कोडरमा के जयनगर रोड स्थित पैतृक जमीन पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण कार्य के विरोध में पीड़ित परिवार के सदस्यों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। मंगलवार दोपहर 12 बजे एसपी कार्यालय पहुंचे आवेदकों का आरोप है कि भूमि विवाद का मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद दूसरे पक्ष द्वारा वहां जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जब पीड़ित इसका विरोध करते हैं, तो उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। पीड़ितों ने बताया कि संबंधित जमीन उनके पूर्वजों के नाम दर्ज खतियानी भूमि है और उनके पास वर्ष 1929 के दस्तावेज भी सुरक्षित उपलब्ध हैं। उनका आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनकी इस पैतृक जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी संबंधित अभिलेखों की गहन जांच कर वास्तविक हकदार को न्याय दिलाया जाए और विवादित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए।
कोडरमा के जयनगर रोड स्थित पैतृक जमीन पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण कार्य के विरोध में पीड़ित परिवार के सदस्यों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। मंगलवार दोपहर 12 बजे एसपी कार्यालय पहुंचे आवेदकों का आरोप है कि भूमि विवाद का मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद दूसरे पक्ष द्वारा वहां जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जब पीड़ित इसका विरोध करते हैं, तो उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। पीड़ितों ने बताया कि संबंधित जमीन उनके पूर्वजों के नाम दर्ज खतियानी भूमि है और उनके पास वर्ष 1929 के दस्तावेज भी सुरक्षित उपलब्ध हैं। उनका आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनकी इस पैतृक जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी संबंधित अभिलेखों की गहन जांच कर वास्तविक हकदार को न्याय दिलाया जाए और विवादित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए।
- कोडरमा के जयनगर रोड स्थित पैतृक जमीन पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण कार्य के विरोध में पीड़ित परिवार के सदस्यों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। मंगलवार दोपहर 12 बजे एसपी कार्यालय पहुंचे आवेदकों का आरोप है कि भूमि विवाद का मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद दूसरे पक्ष द्वारा वहां जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जब पीड़ित इसका विरोध करते हैं, तो उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। पीड़ितों ने बताया कि संबंधित जमीन उनके पूर्वजों के नाम दर्ज खतियानी भूमि है और उनके पास वर्ष 1929 के दस्तावेज भी सुरक्षित उपलब्ध हैं। उनका आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनकी इस पैतृक जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी संबंधित अभिलेखों की गहन जांच कर वास्तविक हकदार को न्याय दिलाया जाए और विवादित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए।1
- कोडरमा में सड़कों की हालत बद से बदतर हो चुकी है और यहां की सड़कें अब नहर का रूप ले चुकी हैं। विशेष रूप से कोडरमा - गिरिडीह मुख्य मार्ग पूरी तरह से नहर में तब्दील हो चुका है। इस विकट स्थिति के बावजूद क्षेत्र के जनप्रतिनिधि पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं और जनता की इस बड़ी समस्या पर बिल्कुल चुप हैं।1
- झारखंड के कोडरमा में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहां पुलिस ने एक अंतरराज्यीय छिनतई गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के तहत उड़ीसा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कोडरमा से उनकी एक महिला सहयोगी को दबोचा गया है। पुलिस ने इस गिरोह के पास से लूटे गए शत-प्रतिशत आभूषणों को भी बरामद कर लिया है।1
- बरकठ्ठा तेतरोन मुख्य मार्ग पर परसा बाजार में हल्की बारिश के बीच सड़क मरम्मती का कार्य चल रहा है। इस निर्माण कार्य को केवल मजदूरों के द्वारा ही किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि मौके पर इस कार्य की निगरानी करने वाला या इसे देखने वाला कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं है और यह पूरा काम सिर्फ मजदूरों के भरोसे ही छोड़ दिया गया है।1
- बिहार के नवादा जिले में कश्मीर के रूप में मशहूर ककोलत में पर्यटकों और सैलानियों के लिए एक खास खबर सामने आई है। ककोलत के जंगलों की वादियों, इसकी खूबसूरती और ठंडे झरने का लुत्फ उठाने के लिए अब एंट्री फीस घटा दी गई है, जिसके तहत पर्यटकों को प्रति व्यक्ति महज ₹20 की दर से बुकिंग करानी होगी। नवादा के वन प्रमंडल कार्यालय के पदाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह घटा हुआ शुल्क सप्ताह के चार दिनों यानी सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार के लिए प्रभावी होगा। वहीं शनिवार और रविवार को पर्यटकों को ₹50 एंट्री फीस देनी होगी, जबकि प्रत्येक मंगलवार को ककोलत बंद रहता है। इसके साथ ही ककोलत में वाहनों की पार्किंग के लिए भी दरें तय की गई हैं, जिसके तहत दो पहिया वाहन के लिए ₹20, तिपहिया वाहन के लिए ₹30, चौपहिया वाहन के लिए ₹50 और भारी वाहनों के लिए ₹100 का भुगतान करना होगा। सैलानियों के लिए एक और राहत की बात यह है कि 4.5 फीट से कम लंबाई वाले बच्चों के लिए ककोलत के झरने का आनंद लेना सभी दिन पूरी तरह से फ्री रहेगा।1
- झारखंड के डोमचांच में करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से बनकर तैयार हुआ महिला डिग्री कॉलेज का भवन पढ़ाई शुरू होने से पहले ही जर्जर होने लगा है। विडंबना यह है कि इस भव्य भवन का निर्माण पूरा होने के बावजूद आज तक यहाँ नियमित रूप से पठन-पाठन की गतिविधियाँ शुरू नहीं की जा सकी हैं। इस बदहाली को लेकर स्थानीय लोगों ने मंगलवार को दोपहर 1 बजे कॉलेज भवन की मरम्मत कराकर जल्द से जल्द शैक्षणिक कार्य शुरू करने की माँग की है, ताकि क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।1
- कोडरमा के सतगावां थाना क्षेत्र के ढाब गांव में अवैध महुआ शराब के कारोबार और बिहार से आने वाले शराबियों के जमावड़े का विरोध करने पर दबंगों ने एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार ढाब गांव में लंबे समय से अवैध महुआ शराब का निर्माण और बिक्री हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिहार से बड़ी संख्या में लोग यहां शराब पीने पहुंचते हैं, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। इसी बात का विरोध करने पर युवक और आरोपियों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपियों ने लाठी-डंडों और मुक्कों से युवक पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया है और पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध महुआ शराब के धंधे पर तत्काल रोक लगाने, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और गांव में नियमित पुलिस गश्त की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।1