सेवारत और पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को शैक्षणिक सहायता और कल्याणकारी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। समझौते के तहत देशभर में एईएसएल के सभी केंद्रों पर सेना से जुड़े विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और विशेष रियायतें दी जाएंगी। इसमें सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरता पुरस्कार विजेताओं, दिव्यांग कर्मियों और ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को लाभ मिलेगा।एमओयू पर भारतीय सेना की ओर से कर्नल, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 3&4 तथा एईएसएल की ओर से चीफ अकैडमिक एंड बिजनेस हेड (दिल्ली-एनसीआर) डॉ. यश पाल ने हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के बच्चों को रजिस्ट्रेशन फीस छोड़कर बाकी सभी फीस में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। 20 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले कर्मियों और वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के बच्चों की ट्यूशन फीस भी पूरी तरह माफ होगी। वहीं सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों को ट्यूशन फीस में 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।एईएसएल के एमडी और सीईओ चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा कि शिक्षा उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। भारतीय सेना के साथ यह साझेदारी सैनिकों के परिवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान विद्यार्थियों को शैक्षणिक व करियर से संबंधित मेंटरिंग और काउंसलिंग भी वर्चुअल तथा ऑफलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। एईएसएल देशभर में 415 से अधिक केंद्रों के माध्यम से मेडिकल (नीट) और इंजीनियरिंग (जेईई) सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता है।1
- विश्व शांति के लिए तपस्वी छावनी से राम जन्मभूमि तक गूंजा ‘जय श्रीराम’, परमहंस आचार्य की पदयात्रा में रामराज्य का संकल्प1
- अयोध्या। खोजपुर में स्थित विद्युत विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुख्य मार्ग पर स्थित एक बिजली का पोल पूरी तरह जर्जर होकर झुक चुका है, जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोल के निचले हिस्से में भारी जंग लग चुकी है, जिससे यह कमजोर होकर ढहने की कगार पर है। जिससे स्थानीय लोगों के निवासियों में डर व्याप्त है स्थानीय लोगों का कहना है कि इस व्यस्त मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे और राहगीर गुजरते हैं। हल्की हवा चलने पर भी पोल हिलने लगता है। इस पूरे मामले में विद्युत विभाग की चुप्पी साधे हुए है स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद,भी बिजली विभाग ने अब तक इसे बदलने की जहमत नहीं उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए।4
- अयोध्या नगर निगम के अंतर्गत कौशलपुरी खोजनपुर वार्ड नंबर 8 खोजनपुर गांव में पुराना टूटा विद्युत पोल मौत को दावत दे रहा है कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है वार्ड वासियों ने कई बार शिकायत उच्च अधिकारियों से करने के बाद विद्युत का पोल बदल नहीं गया। वार्ड के नागरिकों द्वारा आज सब्र टूटने के बाद प्रदर्शन किया मांग की है तत्काल प्रभाव से इस पल को हटाकर नए पोल लगाने की मांग जोर शोर से की गई है3
- अयोध्या में इको होटल्स का नया होटल लॉन्च, आध्यात्मिक पर्यटन में बढ़ाएगा सुविधाएं अयोध्या। इको होटल्स एंड रेस्टोरेंट लिमिटेड (BSE: 514402) ने अयोध्या में अपने नए पूर्ण रूप से तैयार होटल की शुरुआत की है। कंपनी का यह कदम तेजी से बढ़ रहे धार्मिक पर्यटन बाजार में उसके रणनीतिक विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।भगवान श्रीराम की नगरी श्री राम जन्मभूमि मंदिर के कारण अयोध्या देश-विदेश के श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यहां आने वाले भक्तों की संख्या 2023 में 5.75 करोड़ से बढ़कर 2024 में 16 करोड़ से अधिक हो गई, जबकि 2025 के पहले छह महीनों में ही 23 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं। कंपनी के नए होटल में 33 सुसज्जित कमरे, टॉप फ्लोर रेस्टोरेंट, लैंडस्केप्ड लॉन और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं हैं। होटल का रेस्टोरेंट सहर बैक टू द रूट्स सात्विक भोजन परोसता है, जिसमें बिना प्याज-लहसुन के व्यंजन और ग्लूटेन-फ्री नाश्ते की सुविधा भी उपलब्ध है। यह होटल मंदिर से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और हाईवे से अच्छी कनेक्टिविटी रखता है। इको होटल्स एंड रेस्टोरेंट के चेयरमैन विनोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे पर्यटन बाजारों में से एक है। यहां होटल लॉन्च करना कंपनी के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों में विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कंपनी के अनुसार नई प्रॉपर्टी तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बेहतर आवास सुविधा देने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल हॉस्पिटैलिटी को भी बढ़ावा देगी। इससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।1